पत्रकार ने लिखा खबर तो थाने का हुआ लाखों नुकसान बंद हुए तीन बालू घाट जिससे खुनस खाए थाना प्रभारी ने पत्रकार को जेल भेजने की राच डाली साजिस ऑडियो हुआ वायरल थाने के भीतर क्या हुआ उस रात? पत्रकार से मारपीट, अपमान और धमकी के आरोपों से मचा बवाल, वायरल ऑडियो ने बढ़ाई सियासत कौशाम्बी ब्यूरो कौशाम्बी। एक रात, एक पत्रकार, एक थाना… और फिर आरोपों का ऐसा तूफान जिसने पूरे जनपद की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सराय अकिल थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला अब केवल एक घटना नहीं रह गया है, बल्कि चर्चा, आक्रोश और जांच की मांग का केंद्र बन चुका है।कनैली महंगूपुर निवासी पत्रकार संजय सिंह का आरोप है कि बीती रात उन्हें कनैली चौराहे से पुलिस द्वारा उठाकर थाना सराय अकिल ले जाया गया। इसके बाद जो हुआ, वह उनके अनुसार न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि बेहद गंभीर भी।पीड़ित का कहना है कि थाने के भीतर उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और अपमानजनक व्यवहार किया गया। आरोप यह भी है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो में भी अपशब्दों और धमकी भरी आवाजों के सुने जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।सबसे बड़ा सवाल इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह को लेकर उठ रहा है। पत्रकार का दावा है कि उन्होंने हाल ही में क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू घाटों को लेकर खबर प्रकाशित की थी, जिससे कुछ लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया और कथित रूप से फर्जी तरीके से फंसाने की कोशिश की गई।इस मामले के सामने आने और ऑडियो वायरल होने के बाद पत्रकारों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। कई पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर आरोप सही हैं, तो कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था के भीतर ही इस तरह की घटनाएं कैसे हो रही हैं। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वायरल ऑडियो की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल।क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा।यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही की परीक्षा बन चुका है। 🖋️
पत्रकार ने लिखा खबर तो थाने का हुआ लाखों नुकसान बंद हुए तीन बालू घाट जिससे खुनस खाए थाना प्रभारी ने पत्रकार को जेल भेजने की राच डाली साजिस ऑडियो हुआ वायरल थाने के भीतर क्या हुआ उस रात? पत्रकार से मारपीट, अपमान और धमकी के आरोपों से मचा बवाल, वायरल ऑडियो ने बढ़ाई सियासत कौशाम्बी ब्यूरो कौशाम्बी। एक रात, एक पत्रकार, एक थाना… और फिर आरोपों का ऐसा तूफान जिसने पूरे जनपद की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सराय अकिल थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला अब केवल एक घटना नहीं रह गया है, बल्कि चर्चा, आक्रोश और जांच की मांग का केंद्र बन चुका है।कनैली महंगूपुर निवासी पत्रकार संजय सिंह का आरोप है कि बीती रात उन्हें कनैली चौराहे से पुलिस द्वारा उठाकर थाना सराय अकिल ले जाया गया। इसके बाद जो हुआ, वह उनके अनुसार न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि बेहद गंभीर भी।पीड़ित का कहना है कि थाने के भीतर उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और अपमानजनक व्यवहार किया गया। आरोप यह भी है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो में भी अपशब्दों और धमकी भरी आवाजों के सुने जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।सबसे बड़ा सवाल इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह को लेकर उठ रहा है। पत्रकार का दावा है कि उन्होंने हाल ही में क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू घाटों को लेकर खबर प्रकाशित की थी, जिससे कुछ लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया और कथित रूप से फर्जी तरीके से फंसाने की कोशिश की गई।इस मामले के सामने आने और ऑडियो वायरल होने के बाद पत्रकारों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। कई पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर आरोप सही हैं, तो कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था के भीतर ही इस तरह की घटनाएं कैसे हो रही हैं। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वायरल ऑडियो की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल।क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा।यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही की परीक्षा बन चुका है। 🖋️
- Post by Surendar Kumar1
- जिसकी वजह से एम्बुलेंस तक फंस रही है और सायरन की आवाज सुनाई देने के बावजूद रास्ता नहीं मिल पा रहा है रोडवेज बस अड्डा मात्र 100 मीटर की दूरी पर होने के बावजूद बसें वहां से आगे बढ़कर वीमार्ट के सामने खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे सवारी भरने के चक्कर में लंबे समय तक यातायात बाधित रहता है और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है⤵️1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- Post by Shaban Siddiqui1
- बहराइच में आरती की उसी के देवर ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी आरती के पति की एक साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गयी उसका इन्श्योरेंस का पैसा उसके बैंक खाते में आया था देवर वह पैसा भाभी से छीनना चाहता था आरती ने विरोध किया तो देवर ने हाथ-पांव बांधकर उसकी हत्या कर दी1
- पलिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अतरिया बड़ागांव की एक महिला ने गांव के ही दबंग पर घर में घुसकर मारपीट और जबरन रास्ता बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, ग्राम निवासी प्रार्थिनी रामदुलारी पत्नी खुबलाल ने बताया कि घटना के समय घर के अन्य सदस्य गेहूं काटने खेत पर गए हुए थे और वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान गांव का ही निवासी एजाज दबंगई दिखाते हुए उसके घर के पास जबरन रास्ता बनाने लगा। महिला के विरोध करने पर आरोपी आगबबूला हो गया और उसे घर में घुसकर घसीटते हुए जमकर मारपीट की। इस दौरान पीड़िता को गंभीर चोटें आईं। महिला का आरोप है कि आरोपी दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं और वह पूर्व में भी गांव में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पीड़िता ने आशंका जताई है कि आरोपी से उसे और उसके परिवार को जान-माल का खतरा बना हुआ है और वह भविष्य में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है। जांच के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज लखीमपुर खीरी जिले की तहसील गोला के कस्बा बांकेगंज स्थित ग्राम मोतीपुर में 14 अप्रैल 2026 को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने कार्रवाई की मांग उठाई। प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी गोला को सौंपा। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करते हुए पूर्व सांसद रवि प्रकाश वर्मा ने कहा कि क्षेत्र में जमीन से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं और शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण ये विवाद हिंसा का रूप ले लेते हैं। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द जमीन विवादों का निस्तारण किया जाए और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो। जिला अध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने घटना को जिले के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि इसमें सत्ता पक्ष के कुछ लोगों की भूमिका होने की आशंका है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के शोषण को बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्व विधायक सतीश अजमानी ने प्रशासन से बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की, ताकि जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में बृज मौर्या, जिला प्रवक्ता अमित गुप्ता, पूर्वी वर्मा, रामकुमार वर्मा, प्रेम वर्मा, विपुल गुप्ता, बलराम गुप्ता, के.के. मिश्रा, दिनेश, राजन यादव, मनीष वर्मा, अफजल शाह, रघुनंदन राज पासी, राम चंद्र प्रधान सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1