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पिछोर में RTO की दबिश, बस पर कसा शिकंजा बस का चालान काटकर थाने में कराया खड़ा, चेकिंग अभियान से वाहन संचालकों में हलचल पिछोर। नगर में गुरुवार को RTO विभाग ने वाहन चेकिंग अभियान चलाते हुए कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान एक बस के दस्तावेजों और वाहन संबंधी नियमों की जांच की गई। जांच के बाद संबंधित बस का चालान काटकर उसे पिछोर थाने में खड़ा कराया गया। RTO की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में वाहन संचालकों के बीच हलचल देखने को मिली। लंबे समय बाद वाहन जांच को लेकर विभाग की सक्रियता सामने आने से अब अन्य बसों, चार पहिया वाहनों और व्यावसायिक वाहनों की भी जांच किए जाने की उम्मीद है। वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। ऐसे में RTO की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आगामी चेकिंग अभियान को लेकर वाहन संचालकों की नजर बनी हुई है। P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा सच के साथ हर कदम पिछोर में RTO की दबिश, बस पर कसा शिकंजा बस का चालान काटकर थाने में कराया खड़ा, चेकिंग अभियान से वाहन संचालकों में हलचल पिछोर। नगर में गुरुवार को RTO विभाग ने वाहन चेकिंग अभियान चलाते हुए कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान एक बस के दस्तावेजों और वाहन संबंधी नियमों की जांच की गई। जांच के बाद संबंधित बस का चालान काटकर उसे पिछोर थाने में खड़ा कराया गया। RTO की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में वाहन संचालकों के बीच हलचल देखने को मिली। लंबे समय बाद वाहन जांच को लेकर विभाग की सक्रियता सामने आने से अब अन्य बसों, चार पहिया वाहनों और व्यावसायिक वाहनों की भी जांच किए जाने की उम्मीद है। वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। ऐसे में RTO की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आगामी चेकिंग अभियान को लेकर वाहन संचालकों की नजर बनी हुई है। P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा सच के साथ हर कदम

13 hrs ago
user_Ram Manohar Mishra
Ram Manohar Mishra
करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

पिछोर में RTO की दबिश, बस पर कसा शिकंजा बस का चालान काटकर थाने में कराया खड़ा, चेकिंग अभियान से वाहन संचालकों में हलचल पिछोर। नगर में गुरुवार को RTO विभाग ने वाहन चेकिंग अभियान चलाते हुए कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान एक बस के दस्तावेजों और वाहन संबंधी नियमों की जांच की गई। जांच के बाद संबंधित बस का चालान काटकर उसे पिछोर थाने में खड़ा कराया गया। RTO की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में वाहन संचालकों के बीच हलचल देखने को मिली। लंबे समय बाद वाहन जांच को लेकर विभाग की सक्रियता सामने आने से अब अन्य बसों, चार पहिया वाहनों और व्यावसायिक वाहनों की भी जांच किए जाने की उम्मीद है। वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। ऐसे में RTO की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आगामी चेकिंग अभियान को लेकर वाहन संचालकों की नजर बनी हुई है। P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा सच के साथ हर कदम पिछोर में RTO की दबिश, बस पर कसा शिकंजा बस का चालान काटकर थाने में कराया खड़ा, चेकिंग अभियान से वाहन संचालकों में हलचल पिछोर। नगर में गुरुवार को RTO विभाग ने वाहन चेकिंग अभियान चलाते हुए कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान एक बस के दस्तावेजों और वाहन संबंधी नियमों की जांच की गई। जांच के बाद संबंधित बस का चालान काटकर उसे पिछोर थाने में खड़ा कराया गया। RTO की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में वाहन संचालकों के बीच हलचल देखने को मिली। लंबे समय बाद वाहन जांच को लेकर विभाग की सक्रियता सामने आने से अब अन्य बसों, चार पहिया वाहनों और व्यावसायिक वाहनों की भी जांच किए जाने की उम्मीद है। वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। ऐसे में RTO की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आगामी चेकिंग अभियान को लेकर वाहन संचालकों की नजर बनी हुई है। P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा सच के साथ हर कदम

