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जनपद सीतापुर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मुख्य प्रवेश द्वार से अवैध कब्जों को बुलडोज़र चलाकर हटा दिया गया है। इस कार्रवाई से गेट के आसपास लगे खोखे, ठेले और पटरी दुकानें हटा दी गईं, जिससे लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्था समाप्त हो सकी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सीएचसी गेट के सामने किए गए अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन में लगातार बाधा आ रही थी, साथ ही मरीजों और तीमारदारों को भी अस्पताल पहुंचने में काफी परेशानी होती थी। इन शिकायतों के बाद तहसील प्रशासन और नगर पालिका की एक संयुक्त टीम ने स्थल का निरीक्षण किया था। अतिक्रमणकारियों को दो दिन पहले ही स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोज़र की मदद से इन अवैध निर्माणों और अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान राजस्व विभाग, नगर पालिका और पुलिस बल की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मार्गों, सरकारी भूमि और अस्पताल परिसरों के आसपास किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि रास्ता साफ होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी और एम्बुलेंस सेवाओं का संचालन अब अधिक सुगमता से हो पाएगा। प्रशासन ने आम जनता से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करने और सार्वजनिक सुविधाओं को बाधित न करने की अपील भी की है।

10 hrs ago
user_Naresh Gupta Reporter
Naresh Gupta Reporter
सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

जनपद सीतापुर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मुख्य प्रवेश द्वार से अवैध कब्जों को बुलडोज़र चलाकर हटा दिया गया है। इस कार्रवाई से गेट के आसपास लगे खोखे, ठेले और पटरी दुकानें हटा दी गईं, जिससे लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्था समाप्त हो सकी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सीएचसी गेट के सामने किए गए अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन में लगातार बाधा आ रही थी, साथ ही मरीजों और तीमारदारों को भी अस्पताल पहुंचने में काफी परेशानी होती थी। इन शिकायतों के बाद तहसील प्रशासन और नगर पालिका की एक संयुक्त टीम ने स्थल का निरीक्षण किया था। अतिक्रमणकारियों को दो दिन पहले ही स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोज़र की मदद से इन अवैध निर्माणों और अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान राजस्व विभाग, नगर पालिका और पुलिस बल की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मार्गों, सरकारी भूमि और अस्पताल परिसरों के आसपास किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि रास्ता साफ होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी और एम्बुलेंस सेवाओं का संचालन अब अधिक सुगमता से हो पाएगा। प्रशासन ने आम जनता से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करने और सार्वजनिक सुविधाओं को बाधित न करने की अपील भी की है।

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  • उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल, आरोग्यं हॉस्पिटल, में एक प्रसूता की मौत के मामले ने मानवता और डॉक्टरी पेशे को शर्मसार किया है। जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निजी अस्पताल के संचालकों व डॉक्टरों की भयानक लापरवाही उजागर हुई है, जिसमें पैसों के लालच में कम हीमोग्लोबिन के बावजूद महिला का ऑपरेशन करने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धरैचा की सुमन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 26 मई को परिजनों ने जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं सक्रिय एक आशा बहू ने परिजनों को बरगलाकर शहर के निजी आरोग्यं हॉस्पिटल में शिफ्ट करवा दिया। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति और खून की कमी को छिपाते हुए तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला ले लिया। ऑपरेशन के बाद सुमन ने बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी हालत बिगड़ती चली गई। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल ने सुमन को आनन-फानन में लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ के अस्पताल में जब डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए, तो परिजन सुमन को वेंटिलेटर हटाकर वापस सीतापुर ला रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित परिजनों ने 29 मई की शाम आरोग्यं हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर जोरदार हंगामा किया, आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने सिर्फ पैसे ऐंठने के लिए जबरन ऑपरेशन किया और उनकी बहू को मौत के मुंह में धकेल दिया। प्रसूता सुमन देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण 'ब्लड पॉइजनिंग' (सेप्टीसीमिया) पाया गया, जो सीधे तौर पर ऑपरेशन के दौरान संक्रमण या गलत इलाज की ओर इशारा करता है। जांच रिपोर्ट में एम्बुलेंस चालक ने भी चौंकाने वाला बयान दिया कि लखनऊ से वापस लाते समय रास्ते में परिजनों ने दो बार मरीज का ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था, जिससे उसकी हालत और नाजुक हो गई। जांच रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही सिद्ध होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सीतापुर अब आरोग्यं अस्पताल के संचालकों और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और अस्पताल को सील करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। जिला प्रशासन, सीतापुर ने स्पष्ट किया है कि प्रसूता की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पताल और डॉक्टरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल, आरोग्यं हॉस्पिटल, में एक प्रसूता की मौत के मामले ने मानवता और डॉक्टरी पेशे को शर्मसार किया है। जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निजी अस्पताल के संचालकों व डॉक्टरों की भयानक लापरवाही उजागर हुई है, जिसमें पैसों के लालच में कम हीमोग्लोबिन के बावजूद महिला का ऑपरेशन करने की बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धरैचा की सुमन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 26 मई को परिजनों ने जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं सक्रिय एक आशा बहू ने परिजनों को बरगलाकर शहर के निजी आरोग्यं हॉस्पिटल में शिफ्ट करवा दिया। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति और खून की कमी को छिपाते हुए तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला ले लिया। ऑपरेशन के बाद सुमन ने बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी हालत बिगड़ती चली गई। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल ने सुमन को आनन-फानन में लखनऊ रेफर कर दिया।

