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पन्ना जिले के एक स्कूल की रसोई में उस समय 'यमराज' का साया मंडरा गया जब वहां 8 फीट लंबा एक 'घोड़ा पछाड़' सांप देखा गया। इस घटना के कारण मासूम बच्चों के निवाले पर मानो काल मंडरा उठा, जिससे सभी की सांसें थम गईं और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
Rupesh Jain
पन्ना जिले के एक स्कूल की रसोई में उस समय 'यमराज' का साया मंडरा गया जब वहां 8 फीट लंबा एक 'घोड़ा पछाड़' सांप देखा गया। इस घटना के कारण मासूम बच्चों के निवाले पर मानो काल मंडरा उठा, जिससे सभी की सांसें थम गईं और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
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- जनपद पंचायत अजयगढ़ परिसर में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रदेश सरकार के "रक्तदान बड़ा दान" अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सहित एक दर्जन से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों और समाजसेवियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा का एक प्रेरणादायी संदेश दिया। शिविर के दौरान, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसके बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों ने रक्तदान को सबसे बड़ा दान बताया, क्योंकि इसका कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। लोगों से अपील की गई कि वे रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को छोड़कर नियमित रूप से इस पुनीत कार्य में भाग लें। रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे रक्तदान शिविरों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।1
- पन्ना जिले में बाबा बागेश्वर सरकार का जन्मोत्सव बेहद खास तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर ज्ञान दान और सेवा भाव को प्राथमिकता दी गई, जिसके साथ बाबा बागेश्वर सरकार का जन्मोत्सव संपन्न हुआ।1
- मध्यप्रदेश शासन के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से कमताना ग्राम पंचायत के सरपंच सुखदेव लोधी ने जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल परिसर में सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई नगर परिषद द्वारा निर्मित टीचिंग ग्राउंड में विभिन्न प्रकार का कचरा जमा होने से स्थानीय निवासियों और नगर पार्षद कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस टीचिंग ग्राउंड में बहुत गंदगी वाला कचरा आता है, और वहां पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण मोहल्ला वासी और नगर पार्षद कर्मचारी सभी इस स्थिति से परेशान हैं।1
- नागौद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गिंजरा के अंतर्गत आने वाला छुलहा गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। मुख्य सड़क से मात्र 900 मीटर की दूरी पर स्थित इस गांव के ग्रामीण वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के चार महीनों में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके साथ ही, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है, क्योंकि अभिभावक दुर्घटना के डर से कई दिनों तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते। गांव वालों ने बताया कि उन्होंने रैगांव विधानसभा की विधायक (राज्यमंत्री) प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह, सरपंच, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की है, परंतु हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि अब सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो चुकी है। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं कि आखिर उनके गांव की यह 900 मीटर सड़क कब बनेगी। ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए गुहार लगाई है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क का निर्माण करा दिया जाए, ताकि गांव को आवागमन की गंभीर समस्या से निजात मिल सके और लोगों को बेहतर जीवन की सुविधा प्राप्त हो।1
- देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने की पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य गांवों की सड़कों पर रोशनी को बेहतर बनाना है। इस कदम से रात के समय लोगों की आवाजाही अधिक आसान और सुरक्षित हो सकेगी, साथ ही ऊर्जा की बचत को भी बढ़ावा मिलेगा। सौर ऊर्जा पर आधारित ऐसी परियोजनाएं ग्रामीण विकास और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही हैं।1
- छतरपुर जिले में भूमि विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पीड़ित किसान इन्द्रपाल सिंह ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। किसान का आरोप है कि सीमांकन होने के बावजूद कुछ लोगों ने उसकी पैतृक कृषि भूमि पर कब्जा करने की नीयत से ट्रैक्टर चलाकर उसकी उड़द की खड़ी फसल नष्ट कर दी। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे आरोपी ट्रैक्टर और हथियारों के साथ खेत पहुंचे। जब किसान ने इसका विरोध किया, तो उस पर लाठी-डंडों से हमला किया गया और कथित तौर पर देशी कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित इन्द्रपाल सिंह ठाकुर का कहना है कि उसने इस घटना से पहले भी 13 जून 2026 को थाना बमनौरा कला में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि इसी पुलिसिया निष्क्रियता के कारण आरोपियों के हौसले बढ़े और उन्होंने यह घटना अंजाम दी। आज एसपी कार्यालय में दिए गए ज्ञापन में, किसान ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने, अपनी जान-माल और कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। किसान यह भी दावा करता है कि घटना का एक वीडियो मौजूद है, जिसमें कथित तौर पर एक आरोपी देशी कट्टा लिए धमकी देता दिख रहा है। हालांकि, इस वीडियो और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, और मामले की पुलिस जांच बाकी है।1
- सतना, जिसे एक स्मार्ट सिटी बताया जाता है, वहाँ एक 'गंदा सच' सामने आया है: पुष्पराज कॉलोनी के निवासियों को सुबह ऐसा पानी मिल रहा है जो पीने तो दूर, नहाने लायक भी नहीं है। यह स्थिति सतना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। आरोप है कि जनप्रतिनिधियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण ही इस तरह का दूषित पानी आ रहा है, और यह शहर भी स्मार्ट सिटी के दावों के बावजूद 'गढ्ढों से भरा' हुआ है।1