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मंडला से बरेला और जबलपुर के बीच भारी मात्रा में ओवरलोड रेत से भरे हाइवा और डंपर बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों में क्षमता से कहीं अधिक रेत भरी होती है और उनका परिवहन भी बिना तिरपाल के किया जाता है। सड़कों पर लगातार गिरती रेत आम राहगीरों की जान को खतरे में डाल रही है और दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल खनिज विभाग, आरटीओ और पुलिस प्रशासन की आँखों के सामने लगातार जारी है, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस चुप्पी के पीछे क्या वजह है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। हिंदुस्तान समाचार की इस विशेष रिपोर्ट में इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है।
Deepak Vishawakarma
मंडला से बरेला और जबलपुर के बीच भारी मात्रा में ओवरलोड रेत से भरे हाइवा और डंपर बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों में क्षमता से कहीं अधिक रेत भरी होती है और उनका परिवहन भी बिना तिरपाल के किया जाता है। सड़कों पर लगातार गिरती रेत आम राहगीरों की जान को खतरे में डाल रही है और दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल खनिज विभाग, आरटीओ और पुलिस प्रशासन की आँखों के सामने लगातार जारी है, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस चुप्पी के पीछे क्या वजह है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। हिंदुस्तान समाचार की इस विशेष रिपोर्ट में इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है।
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- पेड़ लगाने मात्र से अधिक उनकी उचित निगरानी को महत्वपूर्ण बताया गया है। यह ज़ोर दिया गया है कि सिर्फ पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग भी उतनी ही आवश्यक है।1
- जय श्री राम के उद्घोष के साथ, एक धर्म संगठन ने यह विश्वास व्यक्त किया है कि 'बाबा' के होने पर इंसान कभी परेशान या हैरान नहीं हो सकता। संगठन का मानना है कि दुनिया में सब कुछ 'बाबा' की उपस्थिति से ही संभव है, अन्यथा कुछ भी नहीं है। इस संदेश में 'बाबा' से प्रार्थना की गई है कि वे पूरी बुराई से बचाएं और अपना आशीर्वाद सदा बनाए रखें।1
- कटनी जिले के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने वर्षा ऋतु के दौरान बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के जर्जर शासकीय स्कूलों में व्यापक मरम्मत कार्यों के लिए ₹1 करोड़ 66 लाख 94 हजार 100 की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत, जिले की कुल 82 शालाओं में मरम्मत कार्य कराए जाएंगे, जिनमें विशेष रूप से रीठी तहसील क्षेत्र के 24 स्कूल भी शामिल हैं। इन मरम्मत योग्य स्कूलों का प्रस्ताव जिला शिक्षा केंद्र द्वारा किए गए विस्तृत सर्वेक्षण और तकनीकी परीक्षण के बाद तैयार किया गया था। यह प्रस्ताव डीएमएफ पोर्टल पर अपलोड किया गया, जिसके परीक्षण उपरांत राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के नोडल अधिकारी द्वारा इसकी अनुमति प्रदान की गई। इसी प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद, कलेक्टर ने इन मरम्मत कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। इस मंजूरी से जिले के 82 और रीठी तहसील के 24 स्कूलों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सकेगा।1
- दमोह जिले के हटा स्थित सरकारी वेयरहाउस में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीदी को लेकर बड़े भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि वेयरहाउस में तय मानकों के विपरीत घटिया गुणवत्ता का चना और मसूर जमा कराया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि गुणवत्ता जांच के लिए NCML कंपनी के अधिकृत सर्वेयरों की जगह कथित फर्जी सर्वेयरों से काम लिया जा रहा है, जिससे अनाज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, खरीदी केंद्र पर गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी NCML के अधिकृत सर्वेयरों की होती है, लेकिन मौके पर ऐसे व्यक्तियों द्वारा जांच की शिकायत मिली है जिनकी नियुक्ति और अधिकारिता पर संदेह है। आरोप है कि इन कथित फर्जी सर्वेयरों की मिलीभगत से निम्न गुणवत्ता वाले अनाज को भी मानक के अनुरूप बताकर वेयरहाउस में आसानी से जमा किया जा रहा है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि इस पूरे खेल में वेयरहाउस मैनेजर बिहारी कुशवाहा और NCML कंपनी के सुपरवाइजर दामोदर पटेल की भूमिका भी संदिग्ध है। जानकारी के मुताबिक, सुपरवाइजर दामोदर पटेल समिति प्रभारी से ₹50 प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे अमानक अनाज को वेयरहाउस में जमा कराया जा रहा है। इससे नियमों को ताक पर रखकर खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। जानकारों का मानना है कि यदि गुणवत्ता जांच में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो सरकारी भंडारण में बड़ी मात्रा में खराब और अमानक