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संबंधित वीडियो में शिकायत से जुड़े पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करते हुए संबंधित छात्र, उसके परिजनों, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का पक्ष दर्ज किया जाए। साथ ही विद्यालय के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जाए। परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही कथित परेशानी के कारण छात्र की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराना जरूरी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल RTE के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य है। ऐसे में RTE छात्र से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो विद्यालय प्रबंधन का पक्ष भी स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान हैं। वहां शिक्षक और प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के सम्मान और सुरक्षित वातावरण का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। *कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग* मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर शिवपुरी और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान छात्र पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि विद्यालय में RTE छात्रों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव या अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और यदि शिकायत में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो वास्तविक स्थिति क्या है। बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने लाना है। अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर हैं कि वह मामले की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।नोट: प्रकाशन से पहले छात्र का नाम/पहचान सार्वजनिक करने के कानूनी और बाल-सुरक्षा संबंधी पहलुओं की भी सावधानी से जांच कर लें, खासकर यदि छात्र नाबालिग है। *पत्रकार सतीश परिहार 9399215234* *RTE छात्र के साथ कथित प्रताड़ना का मामला, निजी स्कूल की कार्यशैली पर उठे सवाल* *तीन वर्षों से परेशान किए जाने का परिजनों का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग कलेक्टर से हस्तक्षेप की अपील* करैरा/सिरसौद। करैरा-सिरसौद क्षेत्र स्थित रेनवो पब्लिक प्राइवेट स्कूल में RTE के अंतर्गत अध्ययनरत कक्षा 7वीं के छात्र कार्तिक लोधी/ब्रजेश लोधी के साथ कथित रूप से प्रताड़ना किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे को पिछले लगभग तीन वर्षों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मामले से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। परिजनों का कहना है कि RTE के तहत विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चे को शिक्षा के साथ सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी के साथ भेदभाव, अपमान, मानसिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। हालांकि लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो सामने आने के बाद जांच की मांग मामले से संबंधित वीडियो में शिकायत से जुड़े पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करते हुए संबंधित छात्र, उसके परिजनों, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का पक्ष दर्ज किया जाए। साथ ही विद्यालय के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जाए। परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही कथित परेशानी के कारण छात्र की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराना जरूरी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल RTE के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य है। ऐसे में RTE छात्र से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो विद्यालय प्रबंधन का पक्ष भी स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान हैं। वहां शिक्षक और प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के सम्मान और सुरक्षित वातावरण का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। *कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग* मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर शिवपुरी और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान छात्र पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि विद्यालय में RTE छात्रों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव या अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और यदि शिकायत में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो वास्तविक स्थिति क्या है। बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने लाना है। अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर हैं कि वह मामले की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।नोट: प्रकाशन से पहले छात्र का नाम/पहचान सार्वजनिक करने के कानूनी और बाल-सुरक्षा संबंधी पहलुओं की भी सावधानी से जांच कर लें, खासकर यदि छात्र नाबालिग है। *पत्रकार सतीश परिहार 9399215234*
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    *RTE छात्र के साथ कथित प्रताड़ना का मामला, निजी स्कूल की कार्यशैली पर उठे सवाल*

*तीन वर्षों से परेशान किए जाने का परिजनों का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग कलेक्टर से हस्तक्षेप की अपील*

करैरा/सिरसौद। करैरा-सिरसौद क्षेत्र स्थित रेनवो पब्लिक प्राइवेट स्कूल में RTE के अंतर्गत अध्ययनरत कक्षा 7वीं के छात्र कार्तिक लोधी/ब्रजेश लोधी के साथ कथित रूप से प्रताड़ना किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे को पिछले लगभग तीन वर्षों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मामले से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

परिजनों का कहना है कि RTE के तहत विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चे को शिक्षा के साथ सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी के साथ भेदभाव, अपमान, मानसिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। हालांकि लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

