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गरियाबंद जिले में स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खासा उत्साह है। बाघ के बाद अब बाघिन की उपस्थिति से यह खुशी दोगुनी हो गई है। ट्रैप कैमरों में इस बाघिन की कई तस्वीरें और वीडियो कैद हुए हैं, जिसकी जानकारी उप निदेशक वरुण जैन ने एक तस्वीर जारी करके दी है। यह बाघिन उदंती को अपनी स्थायी टेरिटरी बनाने की ओर बढ़ रही है। इसे जल स्रोत निर्माण, एंटी-पोचिंग अभियानों और वन पुनर्स्थापन के प्रयासों का सकारात्मक असर माना जा रहा है। वर्तमान में वन विभाग इस बाघिन की सुरक्षा और निरंतर निगरानी में जुटा हुआ है।
नागेन्द्र निषाद
गरियाबंद जिले में स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खासा उत्साह है। बाघ के बाद अब बाघिन की उपस्थिति से यह खुशी दोगुनी हो गई है। ट्रैप कैमरों में इस बाघिन की कई तस्वीरें और वीडियो कैद हुए हैं, जिसकी जानकारी उप निदेशक वरुण जैन ने एक तस्वीर जारी करके दी है। यह बाघिन उदंती को अपनी स्थायी टेरिटरी बनाने की ओर बढ़ रही है। इसे जल स्रोत निर्माण, एंटी-पोचिंग अभियानों और वन पुनर्स्थापन के प्रयासों का सकारात्मक असर माना जा रहा है। वर्तमान में वन विभाग इस बाघिन की सुरक्षा और निरंतर निगरानी में जुटा हुआ है।
- Madan Nishadबागबाहरा, महासमुंद, छत्तीसगढ़🤝7 hrs ago
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- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी थाना पुलिस ने समाज में जागरूकता और सुरक्षा का संदेश फैलाने के लिए एक अनूठी पहल की है। 21 जून को सतनाम भवन, बालसमुंद रोड, पलारी में आयोजित कराते बेल्ट ग्रेडिंग कार्यक्रम को जन-जागरूकता के एक प्रभावी मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान के तहत, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों को नवीन कानूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना, अपराधों पर नियंत्रण और समाज में सुरक्षा व विश्वास का माहौल बनाना है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया, जिससे उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान नई पीढ़ी को कानून से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, यह कहते हुए कि केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कानून की बुनियादी समझ भी हर नागरिक के लिए ज़रूरी है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को समझाया कि आपात स्थिति या अपराध की घटना होने पर कानून उनकी सुरक्षा कैसे करता है और पुलिस से कैसे सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना भी रहा। जागरूकता कार्यक्रम में नशा मुक्ति पर भी विशेष चर्चा की गई, जिसमें पुलिस टीम ने युवाओं और बच्चों को नशे के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया। उपस्थित सभी लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। थाना प्रभारी ने कराते प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण आत्मविश्वास बढ़ाता है, वहीं कानून की जानकारी उन्हें अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा और कानूनी जागरूकता का समन्वय बच्चों को एक जिम्मेदार, सजग और सुरक्षित नागरिक के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण है। इस पहल में कराते क्लास के मुख्य प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और पलारी थाना पुलिस स्टाफ शामिल थे। बच्चों और अभिभावकों ने कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशा मुक्ति से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जवाब दिया। कार्यक्रम के समापन पर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने पलारी पुलिस की इस सकारात्मक और जनहितैषी पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को केवल आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें कानून के प्रति जागरूक, सामाजिक रूप से जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा भी देते हैं। इस तरह के खेल, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के संगम को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।3
- बलौदाबाजार में शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने तथा उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की प्रताड़ना और धोखे से आहत होकर एक शासकीय स्कूल में पदस्थ व्यावसायिक शिक्षिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका बलौदाबाजार में किराए के मकान में रहकर अपनी सेवाएँ दे रही थी। उसी मकान के समीप रहने वाले अभिषेक कुमार जायसवाल ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी करने का वादा कर पिछले लगभग पाँच महीनों से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी पर विवाह करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और कथित रूप से गाली-गलौज, मारपीट तथा मानसिक प्रताड़ना देने लगा। लगातार मिल रहे मानसिक आघात और धोखे से परेशान होकर युवती ने 22 जून 2026 को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। जाँच के दौरान कमरे की दीवार पर लिखे संदेश तथा घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट ने मामले को नया मोड़ दिया। मृतिका ने अपने लिखित संदेश में आरोपी अभिषेक जायसवाल को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में तत्काल मर्ग जाँच प्रारंभ कर अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साइबर सेल की सहायता से मोबाइल फोन के