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डूंगरपुर में जिला कलेक्टर देशलदान ग्राम पंचायत दोवड़ा पहुंचे, जहाँ उन्होंने ग्राम स्तरीय जनसुनवाई की। इस दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न परिवेदनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक सेवा केंद्र) खोलने और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग प्रमुख थी। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, और गिरीश कलाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, जिला कलेक्टर ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।

14 hrs ago
user_Bharat Pandya भरत पंड्या
Bharat Pandya भरत पंड्या
डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
14 hrs ago

डूंगरपुर में जिला कलेक्टर देशलदान ग्राम पंचायत दोवड़ा पहुंचे, जहाँ उन्होंने ग्राम स्तरीय जनसुनवाई की। इस दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न परिवेदनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक सेवा केंद्र) खोलने और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग प्रमुख थी। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, और गिरीश कलाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, जिला कलेक्टर ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।

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  • राजस्थान के डूंगरपुर जिले में डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू) समुदाय ने 10 प्रतिशत अलग से आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में समुदाय के सदस्यों ने वागड़ गांधी वाटिका से कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पर सांकेतिक गिरफ्तारियां भी दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेशभर में चलाए जा रहे 'जेल भरो आंदोलन' का ही हिस्सा है, जो अब वागड़ क्षेत्र तक पहुँच गया है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राईका के नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया जा रहा है। लालजी राईका ने बताया कि इन मांगों को लेकर 5 दिसंबर 2025 को सरकार के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई थी। उस समय सरकार ने इन मांगों को उचित मानते हुए तीन महीने में निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। हालांकि, आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस बात को अब चार से पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिसके बाद राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति का गठन कर यह आंदोलन शुरू किया गया। समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 1 जुलाई को जयपुर में एक बड़ा महापड़ाव किया जाएगा।
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    राजस्थान के डूंगरपुर जिले में डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू) समुदाय ने 10 प्रतिशत अलग से आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में समुदाय के सदस्यों ने वागड़ गांधी वाटिका से कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पर सांकेतिक गिरफ्तारियां भी दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेशभर में चलाए जा रहे 'जेल भरो आंदोलन' का ही हिस्सा है, जो अब वागड़ क्षेत्र तक पहुँच गया है।

राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राईका के नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया जा रहा है। लालजी राईका ने बताया कि इन मांगों को लेकर 5 दिसंबर 2025 को सरकार के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई थी। उस समय सरकार ने इन मांगों को उचित मानते हुए तीन महीने में निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। हालांकि, आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस बात को अब चार से पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिसके बाद राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति का गठन कर यह आंदोलन शुरू किया गया।

समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 1 जुलाई को जयपुर में एक बड़ा महापड़ाव किया जाएगा।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • डूंगरपुर में जिला कलेक्टर देशलदान ग्राम पंचायत दोवड़ा पहुंचे, जहाँ उन्होंने ग्राम स्तरीय जनसुनवाई की। इस दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न परिवेदनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक सेवा केंद्र) खोलने और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग प्रमुख थी। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, और गिरीश कलाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, जिला कलेक्टर ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।
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    डूंगरपुर में जिला कलेक्टर देशलदान ग्राम पंचायत दोवड़ा पहुंचे, जहाँ उन्होंने ग्राम स्तरीय जनसुनवाई की। इस दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न परिवेदनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने, ग्राम पंचायत में एक पीएससी (प्राथमिक सेवा केंद्र) खोलने और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग प्रमुख थी।

जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को इन सभी परिवेदनाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, और गिरीश कलाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, जिला कलेक्टर ने दोवड़ा में स्थित क्षेत्रीय वन खण्ड आंतरी और पुलिस थाना दोवड़ा का भी निरीक्षण किया।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की फसल को जब्त करते हुए भारी मात्रा में गांजे के पौधे और सूखा गांजा बरामद किया, साथ ही एक बुजुर्ग आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। नशे के काले कारोबार पर पुलिस की 'तीसरी आंख' के कड़े पहरे के बीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए एक पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, हिराता फला कोठारीया गांव में एक व्यक्ति अपने घर के पास ही खेत में अवैध गांजे की खेती कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत गांव पहुंचकर खेत की घेराबंदी की और तलाशी ली, जहां खेत में गांजे के पौधे लहलहाते मिले। पुलिस ने मौके से सुखाने के लिए रखा हुआ 558 ग्राम सूखा गांजा और खेत में उगे हुए 50 नग गांजे के छोटे-बड़े हरे पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने खेत के मालिक और आरोपी थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), उम्र 65 वर्ष, निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।
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    राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की फसल को जब्त करते हुए भारी मात्रा में गांजे के पौधे और सूखा गांजा बरामद किया, साथ ही एक बुजुर्ग आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।

