लखीसराय के रामगढ़ चौक में पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए रविवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसके साथ ही पाँच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रखंड मुख्यालय तक निकली इस जोरदार रैली में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को पल्स पोलियो अभियान से जुड़ने का संदेश दिया। पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कंचन के निर्देश पर निकली इस रैली में स्वास्थ्य प्रबंधक अरुण कुमार और बीसीएम बाला कुमारी सहित दर्जनों आशा कार्यकर्ता शामिल थीं। उनके हाथों में ‘दो बूंद जिंदगी की’ और ‘बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए पोलियो की दवा पिलाना जरूरी’ जैसे संदेश लिखे बैनर और तख्तियां थीं। रैली के दौरान, आशा कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। डॉ. कंचन ने जानकारी दी कि रविवार से प्रखंड के सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को खुराक पिलाई जा रही है और यह अभियान लगातार पाँच दिनों तक चलेगा। 0 से 5 वर्ष तक के हर बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिलाना अनिवार्य है, भले ही उसे पहले भी खुराक मिल चुकी हो। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है ताकि एक भी बच्चा छूटे नहीं। जो बच्चे बूथ पर दवा पीने से छूट जाएंगे, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर खुराक पिलाएगी। प्रत्येक गाँव की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है और शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डॉ. कंचन ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर जरूर लेकर आएं, क्योंकि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों को जीवनभर के लिए पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाती है। रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक यह महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाना था कि पोलियो मुक्त भारत के लिए हर बच्चे को ‘दो बूंद जिंदगी की’ पिलाना बेहद जरूरी है।
लखीसराय के रामगढ़ चौक में पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए रविवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसके साथ ही पाँच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रखंड मुख्यालय तक निकली इस जोरदार रैली में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को पल्स पोलियो अभियान से जुड़ने का संदेश दिया। पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कंचन के निर्देश पर निकली इस रैली में स्वास्थ्य प्रबंधक अरुण कुमार और बीसीएम बाला कुमारी सहित दर्जनों आशा कार्यकर्ता शामिल थीं। उनके हाथों में ‘दो बूंद जिंदगी की’ और ‘बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए पोलियो की दवा पिलाना जरूरी’ जैसे संदेश लिखे बैनर और तख्तियां थीं। रैली के दौरान, आशा कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। डॉ. कंचन ने जानकारी दी कि रविवार से प्रखंड के सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को खुराक पिलाई जा रही है और यह अभियान लगातार पाँच दिनों तक चलेगा। 0 से 5 वर्ष तक के हर बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिलाना अनिवार्य है, भले ही उसे पहले भी खुराक मिल चुकी हो। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है ताकि एक भी बच्चा छूटे नहीं। जो बच्चे बूथ पर दवा पीने से छूट जाएंगे, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर खुराक पिलाएगी। प्रत्येक गाँव की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है और शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डॉ. कंचन ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर जरूर लेकर आएं, क्योंकि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों को जीवनभर के लिए पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाती है। रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक यह महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाना था कि पोलियो मुक्त भारत के लिए हर बच्चे को ‘दो बूंद जिंदगी की’ पिलाना बेहद जरूरी है।
- चेवाड़ा नारी कल्याण जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड चेवाड़ा ने पंचायत विकास दिवस के अवसर पर नशा मुक्ति जागरूकता रैली का आयोजन किया। चेवाड़ा प्रखंड स्थित सीएलएफ परिसर में रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जीविका दीदियों के नेतृत्व में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंचायतों के समग्र विकास के साथ-साथ समाज को नशामुक्त बनाने के प्रति लोगों को जागरूक करना था। रैली में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने हाथों में नशा मुक्ति संबंधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर हिस्सा लिया। उन्होंने लोगों से शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया और स्वस्थ, सुरक्षित व सशक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। यह रैली विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। रैली के समापन के बाद, सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार, पड़ोस व समाज के अन्य लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस दौरान पंचायतों के विकास में जनभागीदारी बढ़ाने और महिलाओं की सक्रिय भूमिका को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम), सीसी, एसी, एमबीके सोनी कुमारी सहित प्रखंड क्षेत्र की बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं। सभी ने एकजुट होकर पंचायत विकास और नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे जन जागरूकता कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़े और पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह कार्यक्रम रविवार दोपहर 12 बजे शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- प्रभारी सचिव डॉ. कौशल किशोर ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया है। उन्होंने महिलाओं से पंचायतों और बिहार पुलिस में मिले आरक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। डॉ. किशोर ने जोर देकर कहा कि अब सिर्फ भौतिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव विकास सूचकांक में भी बेहतर प्रदर्शन करना समय की आवश्यकता है। प्रभारी सचिव डॉ. कौशल किशोर के अनुसार, एक समृद्ध बिहार का निर्माण तभी संभव है जब महिलाओं का सशक्तिकरण हो और मानव विकास सूचकांक में सुधार किया जाए।1
