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देश में एक तरफ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर गौवंश से संबंधित नियमों को उम्र के आधार पर बनाने की चर्चा चल रही है। इन सब के बीच, जनता यह सवाल उठा रही है कि गौ माता के नाम पर केवल राजनीति हो रही है या उनका सच में संरक्षण किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी प्रश्न पूछा जा रहा है कि गौ माता का असली रक्षक कौन है और उनका असली कातिल कौन। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि गाय माता के नाम पर अब बहुत राजनीति हो चुकी है और अब सच जानने का समय आ गया है।
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देश में एक तरफ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर गौवंश से संबंधित नियमों को उम्र के आधार पर बनाने की चर्चा चल रही है। इन सब के बीच, जनता यह सवाल उठा रही है कि गौ माता के नाम पर केवल राजनीति हो रही है या उनका सच में संरक्षण किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी प्रश्न पूछा जा रहा है कि गौ माता का असली रक्षक कौन है और उनका असली कातिल कौन। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि गाय माता के नाम पर अब बहुत राजनीति हो चुकी है और अब सच जानने का समय आ गया है।
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- देश में एक तरफ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर गौवंश से संबंधित नियमों को उम्र के आधार पर बनाने की चर्चा चल रही है। इन सब के बीच, जनता यह सवाल उठा रही है कि गौ माता के नाम पर केवल राजनीति हो रही है या उनका सच में संरक्षण किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी प्रश्न पूछा जा रहा है कि गौ माता का असली रक्षक कौन है और उनका असली कातिल कौन। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि गाय माता के नाम पर अब बहुत राजनीति हो चुकी है और अब सच जानने का समय आ गया है।1
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