Shuru
Apke Nagar Ki App…
बीजेपी में सब सच में पढ़े लिखे लोग हैं देखिए उनका मास्टर स्टॉक यूजीसी कैसे जमीन पर काम करने लगा स्वर्ण विरोध करने लगे दलित ओबीसी एससी एसटी बीजेपी का समर्थन करने लगे, यह असर बंगाल चुनाव के लिए बाकी वीडियो सुनिए पूरा
Ankesh Thakur
बीजेपी में सब सच में पढ़े लिखे लोग हैं देखिए उनका मास्टर स्टॉक यूजीसी कैसे जमीन पर काम करने लगा स्वर्ण विरोध करने लगे दलित ओबीसी एससी एसटी बीजेपी का समर्थन करने लगे, यह असर बंगाल चुनाव के लिए बाकी वीडियो सुनिए पूरा
More news from बिहार and nearby areas
- देख सकते है कचरा भरा जा रही हैं1
- *मुजफ्फरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की भव्य तैयारी पूरी* *पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा मुख्य राजकीय समारोह* जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार मुजफ्फरपुर,25 जनवरी, 2026 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले में जिला स्तर से लेकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक समारोह अत्यंत धूमधाम, उल्लास एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले का मुख्य राजकीय समारोह मुजफ्फरपुर स्थित ऐतिहासिक पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, सिकंदरपुर में आयोजित किया जाएगा। समारोह में माननीय उपमुख्यमंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के कर कमलों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा तथा वे उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश कुमार मिश्र द्वारा शनिवार को सिकंदरपुर स्टेडियम में आयोजित अंतिम रिहर्सल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परेड में शामिल सभी टुकड़ियों की तैयारी का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि समारोह की गरिमा, अनुशासन एवं प्रोटोकॉल का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर संयुक्त परेड की व्यवस्था कमांडेंट बीएमपी एवं गृह रक्षा वाहिनी के सहयोग से की जाएगी। परेड में विभिन्न विभागों की अनुशासित टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसमें बीएसएपी, डीएपी, होमगार्ड (पुरुष), फायर ब्रिगेड, सैप, होमगार्ड बैंड, मद्य निषेध विभाग, एनसीसी तथा स्काउट एंड गाइड की टुकड़ियाँ शामिल रहेंगी। अधिकारियों द्वारा सभी टुकड़ियों को मार्च पास्ट को समन्वय, अनुशासन एवं एकरूपता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया गया। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राज्य सरकार की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इन झांकियों के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों, उद्देश्यों एवं जनहितकारी कार्यों को आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जिन विभागों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी, उनमें जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, पंचायती राज विभाग, उत्पाद विभाग, समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस), शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका तथा पुलिस विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया है कि सभी विभागों की झांकियां समयबद्ध एवं सुचारू रूप से प्रदर्शित हों तथा उनकी गुणवत्ता एवं प्रस्तुति में कोई कमी न रहे। समारोह को और अधिक आकर्षक एवं यादगार बनाने के लिए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देशभक्ति गीत, समूह नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जो दर्शकों में राष्ट्रप्रेम एवं उत्साह का संचार करेंगी। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित समयानुसार एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराए जाएं।गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधि-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी ने डीसीपी ट्रैफिक को निर्देश दिया है कि यातायात की सुचारू एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती करने तथा उनके दायित्वों का स्पष्ट निर्धारण करने का सख्त निर्देश दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि स्टेडियम परिसर में मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। साथ ही मैदान की साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच की सजावट, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं को समय से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है जिलाधिकारी द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे समारोह मे शिरकत कर राष्ट्रीय पर्व को उत्साह एवं गर्व के साथ मनाएं।1
- facebook se hua pyar pati ne patni aur premi ko Kushinagar me pakda1
- गोपालगंज -📍हथुआ में विभिन्न जगहों पर हुआ सरस्वती प्रतिमाओं का विसर्जन... #hathua #gopalganj #news #newsupdate #gopalganjnews1
