रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत सूर्यपुरा प्रखंड के राघवडिहरा गांव के रितेश कुमार सिंह ने गुरुवार, 28 मई 2026 को सुबह 11 बजे भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। यह गांव के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि रितेश कुमार सिंह राघवडिहरा गांव के पहले कमीशंड सैन्य अधिकारी बन गए हैं। रितेश, सेवानिवृत्त सूबेदार जनार्दन सिंह और गृहिणी पुष्पा देवी के छोटे पुत्र हैं। उनके पिता ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा की है और 1999 के कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। पिता की देशभक्ति और अनुशासन से प्रेरित होकर रितेश ने बचपन से ही सैन्य अधिकारी बनने का सपना देखा था और 10वीं कक्षा से ही सैन्य सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। सफलता की यह राह आसान नहीं थी, क्योंकि रितेश को सैन्य अधिकारी बनने के लिए 10 से अधिक SSB इंटरव्यू देने पड़े थे। हर असफलता के बाद उन्होंने और अधिक मेहनत की, जिसका परिणाम यह हुआ कि जून 2025 में उनका चयन भारतीय नौसेना में हुआ और आखिरकार 28 मई 2026 को उन्होंने सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त कर अपना सपना पूरा किया। रितेश का शैक्षणिक प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल, इलाहाबाद से और बीएससी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। 2022 की CAT परीक्षा में उन्होंने 90 परसेंटाइल अंक प्राप्त किए थे और उन्हें IIM अमृतसर तथा IIM गया में प्रवेश का अवसर भी मिला था, लेकिन परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इस विचार के साथ उन्होंने BHU से MBA करने का निर्णय लिया। उनके बड़े भाई विकास कुमार सिंह भी बीटेक इंजीनियर हैं और वर्तमान में इंफोसिस में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं। रितेश की इस उपलब्धि से गांव और क्षेत्र के लोग अत्यधिक गर्व महसूस कर रहे हैं, और उनकी सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। कमीशन के बाद माता-पिता के साथ रितेश की तस्वीर और पिता को सलामी देते हुए उनका दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के लोगों ने रितेश कुमार सिंह और उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत सूर्यपुरा प्रखंड के राघवडिहरा गांव के रितेश कुमार सिंह ने गुरुवार, 28 मई 2026 को सुबह 11 बजे भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। यह गांव के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि रितेश कुमार सिंह राघवडिहरा गांव के पहले कमीशंड सैन्य अधिकारी बन गए हैं। रितेश, सेवानिवृत्त सूबेदार जनार्दन सिंह और गृहिणी पुष्पा देवी के छोटे पुत्र हैं। उनके पिता ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा की है और 1999 के कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया
था। पिता की देशभक्ति और अनुशासन से प्रेरित होकर रितेश ने बचपन से ही सैन्य अधिकारी बनने का सपना देखा था और 10वीं कक्षा से ही सैन्य सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। सफलता की यह राह आसान नहीं थी, क्योंकि रितेश को सैन्य अधिकारी बनने के लिए 10 से अधिक SSB इंटरव्यू देने पड़े थे। हर असफलता के बाद उन्होंने और अधिक मेहनत की, जिसका परिणाम यह हुआ कि जून 2025 में उनका चयन भारतीय नौसेना में हुआ और आखिरकार 28 मई 2026 को उन्होंने सब लेफ्टिनेंट के रूप
में कमीशन प्राप्त कर अपना सपना पूरा किया। रितेश का शैक्षणिक प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल, इलाहाबाद से और बीएससी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। 2022 की CAT परीक्षा में उन्होंने 90 परसेंटाइल अंक प्राप्त किए थे और उन्हें IIM अमृतसर तथा IIM गया में प्रवेश का अवसर भी मिला था, लेकिन परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इस विचार के साथ उन्होंने BHU से MBA करने का निर्णय लिया। उनके बड़े भाई विकास कुमार सिंह भी बीटेक इंजीनियर हैं और वर्तमान
में इंफोसिस में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं। रितेश की इस उपलब्धि से गांव और क्षेत्र के लोग अत्यधिक गर्व महसूस कर रहे हैं, और उनकी सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। कमीशन के बाद माता-पिता के साथ रितेश की तस्वीर और पिता को सलामी देते हुए उनका दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के लोगों ने रितेश कुमार सिंह और उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
- भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी आकाशदीप हाल ही में सासाराम पहुंचे, जहाँ उन्होंने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। आकाशदीप ने वैभव की कम उम्र में हासिल की गई उपलब्धियों को बेहद काबिलियत-ए-तारीफ बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर सही मंच, लगन और मेहनत हो, तो कम उम्र मायने नहीं रखती। उनके अनुसार, वैभव ने आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन के बल पर देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपनी यात्रा के दौरान, भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी आकाशदीप ने 'लेट' राम जी सिंह मेमोरियल नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के चौथे सत्र का विधिवत आगाज भी किया।4
