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समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक खूनी आपसी विवाद में भतीजों पर अपने ही चाचा की पीट-पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में गहरा तनाव और गांव में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। यह वारदात उजियारपुर थाना क्षेत्र के सातनपुर वार्ड संख्या-3 के पसीखाना में हुई बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, रामदेव साह के 35 वर्षीय पुत्र मदन साह को विवाद के दौरान बेरहमी से पीटा गया, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घर बनाने को लेकर काफी दिनों से चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते कहासुनी हुई, जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई और मदन साह की जान चली गई। परिजनों ने हत्या का सीधा आरोप मृतक के चचेरे भाई सुनील शाह और उनके भतीजों अमन शाह तथा राजा शाह पर लगाया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में दहशत और आक्रोश व्याप्त है। सूचना मिलते ही उजियारपुर थाना की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

3 hrs ago
user_Arvind Kumar News 7 Samastipur
Arvind Kumar News 7 Samastipur
Samastipur, Bihar•
3 hrs ago

समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक खूनी आपसी विवाद में भतीजों पर अपने ही चाचा की पीट-पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में गहरा तनाव और गांव में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। यह वारदात उजियारपुर थाना क्षेत्र के सातनपुर वार्ड संख्या-3 के पसीखाना में हुई बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, रामदेव साह के 35 वर्षीय पुत्र मदन साह को विवाद के दौरान बेरहमी से पीटा गया, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घर बनाने को लेकर काफी दिनों से चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते कहासुनी हुई, जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई और मदन साह की जान चली गई। परिजनों ने हत्या का सीधा आरोप मृतक के चचेरे भाई सुनील शाह और उनके भतीजों अमन शाह तथा राजा शाह पर लगाया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में दहशत और आक्रोश व्याप्त है। सूचना मिलते ही उजियारपुर थाना की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

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  • पटना सिविल कोर्ट ने खान इंस्टिट्यूट पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार रोशन आनंद को जमानत दे दी है। रोशन आनंद को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आज अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने रोशन आनंद की बेल याचिका मंजूर करते हुए उन्हें जमानत प्रदान की। रोशन आनंद पटना ज्ञान बिंदु कोचिंग इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर हैं।
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    पटना सिविल कोर्ट ने खान इंस्टिट्यूट पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार रोशन आनंद को जमानत दे दी है। रोशन आनंद को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आज अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने रोशन आनंद की बेल याचिका मंजूर करते हुए उन्हें जमानत प्रदान की। रोशन आनंद पटना ज्ञान बिंदु कोचिंग इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर हैं।
    user_Chunnu Kumar Singh
    Chunnu Kumar Singh
    पटोरी, समस्तीपुर, बिहार•
    8 hrs ago
  • दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत फेकला थाना क्षेत्र के सिनुरगोपाल गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बेटी अपने दिवंगत पिता की पैतृक संपत्ति के लिए वर्षों से संघर्ष कर रही है। आराधना कुमारी नामक इस बेटी का आरोप है कि उसे न केवल उसके हिस्से की जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि उसके अस्तित्व और पहचान पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मामला इतना गंभीर है कि उसे अपने ही पैतृक घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा, जो बेटियों के अधिकारों और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह मामला स्वर्गीय जय गोविंद झा के परिवार से संबंधित है। बताया जाता है कि जय गोविंद झा के दो पुत्र थे—मारकंडे झा और मंगल झा। मंगल झा के दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जबकि मारकंडे झा की एकमात्र संतान आराधना कुमारी हैं, जिनके कोई भाई नहीं हैं। आराधना के पिता मारकंडे झा का निधन वर्षों पहले हो गया था, और कुछ वर्ष पूर्व उनकी माता का भी निधन हो गया। माता-पिता के गुजर जाने के बाद जब आराधना ने अपने पिता की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की, तो उनके चाचा और अन्य परिजनों ने उन्हें पहचानने से ही इनकार कर दिया। आराधना बताती हैं कि बचपन से शादी के बाद तक वह अपने पैतृक गांव सिनुरगोपाल आती-जाती रही हैं और गांव के लोग उन्हें मारकंडे झा की बेटी के रूप में ही जानते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में संपत्ति के एक हिस्से को करीब 10 लाख रुपये में देने की बात हुई थी, लेकिन जब उन्होंने अपनी वैध हिस्सेदारी पर जोर दिया और पैसे पर समझौता करने से इनकार किया, तो उन्हें पहचानने से मुकर गए। मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया, जब 13 जून 2026 को आराधना अपने पैतृक घर के आंगन में जाने पहुंचीं। पीड़िता का आरोप है कि उनके चाचा, चाची और चाचा के पुत्र-पुत्रियों ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट भी की। मजबूरन, उन्हें थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी। गांव के अधिकांश लोग और समाज के बुजुर्ग भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि आराधना, मारकंडे झा की पुत्री हैं और उन्हें अपने पिता की संपत्ति में कानूनी व नैतिक अधिकार मिलना चाहिए। यह पूरा मामला एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर रहा है कि जब कानून बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार देता है, तब भी कई बेटियां अपने ही घर में अपने हक के लिए संघर्ष क्यों कर रही हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कर पीड़ित बेटी को न्याय दिलाया जाएगा, क्योंकि बेटियों का अधिकार छीना नहीं जा सकता। अब देखना यह होगा कि वर्षों से पहचान और पैतृक संपत्ति के लिए संघर्ष कर रही आराधना कुमारी को कब न्याय मिलता है और क्या उन्हें अपने पिता की विरासत में उनका वैधानिक अधिकार मिल पाता है या नहीं।
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    दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत फेकला थाना क्षेत्र के सिनुरगोपाल गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बेटी अपने दिवंगत पिता की पैतृक संपत्ति के लिए वर्षों से संघर्ष कर रही है। आराधना कुमारी नामक इस बेटी का आरोप है कि उसे न केवल उसके हिस्से की जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि उसके अस्तित्व और पहचान पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मामला इतना गंभीर है कि उसे अपने ही पैतृक घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा, जो बेटियों के अधिकारों और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