वीडियो सामने आने के बाद जांच की मांग

मामले से संबंधित वीडियो में शिकायत से जुड़े पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करते हुए संबंधित छात्र, उसके परिजनों, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का पक्ष दर्ज किया जाए। साथ ही विद्यालय के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जाए।

परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही कथित परेशानी के कारण छात्र की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराना जरूरी माना जा रहा है।

शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल

RTE के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य है। ऐसे में RTE छात्र से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो विद्यालय प्रबंधन का पक्ष भी स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए।

स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान हैं। वहां शिक्षक और प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के सम्मान और सुरक्षित वातावरण का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

*कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग*

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर शिवपुरी और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान छात्र पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि विद्यालय में RTE छात्रों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव या अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और यदि शिकायत में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो वास्तविक स्थिति क्या है।

बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने लाना है। अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर हैं कि वह मामले की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।नोट: प्रकाशन से पहले छात्र का नाम/पहचान सार्वजनिक करने के कानूनी और बाल-सुरक्षा संबंधी पहलुओं की भी सावधानी से जांच कर लें, खासकर यदि छात्र नाबालिग है।

*पत्रकार सतीश परिहार 9399215234*
*RTE छात्र के साथ कथित प्रताड़ना का मामला, निजी स्कूल की कार्यशैली पर उठे सवाल*
*तीन वर्षों से परेशान किए जाने का परिजनों का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग कलेक्टर से हस्तक्षेप की अपील*
करैरा/सिरसौद। करैरा-सिरसौद क्षेत्र स्थित रेनवो पब्लिक प्राइवेट स्कूल में RTE के अंतर्गत अध्ययनरत कक्षा 7वीं के छात्र कार्तिक लोधी/ब्रजेश लोधी के साथ कथित रूप से प्रताड़ना किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे को पिछले लगभग तीन वर्षों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मामले से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
परिजनों का कहना है कि RTE के तहत विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चे को शिक्षा के साथ सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी के साथ भेदभाव, अपमान, मानसिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। हालांकि लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वीडियो सामने आने के बाद जांच की मांग
मामले से संबंधित वीडियो में शिकायत से जुड़े पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करते हुए संबंधित छात्र, उसके परिजनों, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का पक्ष दर्ज किया जाए। साथ ही विद्यालय के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जाए।
परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही कथित परेशानी के कारण छात्र की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराना जरूरी माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल
RTE के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य है। ऐसे में RTE छात्र से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो विद्यालय प्रबंधन का पक्ष भी स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान हैं। वहां शिक्षक और प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के सम्मान और सुरक्षित वातावरण का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।
*कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग*
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर शिवपुरी और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान छात्र पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि विद्यालय में RTE छात्रों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव या अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और यदि शिकायत में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो वास्तविक स्थिति क्या है।
बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने लाना है। अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर हैं कि वह मामले की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।नोट: प्रकाशन से पहले छात्र का नाम/पहचान सार्वजनिक करने के कानूनी और बाल-सुरक्षा संबंधी पहलुओं की भी सावधानी से जांच कर लें, खासकर यदि छात्र नाबालिग है।
*पत्रकार सतीश परिहार 9399215234*
    user_Satish Parihare
    Satish Parihare
    Karera, Shivpuri•
    6 hrs ago