- गोपालगंज..न्याय के मंदिर में तथा कथित अधिवक्ता ने महिला क्लाइंट की बाल पकड़ कर जम कर की पिटाई.. देखती रही भीड़ बनाते रहे लोग वीडियो..जांच में जुटी पुलिस1
- Post by SANJEEV KUMAR1
- UGC तो बहाना है— स्वर्णों की पीठ पर चाबुक मारकर बंगाल की कुर्सी, हरियाणा की ज़मीन और उत्तर प्रदेश से बाबा को भगाने की सियासत! #UGC #स्वर्ण_समाज #CoreVoter #MasterStroke #हिंदू_एकता #राजनीतिक_इस्तेमाल #BengalPolitics #HaryanaPolitics #UttarPradesh #YogiAdityanath #BJP #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- *कालाजार के चंगुल से मौत को हरा लाई चाँदनी,सरकारी अस्पताल बना डूबते का सहारा।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मोतिहारी, 24 जनवरी 2026 मोतिहारी:-निजी चिकित्सक ने जब कहा कि पौने दो लाख का प्रबंध करो तभी उपचार शुरू होगा, तो मुझे अपनी बेटी के चेहरे में साक्षात मौत नजर आने लगी थी। हम जैसे दिहाड़ी मजदूर के लिए इतनी बड़ी राशि एक सपने के समान है। मैं हार चुका था, लेकिन मेरी बेटी कालाजार से लड़ना चाहती थी।" मोतिहारी के तुरकौलिया प्रखंड के सपही गाँव निवासी लालबाबू मांझी जब ये बातें बताते हैं, तो उनकी वाणी में उस समय की लाचारी स्पष्ट झलकती है।यह कहानी दस वर्षीय चाँदनी की है, जिसने वर्ष 2024 में कालाजार जैसी घातक बीमारी से वह युद्ध लड़ा जो उसे भीतर से खोखला कर रहा था। जब टूटने लगा साहस:वर्ष 2024 के प्रारंभ में जब शीत ऋतु विदा ले रही थी, चाँदनी को हल्का बुखार रहने लगा। लालबाबू ने इसे साधारण समझकर स्थानीय स्तर पर कई जगह दिखाया, किंतु बुखार नहीं उतरा। सप्ताह बीतते गए, चाँदनी का शरीर सूखने लगा, भूख समाप्त हो गई और उसका मुख पीला पड़ने लगा। सबसे भयावह दृश्य यह था कि उस अबोध बच्ची का पेट कालाजार के कारण असामान्य रूप से फूलता जा रहा था। हताश पिता उसे गनौली के एक निजी अस्पताल ले गए। वहाँ जाँच के बाद डॉक्टर ने कहा - "इसे कालाजार है।" साथ ही एक ऐसा खर्च का लिस्ट थमा दिया जिसने लालबाबू के होश उड़ा दिए। निजी संस्थान में उपचार का खर्च 1 लाख 80 हजार रुपये बताया गया। बिना पैसे के उपचार असंभव था। लालबाबू अपनी बेटी को लेकर मौन भाव से घर लौट आए, यह मानकर कि अब सब नियति के हाथ में है।कालाजार के विरुद्ध सरकारी तंत्र की मुस्तैदी:निराशा के उस गहन अंधकार में आशा कार्यकर्ता नेरातून एक नई किरण बनकर सामने आईं। उन्होंने जब माता-पिता को विलाप करते देखा, तो तुरंत स्थिति संभाली। नेरातून जानती थीं कि कालाजार प्राणघातक है, किंतु इसका निःशुल्क और सटीक उपचार सरकारी व्यवस्था में उपलब्ध है। उन्होंने बिना विलंब किए परिवार को तुरकौलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलने को मनाया।वहाँ उनकी भेंट स्वास्थ्य कर्मी ओमकारनाथ से हुई। जाँच में कालाजार की पुष्टि होते ही सरकारी तंत्र सक्रिय हुआ और 10 मई 2024 को रोगी वाहन (एम्बुलेंस) के माध्यम से चाँदनी को मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।तीन दिन का उपचार और नया जीवन:सदर अस्पताल में चिकित्सकों की विशेष देखरेख में चाँदनी का कालाजार के विरुद्ध उपचार आरंभ हुआ। जिस उपचार के लिए निजी संस्थान लाखों की मांग कर रहे थे, वहां वह पूरी तरह निःशुल्क संपन्न हुआ। औषधियों के साथ-साथ उचित देखभाल का प्रभाव दिखने लगा और मात्र तीन दिनों के भीतर चाँदनी की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ। 13 मई 2024 को जब चाँदनी को अस्पताल से छुट्टी मिली, तो लालबाबू की आँखों में हर्ष के आंसू थे। जिस बेटी के जीवित बचने की आशा उन्होंने त्याग दी थी, वह कालाजार को मात देकर घर लौट रही थी।कालाजार से मुक्ति के बाद की सुखद तस्वीर:आज जनवरी 2026 है। चाँदनी अब केवल स्वस्थ ही नहीं है, बल्कि वह अपने टोले की सबसे ऊर्जावान बच्ची है। वह खेलती है और पाठशाला जाती है। सरकार ने न केवल उसका निःशुल्क उपचार किया, बल्कि पोषण के लिए उसे 7,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।तुरकौलिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्जुन गुप्ता बताते हैं, "चाँदनी का प्रकरण हमारे लिए एक उदाहरण है। कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में, विशेषकर महादलित बस्तियों में, हम लगातार निगरानी रखते हैं। हमारा उद्देश्य केवल उपचार करना नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि कालाजार से डरना नहीं, बल्कि लड़ना है और सरकारी अस्पताल पर विश्वास रखना है।" अब सपही गाँव का वह 'मांझी टोला' कालाजार के प्रति पूर्णतः जागरूक हो चुका है। लालबाबू और उनकी पत्नी अब गाँव के स्वास्थ्य दूत बन गए हैं। वे किसी के भी घर में ज्वर की आहट सुनते हैं, तो उसे निजी दुकानों पर नहीं, बल्कि सीधे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह देते हैं। चाँदनी की मुस्कान आज इस सत्य की साक्षी है कि यदि सही समय पर सही परामर्श मिल जाए, तो कालाजार का अंत निश्चित है।1
- लाइटिंग लगाना है और1