स्क्रीनशॉट, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी प्रमाण एकत्र किए गए। जाँच में आरोपी द्वारा मृतिका को प्रताड़ित किए जाने तथा उसके गर्भवती होने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी अभिषेक कुमार जायसवाल (30 वर्ष), निवासी ग्राम निमधा, थाना मरवाही, जिला पेंड्रा एवं वर्तमान निवासी सिविल लाइन, बलौदाबाजार को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने महिला अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आठ व्यक्तियों की दर्दनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। थाना कसडोल के ग्राम खर्वे में विगत चार माह के भीतर हुई आठ लगातार मौतों का राज खुल गया है, जिसमें गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल एक 'साईको किलर' निकला है। उसने प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों की लगातार हत्याएं की हैं। हत्या करने से पहले आरोपी ने चूहा मारने की दवा ‘सुहागा’ (जहर) प्राप्त कर उसका ट्रायल कुत्ते पर किया, और सफल परीक्षण के बाद अपने परिचितों को शराब में यह जहर घोलकर पिलाया। आरोपी को आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर कसडोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को एसडीओपी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगों की संदेहास्पद मृत्यु के संबंध में आवेदन दिया, जिसमें रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। मृतकों में से सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए, विसरा व अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। एक मृतक बुधराम जायसवाल का शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने घटना से इनकार किया, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी ने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतें, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी ने सबसे पहले 06 फरवरी 2026 को बद्री को निशाना बनाया, जो उसे गाली देता और शराब के लिए परेशान करता था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को बुठालू को मारा, जिसने समाज को गाली दी थी और पुराने चुनाव विवाद में शामिल था। 12 मार्च 2026 को छत्तू राम की हत्या की, जिसकी नीयत उसकी पत्नी पर खराब थी। 20 मार्च 2026 को बुधराम को जमीन के लेन-देन और सामाजिक रंजिश के कारण जहर दिया। 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, जो उसे लगातार गाली देता था, और 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को मारा, जिस पर उसे बैगा गुनिया करने का संदेह था। 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम की हत्या की ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से बच सके, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के पुराने झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो हत्या के प्रयास का मामला है। इस बहुचर्चित हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा ने लगातार दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए इस जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाया है। आरोपी रामसहाय जायसवाल पुत्र देवप्रसाद (उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल) को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में बीते चार माह में हुई आठ व्यक्तियों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को 'साइको किलर' के रूप में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने पुरानी रंजिशों और मानसिक कुंठा के चलते अपने ही परिचितों को शराब में जहर (सुहागा) मिलाकर एक-एक करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 06.06.2026 को ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को फरवरी से 14 मई के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों के संबंध में आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। जांच में सामने आया कि रामसहाय जायसवाल ने प्रतिशोध की भावना, मानसिक कुंठा, छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या करने से पहले, उसने जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया और सफल होने के बाद ग्रामवासियों को निशाना बनाया। अभियुक्त ने चुहा मारने की दवा बताकर 'सुहागा' नामक जहर प्राप्त किया था और इसी जहर को शराब में घोलकर अपने परिचितों को दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में भी शामिल हुआ था। पुलिस की गहन पूछताछ के बाद अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 06.02.2026 को बद्री, जो उसे गाली-गलौज करता था, को उसने अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद 20.02.2026 को बुठालू को, जिससे विधानसभा चुनाव के समय विवाद हुआ था, मारा। 12.03.2026 को छत्तु राम की हत्या की क्योंकि वह उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था। 20.03.2026 को बुधराम, जिससे जमीन का लेन-देन और सामाजिक रंजिश थी, उसे भी जहर दिया, जिसका शव परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। 31.03.2026 को विनोद कुमार, जो उसे लगातार गाली देता था, को मारा, जिसकी मृत्यु कसडोल अस्पताल में हुई। 28.04.2026 को गजानंद की हत्या की, क्योंकि अभियुक्त को शक था कि वह उस पर बैगा गुनिया कर रहा है। 