  • कलेक्टर के निर्देश पर बदरवास में बड़ी कार्रवाई, 300 क्विंटल से अधिक शासकीय चावल जब्त; गोदाम सील अवैध परिवहन में इस्तेमाल ट्रक जब्त, गोदाम संचालक पर FIR; दो ट्रक चालकों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शिवपुरी, 24 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिले में शासकीय खाद्यान्न के अवैध भंडारण, परिवहन और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बदरवास में संयुक्त प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए 300 क्विंटल से अधिक शासकीय उचित मूल्य का चावल जब्त किया और संबंधित गोदाम को सील कर दिया। जानकारी के अनुसार, बदरवास में शासकीय चावल के अवैध भंडारण एवं परिवहन की सूचना मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार बदरवास सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव एवं जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की संयुक्त टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में करीब 300 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। चावल को ट्रक में भरकर परिवहन की तैयारी की जा रही थी। टीम ने चावल से भरे ट्रक को जब्त कर थाना बदरवास की अभिरक्षा में रखवाया और गोदाम को सील कर दिया। मामले में कंपनी संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं, लोक शांति भंग करने की स्थिति को देखते हुए ट्रक चालक हेमराज गुर्जर एवं मुकेश गुर्जर के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया। आटा मिल में भी मिला शासकीय चावल संयुक्त टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल, संचालक पंकज गर्ग, की भी जांच की। यहां करीब 8 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। टीम ने खाद्यान्न जब्त कर नियमानुसार सैंपल लिए और संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि शासकीय उचित मूल्य का खाद्यान्न पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए आवंटित होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी या परिवहन को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शासकीय राशन के अवैध परिवहन या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने पर वाहन राजसात करने सहित संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। P.NEWZ INDIA सच के साथ हर कदम कलेक्टर के निर्देश पर बदरवास में बड़ी कार्रवाई, 300 क्विंटल से अधिक शासकीय चावल जब्त; गोदाम सील अवैध परिवहन में इस्तेमाल ट्रक जब्त, गोदाम संचालक पर FIR; दो ट्रक चालकों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शिवपुरी, 24 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिले में शासकीय खाद्यान्न के अवैध भंडारण, परिवहन और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बदरवास में संयुक्त प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए 300 क्विंटल से अधिक शासकीय उचित मूल्य का चावल जब्त किया और संबंधित गोदाम को सील कर दिया। जानकारी के अनुसार, बदरवास में शासकीय चावल के अवैध भंडारण एवं परिवहन की सूचना मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार बदरवास सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव एवं जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की संयुक्त टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में करीब 300 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। चावल को ट्रक में भरकर परिवहन की तैयारी की जा रही थी। टीम ने चावल से भरे ट्रक को जब्त कर थाना बदरवास की अभिरक्षा में रखवाया और गोदाम को सील कर दिया। मामले में कंपनी संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं, लोक शांति भंग करने की स्थिति को देखते हुए ट्रक चालक हेमराज गुर्जर एवं मुकेश गुर्जर के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया। आटा मिल में भी मिला शासकीय चावल संयुक्त टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल, संचालक पंकज गर्ग, की भी जांच की। यहां करीब 8 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। टीम ने खाद्यान्न जब्त कर नियमानुसार सैंपल लिए और संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि शासकीय उचित मूल्य का खाद्यान्न पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए आवंटित होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी या परिवहन को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शासकीय राशन के अवैध परिवहन या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने पर वाहन राजसात करने सहित संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। P.NEWZ INDIA सच के साथ हर कदम
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    कलेक्टर के निर्देश पर बदरवास में बड़ी कार्रवाई, 300 क्विंटल से अधिक शासकीय चावल जब्त; गोदाम सील

अवैध परिवहन में इस्तेमाल ट्रक जब्त, गोदाम संचालक पर FIR; दो ट्रक चालकों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

शिवपुरी, 24 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिले में शासकीय खाद्यान्न के अवैध भंडारण, परिवहन और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बदरवास में संयुक्त प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए 300 क्विंटल से अधिक शासकीय उचित मूल्य का चावल जब्त किया और संबंधित गोदाम को सील कर दिया।

जानकारी के अनुसार, बदरवास में शासकीय चावल के अवैध भंडारण एवं परिवहन की सूचना मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार बदरवास सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव एवं जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की संयुक्त टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में करीब 300 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। चावल को ट्रक में भरकर परिवहन की तैयारी की जा रही थी। टीम ने चावल से भरे ट्रक को जब्त कर थाना बदरवास की अभिरक्षा में रखवाया और गोदाम को सील कर दिया। मामले में कंपनी संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

