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डूंगरपुर के छाणी मगरी धाम में बारिश कराने के उद्देश्य से इंद्र भगवान के लिए विशेष हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में महंत ताजुराम, रतन लाल, नरेन्द्र रोत, मोतीलाल, तेज प्रकाश, धुलेशवर साहेटी मेट कोटवाल, साहेटी कोटवाल और गोविन्द गुरू आश्रय मन्दिर बादिया वडली के कार्यकर्ता शामिल हुए। हवन संपन्न होते ही छाणी मगरी धाम और इसके आसपास के इलाकों में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो गया।

3 hrs ago
user_जय गुरू महाराज
जय गुरू महाराज
Voice of people Jothari, Dungarpur•
3 hrs ago

डूंगरपुर के छाणी मगरी धाम में बारिश कराने के उद्देश्य से इंद्र भगवान के लिए विशेष हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में महंत ताजुराम, रतन लाल, नरेन्द्र रोत, मोतीलाल, तेज प्रकाश, धुलेशवर साहेटी मेट कोटवाल, साहेटी कोटवाल और गोविन्द गुरू आश्रय मन्दिर बादिया वडली के कार्यकर्ता शामिल हुए। हवन संपन्न होते ही छाणी मगरी धाम और इसके आसपास के इलाकों में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो गया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • सफेद पगड़ी।
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    सफेद पगड़ी।
    user_Pappu Roat
    Pappu Roat
    Voice of people जोथरी, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • डूंगरपुर के छाणी मगरी धाम में बारिश कराने के उद्देश्य से इंद्र भगवान के लिए विशेष हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में महंत ताजुराम, रतन लाल, नरेन्द्र रोत, मोतीलाल, तेज प्रकाश, धुलेशवर साहेटी मेट कोटवाल, साहेटी कोटवाल और गोविन्द गुरू आश्रय मन्दिर बादिया वडली के कार्यकर्ता शामिल हुए। हवन संपन्न होते ही छाणी मगरी धाम और इसके आसपास के इलाकों में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो गया।
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    डूंगरपुर के छाणी मगरी धाम में बारिश कराने के उद्देश्य से इंद्र भगवान के लिए विशेष हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में महंत ताजुराम, रतन लाल, नरेन्द्र रोत, मोतीलाल, तेज प्रकाश, धुलेशवर साहेटी मेट कोटवाल, साहेटी कोटवाल और गोविन्द गुरू आश्रय मन्दिर बादिया वडली के कार्यकर्ता शामिल हुए। हवन संपन्न होते ही छाणी मगरी धाम और इसके आसपास के इलाकों में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो गया।
    user_जय गुरू महाराज
    जय गुरू महाराज
    Voice of people Jothari, Dungarpur•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर जिला विशेष टीम (डीएसटी) और साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 5 वर्षों से फरार चल रहे ₹10 हजार के इनामी शराब तस्कर शैलेष कोठारी को उदयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राजस्थान और गुजरात में शराब तस्करी के कई मामलों में वांछित था और उसके खिलाफ दोनों राज्यों में कुल 19 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह वर्ष 2021 में रामसागड़ा थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर बॉर्डर पर पकड़ी गई बड़ी शराब तस्करी के मामले में मुख्य आरोपी था और घटना के बाद से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता आ रहा था। पुलिस जांच के अनुसार, 5 मार्च 2021 को रामसागड़ा थाना पुलिस ने हिम्मतपुर बॉर्डर पर नाकाबंदी के दौरान एक गुजरात नंबर की पिकअप से 164 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की थी, जिसमें 142 कार्टन व्हाइट लेसिवोदका और 22 कार्टन रॉकिंग वोदका शामिल थे। उस समय दो आरोपियों और वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन गिरोह का मुख्य सूत्रधार शैलेष फरार चल रहा था। इसके अलावा आरोपी गुजरात के आणंद, साबरकांठा, दाहोद, महीसागर और अहमदाबाद ग्रामीण जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज शराब तस्करी के मामलों में भी वांछित है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में रामसागड़ा थानाधिकारी कैलाश पंचारिया के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर उदयपुर में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से उसके शराब तस्करी नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य मामलों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है, जिससे इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
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    डूंगरपुर जिला विशेष टीम (डीएसटी) और साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 5 वर्षों से फरार चल रहे ₹10 हजार के इनामी शराब तस्कर शैलेष कोठारी को उदयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राजस्थान और गुजरात में शराब तस्करी के कई मामलों में वांछित था और उसके खिलाफ दोनों राज्यों में कुल 19 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह वर्ष 2021 में रामसागड़ा थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर बॉर्डर पर पकड़ी गई बड़ी शराब तस्करी के मामले में मुख्य आरोपी था और घटना के बाद से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता आ रहा था।

