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मध्य प्रदेश के मैहर धाम स्थित प्रसिद्ध मां शारदा शक्तिपीठ में शनिवार को प्रधान पुजारी द्वारा दोपहर की आरती संपन्न की गई।
रोहित कुमार पाठक
मध्य प्रदेश के मैहर धाम स्थित प्रसिद्ध मां शारदा शक्तिपीठ में शनिवार को प्रधान पुजारी द्वारा दोपहर की आरती संपन्न की गई।
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- सतना के वार्ड नंबर 25 स्थित सर्किट हाउस के सामने और जटाशंकर के बगल वाली गली में नालियां बंद पड़ी हैं। इसकी वजह से नाली का गंदा एवं बदबूदार पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मामले की शिकायत नगर निगम में दर्ज कराई जा चुकी है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने देश की परीक्षा तथा भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही संगठनों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, शिक्षा माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं व पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और यदि जांच में किसी छात्र की मृत्यु आंदोलन से संबंधित पाई जाती है, तो उसके परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार को लेकर NEET UG और JEE Main सहित सभी परीक्षाओं में पारदर्शी व सुरक्षित प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क समाप्त करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध भर्ती, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने और सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एड. विक्रम सूर्यवंशी ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है तथा युवा निष्पक्ष शिक्षा व समान अवसर का हकदार है। वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र अहिरवार ने कहा कि सरकार की नीतियां छात्र-छात्राओं के हितों के विपरीत हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ नेता संजीत वर्मा, प्रदीप सूर्यवंशी, दिलीप साकेत, सूरज सूर्यवंशी, विशाल प्रदीप, रामप्रकाश कोल, महेंद्र कोल, रोशनी दीपांकर, दीपक प्रजापति, विजय चौधरी, अजय साकेत, विधानसभा अध्यक्ष रामप्रकाश कोल, पूर्व जिला सह-संयोजक शेखर साकेत और प्रवेश निराला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- मैहर जिला सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ दो मृतकों के शव लगभग पाँच घंटे तक पोस्टमार्टम के इंतजार में पड़े रहे। धनवाही निवासी कारण चौधरी (पिता: राम शरण) की कथित रूप से सर्पदंश से मौत हो गई थी, वहीं सोनवारी निवासी मोहम्मद शहीद की भी आकस्मिक मृत्यु के बाद शव को अस्पताल लाया गया था। इसके बावजूद घंटों तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश और नाराजगी फैल गई। मृतकों के परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल में जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही के कारण उन्हें इस पीड़ादायक स्थिति और परेशानी से गुजरना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय निवासियों में भी गहरा गुस्सा है। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- धार्मिक नगरी मैहर में जिला पुलिस कप्तान के नेतृत्व में जिले को नशामुक्त बनाने और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए 'नशे से दूर है जरूरी' अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। हालांकि, दूसरी तरफ भाटिया शराब कंपनी के मैनेजर संतोष सिंह द्वारा पूरे जिले भर में अवैध शराब के व्यापार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पुलिस के इस अभियान की प्रभावशीलता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। संतोष सिंह की इन गतिविधियों के कारण उत्पन्न हुई विरोधाभासी स्थिति ने पुलिस प्रशासन के सामने एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत कर दी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और जल्द ही संतोष सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस का सहयोग करें।1
- आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह सचिव ने एक बड़ा बयान देते हुए शिक्षा मंत्री के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की है। आम आदमी पार्टी के नेता का स्पष्ट कहना है कि शिक्षा मंत्री के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।1
- मैहर में अलाउद्दीन से घंटाघर तक की मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैहर के अध्यक्ष मुन्ना रमेश प्रजापति ने नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार नेताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नेता, सांसद, मंत्री, विधायक और अध्यक्ष हर दिन इस मार्ग से कई बार गुजरते हैं, लेकिन फिर भी टूटी सड़कों, उड़ती धूल और खतरनाक गड्ढों की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। यह सड़क मैहर शहर का हृदय स्थल मानी जाने वाली घंटाघर क्षेत्र से होकर गुजरती है और सतना रोड को जोड़ती है। इसी मार्ग पर मैहर के सुप्रसिद्ध डॉक्टर का क्लीनिक और माननीय सांसद का कार्यालय भी स्थित है। यहाँ प्रतिदिन शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों नागरिक, व्यापारी, श्रद्धालु, छोटे-छोटे बच्चे और इलाज कराने वाले मरीज आते-जाते हैं। इसके बावजूद सड़क निर्माण की गति बेहद धीमी है और बरसात का मौसम शुरू होने से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। मुन्ना रमेश प्रजापति ने नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पालिका प्रशासन से अपील की है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और आम जनता की सुरक्षा को देखते हुए सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित सर्वोपरि है और विकास सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाले कार्यों से सिद्ध होता है।1
- पवित्र नगरी मैहर में अवैध होटलों और फर्जी डॉक्टरों के बाद अब नकली व जहरीली दवाओं का जानलेवा काला कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। बिना अनुमति चल रहे अवैध होटल और बिना एमबीबीएस (MBBS) डिग्री के चल रहे झोलाछाप क्लीनिकों के साथ-साथ अब मरीजों को नकली व जहरीली दवाइयां थमाकर मासूम जनता की सांसों पर डाका डाला जा रहा है और उनकी जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस पूरे रैकेट और फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड शोभराज चतुर्वेदी है, जिसकी सीधी शह और सरपरस्ती में मैहर के अंदर नकली दवाओं का सिंडिकेट संचालित हो रहा है। चंद रुपयों के लालच में मरीजों को बेअसर और जहरीली दवाइयां दी जा रही हैं, जो इलाज करने के बजाय लोगों को मौत के मुंह में धकेल रही हैं। इसके साथ ही बिना किसी लाइसेंस या अनुमति के संदिग्ध गतिविधियों वाले अवैध होटलों का जाल भी धड़ल्ले से फैलाया गया है। इस खतरनाक स्थिति के बावजूद स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौन साधे हुए है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बड़ी त्रासदी और मासूमों की मौत का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की यह चुप्पी लाचारी है या फिर शोभराज चतुर्वेदी के इस सिंडिकेट का 'हफ्ता' और 'कमीशन' सीधे जिम्मेदार कुर्सियों तक पहुंच रहा है, इसे लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- छपरा में उपद्रवियों ने उपद्रव करते हुए भारी हिंसा की है। इस दौरान उपद्रवियों द्वारा पुलिस कर्मियों पर सीधी पत्थरबाजी की गई और पुलिस वैन को तोड़ दिया गया। इसके अलावा कई स्थानों पर सार्वजनिक संपत्ति (पब्लिक प्रॉपर्टीज) को भी नुकसान पहुँचाया गया है।1