- जमुई स्थित श्रद्धा हॉस्पिटल में एक युवक की छत से गिरकर मौत हो गई है। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया। बताया गया है कि अस्पताल पहुंचने पर बदमाशों ने इसी युवक को गोली मारी थी।1
- मंत्री जी ने एक वृक्ष लगाकर जनता को पर्यावरण की रक्षा करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने स्वयं वृक्षारोपण करके लोगों को पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक किया।1
- जमुई जिले के अलीगंज स्थित चंद्रदीप थाना क्षेत्र के सहोड़ा गांव में मुहर्रम जुलूस के मार्ग को लेकर दो समुदायों के बीच उपजा विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर आयोजित शांति समिति की बैठक में दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। ग्रामीणों की जानकारी के अनुसार, विवाद मुहर्रम की चौथी तारीख को शुरू हुआ था जब सहोड़ा गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग वर्षों से लाइसेंसशुदा निर्धारित मार्ग से मिट्टी काटने हेतु जुलूस ले जा रहे थे। इसी दौरान एक समुदाय के कुछ शरारती तत्वों ने जुलूस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मार्ग को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना के बाद चंद्रदीप थाना में दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, और गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी जिसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई थी। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजद के जिला अध्यक्ष त्रिवेणी यादव तथा मो. जियाउर रसूल गफ्फारी सहोड़ा गांव पहुंचे। उनकी पहल पर दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई, जहाँ सभी पक्षों ने आपसी संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। यह तय किया गया कि भविष्य में विवादित स्थल से किसी भी समुदाय का जुलूस नहीं गुजरेगा। दोनों पक्षों ने भाईचारा, शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भरोसा दिया है, हालांकि अभी दोनों तरफ से लिखित बाउंडेशन नहीं हुआ है, जिस पर दोनों समुदायों ने जिला प्रशासन से सहयोग करने की बात कही है। बैठक में लाइसेंसधारी गुलाम रवानी, मो. अकबर अंसारी, मो. खुर्रम, मो. मुख्तार, धीरेन्द्र यादव, जोगन यादव, जनार्दन यादव, महेश यादव, दिनेश यादव, वरजेश यादव, शशिकांत यादव और अरुण यादव सहित दोनों समुदायों के कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से तजिए का पहलाम करने इस्लाम नगर कर्बला नहीं जाने का निर्णय लिया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इस्लाम नगर जाने वाला वही निर्धारित मार्ग विवाद का कारण है, और उस रास्ते से जाने पर फिर से विवाद होने की आशंका थी। मुस्लिम समुदाय के इस कदम को लेकर पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- चकाई थाना के पुलिसकर्मियों पर एक हाइवा वाहन को, जिसके पास वैध कागजात थे, तीन घंटे तक अनावश्यक रूप से रोके रखने का आरोप लगा है। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर ₹10,000 की अवैध वसूली की। इस पूरी घटना के संबंध में शिकायत पुलिस महानिदेशक (DGP) हेल्पलाइन और सहयोग पोर्टल तक पहुंच गई है।1
- बिहार सरकार के निर्देश पर प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मनाए जाने वाले पंचायत विकास दिवस के अवसर पर, बरबीघा प्रखंड के सर्वा पंचायत सरकार भवन में एक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक विभिन्न आयोजनों के साथ मद्यनिषेध जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने भाग लिया। प्रभारी मंत्री ने अपने संबोधन में पंचायतों के समग्र एवं सहभागी विकास, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI), ई-ग्राम स्वराज तथा स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप पंचायतों के विकास की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मद्यनिषेध विषय पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें कलाकारों ने गीत, संगीत और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से शराबबंदी के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक लाभों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित कर लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल पर मद्यनिषेध से संबंधित पोस्टर, बैनर और पंपलेट जैसी प्रचार-प्रसार सामग्री भी व्यापक रूप से प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी शेखर आनंद, पुलिस अधीक्षक हिमांशु, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी स्वाति कुमारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे।1
- एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुँचाना सरकार का प्राथमिक उद्देश्य है, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने इस संदर्भ में जीविका दीदी संगीता देवी की सफलता की कहानी साझा की, जिसके माध्यम से उन्होंने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण से परिवार, गाँव, जिला और संपूर्ण राज्य सशक्त होते हैं। जिला पदाधिकारी ने ज़ोर देकर कहा कि एक समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए आधी आबादी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।1
- बिहार के चकाई थाना में कथित तौर पर वर्दी की आड़ में अवैध वसूली का गंभीर आरोप सामने आया है। इन आरोपों के अनुसार, पुलिस ने एक वाहन को तीन घंटे तक रोककर रखा और ₹10,000 की मांग की। इन गंभीर दावों ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।1