कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल - नौबस्ता) पर मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) श्री नीलाभ्र सेनगुप्ता की तीन दिवसीय निरीक्षण प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। श्री सेनगुप्ता और उनकी पाँच सदस्यीय टीम आज सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली से कानपुर पहुँची और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद सीएमआरएस ने अपनी टीम और मेट्रो अधिकारियों के साथ नवीन मार्केट से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो से यात्रा की। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुँचकर उन्होंने मोटर ट्राली पर बैठकर कानपुर सेंट्रल से झकरकटी के बीच डाउनलाइन टनल और ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके उपरांत, झकरकटी स्टेशन पर उन्होंने एस्केलेटर, फायर अलार्म सहित यात्री संरक्षा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं और प्रावधानों की बारीकी से पड़ताल की। यह निरीक्षण प्रक्रिया आज भी जारी रहेगी, और 28 तथा 29 जून को सीएमआरएस निरीक्षण प्रक्रिया के तहत शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल - नौबस्ता) पर सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल, ट्रैक और सिविल सहित विभिन्न विभागों से जुड़े तकनीकी मानकों को गहनता से परखा जाएगा।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल - नौबस्ता) पर मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) श्री नीलाभ्र सेनगुप्ता की तीन दिवसीय निरीक्षण प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। श्री सेनगुप्ता और उनकी पाँच सदस्यीय टीम आज सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली से कानपुर पहुँची और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के अधिकारियों के साथ एक
बैठक की, जिसमें यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद सीएमआरएस ने अपनी टीम और मेट्रो अधिकारियों के साथ नवीन मार्केट से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो से यात्रा की। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुँचकर उन्होंने मोटर ट्राली पर बैठकर कानपुर सेंट्रल से झकरकटी के बीच डाउनलाइन टनल और ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके उपरांत,
झकरकटी स्टेशन पर उन्होंने एस्केलेटर, फायर अलार्म सहित यात्री संरक्षा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं और प्रावधानों की बारीकी से पड़ताल की। यह निरीक्षण प्रक्रिया आज भी जारी रहेगी, और 28 तथा 29 जून को सीएमआरएस निरीक्षण प्रक्रिया के तहत शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल - नौबस्ता) पर सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल, ट्रैक और सिविल सहित विभिन्न विभागों से जुड़े तकनीकी मानकों को गहनता से परखा जाएगा।
- भारत से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी ट्रम्प वर्ष 2027 में भारत के दौरे पर आ सकते हैं। बताया गया है कि वे इस संभावित दौरे की तैयारी में हैं।1
- औरैया जनपद के अछल्दा क्षेत्र स्थित ग्राम खुमानपुरा में शहीद संतोष यादव की प्रतिमा का अनावरण श्रद्धा और सम्मान के साथ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में युवाओं ने शहीद संतोष यादव को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी वार्ड नंबर-3, ब्लॉक अछल्दा मुकेश यादव बाबा डकूरे भी उपस्थित रहे। उन्होंने शहीद संतोष यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और कहा कि देश के वीर सपूतों का बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। मुकेश यादव बाबा डकूरे ने युवाओं से राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने और शहीदों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। पूरे आयोजन के दौरान, उपस्थित लोगों ने शहीद संतोष यादव के अदम्य साहस और देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से देशभक्ति और सम्मान से ओत-प्रोत रहा, जिसमें सभी ने ‘जय हिंद’ का उद्घोष किया।1
- फैजाबाद जिला कोर्ट में राम मंदिर से जुड़े एक मामले के सभी आरोपियों को पेश किया गया, जहाँ उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस बीच, आरोप लगाया गया है कि श्रीराम मंदिर के चंदा चोरों को अपने चेहरे छिपाने के लिए सरकारी सिस्टम द्वारा मास्क मुहैया कराए गए थे, लेकिन वे ठीक से चेहरे नहीं ढक पाए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें यह टिप्पणी की गई कि 'बड़ी मछली' को बचा लिया गया है, जबकि 'छोटी मछली' ही जाल में फंस पाई।1
- यह एक महत्वपूर्ण खबर है कि अधिकतर लोग इस बात से अनभिज्ञ रहते हैं कि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन कब और कैसे करना है। अक्सर मरीज डॉक्टर के पास से दवाइयाँ तो ले आते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि कौन सी दवा सुबह-शाम लेनी है और कौन सी रात में खानी है। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अब लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।1
- फर्रुखाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) आनंद उपाध्याय ने एक नया आदेश जारी करते हुए कार्यालय परिसर में मोबाइल फोन और कैमरे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस नोटिस के सार्वजनिक होते ही स्वास्थ्य विभाग के भीतर तीखी बहस छिड़ गई है, जिससे कार्यालय में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस फरमान के बाद लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह प्रशासनिक अनुशासन का हिस्सा है, या फिर यह मीडिया की आवाज को दबाने का एक प्रयास है। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता के दावों के बीच, इस तरह के आदेशों के औचित्य पर सवाल उठ रहे हैं और इस प्रतिबंध की असल वजह जानने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- लखनऊ में इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और अदालतों की प्रक्रियाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में एक पेशकार कथित तौर पर अदालत कक्ष के भीतर जज साहब के पास बैठा, तारीख लेने पहुंचे लोगों से खुलेआम 100 से 200 रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर न्याय के मंदिर कहे जाने वाले कोर्ट परिसर में यदि तारीख के नाम पर इस तरह पैसे लिए जा रहे हैं, तो यह किस बात की वसूली है? सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब यह सब कथित तौर पर जज साहब के ठीक बगल में हो रहा है, तो क्या यह उनकी नज़र में नहीं आता, या फिर यह सिस्टम में सामान्य मान लिया गया है। आम जनता का कहना है कि न्याय पाने के लिए लोग पहले ही अदालतों के चक्कर काटते हैं, ऐसे में अगर हर तारीख पर अलग से पैसे देने पड़ें तो गरीब और कमजोर वर्ग के लिए न्याय और भी मुश्किल हो जाता है। फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और यह मामला किस अदालत का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन इस वीडियो ने न्याय व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर एक बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है।1
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