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रांची के गुरुनानक स्कूल में रविवार को 'प्रभात खबर' द्वारा आईबीएफएआई, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी और शारदा ग्लोबल यूनिवर्सिटी के सहयोग से 'प्रतिभा सम्मान' समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य होनहार छात्रों और सफल प्राचार्यों को सम्मानित करना था। सिल्ली के लोवापिरी गांव की निवासी और बहू, पुष्पिता ब्रजकिशोर सिन्हा, जो ब्रजकिशोर श्रीनाथ सिन्हा की पत्नी हैं और 'बेस्ट प्रिंसिपल नेशनल अवॉर्ड' प्राप्त कर चुकी हैं, को इस समारोह में प्रतिष्ठित 'प्रिंसिपल प्रतिभा सम्मान' से नवाजा गया। पुष्पिता ब्रजकिशोर सिन्हा को यह सम्मान झारखंड के वित्त मंत्री माननीय राधा कृष्ण किशोर और कृषि एवं पशुपालन विभाग की मंत्री माननीय शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
कमलेश दूबे
रांची के गुरुनानक स्कूल में रविवार को 'प्रभात खबर' द्वारा आईबीएफएआई, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी और शारदा ग्लोबल यूनिवर्सिटी के सहयोग से 'प्रतिभा सम्मान' समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य होनहार छात्रों और सफल प्राचार्यों को सम्मानित करना था। सिल्ली के लोवापिरी गांव की निवासी और बहू, पुष्पिता ब्रजकिशोर सिन्हा, जो ब्रजकिशोर श्रीनाथ सिन्हा की पत्नी हैं और 'बेस्ट प्रिंसिपल नेशनल अवॉर्ड' प्राप्त कर चुकी हैं, को इस समारोह में प्रतिष्ठित 'प्रिंसिपल प्रतिभा सम्मान' से नवाजा गया। पुष्पिता ब्रजकिशोर सिन्हा को यह सम्मान झारखंड के वित्त मंत्री माननीय राधा कृष्ण किशोर और कृषि एवं पशुपालन विभाग की मंत्री माननीय शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
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- रांची के गुरुनानक स्कूल में रविवार को 'प्रभात खबर' द्वारा आईबीएफएआई, उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी और शारदा ग्लोबल यूनिवर्सिटी के सहयोग से 'प्रतिभा सम्मान' समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य होनहार छात्रों और सफल प्राचार्यों को सम्मानित करना था। सिल्ली के लोवापिरी गांव की निवासी और बहू, पुष्पिता ब्रजकिशोर सिन्हा, जो ब्रजकिशोर श्रीनाथ सिन्हा की पत्नी हैं और 'बेस्ट प्रिंसिपल नेशनल अवॉर्ड' प्राप्त कर चुकी हैं, को इस समारोह में प्रतिष्ठित 'प्रिंसिपल प्रतिभा सम्मान' से नवाजा गया। पुष्पिता ब्रजकिशोर सिन्हा को यह सम्मान झारखंड के वित्त मंत्री माननीय राधा कृष्ण किशोर और कृषि एवं पशुपालन विभाग की मंत्री माननीय शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।3
- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में अपनी पत्नी के साथ रांची के निकट स्थित जोन्हा फॉल का भ्रमण किया। उन्होंने सोमवार को अपनी इस यात्रा के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स पर साझा कीं, जो लोगों के बीच तेज़ी से चर्चा का विषय बन गईं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें जोन्हा फॉल की हरी-भरी वादियों के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताने का अवसर मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय फलों का स्वाद लिया और आसपास के लोगों से आत्मीय बातचीत भी की। उन्होंने अपने पोस्ट में प्रकृति की गोद में बहती निर्मल जलधारा, घने जंगलों की हरियाली और पहाड़ों के शांत सौंदर्य का विशेष उल्लेख किया, और कहा कि यह बार-बार एहसास कराता है कि झारखंड वास्तव में प्रकृति का अनुपम उपहार है। उन्होंने इसे एक साझा धरोहर बताया, जिसे सहेजना और संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री सोरेन ने यह भी कहा कि झारखंड के किसी भी हिस्से में जाने पर प्रकृति अपने अलग-अलग रंगों में हर किसी का स्वागत करती है। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले सभी पर्यटकों का झारखंड की इस खूबसूरत धरती पर “जोहार” कहकर स्वागत किया। अपने एक अन्य पोस्ट में, उन्होंने स्थानीय फलों का आनंद लेते हुए कहा कि “जोन्हा फॉल की प्राकृतिक छटा और हरियाली के बीच स्थानीय फलों का आनंद भी लिया। झारखंड की प्रकृति और इसकी उपज, दोनों अद्भुत हैं।” मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है, बल्कि राज्य में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का भी सकारात्मक संदेश देती है।1
