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समस्तीपुर रेल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया है। RPF प्रभारी अविनाश कोरसिया के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के माध्यम से, चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के गंभीर परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया गया। इस पहल के तहत, RPF ने कानून और सुरक्षा नियमों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Anil shriwastav
समस्तीपुर रेल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया है। RPF प्रभारी अविनाश कोरसिया के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के माध्यम से, चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी के गंभीर परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया गया। इस पहल के तहत, RPF ने कानून और सुरक्षा नियमों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत भौआ गांव से एक अधेड़ व्यक्ति 28 जून रविवार की सुबह 10 बजे से लापता हैं, जो अब तक अपने घर वापस नहीं लौटे हैं। इस घटना के बाद से उनके परिजन गहरे सदमे में और हताश हैं, तथा उनकी लगातार खोजबीन कर रहे हैं। लापता व्यक्ति की पहचान पटोरी थाना क्षेत्र के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 निवासी स्व. नथुनी राय के 50 वर्षीय पुत्र सुरेश राय के रूप में की गई है। बताया गया है कि वे उस दिन सुबह 10:00 बजे अपनी साइकिल लेकर खेत जाने के लिए घर से निकले थे। जब वे शाम तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी और काफी समय बीत जाने के बाद उनकी तलाश शुरू कर दी गई। सुरेश राय ने नीली लुंगी पहनी हुई है और उनके पास एक साइकिल भी है। इसके अलावा, उनके कंधे पर एक पीला गमछा रखा हुआ है। उनके परिजन जनता से अपील कर रहे हैं कि अगर किसी भी व्यक्ति को सुरेश राय कहीं भी दिखाई दें या उनके बारे में कोई जानकारी प्राप्त हो, तो कृपया दिए गए मोबाइल नंबरों – 96674 94 186, 9570350565, 7549016961, 7482944536 – पर संपर्क कर उनके परिजनों से मिलाने का हर संभव प्रयास करें। सूचना देने वाले या उन्हें घर तक पहुंचाने वाले व्यक्तियों को उचित इनाम भी दिया जाएगा।1
- अरवल जिले के प्रसिद्ध मोथा सूर्य मंदिर में एक प्रेमी युगल ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह रचाया, जहाँ सैकड़ों ग्रामीण बाराती बनकर इस शादी के साक्षी बने। यह मंदिर आजकल प्रेमी जोड़ों के लिए विवाह मंडप के रूप में खासा लोकप्रिय होता जा रहा है और इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में फैल गई है। इस विवाह में गया जिले के अलीपुर थाना क्षेत्र के मीराबीघा गांव निवासी पुण्यदेव पासवान के 22 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार पासवान और गया जिले के ही बराचट्टी थाना के भेलवा गांव निवासी ममता कुमारी शामिल थे। ये दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। परिजनों की नाराजगी और आपस में मिलने-जुलने में आ रही परेशानियों के चलते दोनों ने घर से भागकर शादी करने का निर्णय लिया। मंदिर प्रशासन की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। युवक-युवती ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, जिसके बाद युवक ने युवती की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाया। इस मौके पर युवक के माता-पिता भी मंदिर में मौजूद थे और उन्होंने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। वहीं, युवती के परिजन इस विवाह के पक्ष में नहीं थे और उन्होंने शादी से इनकार कर दिया था। शादी के बाद रोहित कुमार पासवान ने कहा कि आज के समय में लोग दहेज के लिए वर्षों तक शादी नहीं करते, लेकिन उन्हें दहेज की कोई चाहत नहीं है। उन्होंने महज ₹2 के सिंदूर से अपने जीवनसाथी को अपनाया है और उनके लिए प्यार व विश्वास ही सबसे बड़ा धन है। इस विवाह में शिव चर्चा में शामिल महिलाओं ने भी बाराती बनकर उत्साह से हिस्सा लिया और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। यह शादी फिलहाल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के भौआ गांव से 28 जून रविवार की सुबह 10 बजे से एक अधेड़ व्यक्ति लापता हो गया है, जो अभी तक अपने घर वापस नहीं लौट पाए हैं। लापता व्यक्ति की पहचान पटोरी थाना क्षेत्र के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 के निवासी स्वर्गीय नथुनी राय के 50 वर्षीय पुत्र सुरेश राय के रूप में की गई है। बताया गया है कि सुरेश राय रविवार, 28 जून को सुबह करीब 10:00 बजे अपनी साइकिल लेकर खेत जाने के लिए घर से निकले थे। शाम तक घर वापस न लौटने पर उनके घर वालों की आशंका बढ़ने लगी और काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। सुरेश राय नीली लुंगी पहने हुए थे, उनके साथ एक साइकिल थी, और उन्होंने अपने कंधे पर पीला गमछा रखा हुआ था। लापता होने के कारण परिजन हताश और परेशान हैं, और वे लगातार उनकी खोजबीन कर रहे हैं। परिजनों ने आम जनता से आग्रह किया है कि अगर किसी सज्जन को यह व्यक्ति कहीं भी दिखाई पड़े या उनके बारे में कोई जानकारी प्राप्त हो तो कृपया दिए गए मोबाइल नंबरों — 96674 94 186, 9570350565, 7549016961, 7482944536 — पर संपर्क कर उनके परिजनों से मिलाने का हर संभव प्रयास करें। विशेष रूप से, इनके बारे में सूचना देने वाले या इन्हें घर तक पहुंचाने वाले व्यक्तियों को उचित इनाम दिया जाएगा।1