पुलिस जांच के अनुसार, 5 मार्च 2021 को रामसागड़ा थाना पुलिस ने हिम्मतपुर बॉर्डर पर नाकाबंदी के दौरान एक गुजरात नंबर की पिकअप से 164 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की थी, जिसमें 142 कार्टन व्हाइट लेसिवोदका और 22 कार्टन रॉकिंग वोदका शामिल थे। उस समय दो आरोपियों और वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन गिरोह का मुख्य सूत्रधार शैलेष फरार चल रहा था। इसके अलावा आरोपी गुजरात के आणंद, साबरकांठा, दाहोद, महीसागर और अहमदाबाद ग्रामीण जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज शराब तस्करी के मामलों में भी वांछित है।

पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में रामसागड़ा थानाधिकारी कैलाश पंचारिया के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर उदयपुर में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से उसके शराब तस्करी नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य मामलों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है, जिससे इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बांसवाड़ा-डूंगरपुर से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने डूंगरपुर जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा काफी नहीं है। लाखों विद्यार्थियों की सालों की मेहनत पर पानी फेरने वाले पूरे पेपर लीक नेटवर्क और कोचिंग माफिया की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए तथा इसमें शामिल बड़े लोगों को कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के जेनेवा अधिवेशन से लौटे सांसद रोत ने अपने दौरे पर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें किसी राजनीतिक दल या भारत सरकार ने नहीं भेजा था, बल्कि संयुक्त राष्ट्र से व्यक्तिगत निमंत्रण मिला था। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने भारत के आदिवासी समाज और वंचित वर्गों के अधिकारों व समस्याओं को मजबूती से रखा। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) और डी-लिस्टिंग के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुख्य विषयों से ध्यान भटकाकर अलग सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं वाले आदिवासी समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए सांसद रोत ने उदयपुर संभाग में अधिकारियों के तबादलों पर नाराजगी जताई और कहा कि अनुभवी अधिकारियों को हटाकर पद खाली छोड़ने से आम जनता बिजली, पानी और आवश्यक सेवाओं के लिए परेशान हो रही है। बांसवाड़ा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए और दोषियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता में भारत आदिवासी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जहाँ सांसद ने संसद से लेकर सड़क तक जनहित और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही।
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    बांसवाड़ा-डूंगरपुर से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने डूंगरपुर जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा काफी नहीं है। लाखों विद्यार्थियों की सालों की मेहनत पर पानी फेरने वाले पूरे पेपर लीक नेटवर्क और कोचिंग माफिया की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए तथा इसमें शामिल बड़े लोगों को कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र के जेनेवा अधिवेशन से लौटे सांसद रोत ने अपने दौरे पर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें किसी राजनीतिक दल या भारत सरकार ने नहीं भेजा था, बल्कि संयुक्त राष्ट्र से व्यक्तिगत निमंत्रण मिला था। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने भारत के आदिवासी समाज और वंचित वर्गों के अधिकारों व समस्याओं को मजबूती से रखा। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) और डी-लिस्टिंग के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुख्य विषयों से ध्यान भटकाकर अलग सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं वाले आदिवासी समाज को बांटने का प्रयास कर रही है।

राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए सांसद रोत ने उदयपुर संभाग में अधिकारियों के तबादलों पर नाराजगी जताई और कहा कि अनुभवी अधिकारियों को हटाकर पद खाली छोड़ने से आम जनता बिजली, पानी और आवश्यक सेवाओं के लिए परेशान हो रही है। बांसवाड़ा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए और दोषियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता में भारत आदिवासी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जहाँ सांसद ने संसद से लेकर सड़क तक जनहित और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही।
    user_तेजसिंह राठौड
    तेजसिंह राठौड
    Nurse डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • राजस्थान के डूंगरपुर में पुलिस की जिला विशेष टीम और रामसागडा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहाँ पिछले 5 वर्षों से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी अपराधी शैलेश कोठारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभियुक्त राजस्थान के साथ-साथ गुजरात राज्य में भी शराब तस्करी के मामलों में लंबे समय से वांछित था और उसके खिलाफ शराब तस्करी के कुल 18 मामले दर्ज हैं। डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह तथा सीमलवाडा वृताधिकारी मदनलाल विश्नोई के सुपरविजन में रामसागडा थानाधिकारी कैलाश पचारिया के नेतृत्व में थाना स्तर पर टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। अभियुक्त गुजरात के आनंद जिले के भालेज थाना, साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर A डिवीजन थाना, दाहोद जिले के पीपलोद थाना, महीसागर जिले के बाकोर थाना और अहमदाबाद जिले के कणभा पुलिस थाने में दर्ज मामलों में भी वांछित था।
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    राजस्थान के डूंगरपुर में पुलिस की जिला विशेष टीम और रामसागडा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहाँ पिछले 5 वर्षों से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी अपराधी शैलेश कोठारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभियुक्त राजस्थान के साथ-साथ गुजरात राज्य में भी शराब तस्करी के मामलों में लंबे समय से वांछित था और उसके खिलाफ शराब तस्करी के कुल 18 मामले दर्ज हैं।

डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह तथा सीमलवाडा वृताधिकारी मदनलाल विश्नोई के सुपरविजन में रामसागडा थानाधिकारी कैलाश पचारिया के नेतृत्व में थाना स्तर पर टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। अभियुक्त गुजरात के आनंद जिले के भालेज थाना, साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर A डिवीजन थाना, दाहोद जिले के पीपलोद थाना, महीसागर जिले के बाकोर थाना और अहमदाबाद जिले के कणभा पुलिस थाने में दर्ज मामलों में भी वांछित था।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • राजस्थान सरकार हरित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए हर वर्ष जून-जुलाई में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ग्राम पंचायतों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विभिन्न सरकारी विभागों को हजारों पौधे लगाने के लक्ष्य दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह के साथ पौधारोपण किया जाता है। लेकिन डूंगरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में इस अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश स्थानों पर लगाए गए पौधे सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में कुछ ही महीनों में मर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान का अधिकांश हिस्सा केवल लक्ष्य पूर्ति और औपचारिकता तक सीमित होकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकांश अब दिखाई ही नहीं देते। कई ग्राम पंचायतों में स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों में मुश्किल से कुछ ही पौधे जीवित बचे हैं, जबकि शेष पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले स्थानों पर लगाए गए पौधों को नीलगाय, जंगली सुअर और पशु आसानी से नुकसान पहुंचा देते हैं। अधिकांश पौधों के चारों ओर न तो ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं और न ही फेंसिंग की व्यवस्था होती है। भीषण गर्मी के दौरान समय पर सिंचाई नहीं होने से पौधे सूख जाते हैं। परिणाम यह है कि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाने के बावजूद धरातल पर हरियाली बढ़ने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड ही हरे-भरे नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था की जा सकती है। यदि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संरक्षण को अभियान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्यावरण प्रेमियों का भी मानना है कि वृक्षारोपण की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाने में है। जब तक संरक्षण, सिंचाई और निगरानी को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हरित राजस्थान का सपना अधूरा ही रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वर्ष लगाए जा रहे पौधों की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा और संरक्षण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी हरियाली का आधार बन सके।
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    राजस्थान सरकार हरित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए हर वर्ष जून-जुलाई में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ग्राम पंचायतों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विभिन्न सरकारी विभागों को हजारों पौधे लगाने के लक्ष्य दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह के साथ पौधारोपण किया जाता है। लेकिन डूंगरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में इस अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश स्थानों पर लगाए गए पौधे सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में कुछ ही महीनों में मर जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान का अधिकांश हिस्सा केवल लक्ष्य पूर्ति और औपचारिकता तक सीमित होकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकांश अब दिखाई ही नहीं देते। कई ग्राम पंचायतों में स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों में मुश्किल से कुछ ही पौधे जीवित बचे हैं, जबकि शेष पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले स्थानों पर लगाए गए पौधों को नीलगाय, जंगली सुअर और पशु आसानी से नुकसान पहुंचा देते हैं। अधिकांश पौधों के चारों ओर न तो ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं और न ही फेंसिंग की व्यवस्था होती है। भीषण गर्मी के दौरान समय पर सिंचाई नहीं होने से पौधे सूख जाते हैं। परिणाम यह है कि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाने के बावजूद धरातल पर हरियाली बढ़ने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड ही हरे-भरे नजर आते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था की जा सकती है। यदि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संरक्षण को अभियान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्यावरण प्रेमियों का भी मानना है कि वृक्षारोपण की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाने में है। जब तक संरक्षण, सिंचाई और निगरानी को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हरित राजस्थान का सपना अधूरा ही रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वर्ष लगाए जा रहे पौधों की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा और संरक्षण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी हरियाली का आधार बन सके।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    47 min ago
  • पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मोदी सरकार नया एक्शन प्लान लेकर आई है। सरकार की इस नई योजना के जरिए पेपर लीक से जुड़े माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा।
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    पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मोदी सरकार नया एक्शन प्लान लेकर आई है। सरकार की इस नई योजना के जरिए पेपर लीक से जुड़े माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा।
    user_Mukesh aar pandya
    Mukesh aar pandya
    Bag shop सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • भारत आदिवासी पार्टी के युवा और लोकप्रिय सांसद भाई राजकुमार जी रोत का संयुक्त राष्ट्र, जिनेवा में आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व कर वापस डूंगरपुर जिला मुख्यालय पधारने पर पार्टी के सभी पदाधिकारियों द्वारा 'स्वागत जोहार' किया गया। इस अवसर पर आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम को लेकर पदाधिकारियों के बीच गहन विचार-विमर्श एवं चर्चा की गई।
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    भारत आदिवासी पार्टी के युवा और लोकप्रिय सांसद भाई राजकुमार जी रोत का संयुक्त राष्ट्र, जिनेवा में आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व कर वापस डूंगरपुर जिला मुख्यालय पधारने पर पार्टी के सभी पदाधिकारियों द्वारा 'स्वागत जोहार' किया गया।

इस अवसर पर आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम को लेकर पदाधिकारियों के बीच गहन विचार-विमर्श एवं चर्चा की गई।
    user_Pappu Roat
    Pappu Roat
    Voice of people जोथरी, डूंगरपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
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