अमरोहा पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए सुसाइडल नोट की सूचना मिलते ही एक बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देश पर, सोशल मीडिया सेल ने तत्काल अमरोहा देहात थाना पुलिस को यह जानकारी दी। पुलिस टीम ने सूचना मिलने के मात्र 30 मिनट के भीतर उस व्यक्ति को संभावित स्थानों से सकुशल ढूंढ निकाला। इसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति की काउंसलिंग की और उसकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में उसे आवश्यक भावनात्मक सहयोग और समझाइश दी गई। इस प्रक्रिया के बाद, उसकी मानसिक स्थिति सामान्य पाई गई और अब वह पूरी तरह सुरक्षित है। अमरोहा पुलिस ने इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम की भी पहचान की, जिसमें उपनिरीक्षक राजेश कुमार (चौकी प्रभारी पेनेसिया), आरक्षी विकास तोमर और आरक्षी दीपांशु कुमार शामिल थे। अपर पुलिस अधिक्षक अखिलेश भदौरिया ने इस घटना पर टिप्पणी की। पुलिस ने समाज से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या भावनात्मक परेशानियों से जूझ रहा हो, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने परिवार, मित्रों या पुलिस से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि समय पर मिला सहयोग किसी की जान बचा सकता है।
अमरोहा पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए सुसाइडल नोट की सूचना मिलते ही एक बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देश पर, सोशल मीडिया सेल ने तत्काल अमरोहा देहात थाना पुलिस को यह जानकारी दी। पुलिस टीम ने सूचना मिलने के मात्र 30 मिनट के भीतर उस व्यक्ति को संभावित स्थानों से सकुशल ढूंढ निकाला। इसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति की काउंसलिंग की और उसकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में उसे आवश्यक भावनात्मक सहयोग और समझाइश दी गई। इस प्रक्रिया के बाद, उसकी
मानसिक स्थिति सामान्य पाई गई और अब वह पूरी तरह सुरक्षित है। अमरोहा पुलिस ने इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम की भी पहचान की, जिसमें उपनिरीक्षक राजेश कुमार (चौकी प्रभारी पेनेसिया), आरक्षी विकास तोमर और आरक्षी दीपांशु कुमार शामिल थे। अपर पुलिस अधिक्षक अखिलेश भदौरिया ने इस घटना पर टिप्पणी की। पुलिस ने समाज से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या भावनात्मक परेशानियों से जूझ रहा हो, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने परिवार, मित्रों या पुलिस से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि समय पर मिला सहयोग किसी की जान बचा सकता है।
- अमरोहा जनपद में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक श्री लखन सिंह यादव ने गुरुवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ परीक्षा संबंधी अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला मजिस्ट्रेट ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और क्लॉक रूम जैसी मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। डॉ. गौड़ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक श्री लखन सिंह यादव ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने जानकारी दी कि पहले दिन की दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सकुशल संपन्न हो गई हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष पालियों की परीक्षा भी इसी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए। इस निरीक्षण के दौरान सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।4
- अमरोहा पुलिस लाइन में एक मेडिटेशन सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार के दौरान योग के माध्यम से तनावमुक्त जीवन जीने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- संभल में 100 करोड़ रुपये के सरकारी जमीन घोटाले के मामले में पूर्व ईओ राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- बुधवार को ठाकुरद्वारा नगर में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए बदमाशों ने दिनदहाड़े एक मोबाइल दुकानदार का कथित तौर पर अपहरण कर लिया। स्योहारा रोड पर स्थित दुकान से कुछ लोग दुकानदार को जबरन काले रंग की थार गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे नगर में हड़कंप मच गया। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामनगर खागूवाला निवासी अख्तर अली की मोबाइल की दुकान आयशा अस्पताल के पास है। उनकी पत्नी शबनम जहां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे यह घटना हुई। आरोप है कि काले रंग की थार में सवार छह-सात लोग दुकान पर पहुंचे और अख्तर अली को जबरन कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। पूरी घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें बदमाशों द्वारा दुकानदार को जबरन ले जाते हुए देखा जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने सरेआम इस वारदात को अंजाम दिया, जिससे आसपास के व्यापारियों में भी दहशत फैल गई। करीब तीन घंटे बाद अपहरणकर्ता अख्तर अली के साथ मारपीट कर उसे मुरादाबाद रोड पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद शबनम जहां ने कोतवाली पहुंचकर पति के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। पीड़ित के मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।4
- उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, लखनऊ में प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर गहन मंथन हुआ। इस अहम बैठक में विधानसभा असमोली (32) के पूर्व कांग्रेस विधायक प्रत्याशी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य हाजी मरगूब आलम ने भी शिरकत की। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में संगठनात्मक विषयों और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी क्रम में, हाजी मरगूब आलम ने राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, तौकीर आलम और सत्यनारायण पटेल समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिव पांडेय और संगठन महासचिव अनिल यादव के साथ भी संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया। हाजी मरगूब आलम ने बताया कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में कांग्रेस संगठन बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और जनसमर्थन के दम पर कांग्रेस प्रदेश में अपनी स्थिति को और सशक्त बनाएगी।2
- गजरौला (अमरोहा) के चौपला पर गुरुवार को एक दिव्यांग महिला और एक दुकानदार के बीच झाड़ू के बोरे को लेकर विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह महिला बृजघाट से झाड़ू खरीदकर अपने घर लौट रही थी, क्योंकि वह झाड़ू बेचकर ही अपना जीवन-यापन करती है। बताया गया कि महिला ने ऑटो से झाड़ू का बोरा एक परचून की दुकान के सामने उतारा और पास के ठेले पर छोले-भटूरे खाने चली गई। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि दुकानदार ने उसके झाड़ू के बोरे को धक्का देकर नीचे गिरा दिया, जिससे वह कीचड़ में सन गया। महिला द्वारा विरोध जताने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद एक अन्य महिला भी इस विवाद में शामिल हो गई, जिससे कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर मामले को शांत कराया। बाद में, स्थानीय लोगों ने कीचड़ में गिरे झाड़ू के बोरे को उठाकर दोबारा ऑटो में रखवाया, जिसके बाद दिव्यांग महिला अपने घर के लिए रवाना हो गई।2
- अमरोहा पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए सुसाइडल नोट की सूचना मिलते ही एक बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देश पर, सोशल मीडिया सेल ने तत्काल अमरोहा देहात थाना पुलिस को यह जानकारी दी। पुलिस टीम ने सूचना मिलने के मात्र 30 मिनट के भीतर उस व्यक्ति को संभावित स्थानों से सकुशल ढूंढ निकाला। इसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति की काउंसलिंग की और उसकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में उसे आवश्यक भावनात्मक सहयोग और समझाइश दी गई। इस प्रक्रिया के बाद, उसकी मानसिक स्थिति सामान्य पाई गई और अब वह पूरी तरह सुरक्षित है। अमरोहा पुलिस ने इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम की भी पहचान की, जिसमें उपनिरीक्षक राजेश कुमार (चौकी प्रभारी पेनेसिया), आरक्षी विकास तोमर और आरक्षी दीपांशु कुमार शामिल थे। अपर पुलिस अधिक्षक अखिलेश भदौरिया ने इस घटना पर टिप्पणी की। पुलिस ने समाज से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या भावनात्मक परेशानियों से जूझ रहा हो, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने परिवार, मित्रों या पुलिस से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि समय पर मिला सहयोग किसी की जान बचा सकता है।2
- असम के शिवसागर जिले के अमोलापट्टी स्थित बाचा बुढ़ागोहाई पथ पर पशु चिकित्सक अपुरवा कुमार कलिता के किराएदार मकान में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज चोरी की घटना सामने आई है। यह वारदात तब हुई जब पशु चिकित्सक के पति कार्यालय में, बच्चे स्कूल में और पत्नी अपने व्यावसायिक स्थान पर थीं। दोपहर करीब 3 बजे जब पत्नी रश्मि रेखा बराई घर लौटीं, तो उन्होंने मुख्य कमरे का ताला टूटा हुआ पाया, जिसके बाद चोरी का खुलासा हुआ। पत्नी रश्मि रेखा बराई ने सदर पुलिस थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार, चोरों ने घर में घुसकर गॉडरेज अलमारी तोड़ दी और तीन सोने की चेन, तीन सोने की अंगूठियां, दो जोड़ी सोने की कान की बाली, एक मोबाइल फोन और कुछ नकद राशि चुरा ली। पीड़ित परिवार ने मीडिया को बताया कि चोरी गए सोने के गहनों की कुल कीमत लगभग 5 लाख रुपये है। घटना की सूचना मिलते ही सदर पुलिस थाने के उच्च अधिकारियों के नेतृत्व में एक बड़ी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।3
- अमरोहा जिले के थाना मंडी धनोरा क्षेत्र के शाहपुर कल गांव में दबंगों ने रामकिशन के बेटे नीरज को बुरी तरह पीटा और उसका मोबाइल छीन लिया। यह घटना 22 जून, 2026 को नीरज के घर के बाहर हुई, जब वह मोबाइल चला रहा था। गांव के तीन-चार युवक आए और नीरज का मोबाइल छीनकर ले गए। जब नीरज ने अपना मोबाइल वापस मांगा, तो उन युवकों ने उसे लात-घूंसों और कपड़ों से बेरहमी से मारा-पीटा। इस मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी थाना पुलिस ने अब तक पीड़ित की कोई मदद नहीं की है।1