29.04.2026 को चैतुराम को इसलिए मारा ताकि 50,000 रुपये के कर्ज के ब्याज से छुटकारा मिल सके। अंत में, 14.05.2026 को महेतरू राम को 2023 के चुनाव के समय हुए झगड़े और ताने मारने के बदले में मार डाला। इन आठ हत्याओं के अलावा, 14.04.2026 को कार्तिक को भी जहरीली शराब दी गई थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके चलते उस पर हत्या के प्रयास का भी प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 07 मृतकों का शव उत्खनन कराकर मेकाहारा रायपुर में विशेष मेडिकल टीम से पोस्ट मार्टम कराया, साथ ही फॉरेंसिक जांच हेतु डीएनए विसरा और अन्य सैंपल सुरक्षित रखे। पुलिस की टीमों ने जहां एक ओर ग्रामीणों से पूछताछ कर निगाह रखी, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अभियुक्त ने प्रारंभ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन गहन पूछताछ और सघन विवेचना के फलस्वरूप उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल, पिता देवप्रसाद, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम पुराना खर्वे, थाना कसडोल को गिरफ्तार किया। इस मामले में आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा (भापुसे) के लगातार दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस जटिल और बहुचर्चित मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया।4
- कांकेर पुलिस ने समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से ग्राम पीव्ही-34 प्रेमनगर में 'पुलिस जनसंवाद एवं चौपाल' कार्यक्रम का आयोजन किया। कांकेर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पखांजूर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार कुर्रे और पखांजूर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रवि कुमार कुजूर ने ग्रामीणों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों ने परलकोट क्षेत्र में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को समझाया कि वे आत्महत्या जैसा कदम न उठाएँ और मानसिक तनाव की स्थिति में परिजनों व समाज से संवाद बनाए रखें। साथ ही, साइबर अपराधों से सतर्क रहने, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए गए। सड़क सुरक्षा के तहत मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की गई। युवाओं को गांजा, शराब और नशीली दवाइयों से दूर रहने का संदेश देते हुए एक नशामुक्त समाज के निर्माण पर बल दिया गया। इस जनसंवाद चौपाल में बंग समाज प्रमुख मनोज मंडल, जतन विश्वास, मिहीर राय, आलोक बिस्वास, सरपंच रमेन मंडल सहित ग्राम प्रमुख, सामाजिक कार्यकर्ता और लगभग 100 ग्रामीण उपस्थित रहे। कांकेर पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस हेल्पलाइन 94791 55125 पर देने की अपील की, और बताया कि सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1926 और साइबर अपराध शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क करने की सलाह भी दी गई।2
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम खर्वे में पिछले चार महीनों से हो रही रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने गांव के निवासी रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जिस पर प्रतिशोध, मानसिक कुंठा और पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचित आठ लोगों की सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप है। आरोपी ने शराब में सुहागा नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतारा। पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से मई 2026 के बीच गांव में हुई 8 संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की थी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच शुरू की। जांच के तहत सात मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। शुरू में पुलिस को गुमराह करने के बाद, सघन पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि गांव के कई लोगों से उसकी पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, आर्थिक विवाद, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका जैसी बातों को लेकर उसके मन में गहरा आक्रोश था। इसी प्रतिशोध की भावना में उसने एक-एक कर सभी को निशाना बनाया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जहर के प्रभाव को परखने के लिए पहले एक कुत्ते पर प्रयोग किया था। प्रयोग सफल होने के बाद उसने फरवरी से मई 2026 के बीच बद्री, बुठालु, छत्तूराम, बुधराम, विनोद कुमार, गजानंद, चैतूराम और महेतरू राम को जहरीली शराब पिलाकर मार डाला। वहीं, कार्तिक नामक एक व्यक्ति को भी जहरीली शराब दी गई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी किसी को शक न हो, इसके लिए वह खुद ही बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने, इलाज कराने और मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव और परिजनों का संदेह उससे दूर बना रहा। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को सुलझाया। पुलिस अधिकारियों ने इस सुनियोजित अपराध को प्रदेश के सबसे जटिल और चर्चित हत्या मामलों में से एक बताया है। गिरफ्तार आरोपी रामसहाय जायसवाल के विरुद्ध 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है। इस खुलासे से पूरे क्षेत्र में दहशत और हैरानी का माहौल है।1
- बलौदा बाजार वन परिक्षेत्र के अंतर्गत धमनी मुडियाडी जंगल में इमारती लकड़ी सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस संबंध में सबूत उपलब्ध कराए जाते हैं, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।1
- कांकेर जिले के अलबेलापारा तालाब में एक युवक की डूबने से मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।1