भांडेर नगर में आज सुबह से मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके बाद सुबह करीब 5:00 बजे से तेज़ आंधी का दौर शुरू हो गया। आसमान में घने काले बादल छाने के बाद झमाझम बारिश हुई, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज़ आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ सड़क पर गिर पड़े, विशेषकर पुराने अस्पताल के सामने डेनेडा में लगे लिप्टिस के बड़े पेड़ सड़क पर आ गिरे, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हो गया। गिरे हुए पेड़ों के बीच से वाहन मुश्किल से निकलते दिखे, और सुबह के समय लोग अपने घरों में दुबके रहे। आंधी और बारिश के व्यापक प्रभाव के कारण कई इलाकों में बिजली के तार टूटने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, जिससे नगर के कई वार्डों में बिजली गुल रही। इसके अलावा, तेज़ हवाओं से कई घरों के टीन शेड और होर्डिंग भी उड़ गए, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। नगर परिषद का अमला गिरे हुए पेड़ों को हटाने और स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में जुटा है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
भांडेर नगर में आज सुबह से मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके बाद सुबह करीब 5:00 बजे से तेज़ आंधी का दौर शुरू हो गया। आसमान में घने काले बादल छाने के बाद झमाझम बारिश हुई, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज़ आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ सड़क पर गिर पड़े, विशेषकर पुराने अस्पताल के सामने डेनेडा में लगे लिप्टिस के बड़े
पेड़ सड़क पर आ गिरे, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हो गया। गिरे हुए पेड़ों के बीच से वाहन मुश्किल से निकलते दिखे, और सुबह के समय लोग अपने घरों में दुबके रहे। आंधी और बारिश के व्यापक प्रभाव के कारण कई इलाकों में बिजली के तार टूटने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, जिससे नगर के कई वार्डों में बिजली गुल रही। इसके अलावा,
तेज़ हवाओं से कई घरों के टीन शेड और होर्डिंग भी उड़ गए, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। नगर परिषद का अमला गिरे हुए पेड़ों को हटाने और स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में जुटा है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
- भांडेर नगर में आज सुबह से मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके बाद सुबह करीब 5:00 बजे से तेज़ आंधी का दौर शुरू हो गया। आसमान में घने काले बादल छाने के बाद झमाझम बारिश हुई, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज़ आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ सड़क पर गिर पड़े, विशेषकर पुराने अस्पताल के सामने डेनेडा में लगे लिप्टिस के बड़े पेड़ सड़क पर आ गिरे, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हो गया। गिरे हुए पेड़ों के बीच से वाहन मुश्किल से निकलते दिखे, और सुबह के समय लोग अपने घरों में दुबके रहे। आंधी और बारिश के व्यापक प्रभाव के कारण कई इलाकों में बिजली के तार टूटने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, जिससे नगर के कई वार्डों में बिजली गुल रही। इसके अलावा, तेज़ हवाओं से कई घरों के टीन शेड और होर्डिंग भी उड़ गए, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। नगर परिषद का अमला गिरे हुए पेड़ों को हटाने और स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में जुटा है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।3
- इंदरगढ़ नगर के श्री बांके बिहारी लाल जू के मंदिर को फूलों से सजाकर भव्य फूल बंगला बनाया गया है, जहाँ 'मेरे बृंदावन विहारी' फूलों में सजे दिख रहे हैं। कृष्ण अष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था, जिसके चलते सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान सुबह बिहारी जी का अभिषेक किया गया, शाम को भव्य भंडारे का आयोजन हुआ और रात्रि में भजन संध्या कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।1
- बागेश्वर धाम के महंत ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अब 'दोस्ती जिहाद' भी सामने आ गया है। इस बयान ने एक नए पहलू की ओर इशारा किया है, जो चर्चा का विषय बन गया है।1
- एक संदेश में यह बात कही गई है कि 'खानदानी आदमी' कभी किसी को धोखा नहीं देते हैं। इसलिए, लोगों को दोस्ती करने से पहले सामने वाले की 'औकात' को देखकर ही दोस्ती करनी चाहिए।1
- दतिया जिले में पैसे के लालच का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बड़े भाई पर अपने छोटे भाई की हत्या कराने का आरोप लगा है। यह घटना उस कहावत को चरितार्थ करती है कि 'बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया'। दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने जिले में सभी को झकझोर कर रख दिया है।1
- दतिया जिले के भाण्डेर थाना क्षेत्र में नदी में मिले एक युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने महज चार दिन में सुलझाने का दावा किया है। सोमवार शाम 05 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी सुनील शिवहरे ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के अनुसार, ग्राम अजीतपुरा निवासी विनोद यादव उर्फ खुशी यादव (38) बीते एक जून को दूध देने के लिए भाण्डेर गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। अगले दिन उसकी मोटरसाइकिल खेत में खड़ी मिली और पास की नदी से उसका शव बरामद हुआ। शुरुआती तौर पर परिजनों ने किसी पर संदेह नहीं जताया था, लेकिन घटना की परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में खुलासा हुआ कि जमीन और पारिवारिक संपत्ति के विवाद के चलते विनोद के बड़े भाई मनोज यादव ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने विनोद को कार में घुमाया, शराब पिलाई और नशे की हालत में उसे नदी में डुबोकर मार डाला, ताकि यह मामला दुर्घटना लगे। पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि इस मामले में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।1
- उनाव पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो एक पेट्रोल पंप को लूटने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इन शातिर अपराधियों को उनकी योजना को अंजाम देने से पहले ही धर दबोचा। पकड़े गए बदमाशों में से एक ग्वालियर का रहने वाला बताया गया है, जबकि अन्य दो जालौन जिले के कोंच से हैं।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़-लांच रोड पर एक गंभीर विद्युत हादसे में मंटू मास्टर के खेत के पास 33 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन युवक बुरी तरह झुलस गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तीनों घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। यह हादसा उस समय हुआ जब प्राइवेट कंपनी BTL द्वारा 11 केवी विद्युत लाइन पर मेंटेनेंस और शिफ्टिंग का काम किया जा रहा था। काम के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों ने ऊपर से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा, जिसके परिणामस्वरूप तार आपस में संपर्क में आ गए और करंट फैल गया। हादसे में पुनीत आदिवासी (30 वर्ष), अंकित आदिवासी (30 वर्ष) और पारस वर्मा (20 वर्ष) गंभीर रूप से झुलसे हैं। इन्हें तत्काल इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति के चलते ग्वालियर रेफर कर दिया गया। लाइनमैन कालीचरण प्रजापति के अनुसार, ठेकेदार के मैनेजर ने केवल 11 केवी लाइन का परमिट लिया था, जबकि ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन का शटडाउन नहीं कराया गया। इसी लापरवाही को इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और मामले की जांच शुरू कर दी। बिजली विभाग के अधिकारी नीरज यादव ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि प्राइवेट कंपनी BTL तथा संबंधित ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों ने इस मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ितों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। इस पूरे प्रकरण में BTL कंपनी की कार्यप्रणाली और बरती गई कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1