आबूरोड के श्री ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने भगवान शिव, शनिदेव और श्री खाटू श्याम बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर, श्रद्धालु अपने घरों से घड़ों में जल भरकर लाए और भगवान शिव के चरणों में जल अर्पित किया। मंदिर में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा और 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजते रहे। मंदिर से मिली जानकारी के अनुसार, समाचार लिखे जाने तक लगभग 5,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए, मंदिर प्रबंधन और स्वयंसेवकों द्वारा दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया गया। निर्जला एकादशी के इस पर्व पर भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था, जिन्होंने व्रत, पूजा एवं जलाभिषेक कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
आबूरोड के श्री ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने भगवान शिव, शनिदेव और
श्री खाटू श्याम बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर, श्रद्धालु अपने घरों से घड़ों में जल भरकर लाए और भगवान शिव के चरणों में जल अर्पित किया। मंदिर
में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा और 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजते रहे। मंदिर से मिली जानकारी के अनुसार, समाचार लिखे जाने तक लगभग 5,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए, मंदिर प्रबंधन और
स्वयंसेवकों द्वारा दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया गया। निर्जला एकादशी के इस पर्व पर भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था, जिन्होंने व्रत, पूजा एवं जलाभिषेक कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
- सिरोही जिले के आबूरोड स्थित माधव यूनिवर्सिटी में नेशनल कैडेट कोर (NCC) के कैडेट्स के लिए आपदा प्रबंधन विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र के दौरान, अग्निशमन विभाग के मुख्य फायर अधिकारी झालम सिंह ने कैडेट्स को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। फायर अधिकारी झालम सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम ने यूनिवर्सिटी परिसर में एक लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। इस प्रदर्शन में रसोई गैस सिलेंडर, शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से लगने वाली आग पर त्वरित नियंत्रण पाने के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। कैडेट्स को अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की भी जानकारी दी गई और उनसे इन उपकरणों का अभ्यास भी करवाया गया। प्रशिक्षण में शामिल कैडेट्स ने स्वयं अग्निशमन उपकरणों का उपयोग कर आग बुझाने का सीधा अनुभव प्राप्त किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम कैडेट्स को आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करते हैं, जिससे उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होती है।4
- सिरोही जिले के रेवदर उपखंड के सिरोड़ी गांव में कल एक ऐतिहासिक धार्मिक दृश्य देखने को मिलेगा, जहाँ 30 वर्षीय हर्षित जितेंद्र संघवी जैन मुनिराज के रूप में दीक्षा ग्रहण करेंगे। यह संयम और संस्कारों के लिए प्रसिद्ध सिरोड़ी गांव से होने वाली 52वीं दीक्षा है, जो इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाती है। दीक्षा समारोह से पूर्व शुक्रवार को हर्षित संघवी की भव्य वर्षीदान शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शोभायात्रा के दौरान दीक्षार्थी ने वर्षीदान कर समाज का अभिनंदन स्वीकार किया। हर्षित अपने 11 बहनों के इकलौते भाई हैं, और उनके परिवार के सात सदस्य पहले ही साधु-साध्वी जीवन अपना चुके हैं। दीक्षा समारोह आचार्य श्री रविरत्नसूरीजी महाराज की निश्रा में संपन्न होगा। इससे पहले, श्री गोडीजी पार्श्वनाथ मंदिर में सिद्धचक्र महापूजन का आयोजन किया गया था और हर्षित ने सांसारिक जीवन का अपना अंतिम भोजन, जिसे जैन परंपरा में अंतिम वायणा कहा जाता है, ग्रहण किया। दीक्षा ग्रहण करने के बाद, हर्षित संघवी संयम और त्याग के मार्ग पर अपना नया जीवन शुरू करेंगे।1
- सिरोही जिले के रोहिड़ा में मातमी धुनों के साथ ताजिया का जुलूस निकाला गया, जिसमें हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानियों को याद किया गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और उन्होंने इमाम हसन व इमाम हुसैन की कुर्बानियों को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। यह जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ लोगों ने ताजियों का इस्तकबाल किया। पूरे मार्ग पर मातमी धुनों और 'या हुसैन' की सदाओं के बीच गमगीन माहौल बना रहा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन का जीवन हक़, इंसाफ़, सब्र और इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। जुलूस के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मोहर्रम का यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसके अंत में पारंपरिक धार्मिक रस्में अदा की गईं।1