लखनऊ के अस्पताल में जब डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए, तो परिजन सुमन को वेंटिलेटर हटाकर वापस सीतापुर ला रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित परिजनों ने 29 मई की शाम आरोग्यं हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर जोरदार हंगामा किया, आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने सिर्फ पैसे ऐंठने के लिए जबरन ऑपरेशन किया और उनकी बहू को मौत के मुंह में धकेल दिया। प्रसूता सुमन देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण 'ब्लड पॉइजनिंग' (सेप्टीसीमिया) पाया गया, जो सीधे तौर पर ऑपरेशन के दौरान संक्रमण या गलत इलाज की ओर इशारा करता है। जांच रिपोर्ट में एम्बुलेंस चालक ने भी चौंकाने वाला बयान दिया कि लखनऊ से वापस लाते समय रास्ते में परिजनों ने दो बार मरीज का ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था, जिससे उसकी हालत और नाजुक हो गई।

जांच रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही सिद्ध होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सीतापुर अब आरोग्यं अस्पताल के संचालकों और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और अस्पताल को सील करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। जिला प्रशासन, सीतापुर ने स्पष्ट किया है कि प्रसूता की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पताल और डॉक्टरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सीतापुर जिले की ग्राम पंचायत खुर्दा कसमंडा में गांव के विकास कार्यों के तहत नाली का निर्माण नहीं हुआ है। इस लापरवाही के कारण मंदिर के ठीक बगल में पानी भर गया है, जिससे इलाके में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
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    सीतापुर जिले की ग्राम पंचायत खुर्दा कसमंडा में गांव के विकास कार्यों के तहत नाली का निर्माण नहीं हुआ है। इस लापरवाही के कारण मंदिर के ठीक बगल में पानी भर गया है, जिससे इलाके में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
    user_Shiv Kumar
    Shiv Kumar
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सीतापुर जिले में एक ग्रामीण तालाब की घोर उपेक्षा की जा रही है, जिसके कारण चिलचिलाती गर्मी में छोटे गायों और कुत्तों जैसे अनेक जानवर पानी के लिए तरस रहे हैं। बताया गया है कि सरकार द्वारा इस तालाब के लिए आवंटित धन का गबन किया जा रहा है और जानवरों के लिए पानी भरवाने का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
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    सीतापुर जिले में एक ग्रामीण तालाब की घोर उपेक्षा की जा रही है, जिसके कारण चिलचिलाती गर्मी में छोटे गायों और कुत्तों जैसे अनेक जानवर पानी के लिए तरस रहे हैं। बताया गया है कि सरकार द्वारा इस तालाब के लिए आवंटित धन का गबन किया जा रहा है और जानवरों के लिए पानी भरवाने का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
    user_Saurabh Actor
    Saurabh Actor
    Farmer बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • virat kohli ju is frdtyuiiihhfffffttuiii8u ivr
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    virat kohli ju is frdtyuiiihhfffffttuiii8u
ivr
    user_Saif khan
    Saif khan
    महमूदाबाद, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सीतापुर जिले की बिसेन्दा ग्राम पंचायत के सेमरपुरवा गांव का हाल यह है कि "बाबा की सरकार" में अधिकारी मौज काट रहे हैं। वहां "हर घर जल जीवन मिशन" योजना केवल कागजों पर ही सिमटी हुई है।
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    सीतापुर जिले की बिसेन्दा ग्राम पंचायत के सेमरपुरवा गांव का हाल यह है कि "बाबा की सरकार" में अधिकारी मौज काट रहे हैं। वहां "हर घर जल जीवन मिशन" योजना केवल कागजों पर ही सिमटी हुई है।
    user_Rinkesh Verma
    Rinkesh Verma
    बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • आज़म खान परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि परिवार के एक छोटे भाई को रिहा कर दिया गया है। यह रिहाई अब्दुल्ला आज़म के बाद हुई है, जिससे पूरे आज़म खान परिवार में जश्न का माहौल है।
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    आज़म खान परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि परिवार के एक छोटे भाई को रिहा कर दिया गया है। यह रिहाई अब्दुल्ला आज़म के बाद हुई है, जिससे पूरे आज़म खान परिवार में जश्न का माहौल है।
    user_Mohd Javed
    Mohd Javed
    News Anchor सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाराबंकी के फतेहपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री शक्ति धाम महादेव तालाब परिसर में पूर्णिमा महोत्सव समिति द्वारा फाल्गुन पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से भव्यता से सजाया गया था, जिसमें महामाई उजली मैया का भव्य सतरंगी श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महोत्सव के दौरान एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। गणेश वंदना की प्रस्तुति अशोक रस्तोगी और प्रखर शर्मा ने दी। इसके पश्चात, क्षेत्रीय भजन गायक तरुण राजन और शानू सोनी ने मां की महिमा में कई भक्तिमय भजन सुनाकर समां बांध दिया। नगर के विख्यात भजन गायक आकाश गुप्ता (किशोर) ने भी अपनी मधुर आवाज में "जगदम्बे भवानी मैया", "मैया तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है" और "चलो बुलावा आया है" जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते रहे। कार्यक्रम का समापन मां की भव्य महाआरती के साथ हुआ। आरती के उपरांत, कन्या भोज और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ कमाया। इस अवसर पर राजेश पाठक, मुकेश अग्रवाल, रामनिवास वर्मा, प्रखर शर्मा, सुरेंद्र वर्मा, नानक शरण, सुमित पाठक, हिमांशु राजपूत, शंकर, आनंद सिंह, संजय बारी, राकेश गुप्ता, अमित पाठक और दिनेश श्रीवास्तव सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।
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    बाराबंकी के फतेहपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री शक्ति धाम महादेव तालाब परिसर में पूर्णिमा महोत्सव समिति द्वारा फाल्गुन पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से भव्यता से सजाया गया था, जिसमें महामाई उजली मैया का भव्य सतरंगी श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

