राजगीर में आयोजित प्रसिद्ध मेले में इन दिनों लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहाँ बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए विभिन्न मनोरंजन साधन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विशेषकर, मौत का कुआं, जादूघर और थिएटर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। शाम ढलते ही पूरा मेला रंग-बिरंगी रोशनी और लोगों की चहल-पहल से गुलजार हो उठता है। मौत का कुआं में बाइक और कार चालकों द्वारा किए जा रहे रोमांचक करतब दर्शकों को रोमांचित कर रहे हैं, जहाँ तेज रफ्तार में गोल घेरे के भीतर दीवारों पर दौड़ती बाइक और कार देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं, जादूघर में जादूगरों के अद्भुत खेल बच्चों के साथ-साथ बड़े लोगों को भी हैरान कर रहे हैं, जिसे देखकर दर्शक खूब तालियां बजा रहे हैं। थिएटर में प्रस्तुत हो रहे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य और संगीत भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों पर भीड़ लगातार उमड़ रही है। मेले में लगे झूले, खिलौनों की दुकानें और खानपान के स्टॉल भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पहुँचे लोग मेले का आनंद लेते नजर आ रहे हैं, जिसमें बच्चों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मेले का आनंद उठा सकें। कुल मिलाकर, राजगीर मेला इन दिनों मनोरंजन और उत्साह का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
राजगीर में आयोजित प्रसिद्ध मेले में इन दिनों लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहाँ बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए विभिन्न मनोरंजन साधन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विशेषकर, मौत का कुआं, जादूघर और थिएटर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। शाम ढलते ही पूरा मेला रंग-बिरंगी रोशनी और लोगों की चहल-पहल से गुलजार हो उठता है। मौत का कुआं में बाइक और कार चालकों द्वारा किए जा रहे रोमांचक करतब दर्शकों को रोमांचित कर रहे हैं, जहाँ तेज रफ्तार में गोल घेरे के भीतर दीवारों पर दौड़ती बाइक और कार देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं, जादूघर में जादूगरों के अद्भुत खेल बच्चों के साथ-साथ बड़े लोगों को भी हैरान कर रहे हैं, जिसे देखकर दर्शक खूब तालियां बजा रहे हैं। थिएटर में प्रस्तुत हो रहे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य और संगीत भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों पर भीड़ लगातार उमड़ रही है। मेले में लगे झूले, खिलौनों की दुकानें और खानपान के स्टॉल भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पहुँचे लोग मेले का आनंद लेते नजर आ रहे हैं, जिसमें बच्चों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मेले का आनंद उठा सकें। कुल मिलाकर, राजगीर मेला इन दिनों मनोरंजन और उत्साह का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
- प्रशांत किशोर ने पटना होटल कांड से जुड़े एक मामले को लेकर सम्राट चौधरी को 'रगड़ा' है। इस घटना में प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर निशाना साधा।1
- Tws News ने ईद-उल-अजहा के शुभ अवसर पर सभी को पुरखुलुस और दिल की गहराइयों से मुबारकबाद दी है।1
- नवादा जिले में जुमेरात यानी गुरुवार 28 मई 2026 को ईद उल अजहा (बकरीद) की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। नवादा, हिसुआ, अकबरपुर, रजौली, नारदीगंज, मेसकौर, सिरदला, नरहट और छोटी शेखपुरा समेत पूरे नवादा जिला भर की मस्जिदों और ईदगाहों में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। इस दौरान, नवादा जिले के साथ-साथ पूरे हिंदुस्तान में अमन-चैन, सौहार्द, प्रेम-भाईचारगी, खुशहाली और तरक्की के लिए खास दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद, छोटे-बड़े, नौजवान, बुजुर्ग और बच्चों सहित सभी अकीदतमंदों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी। इसके उपरांत, सभी अपने-अपने घरों को लौटे और बकरे की कुर्बानी के धार्मिक कार्य में जुट गए। हिसुआ प्रखंड के मंझवे स्थित जामा मस्जिद में हाफिज मोहम्मद इकबाल ने सुबह 7:30 बजे ईद उल अजहा की नमाज पढ़ाई। इस मौके पर अकबर राजा ने मक्का-मदीना से लाए खजूर और जम-जम का पानी सभी नमाजियों को खिदमत में पेश किया। हिसुआ थाना का पुलिस प्रशासन भी इस पूरे आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहा, जिससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।1
- अतिपिछड़ा दलित अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष चौधरी हैं। वह दोनों महत्वपूर्ण संगठनों में नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं।1
- नवादा जिले के गोबिंदपुर प्रखंड स्थित ककोलत जलप्रपात पर प्रवेश शुल्क में दस गुना बढ़ोतरी की गई है। इस भारी वृद्धि के कारण स्थानीय होटल संचालक खासे नाराज हैं, क्योंकि उनके होटल का व्यवसाय ठीक से नहीं चल रहा है। शुल्क बढ़ने से पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे होटल व्यवसायियों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और वे अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।1
- बिहार की राजधानी पटना में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बेगूसराय की एक बेटी अपने पिता के साथ पॉलिटेक्निक की परीक्षा देने आई थी। पटना के एक होटल में ठहरी इस बच्ची के कमरे में आधी रात को शराब के नशे में एक लड़का घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। यह शर्मनाक वारदात बच्ची के पिता के सामने ही हुई, जिससे उसकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जो बच्ची पहली बार अपने छोटे शहर से राजधानी बड़े सपने लेकर आई थी, उस पर हुए इस आघात से उबरना उसके लिए बेहद मुश्किल होगा। इतना ही नहीं, अब इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जहाँ कुछ तथाकथित बड़े और पैसे वाले लोग बच्ची के पिता को डरा-धमका रहे हैं। यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि बिहार में मामलों को कैसे दबाया जाता है। इस घटना ने प्रधानमंत्री के ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ जैसे नारों पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जब पिता के साथ होने पर भी बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो वे कैसे पढ़ेंगी और कैसे बचेंगी। पोस्ट में सीधे तौर पर मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि निकम्मी सरकार और नाकाबिल मुख्यमंत्री के कुर्सी पर बैठे होने पर जनता अपनी गुहार कहाँ लगाए। यह भी आरोप लगाया गया है कि 'सुशासन' का ढोल पीटने वाले अगर बेटियों को सुरक्षा नहीं दे सकते, तो उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।1
- राजगीर में आयोजित प्रसिद्ध मेले में इन दिनों लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहाँ बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए विभिन्न मनोरंजन साधन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विशेषकर, मौत का कुआं, जादूघर और थिएटर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। शाम ढलते ही पूरा मेला रंग-बिरंगी रोशनी और लोगों की चहल-पहल से गुलजार हो उठता है। मौत का कुआं में बाइक और कार चालकों द्वारा किए जा रहे रोमांचक करतब दर्शकों को रोमांचित कर रहे हैं, जहाँ तेज रफ्तार में गोल घेरे के भीतर दीवारों पर दौड़ती बाइक और कार देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं, जादूघर में जादूगरों के अद्भुत खेल बच्चों के साथ-साथ बड़े लोगों को भी हैरान कर रहे हैं, जिसे देखकर दर्शक खूब तालियां बजा रहे हैं। थिएटर में प्रस्तुत हो रहे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य और संगीत भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों पर भीड़ लगातार उमड़ रही है। मेले में लगे झूले, खिलौनों की दुकानें और खानपान के स्टॉल भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पहुँचे लोग मेले का आनंद लेते नजर आ रहे हैं, जिसमें बच्चों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मेले का आनंद उठा सकें। कुल मिलाकर, राजगीर मेला इन दिनों मनोरंजन और उत्साह का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।1