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क्षेत्र में युवाओं के लिए एक बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया गया है, जहाँ विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा साक्षात्कार और भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस मेले में बड़ी संख्या में छात्र और बेरोजगार युवा पहुँच रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, योग्य उम्मीदवारों को मौके पर ही नौकरी के अवसर दिए जा सकते हैं। यह आयोजन युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के रोजगार मेले से युवाओं को नौकरी पाने में बड़ी मदद मिलेगी और क्षेत्र में बेरोजगारी कम करने में भी सहयोग मिलेगा।
Dilip Kumar Bharti
क्षेत्र में युवाओं के लिए एक बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया गया है, जहाँ विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा साक्षात्कार और भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस मेले में बड़ी संख्या में छात्र और बेरोजगार युवा पहुँच रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, योग्य उम्मीदवारों को मौके पर ही नौकरी के अवसर दिए जा सकते हैं। यह आयोजन युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के रोजगार मेले से युवाओं को नौकरी पाने में बड़ी मदद मिलेगी और क्षेत्र में बेरोजगारी कम करने में भी सहयोग मिलेगा।
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- क्षेत्र में युवाओं के लिए एक बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया गया है, जहाँ विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा साक्षात्कार और भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस मेले में बड़ी संख्या में छात्र और बेरोजगार युवा पहुँच रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, योग्य उम्मीदवारों को मौके पर ही नौकरी के अवसर दिए जा सकते हैं। यह आयोजन युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के रोजगार मेले से युवाओं को नौकरी पाने में बड़ी मदद मिलेगी और क्षेत्र में बेरोजगारी कम करने में भी सहयोग मिलेगा।1
- बांदा में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक बालू लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दर्दनाक घटना में एक साइकिल सवार समेत कुल 6 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है। हादसे में 3 अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी सुरेश साहू ने बांदा से दी है।1
- सतना शहर में ई-रिक्शा चालक नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से वाहन चला रहे हैं, जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इन ई-रिक्शा को चलाने वालों में ज्यादातर नाबालिग और नशेड़ी शामिल हैं। कई रिक्शा बिना नंबर प्लेट के चलते हैं, और अधिकांश चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। ई-रिक्शा चालकों की इस बेलगाम मनमानी के बीच यातायात विभाग की सख्ती पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शहर में हो रही लगातार दुर्घटनाओं के बावजूद, यातायात पुलिस केवल चालानी कार्रवाई तक ही सीमित दिखाई दे रही है।1
- पन्ना जिले के अमानगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत द्वारी में स्थित बस स्टैंड पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात भीषण आग लगने से चार दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इस हादसे में दुकानदारों को लाखों रुपए का भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि उनका सारा सामान नष्ट हो गया। आग की चपेट में राकेश तिवारी, जुम्मन शेख, जाकिर हुसैन और इस्लाम खान की दुकानें आईं, जो पूरी तरह से जल गईं। इन दुकानों में रखा किराना, जनरल स्टोर और अन्य सामान भी पूरी तरह राख हो गया। जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 3 बजे बस स्टैंड स्थित दुकानों में अचानक आग भड़की थी, जिसके बाद तुरंत डायल 112 पर घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अमानगंज से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकानों में रखा लाखों का सामान जलकर नष्ट हो चुका था। आग लगने की परिस्थितियों की फिलहाल जांच की जा रही है, लेकिन शुरुआती तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।1
- सतना से पंडित जितेंद्र राय ने भारतीय जन मोर्चा पार्टी के साथ मिलकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग और सवर्ण वर्ग के लोगों को गलत तरीके से फंसाने के लिए रुपए दिए जाते हैं, जो कि एक गलत प्रथा है और इसका दुरुपयोग करके निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने इस प्रथा का कड़ा विरोध करते हुए बताया है कि इस योजना के कारण 95% मामलों में न्यायालय से लोग निर्दोष साबित होते हैं। आरोप है कि भाजपा, कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने सवर्ण और पिछड़े वर्ग के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई हैं, जिससे इन वर्गों का जीवन बर्बाद हो रहा है। पंडित राय ने सरकार से सवाल किया है कि इसकी जवाबदेही कब ली जाएगी। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने भारत सरकार से तत्काल मांग की है कि पैसा देने वाली यह स्कीम तुरंत बंद की जाए। उनका तर्क है कि यह योजना कहीं न कहीं गलत काम करने के लिए प्रेरित करती है, क्योंकि कोई भी अपराध जांच के बाद ही दर्ज होना चाहिए। पार्टी का कहना है कि वे किसी भी व्यक्ति के गलत काम करने पर कठोर से कठोर कानून बनने का समर्थन करते हैं, लेकिन निर्दोषों को फंसाने में उपयोग होने वाले किसी भी कानून का पुरजोर विरोध करते हैं। पार्टी ने सरकार से अपील की है कि पिछड़ा वर्ग और सवर्ण वर्ग के साथ अन्याय करने वाले इस तरह के पैसे देने वाले कानून को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।1