- शुक्रवार की अहले सुबह करीब 6 बजे पीरो और उसके आसपास के इलाकों में अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में भयंकर तबाही मचा दी। देखते ही देखते मौसम ने ऐसा रुख बदला कि आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवा के साथ हुई इस बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गए, जिससे सड़कें बाधित हो गईं और आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया। आंधी की गति इतनी तेज़ थी कि गरीबों के कच्चे घर और झोपड़ियां बुरी तरह से प्रभावित हुईं; कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। गांवों में जगह-जगह से टीन-छप्पर उड़ने और दीवारें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था भी इस आंधी-बारिश की चपेट में आ गई, जिससे कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार टूट गए और घंटों तक आपूर्ति बाधित रही, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत और सहायता की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक टीम ने हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन कर रही है। फिलहाल, क्षेत्र के लोग डरे-सहमे हुए हैं और उन्हें मौसम के फिर से बिगड़ने की आशंका सता रही है।1
- शिक्षिका और पुलिस के बीच तीखी बहस का एक वीडियो सामने आया है। बिहार से जुड़ी इस घटना में, महिला के पति ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके अनुसार उसने अपनी पत्नी को पढ़ाने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी। पति का आरोप है कि उसके समर्थन और त्याग के परिणामस्वरूप ही पत्नी BPSC शिक्षिका बन पाई। हालांकि, नौकरी मिलते ही पत्नी ने पति और उनके 10 वर्षीय बेटे को छोड़ दिया। यह आरोप पूरी घटना का केंद्रबिंदु है, जिसमें जमीन बेचकर पत्नी को शिक्षक बनाने और फिर उसके द्वारा परिवार त्यागने की बात कही गई है। फिलहाल, यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।1
- देश में एक तरफ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर गौवंश से संबंधित नियमों को उम्र के आधार पर बनाने की चर्चा चल रही है। इन सब के बीच, जनता यह सवाल उठा रही है कि गौ माता के नाम पर केवल राजनीति हो रही है या उनका सच में संरक्षण किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी प्रश्न पूछा जा रहा है कि गौ माता का असली रक्षक कौन है और उनका असली कातिल कौन। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि गाय माता के नाम पर अब बहुत राजनीति हो चुकी है और अब सच जानने का समय आ गया है।1
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया और अभिषेक कुमार द्वारा ITR-1 के नए नियमों को लेकर एक चर्चा प्रस्तुत की जा रही है। इसमें वर्ष 2026 के लिए ITR-1 फाइल करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पर ध्यान केंद्रित किया गया है, विशेष रूप से इस बात पर कि कौन व्यक्ति ITR-1 फाइल करने के लिए योग्य है और कौन नहीं।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा बस स्टैंड के समीप स्थित श्मशान घाट पर हो रहे बाउंड्री निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्य पर जिला परिषद प्रतिनिधि मो. एकलाख खान ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने हसपुरा में चल रहे इस कार्य को लेकर विरोध जताया है।1
- शुक्रवार को नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज बारिश के साथ जोरदार आंधी चलने लगी। इस आंधी और बारिश के कारण पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा। शाम करीब 7 बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। हालांकि, लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश से काफी राहत मिली। मौसम में ठंडक आने से वातावरण सुहावना हो गया। वहीं, बिजली विभाग के कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटे रहे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ी असुविधा भी देखी गई।1
- रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत सूर्यपुरा प्रखंड के राघवडिहरा गांव के रितेश कुमार सिंह ने गुरुवार, 28 मई 2026 को सुबह 11 बजे भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। यह गांव के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि रितेश कुमार सिंह राघवडिहरा गांव के पहले कमीशंड सैन्य अधिकारी बन गए हैं। रितेश, सेवानिवृत्त सूबेदार जनार्दन सिंह और गृहिणी पुष्पा देवी के छोटे पुत्र हैं। उनके पिता ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा की है और 1999 के कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। पिता की देशभक्ति और अनुशासन से प्रेरित होकर रितेश ने बचपन से ही सैन्य अधिकारी बनने का सपना देखा था और 10वीं कक्षा से ही सैन्य सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। सफलता की यह राह आसान नहीं थी, क्योंकि रितेश को सैन्य अधिकारी बनने के लिए 10 से अधिक SSB इंटरव्यू देने पड़े थे। हर असफलता के बाद उन्होंने और अधिक मेहनत की, जिसका परिणाम यह हुआ कि जून 2025 में उनका चयन भारतीय नौसेना में हुआ और आखिरकार 28 मई 2026 को उन्होंने सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त कर अपना सपना पूरा किया। रितेश का शैक्षणिक प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल, इलाहाबाद से और बीएससी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। 2022 की CAT परीक्षा में उन्होंने 90 परसेंटाइल अंक प्राप्त किए थे और उन्हें IIM अमृतसर तथा IIM गया में प्रवेश का अवसर भी मिला था, लेकिन परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इस विचार के साथ उन्होंने BHU से MBA करने का निर्णय लिया। उनके बड़े भाई विकास कुमार सिंह भी बीटेक इंजीनियर हैं और वर्तमान में इंफोसिस में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं। रितेश की इस उपलब्धि से गांव और क्षेत्र के लोग अत्यधिक गर्व महसूस कर रहे हैं, और उनकी सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। कमीशन के बाद माता-पिता के साथ रितेश की तस्वीर और पिता को सलामी देते हुए उनका दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के लोगों ने रितेश कुमार सिंह और उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।4