अनाज पहुँच सकता है, जिसका खामियाजा अंततः शासन और उपभोक्ताओं दोनों को भुगतना पड़ेगा। इससे एक ओर जहां शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है, वहीं ईमानदार किसानों के हितों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और संबंधित एजेंसियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने खरीदी केंद्रों पर कार्यरत सभी सर्वेयरों की पहचान और नियुक्ति की जांच कराने, तथा फर्जी सर्वेयर संदीप पटेल समेत दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं हुई तो समर्थन मूल्य खरीदी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाएगा। इस कथित घोटाले को लेकर क्षेत्र के किसानों और आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन गंभीर आरोपों की जांच कर सच्चाई सामने लाता है, या फिर भ्रष्टाचार के इन आरोपों के बीच मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- गोटेगांव के गुरुनानक वार्ड स्थित नया बाजार में पावन पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन जारी है। इस अवसर पर कथा व्यास पंडित सर्वम कृष्ण शास्त्री अपनी मधुर वाणी के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश प्रदान कर रहे हैं। आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन, मनमोहक झांकियों और अन्य धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।1
- कटनी जिले की रीठी तहसील के बरहटा ग्राम पंचायत स्थित खैर माता प्रांगण में आयोजित अखंड राम नाम संकीर्तन का समापन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण छा गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके दौरान पूरे प्रांगण में भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित होती रही। श्रद्धालु राम नाम के संकीर्तन में लीन होकर भगवान श्रीराम की भक्ति में सराबोर नज़र आए। समापन के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस दौरान फैले भक्तिमय वातावरण ने सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, और राम नाम के जयघोष व भजनों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। आयोजन समिति और ग्रामवासियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का एक अहम हिस्सा है, जो लोगों के बीच आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मज़बूत करने का कार्य करता है। समापन समारोह में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में, महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ अखंड राम नाम संकीर्तन का विधिवत समापन हुआ।1
- तेंदूखेड़ा के ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर की पत्नी के नाम से संचालित एक राइस मिल को बिजली विभाग ने चार लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल जारी किया था। उपभोक्ता का आरोप है कि मिल साल में केवल चार महीने ही चलती है, फिर भी लगातार ऊँचे बिल भेजे जा रहे थे, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशानी झेलनी पड़ी। इस समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उपभोक्ता ने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की जांच के बाद, चार लाख रुपये से अधिक के मूल बिल को रद्द करते हुए, संशोधित बिल 58 हजार रुपये निर्धारित किया। फोरम ने 2 जून को अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पहले राइस मिल का बिजली कनेक्शन बहाल किया जाए और उसके बाद ही उपभोक्ता से संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए। हालांकि, आरोपों के अनुसार, हर्रई विद्युत वितरण केंद्र द्वारा अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। कनेक्शन न जुड़ने के कारण राइस मिल का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिससे बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है। उपभोक्ता ने विभाग पर फोरम के आदेशों की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया है और तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। यह पूरा प्रकरण बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- गोटेगांव में आई तेज आंधी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। नगर में पेट्रोल पंप के पास वर्षों पुराना एक सूचना बोर्ड आंधी की चपेट में आकर वहीं से गुजर रहे एक ट्रैक्टर वाहन के अगले हिस्से पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि जिस समय यह तेज आंधी चल रही थी, उस वक्त नागरिकों का आवागमन कम था; अधिकांश लोग टीन शेड के नीचे या अन्य सुरक्षित स्थानों पर खड़े हुए थे। इसी वजह से बोर्ड किसी व्यक्ति के ऊपर नहीं गिरा और एक बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना के बाद, नगर पालिका के कर्मचारियों ने मौके पर पहुँचकर बोर्ड को हटा दिया और उसे नगर पालिका के वाहन में रखकर परिषद कार्यालय भिजवाया।3
- जबलपुर के सिहोरा में एक अंधा मोड़ लगातार घटनाओं का कारण बन रहा है। इसी कारण इस स्थान पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।1