विजयदशमी पर दुद्धी में 51 फीट ऊंचे रावण का दहन, राम-रावण युद्ध और रावण के ‘नीति ज्ञान’ का प्रसंग रहा आकर्षण का केंद्र दुद्धी (सोनभद्र)। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक पर्व विजयादशमी पर कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भव्य आयोजन हुआ। राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। मंचन के दौरान रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान के प्रसंग ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। दोपहर बाद कस्बे व आसपास के गांवों के प्रमुख मंदिरों व पूजा स्थलों से मां दुर्गा एवं अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं तथा झांकियां गाजे बाजे और डीजे के साथ शोभायात्रा के रूप में रामलीला मैदान पहुंचीं। मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और पूरा कस्बा ‘जय श्री राम’ व मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान रामलीला मैदान पर भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच रोमांचक युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध के अंत में रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें रावण ने अच्छे कार्य में विलंब न करने, बुरे कार्य को टालते रहने और शत्रु को कभी कमजोर न समझने जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पाठ दिए। इसके अलावा अपने रहस्य किसी को न बताने की सीख भी प्रसंग में शामिल रही। मान्यता है कि रावण अत्यंत ज्ञानी और नीतिज्ञ था,इसीलिए युद्ध के अंतिम समय में भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण को रावण से ज्ञान लेने के लिए भेजा था। रामलीला में इस प्रसंग को दर्शकों ने खूब सराहा। संध्या ढलते ही रामलीला मैदान में 51 फीट ऊंचा विशाल रावण पुतला खड़ा किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा बाण छोड़ते ही पुतला धू-धू कर जल उठा और आतिशबाजी के साथ मैदान हर हर महादेव और जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो और विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। हरिराम चेरो ने रामलीला के भव्य आयोजन की सराहना की और उन्होंने अपने संबोधन में अगले वर्ष लेजर लाइट तकनीक से रावण दहन कराया जाने का आश्वासन दिया।वहीं कमलेश मोहन ने नगर के विकास का खाका खीजा और स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और बुनियादी विकास को प्राथमिकता बताया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रहरी और महामंत्री सुरेन्द्र गुप्ता अपनी टीम के साथ व्यवस्थाओं में लगे रहे। प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह व उप निरीक्षक संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेला क्षेत्र में निगरानी और गश्त बनाए रखी। इसके बाद मां दुर्गा की सभी प्रतिमाओं का जुलूस नगर भ्रमण करता हुआ प्राचीन शिवाजी तालाब पहुंचा, जहां विधि विधान से माता रानी व अन्य प्रतिमाओं को नम आंखों से जल में विसर्जन किया गया।
विजयदशमी पर दुद्धी में 51 फीट ऊंचे रावण का दहन, राम-रावण युद्ध और रावण के ‘नीति ज्ञान’ का प्रसंग रहा आकर्षण का केंद्र दुद्धी (सोनभद्र)। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक पर्व विजयादशमी पर कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भव्य आयोजन हुआ। राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। मंचन के दौरान रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान के प्रसंग ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। दोपहर बाद कस्बे व आसपास के गांवों के प्रमुख मंदिरों व पूजा स्थलों से मां दुर्गा एवं अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं तथा झांकियां गाजे बाजे और डीजे
के साथ शोभायात्रा के रूप में रामलीला मैदान पहुंचीं। मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और पूरा कस्बा ‘जय श्री राम’ व मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान रामलीला मैदान पर भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच रोमांचक युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध के अंत में रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें रावण ने अच्छे कार्य में विलंब न करने, बुरे कार्य को टालते रहने और शत्रु को कभी कमजोर न समझने जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पाठ दिए। इसके अलावा अपने रहस्य किसी को न बताने की सीख भी प्रसंग में शामिल रही। मान्यता है कि
रावण अत्यंत ज्ञानी और नीतिज्ञ था,इसीलिए युद्ध के अंतिम समय में भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण को रावण से ज्ञान लेने के लिए भेजा था। रामलीला में इस प्रसंग को दर्शकों ने खूब सराहा। संध्या ढलते ही रामलीला मैदान में 51 फीट ऊंचा विशाल रावण पुतला खड़ा किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा बाण छोड़ते ही पुतला धू-धू कर जल उठा और आतिशबाजी के साथ मैदान हर हर महादेव और जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो और विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। हरिराम चेरो ने रामलीला के भव्य आयोजन की सराहना की और उन्होंने अपने
