जमुई जिले के अलीगंज स्थित चंद्रदीप थाना क्षेत्र के सहोड़ा गांव में मुहर्रम जुलूस के मार्ग को लेकर दो समुदायों के बीच उपजा विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर आयोजित शांति समिति की बैठक में दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। ग्रामीणों की जानकारी के अनुसार, विवाद मुहर्रम की चौथी तारीख को शुरू हुआ था जब सहोड़ा गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग वर्षों से लाइसेंसशुदा निर्धारित मार्ग से मिट्टी काटने हेतु जुलूस ले जा रहे थे। इसी दौरान एक समुदाय के कुछ शरारती तत्वों ने जुलूस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मार्ग को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना के बाद चंद्रदीप थाना में दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, और गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी जिसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई थी। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजद के जिला अध्यक्ष त्रिवेणी यादव तथा मो. जियाउर रसूल गफ्फारी सहोड़ा गांव पहुंचे। उनकी पहल पर दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई, जहाँ सभी पक्षों ने आपसी संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। यह तय किया गया कि भविष्य में विवादित स्थल से किसी भी समुदाय का जुलूस नहीं गुजरेगा। दोनों पक्षों ने भाईचारा, शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भरोसा दिया है, हालांकि अभी दोनों तरफ से लिखित बाउंडेशन नहीं हुआ है, जिस पर दोनों समुदायों ने जिला प्रशासन से सहयोग करने की बात कही है। बैठक में लाइसेंसधारी गुलाम रवानी, मो. अकबर अंसारी, मो. खुर्रम, मो. मुख्तार, धीरेन्द्र यादव, जोगन यादव, जनार्दन यादव, महेश यादव, दिनेश यादव, वरजेश यादव, शशिकांत यादव और अरुण यादव सहित दोनों समुदायों के कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से तजिए का पहलाम करने इस्लाम नगर कर्बला नहीं जाने का निर्णय लिया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इस्लाम नगर जाने वाला वही निर्धारित मार्ग विवाद का कारण है, और उस रास्ते से जाने पर फिर से विवाद होने की आशंका थी। मुस्लिम समुदाय के इस कदम को लेकर पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जमुई जिले के अलीगंज स्थित चंद्रदीप थाना क्षेत्र के सहोड़ा गांव में मुहर्रम जुलूस के मार्ग को लेकर दो समुदायों के बीच उपजा विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर आयोजित शांति समिति की बैठक में दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। ग्रामीणों की जानकारी के अनुसार, विवाद मुहर्रम की चौथी तारीख को शुरू हुआ था जब सहोड़ा गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग वर्षों से लाइसेंसशुदा निर्धारित मार्ग से मिट्टी काटने हेतु जुलूस ले जा रहे थे। इसी दौरान एक समुदाय के कुछ शरारती तत्वों ने जुलूस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मार्ग को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना के बाद चंद्रदीप थाना में दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, और गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी जिसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई थी। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजद के जिला अध्यक्ष त्रिवेणी यादव तथा मो. जियाउर रसूल गफ्फारी सहोड़ा गांव पहुंचे। उनकी पहल पर दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई, जहाँ सभी पक्षों ने आपसी संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। यह तय किया गया कि भविष्य में विवादित स्थल से किसी भी समुदाय का जुलूस नहीं गुजरेगा। दोनों पक्षों ने भाईचारा, शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भरोसा दिया है, हालांकि अभी दोनों तरफ से लिखित बाउंडेशन नहीं हुआ है, जिस पर दोनों समुदायों ने जिला प्रशासन से सहयोग करने की बात कही है। बैठक में लाइसेंसधारी गुलाम रवानी, मो. अकबर अंसारी, मो. खुर्रम, मो. मुख्तार, धीरेन्द्र यादव, जोगन यादव, जनार्दन यादव, महेश यादव, दिनेश यादव, वरजेश यादव, शशिकांत यादव और अरुण यादव सहित दोनों समुदायों के कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से तजिए का पहलाम करने इस्लाम नगर कर्बला नहीं जाने का निर्णय लिया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इस्लाम नगर जाने वाला वही निर्धारित मार्ग विवाद का कारण है, और उस रास्ते से जाने पर फिर से विवाद होने की आशंका थी। मुस्लिम समुदाय के इस कदम को लेकर पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- जमुई जिले के अलीगंज स्थित चंद्रदीप थाना क्षेत्र के सहोड़ा गांव में मुहर्रम जुलूस के मार्ग को लेकर दो समुदायों के बीच उपजा विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर आयोजित शांति समिति की बैठक में दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। ग्रामीणों की जानकारी के अनुसार, विवाद मुहर्रम की चौथी तारीख को शुरू हुआ था जब सहोड़ा गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग वर्षों से लाइसेंसशुदा निर्धारित मार्ग से मिट्टी काटने हेतु जुलूस ले जा रहे थे। इसी दौरान एक समुदाय के कुछ शरारती तत्वों ने जुलूस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मार्ग को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना के बाद चंद्रदीप थाना में दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, और गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी जिसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई थी। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजद के जिला अध्यक्ष त्रिवेणी यादव तथा मो. जियाउर रसूल गफ्फारी सहोड़ा गांव पहुंचे। उनकी पहल पर दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई, जहाँ सभी पक्षों ने आपसी संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। यह तय किया गया कि भविष्य में विवादित स्थल से किसी भी समुदाय का जुलूस नहीं गुजरेगा। दोनों पक्षों ने भाईचारा, शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भरोसा दिया है, हालांकि अभी दोनों तरफ से लिखित बाउंडेशन नहीं हुआ है, जिस पर दोनों समुदायों ने जिला प्रशासन से सहयोग करने की बात कही है। बैठक में लाइसेंसधारी गुलाम रवानी, मो. अकबर अंसारी, मो. खुर्रम, मो. मुख्तार, धीरेन्द्र यादव, जोगन यादव, जनार्दन यादव, महेश यादव, दिनेश यादव, वरजेश यादव, शशिकांत यादव और अरुण यादव सहित दोनों समुदायों के कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से तजिए का पहलाम करने इस्लाम नगर कर्बला नहीं जाने का निर्णय लिया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इस्लाम नगर जाने वाला वही निर्धारित मार्ग विवाद का कारण है, और उस रास्ते से जाने पर फिर से विवाद होने की आशंका थी। मुस्लिम समुदाय के इस कदम को लेकर पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- एक कार्यक्रम में डॉ. अरविंद कुमार शाही ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।1
- बरबीघा नगर क्षेत्र में शनिवार को मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जबकि विभिन्न अखाड़ों ने निर्धारित मार्गों से पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन करते हुए ताजिया का भ्रमण कराया। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा और लोगों ने जगह-जगह जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया। मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। बरबीघा थाना पुलिस के अधिकारी और पुलिस बल पूरे समय जुलूस के साथ तैनात रहे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार कड़ी नजर रखी। इसके साथ ही, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहकर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण करते रहे। प्रशासन की इस सतर्कता और स्थानीय लोगों के पूर्ण सहयोग के कारण पूरे आयोजन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली। ताजिया जुलूस का समापन शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को लगभग 1 बजे शांतिपूर्ण वातावरण में हुआ। इस सफल आयोजन पर प्रशासन ने सभी नागरिकों, आयोजन समितियों और स्वयंसेवकों के सहयोग की भरपूर सराहना की। प्रशासन ने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि आपसी सौहार्द और भाईचारे की मजबूत भावना के कारण ही मोहर्रम का यह पवित्र पर्व पूरी शांति और गरिमा के साथ संपन्न हो पाया।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक में पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए रविवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसके साथ ही पाँच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रखंड मुख्यालय तक निकली इस जोरदार रैली में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को पल्स पोलियो अभियान से जुड़ने का संदेश दिया। पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कंचन के निर्देश पर निकली इस रैली में स्वास्थ्य प्रबंधक अरुण कुमार और बीसीएम बाला कुमारी सहित दर्जनों आशा कार्यकर्ता शामिल थीं। उनके हाथों में ‘दो बूंद जिंदगी की’ और ‘बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए पोलियो की दवा पिलाना जरूरी’ जैसे संदेश लिखे बैनर और तख्तियां थीं। रैली के दौरान, आशा कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। डॉ. कंचन ने जानकारी दी कि रविवार से प्रखंड के सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को खुराक पिलाई जा रही है और यह अभियान लगातार पाँच दिनों तक चलेगा। 0 से 5 वर्ष तक के हर बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिलाना अनिवार्य है, भले ही उसे पहले भी खुराक मिल चुकी हो। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है ताकि एक भी बच्चा छूटे नहीं। जो बच्चे बूथ पर दवा पीने से छूट जाएंगे, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर खुराक पिलाएगी। प्रत्येक गाँव की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है और शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डॉ. कंचन ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर जरूर लेकर आएं, क्योंकि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों को जीवनभर के लिए पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाती है। रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक यह महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाना था कि पोलियो मुक्त भारत के लिए हर बच्चे को ‘दो बूंद जिंदगी की’ पिलाना बेहद जरूरी है।1
- बिहार के जमुई जिले में स्थित अमारी पंचायत में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने ‘मन की बात’ सुनी, जिसके साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।1
- काशीचक थाना क्षेत्र के मधेपुर गांव के समीप रविवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जहाँ ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक सतीश कुमार, जिनकी उम्र 20 वर्ष थी और वे मोहनपुर गांव निवासी भरत मिस्त्री के पुत्र थे, की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक ने अपनी गाड़ी पर लदे बालू को सड़क पर ही गिरा दिया और मौके से फरार होने में कामयाब रहा। सड़क पर शव पड़ा देखकर राहगीरों ने तुरंत काशीचक थाने को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर थानाप्रभारी गौतम कुमार घटनास्थल पर पहुँचे, उन्होंने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाप्रभारी ने बताया कि मामले की पूरी जाँच की जाएगी और जाँच के उपरांत जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान घटनास्थल पर प्रमुख पंकज कुमार, खखरी मुखिया प्रमोद कुमार, बेलड मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार, पंचायत समिति सदस्य धर्मेन्द्र कुमार, सरपंच दयानंद साव सहित कई अन्य लोग मौजूद थे। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर उन्हें ढांढस बंधाया।4