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शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा काकोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 2026 शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा काकोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 2026

2 hrs ago
user_K K D NEWS MP/CG
K K D NEWS MP/CG
TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा काकोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 2026 शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा काकोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 2026

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  • Post by B N B NEWS MP/CG
    1
    Post by B N B NEWS MP/CG
    user_B N B NEWS MP/CG
    B N B NEWS MP/CG
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा काकोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 2026
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    शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा काकोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 2026
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा का कोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सनातन धर्म की परंपराओं और अनुशासन को लेकर किन्नर अखाड़ा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शास्त्रसम्मत स्पष्टीकरण जारी किया है। अखाड़े की डॉ. प्रो. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि सनातन धर्म में आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित पीठों की मर्यादा अखंड है और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या नई घोषणा स्वीकार्य नहीं है। शंकराचार्य पद: परंपरा और अनुशासन का प्रतीक किन्नर अखाड़ा ने आधिकारिक वक्तव्य में कहा है कि आदि शंकराचार्य भगवान द्वारा स्थापित चारों पीठों की व्यवस्था अत्यंत विशिष्ट और अनुशासित है। * पद की गरिमा: शंकराचार्य का पद केवल उसी संन्यासी को प्राप्त हो सकता है जो निदंडी संन्यास परंपरा में विधिवत दीक्षित हो और वेद-वेदांत में पूर्णतः पारंगत हो। * प्रामाणिकता: अखाड़ा वर्तमान चारों शंकराचार्यों की आध्यात्मिक अधिसत्ता को पूर्ण श्रद्धा के साथ स्वीकार करता है। यही सनातन धर्म की स्थापित और शास्त्रसम्मत व्यवस्था है, जिसका संरक्षण हर सनातनी का कर्तव्य है। अजय दास का निष्कासन: भ्रम दूर करने की अपील अखाड़े ने जनसाधारण को किसी भी प्रकार के भ्रम से बचाने के लिए एक बड़ा खुलासा किया है। * पुरानी कार्रवाई: वर्ष 2019 में संगठनात्मक एवं अनुशासनात्मक कारणों से ऋषि अजय दास को किन्नर अखाड़ा से पृथक (निष्कासित) किया गया था। * कोई संबंध नहीं: तब से अजय दास द्वारा संचालित किसी भी गतिविधि, संगठन या घोषणा से किन्नर अखाड़ा का कोई लेना-देना नहीं है। अखाड़े ने स्पष्ट किया है कि उनके नाम का दुरुपयोग करने वाली किसी भी गतिविधि के लिए वे उत्तरदायी नहीं हैं। श्री जूना अखाड़ा के मार्गदर्शन में अटूट विश्वास किन्नर अखाड़ा ने अपनी आध्यात्मिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह वर्तमान में श्री जूना अखाड़ा के साथ औपचारिक रूप से संबद्ध और समन्वित है। "हम जूना अखाड़ा की आध्यात्मिक अधिसत्ता को स्वीकार करते हैं और उसी गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं। मर्यादाओं का उल्लंघन करना हमारे संस्कारों में नहीं है।" *परंपरा के संरक्षण का संकल्प* आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के इस बयान ने उन तमाम अटकलों और विवादित घोषणाओं पर विराम लगा दिया है जो हाल के दिनों में सामने आई थीं। यह स्पष्टीकरण दर्शाता है कि किन्नर अखाड़ा न केवल अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है, बल्कि सनातन धर्म की प्राचीन मर्यादाओं और पीठों की गरिमा बनाए रखने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाइट - लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी किन्नर अखाड़े आचार्य महामंडलेश्वर बाइट - सुरैया नायक किन्नर भोपाल बाइट - देविका रानी किन्नर भोपाल
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    शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा का कोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी
भोपाल | 15 फरवरी 2026
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सनातन धर्म की परंपराओं और अनुशासन को लेकर किन्नर अखाड़ा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शास्त्रसम्मत स्पष्टीकरण जारी किया है। अखाड़े की डॉ. प्रो. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी  ने स्पष्ट किया है कि सनातन धर्म में आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित पीठों की मर्यादा अखंड है और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या नई घोषणा स्वीकार्य नहीं है।
शंकराचार्य पद: परंपरा और अनुशासन का प्रतीक
किन्नर अखाड़ा ने आधिकारिक वक्तव्य में कहा है कि आदि शंकराचार्य भगवान द्वारा स्थापित चारों पीठों की व्यवस्था अत्यंत विशिष्ट और अनुशासित है।