वहीं, लोक शांति भंग करने की स्थिति को देखते हुए ट्रक चालक हेमराज गुर्जर एवं मुकेश गुर्जर के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया।

आटा मिल में भी मिला शासकीय चावल

संयुक्त टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल, संचालक पंकज गर्ग, की भी जांच की। यहां करीब 8 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। टीम ने खाद्यान्न जब्त कर नियमानुसार सैंपल लिए और संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू की।

कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि शासकीय उचित मूल्य का खाद्यान्न पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए आवंटित होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी या परिवहन को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शासकीय राशन के अवैध परिवहन या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने पर वाहन राजसात करने सहित संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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सच के साथ हर कदम


कलेक्टर के निर्देश पर बदरवास में बड़ी कार्रवाई, 300 क्विंटल से अधिक शासकीय चावल जब्त; गोदाम सील
अवैध परिवहन में इस्तेमाल ट्रक जब्त, गोदाम संचालक पर FIR; दो ट्रक चालकों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
शिवपुरी, 24 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिले में शासकीय खाद्यान्न के अवैध भंडारण, परिवहन और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बदरवास में संयुक्त प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए 300 क्विंटल से अधिक शासकीय उचित मूल्य का चावल जब्त किया और संबंधित गोदाम को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बदरवास में शासकीय चावल के अवैध भंडारण एवं परिवहन की सूचना मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार बदरवास सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव एवं जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की संयुक्त टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में करीब 300 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। चावल को ट्रक में भरकर परिवहन की तैयारी की जा रही थी। टीम ने चावल से भरे ट्रक को जब्त कर थाना बदरवास की अभिरक्षा में रखवाया और गोदाम को सील कर दिया। मामले में कंपनी संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
वहीं, लोक शांति भंग करने की स्थिति को देखते हुए ट्रक चालक हेमराज गुर्जर एवं मुकेश गुर्जर के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया।
आटा मिल में भी मिला शासकीय चावल
संयुक्त टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल, संचालक पंकज गर्ग, की भी जांच की। यहां करीब 8 क्विंटल शासकीय चावल पाया गया। टीम ने खाद्यान्न जब्त कर नियमानुसार सैंपल लिए और संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू की।
कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि शासकीय उचित मूल्य का खाद्यान्न पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए आवंटित होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी या परिवहन को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शासकीय राशन के अवैध परिवहन या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने पर वाहन राजसात करने सहित संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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सच के साथ हर कदम
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ग्राम गढ़ी मानसिंह रावत मामले में राम बाई पहुंची पुलिस अधीक्षक कार्यालय ग्राम गढ़ी मानसिंह रावत मामले में राम बाई पहुंची पुलिस अधीक्षक कार्यालय
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    ग्राम गढ़ी मानसिंह रावत मामले में राम बाई पहुंची पुलिस अधीक्षक कार्यालय 
ग्राम गढ़ी मानसिंह रावत मामले में राम बाई पहुंची पुलिस अधीक्षक कार्यालय
    user_MBKS डिजिटल न्यूज़
    MBKS डिजिटल न्यूज़
    Newspaper publisher दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • झांसी में 27 सेअखिल भारतीय मलखंभ प्रतियोगिता,16 राज्यों की टीमें लेंगी भाग
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    झांसी में 27 सेअखिल भारतीय मलखंभ प्रतियोगिता,16 राज्यों की टीमें लेंगी भाग
    user_Bablu Ramaiya
    Bablu Ramaiya
    Photographer झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पंडोखर सरकार का धीरेंद्र शास्त्री पर बड़ा हमला, बोले- ये हिंदू राष्ट्र नहीं वोट यात्रा है, सनातन के नाम पर राजनीति पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरु शरण महाराज ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की बुंदेलखंड यात्रा पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री की यह पांच दिन, पांच सौ किलोमीटर की यात्रा सागर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना जिलों में हो रही है। यह हिंदू राष्ट्र, सनातन, रामराज्य या गौ माता के लिए नहीं है, बल्कि राजनीतिक यात्रा है। महाराज ने कहा कि यह विधानसभा-लोकसभा का सपना और मंत्री बनने की तैयारी है। भीड़ और समर्थन का सर्वे कर रहे हैं कि कहां से चुनाव लड़ना सेफ रहेगा। अगर यह यात्रा धार्मिक होती तो हैदराबाद, पश्चिम बंगाल या कश्मीर में होती, जहां हिंदुओं को जगाने की जरूरत है। यह वोट यात्रा है। *
