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अजमेर से नसीराबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर एक लंबा यातायात जाम लग गया है। यह जाम एक ट्रक के सड़क पर खराब हो जाने के कारण हुआ, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
OM PRAKASH SOHAN LAL
अजमेर से नसीराबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर एक लंबा यातायात जाम लग गया है। यह जाम एक ट्रक के सड़क पर खराब हो जाने के कारण हुआ, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
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- आंक सागर झील में एक शव मिला है। इस घटना की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की टीम तत्काल मौके पर पहुँच गई।1
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- जून माह के एक महत्वपूर्ण ऐलान को याद करते हुए, स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के उस प्रेरक उद्घोष को दोहराया गया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि 'आज़ादी भीख नहीं, संघर्ष से मिलती है।' यह कथन भारत की स्वतंत्रता के लिए हुए भीषण संघर्ष और आज़ाद हिंद फ़ौज के अतुलनीय बलिदानों को रेखांकित करता है। नेताजी का यह आह्वान देश के प्रति समर्पण, वीरता और 'जय हिंद' के गौरवशाली भाव को सुदृढ़ करता है।1
- जीनगर समाज खेल मंडल, ब्यावर द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट (सीजन-2) का 21 जून 2026 को सेंट पॉल स्कूल स्टेडियम, ब्यावर में सफलतापूर्वक भव्य समापन हुआ। आयोजन समिति के सचिव अशोक सिसोदिया (शेरू भाई) ने बताया कि समाज के सभी सदस्यों के सहयोग, समर्पण और एकजुटता से यह टूर्नामेंट भव्य रूप में संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में कार्यकारिणी सदस्यों ने तन, मन और धन से महत्वपूर्ण योगदान दिया। खेल प्रभारी धीरज छपैरा, अरुण आसेरी और खेमराज आसेरी के नेतृत्व, मेहनत और जिम्मेदारी की विशेष सराहना की गई। महिला मंडल की संगठन मंत्री श्रीमती सुनीता डाबी ने दोपहर में गरमा-गरम चाय की व्यवस्था की, वहीं द्वितीय संगठन मंत्री श्रीमती कौशल्या सांखला ने ठंडा-ठंडा कैरी पानी उपलब्ध कराया, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों को काफी राहत मिली। कार्यक्रम के दौरान डूंगरमल जी छपैरा ने प्रभावशाली एंकरिंग करते हुए अपनी शानदार लाइव कमेंट्री से पूरे आयोजन में उत्साह बनाए रखा। टूर्नामेंट के परिणामों में धीरज छपैरा की टीम विजेता रही, जबकि हर्ष दायमा की टीम उपविजेता बनी। मैन ऑफ द सीरीज और बेस्ट फील्डर का खिताब महेश डाबी (अजमेर) को मिला, वहीं मुकेश कुमार जीनगर (मसूदा) ने 10 छक्कों के साथ बेस्ट बैट्समैन का पुरस्कार जीता। हर्ष दायमा टूर्नामेंट के ऑलराउंडर घोषित किए गए। बाहर से आए खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को रोमांचक बनाया। इस आयोजन में खुशाल बायड़, संजय सिसोदिया, नटवरलाल आसेरी और संचालन प्रभारी कैलाश सिसोदिया का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त, त्रिलोक चंद सिसोदिया, ज्ञानप्रकाश चितारा, उदयराज सिसोदिया, भगवान छपेरा और राजू जी सांखला का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। धीरज छपैरा, खुशाल बायड़, हर्ष दायमा और अशोक सिसोदिया सहित सभी टीमों के कप्तानों को उनके अनुशासित नेतृत्व और खेल भावना के लिए सराहा गया। इस दौरान समाज के अध्यक्ष कन्हैयालाल सांखला, उपाध्यक्ष रतनलाल सांखला और समाजसेवी ललित आसेरी भी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अंत में आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों, खिलाड़ियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया।1
- अजमेर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के घूघरा स्थित हनुमान नगर में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। घटना उस वक्त हुई जब मकान मालिक अपने पिता का इलाज करवाने के लिए जयपुर गए हुए थे। इसी दौरान, चोरों ने घर के मुख्य ताले तोड़े और अंदर घुसकर तीन कमरों की तलाशी ली, जहां उन्होंने अलमारियां खंगाल डालीं। घर लौटने पर मकान मालिक को अपना सारा सामान बिखरा हुआ मिला और पता चला कि उनके कीमती जेवरात गायब थे। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) टीम भी बुलाई गई, जिन्होंने महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लगातार बढ़ रही चोरी की इन घटनाओं पर लगाम लग पाएगी।1
- अजमेर में एक बार फिर चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के नगर निगम के पास एक्टिवा स्कूटर पर जा रही एक महिला के गले से बाइक सवार बदमाश ने लगभग 10 ग्राम वजनी सोने की चेन झपट्टकर छीन ली और मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने अपने पति के साथ आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन बदमाश अग्रसेन गेट की ओर भागने में सफल रहा। बताया गया है कि आरोपी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर था। इस वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इलाके के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अजमेर में चेन स्नैचरों का कोई गिरोह सक्रिय हो गया है।1
- एक भाई और उसके माता-पिता पिछले दो साल से अपने लापता भाई की तलाश में भटक रहे हैं। लंबे समय से अपने परिजन की खोज कर रहे इन परिवारजनों ने अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) से फरियाद लगाकर मदद की गुहार लगाई है।1
- ग्राम पंचायत फतेहगढ़ में बस स्टेशन से गांव के भीतर जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक बेहद खतरनाक लापरवाही सामने आई है। सड़क के ठीक किनारे एक गहरा और खुला गड्ढा है, जो नाली या पुलिया का हिस्सा बताया जा रहा है। पंकज बाफना के अनुसार, यह गड्ढा इस वक्त गंदगी और दलदली कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इसी मुख्य रास्ते से रोजाना भारी संख्या में मासूम स्कूली बच्चे आते-जाते हैं, जिनकी जिंदगी इस जानलेवा गड्ढे के कारण दांव पर लगी हुई है। सड़क और गड्ढे के बीच सुरक्षा के नाम पर कोई मजबूत दीवार या बैरिकेडिंग नहीं है, केवल एक छोटा सा पिलर खड़ा है जो महज खानापूर्ति है। स्कूल की छुट्टी के समय बच्चों की भारी भीड़ के दौरान, सामने से किसी वाहन के आने पर जरा सी भी चूक किसी बच्चे को इस गहरे दलदल में धकेल सकती है। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग होने के कारण लगातार भारी वाहनों के गुजरने से गड्ढे के आसपास की मिट्टी नीचे धंस रही है, जिससे सड़क का यह हिस्सा और भी ज्यादा खोखला तथा खतरनाक हो चुका है। इस गड्ढे में हफ्तों से पानी ठहरा हुआ है, जिससे सड़े हुए पानी की वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में ग्राम पंचायत प्रशासन तथा संबंधित आला अधिकारियों के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुरजोर मांग की है कि किसी मासूम की जान जाने का इंतजार किए बिना, इस 'मौत के कुएं' को तुरंत दुरुस्त किया जाए और यहाँ मजबूत पक्की दीवार या बैरिकेडिंग का निर्माण करवाया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन की इस पर 'मौन' स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।1