- सिरोही जिले के माउंट आबू में जिला प्रशासन ने एक बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की है। इस कार्रवाई की शुरुआत नक्की झील क्षेत्र से हुई, जहाँ जिला कलेक्टर के निर्देशों के तहत मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन की टीम ने रघुनाथ मंदिर से बस स्टैंड तक के क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके तहत दुकानों के बाहर लगाए गए टीन शेड हटाए गए और साथ ही अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। यह महत्वपूर्ण अभियान एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया के सीधे निर्देशन में चलाया गया। इस दौरान पालिका आयुक्त रामकिशोर मेहता समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अभियान के सुचारु संचालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माउंट आबू के प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- रानीवाड़ा क्षेत्र के बाड़ा गांव के स्वर्गीय दरगाराम, बोराराम और नागजीराम पुत्र दीपाराम राजपुरोहित परिवार ने गोसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस परिवार ने रामदेव गौशाला के नाम पर करीब 7 बीघा भूमि दान की है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹2 करोड़ बताई जा रही है। भामाशाह परिवार ने इस भूमि को विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से गौशाला को समर्पित किया है। यह दान की गई भूमि भविष्य में गोवंश के संरक्षण, चारे की व्यवस्था और गौशाला के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर, रामदेव गोसेवा समिति के अध्यक्ष बलवंत राजपुरोहित सहित समिति के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने दानवीर परिवार का साफा और माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। उन्होंने इस महान योगदान के लिए भामाशाह परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके इस कार्य को गोसेवा के इतिहास में एक मिसाल बताया।1
- सुमेरपुर में 26 जून को शुक्रवार दोपहर भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम ने थोड़ी राहत दी। दोपहर बाद अचानक आसमान में घने बादल छा गए, जिसके बाद तेज हवाओं के साथ हल्की रिमझिम बारिश शुरू हुई। भले ही बारिश अधिक देर तक नहीं हुई, लेकिन इससे तापमान में कमी दर्ज की गई और लोगों ने चिलचिलाती गर्मी से सुकून महसूस किया। बाजारों और सड़कों पर भी मौसम का यह प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया, जहाँ लोगों के चेहरों पर राहत दिखाई दी। हालांकि, इस राहत के साथ-साथ सुमेरपुरवासियों को एक नई समस्या का भी सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लंबे समय तक बिजली न होने के कारण आम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उमस भरे मौसम में बिजली गुल होने से लोगों में बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी साफ देखने को मिली। फिलहाल, मौसम सुहावना बना हुआ है और क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। इससे न केवल गर्मी और उमस से स्थायी राहत मिलेगी, बल्कि कृषि कार्यों को भी गति प्राप्त होगी।1
- आबूरोड के श्री ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने भगवान शिव, शनिदेव और श्री खाटू श्याम बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर, श्रद्धालु अपने घरों से घड़ों में जल भरकर लाए और भगवान शिव के चरणों में जल अर्पित किया। मंदिर में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा और 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजते रहे। मंदिर से मिली जानकारी के अनुसार, समाचार लिखे जाने तक लगभग 5,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए, मंदिर प्रबंधन और स्वयंसेवकों द्वारा दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया गया। निर्जला एकादशी के इस पर्व पर भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था, जिन्होंने व्रत, पूजा एवं जलाभिषेक कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।4
- सिरोही के सरूपगंज में ट्रक चालकों के बीच एक हिंसक भिड़ंत हो गई। इस मारपीट में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, और इस पूरे प्रकरण में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।1