*उंचेहरा मंडी में भाकियू (टिकैत) की मासिक बैठक संपन्न: ट्रेड डील और स्थानीय भ्रष्टाचार पर गरमाया माहौल* उंचेहरा (सतना): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक कृषि उपज मंडी उंचेहरा में जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उंचेहरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों, युवाओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं को पुरजोर तरीके से रखा *प्रमुख मुद्दे और जनसमस्याएं* बैठक के दौरान किसानों ने सरकार की 'ट्रेड डील' का कड़ा विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार एक तरफ 'डिजिटल इंडिया' की बात करती है, लेकिन किसानों की जमीनों के रेट डिजिटल नहीं किए जा रहे। अन्य प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित रहे: बिजली विभाग की मनमानी: गरीबों के 2 HP के मोटर को ओवरलोड बताकर 5 HP की वसूली और सरचार्ज माफी का लाभ न मिलना। बरगी नहर निर्माण में भ्रष्टाचार: नहर निर्माण में अमानक मिट्टी और कच्ची कंक्रीट के इस्तेमाल से दरारें पड़ रही हैं। सक्षम अधिकारियों द्वारा फील्ड मॉनिटरिंग न होने और किसानों को सही मुआवजा न मिलने पर रोष जताया गया। प्रशासनिक लापरवाही: जिलाध्यक्ष ने SDM उंचेहरा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे केवल आश्वासन देने में रुचि रखते हैं, जबकि जमीनी काम निराशाजनक है। बिना वजह पटवारियों के स्थानांतरण से काम प्रभावित हो रहा है। उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था: खरीदी केंद्रों पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और किसानों के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ पारदर्शी तुलाई की मांग की गई। पेंशन की मांग: 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए ₹3000 मासिक किसान पेंशन लागू करने की मांग दोहराई गई *नरवाई प्रबंधन और आगजनी पर अपील* ठाकुर प्रसाद सिंह ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई (पराली) न जलाएं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि खेतों में रह रहे गरीबों की झोपड़ियां, पाइपलाइन और मूक जीव-जंतु भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने हार्वेस्टर और भूसा मशीन संचालकों से समन्वय बनाकर काम करने का सुझाव दिया। *संगठन का विस्तार और नई नियुक्तियां* बैठक में संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं: राजेश सिंह (गुड्डू): युवा ब्लॉक अध्यक्ष। ग्राम समिति नियुक्तियां: राजेश सिंह (बिहटा), दयाराम कुशवाहा (इंटमा) और योगेंद्र सिंह (पोड़ी गरादा) को फूल-मालाओं के साथ जिम्मेदारी सौंपी गई। *सरकार को चेतावनी* जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से मांग की है कि किसानों और गरीबों की समस्याओं को तत्काल प्रभाव से हल किया जाए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम नहीं लगी, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जय सिंह (भंडारी) के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में रामजी शुक्ला, विश्वनाथ चौधरी, रामकुमार कुशवाहा, दयाराम कुशवाहा, राजकली सिंह, मीराबाई चौधरी एवं भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।
*उंचेहरा मंडी में भाकियू (टिकैत) की मासिक बैठक संपन्न: ट्रेड डील और स्थानीय भ्रष्टाचार पर गरमाया माहौल* उंचेहरा (सतना): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक कृषि उपज मंडी उंचेहरा में जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उंचेहरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों, युवाओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं को पुरजोर तरीके से रखा *प्रमुख मुद्दे और जनसमस्याएं* बैठक के दौरान किसानों ने सरकार की 'ट्रेड डील' का कड़ा विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार एक तरफ 'डिजिटल इंडिया' की बात करती है, लेकिन किसानों की जमीनों के रेट डिजिटल नहीं किए जा रहे। अन्य प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित रहे: बिजली विभाग की मनमानी: गरीबों के 2 HP के मोटर को ओवरलोड बताकर 5 HP की वसूली और सरचार्ज माफी का लाभ न मिलना। बरगी नहर निर्माण में भ्रष्टाचार: नहर निर्माण में अमानक मिट्टी और कच्ची कंक्रीट के इस्तेमाल से दरारें पड़ रही हैं। सक्षम अधिकारियों द्वारा फील्ड मॉनिटरिंग न होने और किसानों को सही मुआवजा न मिलने पर रोष जताया गया। प्रशासनिक लापरवाही: जिलाध्यक्ष ने SDM उंचेहरा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे केवल आश्वासन देने में रुचि रखते हैं, जबकि जमीनी काम निराशाजनक है। बिना वजह पटवारियों के स्थानांतरण से काम प्रभावित हो रहा है। उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था: खरीदी केंद्रों पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और किसानों के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ पारदर्शी तुलाई की मांग की गई। पेंशन की मांग: 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए ₹3000 मासिक किसान पेंशन लागू करने की मांग दोहराई गई *नरवाई प्रबंधन और आगजनी पर अपील* ठाकुर प्रसाद सिंह ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई (पराली) न जलाएं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि खेतों में रह रहे गरीबों की झोपड़ियां, पाइपलाइन और मूक जीव-जंतु भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने हार्वेस्टर और भूसा मशीन संचालकों से समन्वय बनाकर काम करने का सुझाव दिया। *संगठन का विस्तार और नई नियुक्तियां* बैठक में संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं: राजेश सिंह (गुड्डू): युवा ब्लॉक अध्यक्ष। ग्राम समिति नियुक्तियां: राजेश सिंह (बिहटा), दयाराम कुशवाहा (इंटमा) और योगेंद्र सिंह (पोड़ी गरादा) को फूल-मालाओं के साथ जिम्मेदारी सौंपी गई। *सरकार को चेतावनी* जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से मांग की है कि किसानों और गरीबों की समस्याओं को तत्काल प्रभाव से हल किया जाए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम नहीं लगी, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जय सिंह (भंडारी) के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में रामजी शुक्ला, विश्वनाथ चौधरी, रामकुमार कुशवाहा, दयाराम कुशवाहा, राजकली सिंह, मीराबाई चौधरी एवं भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।
- *उंचेहरा मंडी में भाकियू (टिकैत) की मासिक बैठक संपन्न: ट्रेड डील और स्थानीय भ्रष्टाचार पर गरमाया माहौल* उंचेहरा (सतना): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक कृषि उपज मंडी उंचेहरा में जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उंचेहरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों, युवाओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं को पुरजोर तरीके से रखा *प्रमुख मुद्दे और जनसमस्याएं* बैठक के दौरान किसानों ने सरकार की 'ट्रेड डील' का कड़ा विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार एक तरफ 'डिजिटल इंडिया' की बात करती है, लेकिन किसानों की जमीनों के रेट डिजिटल नहीं किए जा रहे। अन्य प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित रहे: बिजली विभाग की मनमानी: गरीबों के 2 HP के मोटर को ओवरलोड बताकर 5 HP की वसूली और सरचार्ज माफी का लाभ न मिलना। बरगी नहर निर्माण में भ्रष्टाचार: नहर निर्माण में अमानक मिट्टी और कच्ची कंक्रीट के इस्तेमाल से दरारें पड़ रही हैं। सक्षम अधिकारियों द्वारा फील्ड मॉनिटरिंग न होने और किसानों को सही मुआवजा न मिलने पर रोष जताया गया। प्रशासनिक लापरवाही: जिलाध्यक्ष ने SDM उंचेहरा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे केवल आश्वासन देने में रुचि रखते हैं, जबकि जमीनी काम निराशाजनक है। बिना वजह पटवारियों के स्थानांतरण से काम प्रभावित हो रहा है। उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था: खरीदी केंद्रों पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और किसानों के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ पारदर्शी तुलाई की मांग की गई। पेंशन की मांग: 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए ₹3000 मासिक किसान पेंशन लागू करने की मांग दोहराई गई *नरवाई प्रबंधन और आगजनी पर अपील* ठाकुर प्रसाद सिंह ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई (पराली) न जलाएं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि खेतों में रह रहे गरीबों की झोपड़ियां, पाइपलाइन और मूक जीव-जंतु भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने हार्वेस्टर और भूसा मशीन संचालकों से समन्वय बनाकर काम करने का सुझाव दिया। *संगठन का विस्तार और नई नियुक्तियां* बैठक में संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं: राजेश सिंह (गुड्डू): युवा ब्लॉक अध्यक्ष। ग्राम समिति नियुक्तियां: राजेश सिंह (बिहटा), दयाराम कुशवाहा (इंटमा) और योगेंद्र सिंह (पोड़ी गरादा) को फूल-मालाओं के साथ जिम्मेदारी सौंपी गई। *सरकार को चेतावनी* जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से मांग की है कि किसानों और गरीबों की समस्याओं को तत्काल प्रभाव से हल किया जाए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम नहीं लगी, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जय सिंह (भंडारी) के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में रामजी शुक्ला, विश्वनाथ चौधरी, रामकुमार कुशवाहा, दयाराम कुशवाहा, राजकली सिंह, मीराबाई चौधरी एवं भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।1
- मैहर के भटूरा में संचालित द मैहर लाइम स्टोन कंपनी की खदान एक बड़े हादसे को खुला न्योता देती नजर आ रही है। यहां सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या खनिज, पर्यावरण और श्रम विभाग खदान माफियाओं के सामने नतमस्तक हो चुके हैं? श्रमिकों की जान जोखिम में डालकर मुनाफा कमाने का यह खेल आखिर कब तक चलेगा? स्थानीय लोगों में आक्रोश है और चर्चा तेज—क्या प्रशासन ने नियमों को खदान में दफन करने की खुली छूट दे दी है?1
- मैहर। प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शारदा देवी धाम में चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मैहर कोतवाली पुलिस ने वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले 4 दलालों को गिरफ्तार किया है। 500 रुपये में 'शॉर्टकट' दर्शन का झांसा मिली जानकारी के अनुसार, नवरात्रि के चलते मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ का फायदा उठाकर ये जालसाज भोले-भाले श्रद्धालुओं को अपना निशाना बना रहे थे। आरोपी श्रद्धालुओं को कतार से बचाकर सीधे दर्शन कराने (वीआईपी एंट्री) का झांसा देते थे और इसके बदले प्रति व्यक्ति 500 रुपये की मांग करते थे। छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु हुए शिकार ठगी का यह मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं के एक जत्थे से इन दलालों ने संपर्क किया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने खुद को रसूखदार बताकर श्रद्धालुओं से पैसे ऐंठे, लेकिन जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस की कार्रवाई शिकायत मिलते ही मैहर कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और घेराबंदी कर चारों आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि: आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी चारों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान किसी भी तरह के अनधिकृत वीआईपी दर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध है। अपील: मैहर पुलिस और मंदिर प्रबंध समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक व्यवस्थाओं का ही पालन करें। रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, मध्य भारत न्यूज़1
- मैहर । त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा मंदिर आज चैत्र नवरात्रि की सप्तमी तिथि दिन बुधवार को प्रातःकाल की बेला पर माता रानी का विशेष स्वर्ण श्रृंगार एवं पूजा भोग प्रधान पुजारी श्री पवन दाऊ जी महाराज द्वारा अर्पण किया गया।3
- *मैहर मां शारदा देवी धाम कहा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी द्वारा सुमित महाराज शारदा देवी के पुजारी के पैर छूने का वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है जोरो से*1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- Post by Neeraj Ravi1
- सतना दर्शन के लिए आए बुजुर्ग के साथ जगतदेव तालाब मंदिर में युवक ने की मारपीट।1