संबोधन में अगले वर्ष लेजर लाइट तकनीक से रावण दहन कराया जाने का आश्वासन दिया।वहीं कमलेश मोहन ने नगर के विकास का खाका खीजा और स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और बुनियादी विकास को प्राथमिकता बताया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रहरी और महामंत्री सुरेन्द्र गुप्ता अपनी टीम के साथ व्यवस्थाओं में लगे रहे। प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह व उप निरीक्षक संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेला क्षेत्र में निगरानी और गश्त बनाए रखी। इसके बाद मां दुर्गा की सभी प्रतिमाओं का जुलूस नगर भ्रमण करता हुआ प्राचीन शिवाजी तालाब पहुंचा, जहां विधि विधान से माता रानी व अन्य प्रतिमाओं को नम आंखों से जल में विसर्जन किया गया।
- लभरी गाढ़ा बैरियर सोनभद्र में विशाल पंडाल बनाया गया जिसमें नवरात्रि के उपलक्ष्य पर पूजन , बंदन अर्चन विधिविधान से किया गया , काफी संख्या में लोगों ने आकर के माता जी के दर्शन किए और इस कार्यक्रम में विविध आयोजन भी कराए गए जिसमें भजन संध्या भंडारे और जो अतिथि लोग आए थे उनके अंग वस्त्र से सम्मान किया गया लिए देखते हैं वीडियो के माध्यम से और आप भी चैनल को सब्सक्राइब करें और जुड़े जय माता दी1
- महुली रामलीला में रावण वध के साथ विजयादशमी मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब महुली रामलीला में रावण वध के साथ विजयादशमी मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब2
- विजयदशमी पर दुद्धी में 51 फीट ऊंचे रावण का दहन, राम-रावण युद्ध और रावण के ‘नीति ज्ञान’ का प्रसंग रहा आकर्षण का केंद्र दुद्धी (सोनभद्र)। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक पर्व विजयादशमी पर कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भव्य आयोजन हुआ। राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। मंचन के दौरान रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान के प्रसंग ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। दोपहर बाद कस्बे व आसपास के गांवों के प्रमुख मंदिरों व पूजा स्थलों से मां दुर्गा एवं अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं तथा झांकियां गाजे बाजे और डीजे के साथ शोभायात्रा के रूप में रामलीला मैदान पहुंचीं। मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और पूरा कस्बा ‘जय श्री राम’ व मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान रामलीला मैदान पर भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच रोमांचक युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध के अंत में रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें रावण ने अच्छे कार्य में विलंब न करने, बुरे कार्य को टालते रहने और शत्रु को कभी कमजोर न समझने जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पाठ दिए। इसके अलावा अपने रहस्य किसी को न बताने की सीख भी प्रसंग में शामिल रही। मान्यता है कि रावण अत्यंत ज्ञानी और नीतिज्ञ था,इसीलिए युद्ध के अंतिम समय में भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण को रावण से ज्ञान लेने के लिए भेजा था। रामलीला में इस प्रसंग को दर्शकों ने खूब सराहा। संध्या ढलते ही रामलीला मैदान में 51 फीट ऊंचा विशाल रावण पुतला खड़ा किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा बाण छोड़ते ही पुतला धू-धू कर जल उठा और आतिशबाजी के साथ मैदान हर हर महादेव और जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो और विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। हरिराम चेरो ने रामलीला के भव्य आयोजन की सराहना की और उन्होंने अपने संबोधन में अगले वर्ष लेजर लाइट तकनीक से रावण दहन कराया जाने का आश्वासन दिया।वहीं कमलेश मोहन ने नगर के विकास का खाका खीजा और स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और बुनियादी विकास को प्राथमिकता बताया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रहरी और महामंत्री सुरेन्द्र गुप्ता अपनी टीम के साथ व्यवस्थाओं में लगे रहे। प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह व उप निरीक्षक संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेला क्षेत्र में निगरानी और गश्त बनाए रखी। इसके बाद मां दुर्गा की सभी प्रतिमाओं का जुलूस नगर भ्रमण करता हुआ प्राचीन शिवाजी तालाब पहुंचा, जहां विधि विधान से माता रानी व अन्य प्रतिमाओं को नम आंखों से जल में विसर्जन किया गया।4
- Post by Jitendr Prshad1