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपनी 81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के साथ जनपद बाँदा पहुँचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा के माध्यम से धर्म और गौसंरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, जिसमें गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने पर विशेष बल है। शहर के अलीगंज में समाजसेवी और सपा नेता शेखर शर्मा ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज और गौ प्रतिष्ठा हेतु निकाली गई गविष्टि यात्रा का शानदार स्वागत किया। शेखर शर्मा की अगुवाई में 21 ब्राह्मणों की टोली ने विधिविधान से पूजा-अर्चना और आरती कर महाराज का अभिनंदन किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं, सनातन धर्म प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा वातावरण 'जय श्रीराम', 'हर-हर महादेव' और गौमाता के जयघोषों से भक्तिमय हो गया। शेखर शर्मा ने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य महाराज गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए यह यात्रा निकाल रहे हैं, और उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का समर्थन किया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने सनातन धर्म, गौसंरक्षण और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और आस्था की आधारशिला हैं, और समाज को धर्म तथा संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आना होगा। महाराज ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि गविष्टि यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, गौसंरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना है। शंकराचार्य महाराज ने विभिन्न गांवों और नगरों में धर्म, सेवा और संगठन को मजबूत करने पर भी बल दिया।2
- मध्य प्रदेश के सतना अंतर्गत रैगांव विधानसभा क्षेत्र की बदहाल सड़कों को लेकर सियासत गरमा गई है, जहां मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव प्रभा बागरी ने भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कांग्रेस ने इस स्थिति पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि रैगांव की सड़कें अब 'मौत का रास्ता' बन चुकी हैं। प्रभा बागरी ने विशेष रूप से सुन्दरा–सिंहपुर–कोठी होते हुए सेमरिया तक जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर हालत पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि यह सड़क रैगांव विधानसभा क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाती है, जिससे लगभग 50 गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। इसके बावजूद यह मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जिसे महिला कांग्रेस 'गड्ढों का जाल' बता रही है। सड़क की खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और चेतावनी दी गई है कि बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और भी भयावह हो सकती है। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मध्य प्रदेश शासन की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी करती हैं, उसी क्षेत्र की सड़कों की ऐसी बदहाली भाजपा सरकार की विफलता और जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी को उजागर करती है। उन्होंने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रभा बागरी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है, जबकि जमीन पर विकास पूरी तरह से गायब है और 'जनता त्रस्त, प्रशासन मस्त!' की स्थिति बनी हुई है। महिला कांग्रेस ने मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले तत्काल सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो कांग्रेस पार्टी आगामी दिनों में धरना-प्रदर्शन, अधिकारियों का घेराव और जनता के साथ मिलकर एक बड़ा जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'सड़क नहीं बनी तो बड़ा आंदोलन होगा!'1
- पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री तथा उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को अजयगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बीहरपुरवा के नयापुरवा पहुंचकर कुआं धसकने की घटना में जान गंवाने वाले पांच श्रमिकों के परिवारजनों से भेंट की। गत मंगलवार को हुई इस दुखद घटना पर मंत्री परमार ने गहरा शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाया। इस दौरान, प्रभारी मंत्री परमार ने सभी पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद और सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि मृतक श्रमिकों की बेटियों की शिक्षा सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन परिवारों को उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री ने घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी पीड़ित परिवारों के साथ निरंतर संपर्क में रहेंगे, ताकि उनकी सहायता सुनिश्चित की जा सके।1