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    पंडोखर सरकार का धीरेंद्र शास्त्री पर बड़ा हमला, बोले- ये हिंदू राष्ट्र नहीं वोट यात्रा है, सनातन के नाम पर राजनीति
पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरु शरण महाराज ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की बुंदेलखंड यात्रा पर बड़ा बयान दिया है। 
उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री की यह पांच दिन, पांच सौ किलोमीटर की यात्रा सागर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना जिलों में हो रही है। यह हिंदू राष्ट्र, सनातन, रामराज्य या गौ माता के लिए नहीं है, बल्कि राजनीतिक यात्रा है। 
महाराज ने कहा कि यह विधानसभा-लोकसभा का सपना और मंत्री बनने की तैयारी है। भीड़ और समर्थन का सर्वे कर रहे हैं कि कहां से चुनाव लड़ना सेफ रहेगा। अगर यह यात्रा धार्मिक होती तो हैदराबाद, पश्चिम बंगाल या कश्मीर में होती, जहां हिंदुओं को जगाने की जरूरत है। यह वोट यात्रा है।
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    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • वार्ड नंबर 2 तालपुरा में आयोजित हुआ विशाल भंडारा......
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    वार्ड नंबर 2 तालपुरा में आयोजित हुआ विशाल भंडारा......
    user_Amir Sohail
    Amir Sohail
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही! मरीज को जमीन पर लेटकर करना पड़ा इलाज का इंतजार दतिया जिला चिकित्सालय दतिया में अव्यवस्थाओं और लापरवाही से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक मरीज अस्पताल परिसर में जमीन पर लेटा हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि मरीज प्रताप पुत्र परशुराम निवासी ग्राम शुक्लहरी इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचा था। वीडियो में मरीज के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। वहीं, मौके पर इलाज के लिए डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीज को स्ट्रेचर तक पहुंचाने के लिए अस्पताल का कोई कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यदि समय पर स्ट्रेचर और जरूरी चिकित्सा सहायता नहीं मिलेगी तो उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है।जमीन पर लेटे मरीज को संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। वायरल वीडियो ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों के लिए स्ट्रेचर सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही! मरीज को जमीन पर लेटकर करना पड़ा इलाज का इंतजार दतिया जिला चिकित्सालय दतिया में अव्यवस्थाओं और लापरवाही से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक मरीज अस्पताल परिसर में जमीन पर लेटा हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि मरीज प्रताप पुत्र परशुराम निवासी ग्राम शुक्लहरी इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचा था। वीडियो में मरीज के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। वहीं, मौके पर इलाज के लिए डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीज को स्ट्रेचर तक पहुंचाने के लिए अस्पताल का कोई कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यदि समय पर स्ट्रेचर और जरूरी चिकित्सा सहायता नहीं मिलेगी तो उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है।जमीन पर लेटे मरीज को संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। वायरल वीडियो ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों के लिए स्ट्रेचर सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है।
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    अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही! मरीज को जमीन पर लेटकर करना पड़ा इलाज का इंतजार
दतिया जिला चिकित्सालय दतिया में अव्यवस्थाओं और लापरवाही से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक मरीज अस्पताल परिसर में जमीन पर लेटा हुआ नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि मरीज प्रताप पुत्र परशुराम निवासी ग्राम शुक्लहरी इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचा था। वीडियो में मरीज के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। वहीं, मौके पर इलाज के लिए डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मरीज को स्ट्रेचर तक पहुंचाने के लिए अस्पताल का कोई कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यदि समय पर स्ट्रेचर और जरूरी चिकित्सा सहायता नहीं मिलेगी तो उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है।जमीन पर लेटे मरीज को संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। वायरल वीडियो ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों के लिए स्ट्रेचर सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है।
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही! मरीज को जमीन पर लेटकर करना पड़ा इलाज का इंतजार
