चनपटिया के गोपालपुर थाना क्षेत्र स्थित कोइलवर रामजानकी मठ परिसर के पोखरे में शुक्रवार सुबह डूबने से एक छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतका की पहचान बड़ा गोपालपुर वार्ड संख्या-9 निवासी दिनेश दास की पुत्री शिक्षा कुमारी के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा अपने साथियों के साथ मठ परिसर के बगीचे में आम चुनने गई थी। आम चुनने के बाद, वह उन्हें धोने के लिए पोखरे के किनारे पहुंची, तभी पैर फिसलने से गहरे पानी में गिर गई। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्ची को पोखरे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर गोपालपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच, बेतिया भेज दिया। थानाध्यक्ष अंकित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत डूबने से हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
चनपटिया के गोपालपुर थाना क्षेत्र स्थित कोइलवर रामजानकी मठ परिसर के पोखरे में शुक्रवार सुबह डूबने से एक छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतका की पहचान बड़ा गोपालपुर वार्ड संख्या-9 निवासी दिनेश दास की पुत्री शिक्षा कुमारी के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा अपने साथियों के साथ मठ परिसर के बगीचे में आम चुनने गई थी। आम चुनने के बाद, वह उन्हें धोने के लिए पोखरे के किनारे पहुंची, तभी पैर फिसलने से गहरे पानी में गिर गई। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्ची को पोखरे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर गोपालपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच, बेतिया भेज दिया। थानाध्यक्ष अंकित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत डूबने से हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
- योगापट्टी प्रखंड के सिसवा गांव में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक महिला की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मृतका की पहचान तिरत चौधरी की पत्नी लालसा देवी के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि चावड़ा सरेह के पास शिक्षक मोहन गोंड के बेटे बब्लू कुमार समेत कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रोक दी, जिससे इलाज में देरी हुई और लालसा देवी ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने गांव के विनय कुमार और सिपाही कुमार सहित अन्य लोगों पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को कथित आरोपी के घर के सामने रखकर प्रदर्शन किया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सूचना मिलने पर श्रीनगर थाना प्रभारी अमित कुमार पाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, और परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से भी इनकार कर दिया है।1
- पश्चिम चंपारण जिले के चौतरवा थाना क्षेत्र के पतीलार पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 09 में एक 28 वर्षीय विवाहिता राधा देवी, पत्नी रंजन पासवान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। चौतरवा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बगहा अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, राधा देवी का विवाह वर्ष 2018 में रंजन पासवान से हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा फर्नीचर की मांग को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका के परिजनों ने बताया कि राधा देवी ने 19 फरवरी 2026 को चौतरवा थाना में पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रताड़ना की विस्तृत लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में राधा देवी ने उल्लेख किया था कि उनका पति रंजन पासवान अक्सर शराब के नशे में गाली-गलौज और मारपीट करता था। साथ ही आरोप था कि पति अपनी पूरी कमाई अपने माता-पिता और भाई को दे देता था, जबकि पत्नी और बच्ची की आर्थिक जरूरतों की अनदेखी करता था। शिकायत में यह भी दर्ज था कि 18 फरवरी 2026 की शाम को पति और सास द्वारा मिलकर राधा देवी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। मृतका के भाई राजू पासवान ने बताया कि गुरुवार को राधा देवी ने उन्हें फोन कर सब्जी खरीदने के लिए 100 रुपये मांगे थे, जिसके बाद उन्होंने फोनपे के माध्यम से 300 रुपये भेज दिए थे। इसके कुछ ही देर बाद गांव से फोन पर उन्हें सूचना मिली कि राधा देवी की हत्या कर दी गई है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आवेदन के आधार पर की जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतका के घर में कोहराम मचा हुआ है। राधा देवी अपने पीछे 18 माह की एक मासूम पुत्री छोड़ गई हैं, जो अब मां के साये से वंचित होकर बेसहारा हो गई है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।1
- बेतिया जिले में अवैध रूप से नकली पेट्रोल के कारोबार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बुधवार देर रात राजघाट पेट्रोल पंप के समीप एक मिनी टैंकर से लगभग 3 हजार लीटर संदिग्ध नकली पेट्रोल बरामद किया। इस मामले में टैंकर के चालक और खलासी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जब्त किए गए ईंधन के नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), मुजफ्फरपुर भेजे गए हैं। मझौलिया थाना अध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने राजघाट पेट्रोल पंप के पास मिनी टैंकर की जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली पेट्रोल मिला। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने मौके से नालंदा जिले के निवासी चालक प्रहलाद कुमार (पिता सुरेंद्र सिंह) और खलासी गौतम कुमार (पिता उपेंद्र सिंह यादव) को गिरफ्तार किया। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) जयप्रकाश मौर्य की शिकायत पर मझौलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफएसएल की टीम ने जब्त पेट्रोल का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद ईंधन पूरी तरह नकली है या उसमें किसी प्रकार की मिलावट की गई है। सूचना मिलने पर एमओ जयप्रकाश मौर्य और सब-इंस्पेक्टर अनुज कुमार ओझा पुलिस बल के साथ देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन छानबीन की जा रही है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। इधर, पेट्रोलियम एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- बेतिया पुलिस ने 15 वर्षीय छात्र सोनू कुमार के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले को महज 10 घंटे के भीतर सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पश्चिमी चंपारण के पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश ही इस कत्ल की मुख्य वजह बनी। पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम के अनुसार, कंगली थाना क्षेत्र के इनरवा निवासी शारदा देवी ने 30 जून की शाम सूचना दी थी कि उनका 15 वर्षीय बेटा सोनू कुमार स्कूल से घर नहीं लौटा है। इसके बाद, 1 जुलाई की रात मिले लिखित आवेदन के आधार पर समशुल अंसारी सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नरकटियागंज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान, पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस घटना का खुलासा किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी समशुल अंसारी उर्फ पोगिया ने बताया कि उसका मृतक की छोटी बहन के साथ संबंध था। हाल ही में, युवती किसी अन्य लड़के से बातचीत करने लगी थी, जिससे वह नाराज था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और सोनू कुमार के विरोध करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच दी। पुलिस की जानकारी के मुताबिक, 30 जून को स्कूल से लौटते समय सोनू कुमार को श्मशान के पास रोककर बातचीत में उलझाया गया। उसके साथ आए अन्य बच्चों के चले जाने के बाद उसे बेहोश कर मोटरसाइकिल से रक्सौल के तिलावे नदी के पास बांसवारी में ले जाया गया। वहां गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में सबूत मिटाने की नीयत से शव को तिलावे नदी में फेंक दिया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर लिया है। घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में समशुल अंसारी उर्फ पोगिया, मुस्लिम अंसारी, अजय कुमार उर्फ सागर और साहिल कुमार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दो विधि-विरुद्ध किशोरों को भी हिरासत में लिया गया है। एसपी कुमार गौतम ने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेल खंड पर बेतिया-मझौलिया रेलवे लाइन के दोहरीकरण का अंतरिम निरीक्षण शुक्रवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने अपनी पूरी टीम के साथ किया। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के लिए रेलवे प्रशासन ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली थीं। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा भी अपनी पूरी टीम के साथ 11 ट्रॉली में सवार होकर बेतिया से रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करते हुए मझौलिया स्टेशन पर दोपहर 1:22 बजे पहुँचे। डीआरएम ने पुष्टि की कि बेतिया-मझौलिया रेलवे दोहरीकरण का यह निरीक्षण सीआरएस के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सीआरएस ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों की टीम के साथ ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था, इंटरलॉकिंग, रेलवे क्रॉसिंग, स्टेशन परिसर, स्टेशन पैनल रूम और सुरक्षा से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं का गहनता से निरीक्षण किया और तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मझौलिया स्टेशन पर 2 घंटे 33 मिनट रुकने के बाद, दोपहर 3:55 बजे सीआरएस स्पेशल ट्रेन स्पीड ट्रायल के लिए मझौलिया से बेतिया के लिए रवाना हुई। यह ट्रायल लगभग 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया गया। इस दिन इस रूट की सभी ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था। इस अवसर पर सीनियर डिविजनल विजय प्रकाश, सीएफओ शैलेन्द्र प्रसाद, सीइएनडी अनिल कुमार, सीनियर डीएन समन्वय समस्तीपुर संजय कुमार, डिप्टी चीफ इंजीनियर निर्माण अजय कुमार, अधिशासी अभियंता निर्मल सलहाता सहित एनएनटी कंस्ट्रक्शन, हरिक कंस्ट्रक्शन, दुर्गा कंस्ट्रक्शन और बीएन सिंह कंस्ट्रक्शन के प्रमुख भी मौजूद थे।4
- पश्चिमी चंपारण जिले के मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में 03.07.2026 को जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने कुल 131 शिकायतें सुनीं।1
- इलेक्ट्रिक रिक्शा पर नियंत्रण को लेकर एक नया और वायरल ट्रेंड सामने आया है, जिस पर उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने की बात कही जा रही है।1
- चनपटिया के गोपालपुर थाना क्षेत्र स्थित कोइलवर रामजानकी मठ परिसर के पोखरे में शुक्रवार सुबह डूबने से एक छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतका की पहचान बड़ा गोपालपुर वार्ड संख्या-9 निवासी दिनेश दास की पुत्री शिक्षा कुमारी के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा अपने साथियों के साथ मठ परिसर के बगीचे में आम चुनने गई थी। आम चुनने के बाद, वह उन्हें धोने के लिए पोखरे के किनारे पहुंची, तभी पैर फिसलने से गहरे पानी में गिर गई। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्ची को पोखरे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर गोपालपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच, बेतिया भेज दिया। थानाध्यक्ष अंकित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत डूबने से हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।1