* पद की गरिमा: शंकराचार्य का पद केवल उसी संन्यासी को प्राप्त हो सकता है जो निदंडी संन्यास परंपरा में विधिवत दीक्षित हो और वेद-वेदांत में पूर्णतः पारंगत हो।
* प्रामाणिकता: अखाड़ा वर्तमान चारों शंकराचार्यों की आध्यात्मिक अधिसत्ता को पूर्ण श्रद्धा के साथ स्वीकार करता है। यही सनातन धर्म की स्थापित और शास्त्रसम्मत व्यवस्था है, जिसका संरक्षण हर सनातनी का कर्तव्य है।
अजय दास का निष्कासन: भ्रम दूर करने की अपील
अखाड़े ने जनसाधारण को किसी भी प्रकार के भ्रम से बचाने के लिए एक बड़ा खुलासा किया है।
* पुरानी कार्रवाई: वर्ष 2019 में संगठनात्मक एवं अनुशासनात्मक कारणों से ऋषि अजय दास को किन्नर अखाड़ा से पृथक (निष्कासित) किया गया था।
* कोई संबंध नहीं: तब से अजय दास द्वारा संचालित किसी भी गतिविधि, संगठन या घोषणा से किन्नर अखाड़ा का कोई लेना-देना नहीं है। अखाड़े ने स्पष्ट किया है कि उनके नाम का दुरुपयोग करने वाली किसी भी गतिविधि के लिए वे उत्तरदायी नहीं हैं।
श्री जूना अखाड़ा के मार्गदर्शन में अटूट विश्वास
किन्नर अखाड़ा ने अपनी आध्यात्मिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह वर्तमान में श्री जूना अखाड़ा के साथ औपचारिक रूप से संबद्ध और समन्वित है।
"हम जूना अखाड़ा की आध्यात्मिक अधिसत्ता को स्वीकार करते हैं और उसी गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं। मर्यादाओं का उल्लंघन करना हमारे संस्कारों में नहीं है।"
*परंपरा के संरक्षण का संकल्प*
आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के इस बयान ने उन तमाम अटकलों और विवादित घोषणाओं पर विराम लगा दिया है जो हाल के दिनों में सामने आई थीं। यह स्पष्टीकरण दर्शाता है कि किन्नर अखाड़ा न केवल अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है, बल्कि सनातन धर्म की प्राचीन मर्यादाओं और पीठों की गरिमा बनाए रखने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बाइट - लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी किन्नर अखाड़े आचार्य महामंडलेश्वर
बाइट - सुरैया नायक किन्नर भोपाल
बाइट - देविका रानी किन्नर भोपाल
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ग्राम पंचायत मेंडोरा में निर्माणाधीन पंचायत भवन का निर्माण कार्य दो साल से चल रहा है परन्तु लग नहीं रहा है कि इस कार्यकाल में पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूरा हो पाएंगे। ठेकेदार के कार्य से लग नहीं रहा है कि निर्माण कार्य पूर्ण कर पाएंगे। ठेकदार स्वयं आर ई एस कार्यालय में पदस्थ है ये ठेका उन्होंने अपनी धर्म पत्नी के नाम से लिया है। और लग नहीं रहा है कि वो निर्माण कार्य पूरा कर सकते है। हमारे संवाददाता ने सरपंच पति श्रीमान तोमर से विशेष बातचीत कि।
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    ग्राम पंचायत मेंडोरा में निर्माणाधीन पंचायत भवन का निर्माण कार्य दो साल से चल रहा है परन्तु लग नहीं रहा है कि इस कार्यकाल में पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूरा हो पाएंगे। ठेकेदार के कार्य से लग नहीं रहा है कि निर्माण कार्य पूर्ण कर पाएंगे। ठेकदार स्वयं आर ई एस कार्यालय में पदस्थ है ये ठेका उन्होंने अपनी धर्म पत्नी के नाम से लिया है। और लग नहीं रहा है कि वो निर्माण कार्य पूरा कर सकते है। हमारे संवाददाता ने सरपंच पति श्रीमान तोमर से विशेष बातचीत कि।
    user_D K G Pradesh Prasar
    D K G Pradesh Prasar
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भोपाल आज मध्य प्रदेश का बजट सत्र शुरू हो रहा है और तीन आपराधिक मंत्री सदन में बैठे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य मध्य प्रदेश के लिए और कुछ नहीं हो सकता।
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    भोपाल आज मध्य प्रदेश का बजट सत्र शुरू हो रहा है और तीन आपराधिक मंत्री सदन में बैठे हैं।
इससे बड़ा दुर्भाग्य मध्य प्रदेश के लिए और कुछ नहीं हो सकता।
    user_Naved khan
    Naved khan
    रिपोर्टर हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by शाहिद खान रिपोर्टर
    1
    Post by शाहिद खान रिपोर्टर
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by AM NEWS
    1
    Post by AM   NEWS
    user_AM   NEWS
    AM NEWS
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भोपाल मे भव्य भागवत कथा का आयोजन किया गया है। यह आयोजन। रैयकवार परिवार द्वारा किया गया।। कथा में प्रतिदिन भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया। कथा में कृष्ण जन्म उत्सव धूम धाम से मनाया गया। कृष्ण सुदामा की कथा का भी सुंदर चित्रण किया गया।
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    भोपाल मे भव्य भागवत कथा का आयोजन किया गया है। यह आयोजन।   रैयकवार परिवार द्वारा किया गया।। कथा में प्रतिदिन भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया। कथा में कृष्ण जन्म उत्सव धूम धाम से मनाया गया। कृष्ण सुदामा की कथा का भी सुंदर चित्रण किया गया।
    user_D K G Pradesh Prasar
    D K G Pradesh Prasar
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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