नशे के काले कारोबार पर पुलिस की 'तीसरी आंख' के कड़े पहरे के बीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए एक पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, हिराता फला कोठारीया गांव में एक व्यक्ति अपने घर के पास ही खेत में अवैध गांजे की खेती कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत गांव पहुंचकर खेत की घेराबंदी की और तलाशी ली, जहां खेत में गांजे के पौधे लहलहाते मिले। पुलिस ने मौके से सुखाने के लिए रखा हुआ 558 ग्राम सूखा गांजा और खेत में उगे हुए 50 नग गांजे के छोटे-बड़े हरे पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है।

इस मामले में पुलिस ने खेत के मालिक और आरोपी थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), उम्र 65 वर्ष, निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_तेजसिंह राठौड
    तेजसिंह राठौड
    Nurse डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत दोवड़ा में आयोजित ग्राम स्तरीय जनसुनवाई में जिला कलक्टर देशलदान पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने और खराब हैंडपंपों को ठीक करवाने सहित कई अन्य शिकायतें दर्ज कराईं। इन परिवेदनाओं को गंभीरता से लेते हुए, जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, गिरीश कलाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
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    डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत दोवड़ा में आयोजित ग्राम स्तरीय जनसुनवाई में जिला कलक्टर देशलदान पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने और खराब हैंडपंपों को ठीक करवाने सहित कई अन्य शिकायतें दर्ज कराईं।

इन परिवेदनाओं को गंभीरता से लेते हुए, जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत प्रशासक कल्पना परमार, तहसीलदार ईश्वर लाल पड़वाल, ब्लॉक विकास अधिकारी दोवड़ा मनहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी प्रकाश अहारी, गिरीश कलाल और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
    user_Maheshwar choubisa
    Maheshwar choubisa
    Graphic designer डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • छाणी मगरी क्षेत्र में आए आंधी-तूफान से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र में मवेशियों, आम के पेड़ों, और घरों की टिन शेड व केलु (छत की टाइलें) उखड़ गए हैं। कई घरों को भी भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे छाणी मगरी क्षेत्र में पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है।
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    छाणी मगरी क्षेत्र में आए आंधी-तूफान से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र में मवेशियों, आम के पेड़ों, और घरों की टिन शेड व केलु (छत की टाइलें) उखड़ गए हैं। कई घरों को भी भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे छाणी मगरी क्षेत्र में पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है।
    user_जय गुरू महाराज
    जय गुरू महाराज
    Voice of people Jothari, Dungarpur•
    22 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत, डूंगरपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना वरदा क्षेत्र के हिराता फला कोठारिया गांव में एक खेत से गांजे की फसल जब्त की है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 50 गांजे के पौधों के साथ-साथ 558 ग्राम सूखा गांजा भी बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है, वहीं हरे पौधों का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह के निर्देशन और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में थाना वरदा पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) के संयुक्त प्रयासों से की गई। पुलिस को 3 जून को डीएसटी टीम के माध्यम से सूचना मिली थी कि हिराता फला कोठारिया निवासी थावरचंद पुत्र वेसात रोत (65) अपने घर के पास स्थित खेत में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, संयुक्त टीम ने खेत की तलाशी ली, जहां गांजे के 50 छोटे-बड़े हरे पौधे और सुखाने के लिए रखा गया सूखा गांजा मिला। आरोपी थावरचंद रोत ने खेत और फसल पर अपना स्वामित्व स्वीकार किया, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी थावरचंद रोत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक यह गांजा किन-किन लोगों को बेचा है और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने यह भी बताया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी तथा बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस सफल कार्रवाई में थाना वरदा के थानाधिकारी रिजवान खान, सहायक उप निरीक्षक भवरसिंह, हैड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह, लोकेन्द्र सिंह, चालक कांस्टेबल गिरीराज सिंह और जिला विशेष टीम (डीएसटी) के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे क्षेत्र में होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस की 'तीसरी आंख' मोबाइल/व्हाट्सएप हेल्पलाइन 8690180022 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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    डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत, डूंगरपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना वरदा क्षेत्र के हिराता फला कोठारिया गांव में एक खेत से गांजे की फसल जब्त की है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 50 गांजे के पौधों के साथ-साथ 558 ग्राम सूखा गांजा भी बरामद किया है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है, वहीं हरे पौधों का कुल वजन 4 किलो 210 ग्राम पाया गया।

यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह के निर्देशन और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में थाना वरदा पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) के संयुक्त प्रयासों से की गई। पुलिस को 3 जून को डीएसटी टीम के माध्यम से सूचना मिली थी कि हिराता फला कोठारिया निवासी थावरचंद पुत्र वेसात रोत (65) अपने घर के पास स्थित खेत में गांजे के पौधे उगा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, संयुक्त टीम ने खेत की तलाशी ली, जहां गांजे के 50 छोटे-बड़े हरे पौधे और सुखाने के लिए रखा गया सूखा गांजा मिला। आरोपी थावरचंद रोत ने खेत और फसल पर अपना स्वामित्व स्वीकार किया, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी थावरचंद रोत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक यह गांजा किन-किन लोगों को बेचा है और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने यह भी बताया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी तथा बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस सफल कार्रवाई में थाना वरदा के थानाधिकारी रिजवान खान, सहायक उप निरीक्षक भवरसिंह, हैड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह, लोकेन्द्र सिंह, चालक कांस्टेबल गिरीराज सिंह और जिला विशेष टीम (डीएसटी) के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे क्षेत्र में होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस की 'तीसरी आंख' मोबाइल/व्हाट्सएप हेल्पलाइन 8690180022 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है। ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है। इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।
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    डूंगरपुर जिले के वरदा ग्राम के ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर अपने गांव को नवगठित ओबरी तहसील से हटाकर पुनः सागवाड़ा तहसील में यथावत रखने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, वरदा ग्राम पहले सागवाड़ा तहसील का हिस्सा था, लेकिन हालिया अधिसूचना के तहत इसे ओबरी तहसील में शामिल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को अव्यावहारिक बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है और एसडीएम से भी संपर्क किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर स्थित नोखना, काहेला, टामटिया, ठाकरड़ा, नंदोड और गोवाड़ी जैसे अन्य गांव सागवाड़ा तहसील में ही रखे गए हैं। ऐसे में इन्हीं गांवों के बीच स्थित वरदा को ओबरी तहसील में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया है कि वरदा गांव की दूरी सागवाड़ा से मात्र 16 किलोमीटर है, जबकि ओबरी से यह लगभग 23 किलोमीटर दूर है।

इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने परिवहन सुविधाओं का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, सागवाड़ा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और नियमित रोडवेज बसों सहित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, ओबरी के लिए कोई सीधी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना है, लेकिन इस निर्णय से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को प्राथमिकता देते हुए वरदा ग्राम को पुनः सागवाड़ा तहसील में शामिल करने का आग्रह किया है।

इन मांगों के अलावा, ग्रामीणों ने भविष्य में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वरदा को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगी, ताकि वरदा गांव के साथ हुए अन्याय का निवारण हो सके।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • राजस्थान के डूंगरपुर जिले में मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है, जहाँ पुलिस ने विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की लहलहाती फसल को जब्त किया और एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (IPS) के निर्देशन में चलाई गई इस कार्रवाई में वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) को बड़ी सफलता मिली है। जिले में नशे के काले कारोबार पर पुलिस की 'तीसरी आंख' का पहरा कड़ा करते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए हिराता फला कोठारीया गाँव में अवैध गांजे की खेती की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत गाँव पहुंचकर एक खेत की घेराबंदी की, जहाँ तलाशी के दौरान पुलिस को गांजे के पौधे लहलहाते मिले। पुलिस टीम ने मौके से सुखाने के लिए रखा हुआ 558 ग्राम सूखा गांजा और खेत में उगे हुए 50 नग छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल 4 किलो 210 ग्राम गांजा पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 75 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने खेत के मालिक और आरोपी थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), उम्र 65 वर्ष, निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।
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    राजस्थान के डूंगरपुर जिले में मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है, जहाँ पुलिस ने विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत अवैध रूप से उगाई जा रही गांजे की लहलहाती फसल को जब्त किया और एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (IPS) के निर्देशन में चलाई गई इस कार्रवाई में वरदा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) को बड़ी सफलता मिली है।

जिले में नशे के काले कारोबार पर पुलिस की 'तीसरी आंख' का पहरा कड़ा करते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी सागवाड़ा रूपसिंह के नेतृत्व में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान और डीएसटी टीम को मोबाइल के जरिए हिराता फला कोठारीया गाँव में अवैध गांजे की खेती की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने तुरंत गाँव पहुंचकर एक खेत की घेराबंदी की, जहाँ तलाशी के दौरान पुलिस को गांजे के पौधे लहलहाते मिले।

पुलिस टीम ने मौके से सुखाने के लिए रखा हुआ 558 ग्राम सूखा गांजा और खेत में उगे हुए 50 नग छोटे-बड़े हरे गांजे के पौधे बरामद किए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल 4 किलो 210 ग्राम गांजा पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 75 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने खेत के मालिक और आरोपी थावरचन्द (पुत्र वेसात रोत), उम्र 65 वर्ष, निवासी हिराता फला कोठारीया को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_तेजसिंह राठौड
    तेजसिंह राठौड
    Nurse डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
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