दतिया जिला चिकित्सालय दतिया में अव्यवस्थाओं और लापरवाही से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक मरीज अस्पताल परिसर में जमीन पर लेटा हुआ नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि मरीज प्रताप पुत्र परशुराम निवासी ग्राम शुक्लहरी इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचा था। वीडियो में मरीज के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। वहीं, मौके पर इलाज के लिए डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मरीज को स्ट्रेचर तक पहुंचाने के लिए अस्पताल का कोई कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यदि समय पर स्ट्रेचर और जरूरी चिकित्सा सहायता नहीं मिलेगी तो उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है।जमीन पर लेटे मरीज को संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। वायरल वीडियो ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों के लिए स्ट्रेचर सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है।
    user_RAVIDEEP LITORIYA
    RAVIDEEP LITORIYA
    दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • दैवीय में शराब बंद कराने महिलाओं ने उठाई आवाज, पिछोर थाने पहुंचकर की शिकायत पिछोर। क्षेत्र के ग्राम दैवीय में शराब की बिक्री को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में शराब की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर महिलाओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई और शिकायत लेकर पिछोर थाने पहुंचीं। महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शराब के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और कई परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने पुलिस से मांग की कि गांव में शराब की बिक्री से जुड़े मामलों की जांच कराई जाए। यदि जांच में अवैध रूप से शराब का कारोबार पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। महिलाओं ने प्रशासन से गांव में शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि वे गांव में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल चाहती हैं। दैवीय में शराब बंद कराने महिलाओं ने उठाई आवाज, पिछोर थाने पहुंचकर की शिकायत पिछोर। क्षेत्र के ग्राम दैवीय में शराब की बिक्री को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में शराब की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर महिलाओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई और शिकायत लेकर पिछोर थाने पहुंचीं। महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शराब के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और कई परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने पुलिस से मांग की कि गांव में शराब की बिक्री से जुड़े मामलों की जांच कराई जाए। यदि जांच में अवैध रूप से शराब का कारोबार पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। महिलाओं ने प्रशासन से गांव में शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि वे गांव में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल चाहती हैं।
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    दैवीय में शराब बंद कराने महिलाओं ने उठाई आवाज, पिछोर थाने पहुंचकर की शिकायत

पिछोर। क्षेत्र के ग्राम दैवीय में शराब की बिक्री को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में शराब की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर महिलाओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई और शिकायत लेकर पिछोर थाने पहुंचीं।

महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शराब के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और कई परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं ने पुलिस से मांग की कि गांव में शराब की बिक्री से जुड़े मामलों की जांच कराई जाए। यदि जांच में अवैध रूप से शराब का कारोबार पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

महिलाओं ने प्रशासन से गांव में शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि वे गांव में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल चाहती हैं।


दैवीय में शराब बंद कराने महिलाओं ने उठाई आवाज, पिछोर थाने पहुंचकर की शिकायत
पिछोर। क्षेत्र के ग्राम दैवीय में शराब की बिक्री को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में शराब की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर महिलाओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई और शिकायत लेकर पिछोर थाने पहुंचीं।
महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शराब के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और कई परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने पुलिस से मांग की कि गांव में शराब की बिक्री से जुड़े मामलों की जांच कराई जाए। यदि जांच में अवैध रूप से शराब का कारोबार पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
महिलाओं ने प्रशासन से गांव में शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि वे गांव में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल चाहती हैं।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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