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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ऑर्किड होटल रुड़की रोड पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन की एक भव्य जनपदीय सभा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस सभा के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही समाज की एकजुटता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ। स्वर्णकार समाज ने देश के विकास और व्यापारिक हितों को लेकर संकल्प भी लिया।
Mohd Waseem
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ऑर्किड होटल रुड़की रोड पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन की एक भव्य जनपदीय सभा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस सभा के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही समाज की एकजुटता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ। स्वर्णकार समाज ने देश के विकास और व्यापारिक हितों को लेकर संकल्प भी लिया।
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- मध्य प्रदेश के गंजबासौदा नगर में आज फल सब्जी विक्रेताओं ने अनुविभागीय अधिकारी अनुभा जैन को एक ज्ञापन सौंपकर उन्हें स्थायी स्थान आवंटित करने की मांग की है। विक्रेताओं ने ज्ञापन में अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए बताया कि वे पहले पुराने मेला ग्राउंड में अपना व्यापार करते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां से हटाकर नवीन मेला ग्राउंड में स्थान दिया था। हालांकि, कुछ समय बाद प्रशासन ने उन्हें नवीन मेला ग्राउंड से हटाकर पुराना गल्ला मंडी में व्यापार करने का निर्देश दिया। जब फल सब्जी विक्रेताओं ने पुराना गल्ला मंडी में अपना व्यापार शुरू किया, तो उन्हें एक बार फिर वहां से भी हटने के लिए कहा गया। इसी के चलते, सभी फल सब्जी विक्रेताओं ने अपनी समस्याओं के समाधान और एक स्थायी स्थान के आवंटन की मांग को लेकर यह ज्ञापन प्रस्तुत किया है।1
- मो. याकूब अंसारी मेरठ जिले की सरधना तहसील के नवाब गड़ी गांव के निवासी हैं।1
- सरधना स्थित मेरठ-शामली हाईवे पर एक तेज रफ्तार वैगन आर कार का एक्सेल टूट जाने के कारण वह सड़क पर पलट गई।1
- अमित सैनी रोहतकिया का नया गाना जारी हो गया है, जिसका शीर्षक 'सैनीयो का खेल कभी बेल कभी जेल' है।1
- एक छोटी बालिका ने बड़ी बेबाकी से एक महत्वपूर्ण बात कही है, जिसमें उसने उन लोगों को सीधा संदेश दिया है जो 'एक मोदी' से परेशान हैं। बालिका ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर वे एक मोदी से समस्या महसूस करते हैं, तो उन्हें एक बार राष्ट्र स्वयंसेवक (RSS) के खेमे में आकर देखना चाहिए। यह चुनौती भरा बयान मूल पाठ में बार-बार दोहराया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में आगामी कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। यात्रा से पहले पुलिस ने डीजे संचालकों पर शिकंजा कसा है, जिसमें अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की उत्तेजक, भड़काऊ या आपत्तिजनक टिप्पणी करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। हालांकि डीजे के बिना कावड़ यात्रा को अधूरा माना जाता है और राजनीतिक दल भी इसका समर्थन करते रहे हैं, लेकिन कई बार डीजे के कारण यात्रा में व्यवधान पैदा हुआ है। पुलिस की इस सख्ती का कारण अतीत में हुए हादसे हैं, जहाँ डीजे के अत्यधिक चौड़े और ऊँचे होने की वजह से कई शिव भक्त कावड़ियों को अपनी जान भी गँवानी पड़ी है।1
- मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध शुक्रताल गंगा घाट पर एक दर्दनाक हादसे में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। बताया गया है कि दोनों युवक गंगा में स्नान कर रहे थे तभी वे गहरे पानी में चले गए, जिसके कारण यह घटना हुई। इस हादसे के बाद घाट पर तुरंत अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, गोताखोर और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को गंगा से बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दुखद खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को भविष्य में टाला जा सके।1
- प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखते हुए देश के संविधान की एकरूपता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह प्रश्न किया है कि जब संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है, तो फिर हमारे मंदिरों के दानपात्रों में जमा होने वाला पैसा बाहर क्यों चला जाता है। प्रो. कुलश्रेष्ठ ने इस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि संविधान एक है, तो इस तरह का भेदभाव क्यों किया जाता है।1
- लखनऊ में एक फैक्ट्री में लगी भीषण आग के दौरान सामने आए एक वीडियो ने फायर ब्रिगेड की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि दमकल की गाड़ियाँ मौके पर तो पहुँचीं, लेकिन पानी की तेज़ धार आग पर पड़ने के बजाय इमारत की दूसरी छत पर जाती दिखाई दे रही थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जहाँ कई लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि आग बुझाने के दौरान पानी सही दिशा में नहीं डाला गया, तो इससे आग पर काबू पाने में देरी हो सकती है। इसके चलते फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली और उनके प्रशिक्षण को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, केवल इस वायरल वीडियो के आधार पर पूरी कार्रवाई का आकलन करना संभव नहीं है, क्योंकि आग बुझाने के दौरान सुरक्षा कारणों, इमारत की संरचना और आग की तीव्रता के अनुसार कई बार अलग-अलग रणनीतियाँ अपनाई जाती हैं। फिलहाल वीडियो को लेकर चर्चा जारी है, और यदि किसी प्रकार की लापरवाही हुई है, तो उसकी जाँच संबंधित विभाग द्वारा की जा सकती है। वास्तविक स्थिति केवल आधिकारिक जाँच के बाद ही स्पष्ट होगी।1