यह मामला स्वर्गीय जय गोविंद झा के परिवार से संबंधित है। बताया जाता है कि जय गोविंद झा के दो पुत्र थे—मारकंडे झा और मंगल झा। मंगल झा के दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जबकि मारकंडे झा की एकमात्र संतान आराधना कुमारी हैं, जिनके कोई भाई नहीं हैं। आराधना के पिता मारकंडे झा का निधन वर्षों पहले हो गया था, और कुछ वर्ष पूर्व उनकी माता का भी निधन हो गया। माता-पिता के गुजर जाने के बाद जब आराधना ने अपने पिता की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की, तो उनके चाचा और अन्य परिजनों ने उन्हें पहचानने से ही इनकार कर दिया। आराधना बताती हैं कि बचपन से शादी के बाद तक वह अपने पैतृक गांव सिनुरगोपाल आती-जाती रही हैं और गांव के लोग उन्हें मारकंडे झा की बेटी के रूप में ही जानते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में संपत्ति के एक हिस्से को करीब 10 लाख रुपये में देने की बात हुई थी, लेकिन जब उन्होंने अपनी वैध हिस्सेदारी पर जोर दिया और पैसे पर समझौता करने से इनकार किया, तो उन्हें पहचानने से मुकर गए।

मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया, जब 13 जून 2026 को आराधना अपने पैतृक घर के आंगन में जाने पहुंचीं। पीड़िता का आरोप है कि उनके चाचा, चाची और चाचा के पुत्र-पुत्रियों ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट भी की। मजबूरन, उन्हें थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी। गांव के अधिकांश लोग और समाज के बुजुर्ग भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि आराधना, मारकंडे झा की पुत्री हैं और उन्हें अपने पिता की संपत्ति में कानूनी व नैतिक अधिकार मिलना चाहिए।

यह पूरा मामला एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर रहा है कि जब कानून बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार देता है, तब भी कई बेटियां अपने ही घर में अपने हक के लिए संघर्ष क्यों कर रही हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कर पीड़ित बेटी को न्याय दिलाया जाएगा, क्योंकि बेटियों का अधिकार छीना नहीं जा सकता। अब देखना यह होगा कि वर्षों से पहचान और पैतृक संपत्ति के लिए संघर्ष कर रही आराधना कुमारी को कब न्याय मिलता है और क्या उन्हें अपने पिता की विरासत में उनका वैधानिक अधिकार मिल पाता है या नहीं।
    user_Lakshman Kumar Dev
    Lakshman Kumar Dev
    Local News Reporter गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    11 hrs ago
  • मधुबनी पुलिस अधीक्षक ने एक थानाध्यक्ष और डायल 112 के कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गांजा की तस्करी में उनकी संदिग्ध भूमिका के आरोपों के बाद की गई है।
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    मधुबनी पुलिस अधीक्षक ने एक थानाध्यक्ष और डायल 112 के कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गांजा की तस्करी में उनकी संदिग्ध भूमिका के आरोपों के बाद की गई है।
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
    13 hrs ago
  • 9 जून 2026 को दरभंगा में अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों गरीब, वासहीन और भूमिहीनों ने एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च पोलो मैदान धरना स्थल से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-27 स्थित मब्बी इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर चक जमाल बाजार समिति के किनारे बरसों से बसे परिवारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, साथ ही बुल्डोजर कार्रवाई बंद करने और सभी वासहीनों को 5 डिसमिल जमीन व पक्का मकान उपलब्ध कराने की जोरदार नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा ने सरकार पर दलितों और गरीबों के आशियाने पर बुल्डोजर चलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि जिन भूमिहीनों के पास सरकारी पर्चा है, उन्हें तुरंत जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया जाए, और सरकार को पहले बसाने फिर हटाने की नीति अपनानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, धीरेन्द्र झा ने सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को अविलंब वापस लेने और किसानों का मालिकाना हक बहाल करने की भी मांग की। मार्च का नेतृत्व भाकपा माले और खेग्रामस के नेता अभिषेक कुमार, सत्यनारायण पासवान, शनिचरी देवी, पप्पू कुमार पासवान और हरि पासवान संयुक्त रूप से कर रहे थे। नेताओं ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि बिना उचित पुनर्वास के गरीबों को उनके घरों से उजाड़ा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अशोक पासवान, विश्वनाथ पासवान, पप्पू खां, अवधेश कुमार सिंह, विनोद सिंह, सुमित्रा देवी और जमाल उद्दीन सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
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    9 जून 2026 को दरभंगा में अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों गरीब, वासहीन और भूमिहीनों ने एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च पोलो मैदान धरना स्थल से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-27 स्थित मब्बी इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर चक जमाल बाजार समिति के किनारे बरसों से बसे परिवारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, साथ ही बुल्डोजर कार्रवाई बंद करने और सभी वासहीनों को 5 डिसमिल जमीन व पक्का मकान उपलब्ध कराने की जोरदार नारेबाजी की।

सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा ने सरकार पर दलितों और गरीबों के आशियाने पर बुल्डोजर चलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि जिन भूमिहीनों के पास सरकारी पर्चा है, उन्हें तुरंत जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया जाए, और सरकार को पहले बसाने फिर हटाने की नीति अपनानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, धीरेन्द्र झा ने सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को अविलंब वापस लेने और किसानों का मालिकाना हक बहाल करने की भी मांग की।

मार्च का नेतृत्व भाकपा माले और खेग्रामस के नेता अभिषेक कुमार, सत्यनारायण पासवान, शनिचरी देवी, पप्पू कुमार पासवान और हरि पासवान संयुक्त रूप से कर रहे थे। नेताओं ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि बिना उचित पुनर्वास के गरीबों को उनके घरों से उजाड़ा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अशोक पासवान, विश्वनाथ पासवान, पप्पू खां, अवधेश कुमार सिंह, विनोद सिंह, सुमित्रा देवी और जमाल उद्दीन सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
    user_Janpad Bihar24
    Janpad Bihar24
    Media company Darbhanga, Bihar•
    23 hrs ago
  • गौड़ाबौराम में एक महिला की पानी में डूबने से मृत्यु हो गई है। यह दुखद घटना तब हुई जब महिला शौच के लिए गई थी। इस मौत के बाद परसरमा क्षेत्र में गहरा कोहराम मच गया है।
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    गौड़ाबौराम में एक महिला की पानी में डूबने से मृत्यु हो गई है। यह दुखद घटना तब हुई जब महिला शौच के लिए गई थी। इस मौत के बाद परसरमा क्षेत्र में गहरा कोहराम मच गया है।
    user_Manoj Kumar sah
    Manoj Kumar sah
    बिरौल, दरभंगा, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहार के समस्तीपुर जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े की एक बड़ी साजिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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    बिहार के समस्तीपुर जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े की एक बड़ी साजिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
    user_Anil shriwastav
    Anil shriwastav
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  • बिहार के पटना में एक कोचिंग विवाद के बीच रोशन आनंद के भाई प्रिंस की हत्या कर दी गई है। परिजनों ने इस मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि क्या इस हत्या के पीछे खान सर का हाथ है।
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    बिहार के पटना में एक कोचिंग विवाद के बीच रोशन आनंद के भाई प्रिंस की हत्या कर दी गई है। परिजनों ने इस मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि क्या इस हत्या के पीछे खान सर का हाथ है।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    13 hrs ago
  • समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र में सोमवती अमावस्या के अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी आयु के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस खास दिन पर सुबह से ही विभिन्न मंदिरों और पीपल वृक्षों के निकटवर्ती स्थानों पर व्रती महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत रखकर पीपल वृक्ष की परिक्रमा की। उन्होंने पति की लंबी आयु के साथ-साथ परिवार में सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना की। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए, महिलाओं ने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का भी स्मरण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। सुहागिन महिलाओं द्वारा यह व्रत इसलिए किया जाता है ताकि उनके घर में सुख-समृद्धि, धन-दौलत बनी रहे, पति को लंबी आयु प्राप्त हो और उन पर महादेव की कृपा सदा बनी रहे।
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    समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र में सोमवती अमावस्या के अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी आयु के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस खास दिन पर सुबह से ही विभिन्न मंदिरों और पीपल वृक्षों के निकटवर्ती स्थानों पर व्रती महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई।

महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत रखकर पीपल वृक्ष की परिक्रमा की। उन्होंने पति की लंबी आयु के साथ-साथ परिवार में सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना की। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए, महिलाओं ने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का भी स्मरण किया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। सुहागिन महिलाओं द्वारा यह व्रत इसलिए किया जाता है ताकि उनके घर में सुख-समृद्धि, धन-दौलत बनी रहे, पति को लंबी आयु प्राप्त हो और उन पर महादेव की कृपा सदा बनी रहे।
    user_Chunnu Kumar Singh
    Chunnu Kumar Singh
    पटोरी, समस्तीपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  • असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान नियमित उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में वायुसेना के पाँच कर्मियों की जान चली गई, जबकि विमान का सह-पायलट सुरक्षित बच गया। घटना के कारणों की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।
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    असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान नियमित उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में वायुसेना के पाँच कर्मियों की जान चली गई, जबकि विमान का सह-पायलट सुरक्षित बच गया। घटना के कारणों की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    9 hrs ago
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