- सरायकेला जिले के कुचाई थाना अंतर्गत बंदलोहर पंचायत में स्थित नुवांगांव टोला सांकोडीह के निचले टोले में ग्रामीण पिछले एक साल से गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति गांव में लगे सोलर हेडपंप के पिछले एक साल से खराब पड़े होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे गांववासियों को पानी के लिए अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।1
- रांची के हेल्थ पॉइंट हॉस्पिटल ने "Run to Recovery – दर्द से दौड़ तक" नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल में, घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement), कूल्हा प्रत्यारोपण (Hip Replacement), ACL और अन्य ऑर्थोपेडिक सर्जरी से सफलतापूर्वक उबर चुके मरीजों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना और यह संदेश देना था कि सही इलाज, आधुनिक तकनीक तथा नियमित फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीज फिर से सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं। यह कार्यक्रम हेल्थ पॉइंट हॉस्पिटल, बरियातू, रांची, झारखंड में आयोजित हुआ। प्रस्तुत वीडियो में डॉक्टरों की महत्वपूर्ण जानकारी, मरीजों की प्रेरणादायक बाइट्स और कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ शामिल हैं। यह वीडियो केवल सूचना एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है, और किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा योग्य चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह लेने की सलाह दी गई है।1
- यह पोस्ट उपयोगकर्ताओं से अनुरोध करता है कि वे दिए गए फेसबुक लिंक पर क्लिक करके उनके पेज को फॉलो करें। इस पेज का आईडी 100069216768760 है।1
- रांची के तुपुदाना स्थित ब्रिजफोर्ड स्कूल के समीप बने एक बड़े ठोकर को हटाया जा रहा है। यह ठोकर सड़क पर यातायात प्रबंधन से जुड़ा हुआ है।1
- बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के कतवारी गांव निवासी 41 वर्षीय प्रवासी मजदूर सत्येंद्र महतो की 25 जून 2026 की रात सऊदी अरब में एक सड़क हादसे में दुखद मौत हो गई। इस खबर से उनके परिजनों और पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है, जिसके बाद परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से उनके शव को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की मार्मिक गुहार लगाई है। स्वर्गीय सुखदेव महतो के पुत्र सत्येंद्र महतो 26 नवंबर 2024 को सऊदी अरब गए थे और वहाँ हमद सालेह अल-काफ कॉन्ट्रैक्टिंग एस्टैब्लिशमेंट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया है। सत्येंद्र अपने पीछे अपनी पत्नी, 21 वर्षीय बेटी प्रीति कुमारी, बेटे अरविंद कुमार और 13 वर्षीय मंगेश कुमार को छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर समाजसेवी सिकंदर अली पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गए झारखंडी मजदूरों की मौत का यह सिलसिला लगातार जारी है, और बताया कि बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह जैसे जिलों से सबसे अधिक मजदूर पलायन करते हैं। अली ने सरकार से इस पलायन को रोकने के लिए तत्काल रोजगार की व्यवस्था करने की भी अपील की। परिजन इस समय विदेश में मौत के बाद शव को वापस लाने की जटिल प्रक्रिया के कारण गहरी परेशानी और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।4
- डहुटोला में मुहर्रम का पर्व शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर पारंपरिक अखाड़ा खेलों का भी सफल आयोजन किया गया, जो पर्व का एक अभिन्न हिस्सा रहे।1