महोत्सव के दौरान एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। गणेश वंदना की प्रस्तुति अशोक रस्तोगी और प्रखर शर्मा ने दी। इसके पश्चात, क्षेत्रीय भजन गायक तरुण राजन और शानू सोनी ने मां की महिमा में कई भक्तिमय भजन सुनाकर समां बांध दिया। नगर के विख्यात भजन गायक आकाश गुप्ता (किशोर) ने भी अपनी मधुर आवाज में "जगदम्बे भवानी मैया", "मैया तुमसे मिलने का सत्संग ही बहाना है" और "चलो बुलावा आया है" जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते रहे।

कार्यक्रम का समापन मां की भव्य महाआरती के साथ हुआ। आरती के उपरांत, कन्या भोज और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ कमाया। इस अवसर पर राजेश पाठक, मुकेश अग्रवाल, रामनिवास वर्मा, प्रखर शर्मा, सुरेंद्र वर्मा, नानक शरण, सुमित पाठक, हिमांशु राजपूत, शंकर, आनंद सिंह, संजय बारी, राकेश गुप्ता, अमित पाठक और दिनेश श्रीवास्तव सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सीतापुर जनपद के रामपुरकला थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, महिला की शादी को अभी महज 25 दिन ही हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के मायके पक्ष ने उसके पति राज समेत ससुराल के अन्य लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही नवविवाहिता से अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी और मांग पूरी न होने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। मायके पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि परिवार में शादी की खुशियों की जगह मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, और प्रारंभिक जांच में दहेज उत्पीड़न तथा संदिग्ध मृत्यु से जुड़े सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है। स्थानीय लोग भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि जांच के बाद तथ्य सामने आने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    सीतापुर जनपद के रामपुरकला थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, महिला की शादी को अभी महज 25 दिन ही हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतका के मायके पक्ष ने उसके पति राज समेत ससुराल के अन्य लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही नवविवाहिता से अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी और मांग पूरी न होने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। मायके पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि परिवार में शादी की खुशियों की जगह मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, और प्रारंभिक जांच में दहेज उत्पीड़न तथा संदिग्ध मृत्यु से जुड़े सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है। स्थानीय लोग भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि जांच के बाद तथ्य सामने आने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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