- बाढ़ नगर परिषद क्षेत्र के नौआ टोली वार्ड संख्या 21 में कूड़े के ढेर पर एक नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह सफाईकर्मियों की नजर पड़ने के बाद, तुरंत ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय निवासी मनोज कुमार मन्ना ने आशंका जताई कि रात के दौरान किसी ने चुपके से इस शव को वहां फेंका होगा। इस हृदय विदारक घटना की सूचना पुलिस और रेड क्रॉस सोसाइटी को दे दी गई है, और मामले की गहन जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।1
- पटना जिले के मोकामा प्रखंड अंतर्गत मोर पश्चिम के वार्ड 12 और 11 में हाल ही में बना नाला कुछ ही दिनों के भीतर ध्वस्त हो गया है। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बताया जा रहा है कि सरकारी फंड का बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ जाना ही इस नाले के शीघ्र ढहने का प्रमुख कारण है।1
- समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के पुरषोत्तमपुर अन्नू पंचायत अंतर्गत मसीना गांव में दो बाईकों के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में भोज खाकर घर वापस लौट रहे मसीना वार्ड एक निवासी बैधनाथ पासी नामक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में दूसरे बाईक सवार की हालत गंभीर बताई जा रही है।1
- बाढ़ में उमानाथ मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य महीनों से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद कोई भी प्रमुख कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयाँ हो रही हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने सोमवार को बताया कि मंदिर परिसर में जगह-जगह मिट्टी, बालू और अन्य निर्माण सामग्री बिखरी होने के कारण पूजा-पाठ, शादी तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, संकरे रास्ते और अव्यवस्थित निर्माण सामग्री की वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। इस देरी का मुख्य कारण अतिक्रमण बताया जा रहा है। निर्माण कार्य के संवेदक राणा सिंह चौहान ने ऑफ कैमरा बातचीत में कहा कि मंदिर परिसर और उसके आसपास अतिक्रमण होने से कार्य की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करना मुश्किल होगा। वहीं, निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे अजीत सिंह ने बताया कि मंदिर तक जेसीबी और अन्य भारी मशीनें पहुँचाने में भी काफी परेशानी होती है क्योंकि मंदिर जाने वाली सड़क पर भी अतिक्रमण है, जिससे मशीनों की आवाजाही बाधित होती है और कार्य प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से उमानाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और सौंदर्यीकरण परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के दरबा गांव में बीते दिनों बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण कई घर जलकर खाक हो गए थे। इन पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए मोरवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणविजय साहू पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपनी संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया। विधायक साहू ने अपने निजी कोष से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए। पीड़ित लाभार्थियों में महेश्वर राय, मुनि देव राय और लाल बहादुर राय शामिल थे। मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित परिवारों ने विधायक के इस मानवीय कार्य की सराहना की। इस अवसर पर विधायक श्री साहू ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का काम करेंगे। इस मुलाकात के दौरान राजद के नगर अध्यक्ष राम शंकर राय, प्रेमलाल आजाद, रणधीर यादव, जितेंद्र राय, कुमार देवानंद राय, ललन यादव, रामप्रवेश महतो और वकील शाह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।1
- मोहर्रम के दिन एक असामान्य घटनाक्रम में, हजारों की संख्या में लोग लाठी और डंडे लेकर अचानक थाने पहुंच गए। इस भीड़ के थाने पहुंचने के बाद जो घटना हुई, उसे लेकर कहा जा रहा है कि वह इतनी चौंकाने वाली थी कि किसी के भी होश उड़ जाएंगे। यह घटना उस दिन हुई जब मोहर्रम मनाया जा रहा था।1