- ★★सभी #मानव_जीवो के लिए #GOD_संदेश ★★ 🙏🍛🙏🍲🙏🍛🙏🍲🙏🍛🙏 _*★★ 💁♂️ इस नवरात्रि जानिए ,शास्त्रों के अनुसार माता दुर्गा की सही भक्ति क्या है ? ★★*_ 🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏 पूरी जानकारी के लिए अवश्य देखिए _*SANT RAMPAL JI MAHARAJ*_ You Tube channel पर 🤗🙏🤗🙏🤗🙏🤗🙏🤗🙏🤗1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: सोनभद्र | ओबरा 🏠 बंद मकान में लाखों की चोरी, ढाई लाख नकदी समेत सोने-चांदी के जेवरात गायब! ओबरा के गजराज नगर वार्ड नंबर 3 में चोरों ने बंद मकान के ताले तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित के मुताबिक, करीब 6 से 7 लाख रुपये की संपत्ति चोरी हुई है। मौके पर दीवार पर खून के निशान भी मिले, हालांकि चोर के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। त्योहार के बीच चोरी की घटना से इलाके में दहशत। Yogi Adityanath संजीव सिंह गोंड Bhupesh Chaubey DM Sonbhadra SP Sonbhadra #Sonbhadra #Obra #BreakingNews #चोरी #सोनभद्र1
- भक्ति गीतों पर झूमते रहे श्रद्धालु, शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन चिनियां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट गढ़वा। चिनियां प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न पंचायतों में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन मंगलवार शाम 7:00 तक शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां दुर्गा के जयकारों और भक्ति गीतों से भक्तिमय बना रहा। विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चिनियां पुलिस प्रशासन की ओर से विभिन्न जलाशयों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रखंड मुख्यालय स्थित बस स्टैंड हनुमान मंदिर से स्टूडेंट क्लब के तत्वावधान में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली गई। वहीं, चिनियां बाजार परिसर से भी विसर्जन जुलूस निकाला गया। दोनों जुलूसों में युवाओं ने डीजे की धुन पर बज रहे भक्ति गीतों पर जमकर नृत्य किया और मां दुर्गा के जयकारे लगाए। दोनों प्रतिमाओं का मिलान करने के बाद साप्ताहिक बाजार स्थित जलाशय में विधिवत विसर्जन किया गया। इससे पूर्व मां दुर्गा की भव्य आरती की गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। चिनियां प्रखंड के डोल, चपकली, राजबांस, छतैलिया, विलैती, खैर, मसरा, खूरी, रणपुरा, बेता़, पाल्हे, बरवाडीह, सिगसीगा कला, तहले, चफला और सपना सहित विभिन्न गांवों में दुर्गा पूजा का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। नौ दिनों तक पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। प्रतिमा विसर्जन के साथ ही शारदीय नवरात्र का समापन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।1
- दुद्धी के रामनगर में महानवमी पर सजा भव्य माता रानी का दरबार,दुर्गा जागरण में प्रख्यात कलाकारों के भजनों पर झूमे भक्त दुद्धी (सोनभद्र)।स्थानीय नगर पंचायत के रामनगर वार्ड नंबर 8 स्थित शिव मंदिर मां दुर्गा पंडाल परिसर में महानवमी के पावन पर्व पर सोमवार की रात भव्य दुर्गा जागरण का आयोजन किया गया। मां दुर्गा पूजा समिति रामनगर के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में भारी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु पहुंचे और माता के दरबार में हाजिरी लगाई। जागरण में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक हरिराम चेरो ने शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर दुर्गा जागरण का विधिवत शुभारंभ किया और मां भगवती के दरबार में माथा टेककर क्षेत्र की सुख समृद्धि और शांति के लिए आशीर्वाद मांगा। इससे पूर्व समिति के सदस्यों ने मुख्य अतिथि का मोमेंटो ,अंगवस्त्रम और माल्यार्पण कर स्वागत किया। जागरण की शुरुआत गणेश वंदना और मां भगवती के आह्वान के साथ हुई।जागरण में प्रदेश व अन्य राज्यों के हिस्सों से पहुंचे प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।जिसमें दिवाकर सिंह (छ.स) और आरती सिंह (वाराणसी) ने अपने लोकप्रिय देवी गीतों से समां बांध दिया। मनीष ओझा (पटना) और अर्चना श्रीवास्तव (वाराणसी) ने एक से बढ़कर एक भेंटें प्रस्तुत कर पूरे पंडाल को भक्तिमय बना दिया।वहीं गायकों के एक से बढ़कर एक प्रस्तुति पर श्रद्धालु पूरी रात झूमते रहे। यह पूरा भव्य जागरण और पूजन कार्यक्रम स्थानीय आचार्य पंडित श्री देवेंद्र मिश्रा के वैदिक सानिध्य और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पंडित जी के मंत्रोच्चार के बीच विजय सोनी तथा मनोज तिवारी अपनी-अपनी धर्मपत्नी संग मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे और विधि विधान से पूजन व आरती संपन्न कराई। मौके पर दुद्धी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह एवं वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह पुलिस टीम के साथ मुस्तैद रहे। वहीं, आयोजन को सफल बनाने में मां दुर्गा पूजा समिति रामनगर के आनंद कांस्यकार, आमेश सिंह (सभासद), जितेंद्र चंद्रवंशी पीपी, सुमित जायसवाल, आदित्य श्रीवास्तव, उत्कर्ष सिंह, विक्रांत चंद्रवंशी, हर्ष श्रीवास्तव, कार्तिक चंद्रवंशी, राहुल सोनी, अमृत अग्रहरि, आनंद जायसवाल, शिवम जायसवाल, सुधीर चंद्रवंशी एवं सुनील जायसवाल सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।संचालन सुनील जायसवाल ने किया ।4