नागौद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गिंजरा के अंतर्गत आने वाला छुलहा गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। मुख्य सड़क से मात्र 900 मीटर की दूरी पर स्थित इस गांव के ग्रामीण वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के चार महीनों में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके साथ ही, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है, क्योंकि अभिभावक दुर्घटना के डर से कई दिनों तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते। गांव वालों ने बताया कि उन्होंने रैगांव विधानसभा की विधायक (राज्यमंत्री) प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह, सरपंच, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की है, परंतु हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि अब सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो चुकी है। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं कि आखिर उनके गांव की यह 900 मीटर सड़क कब बनेगी। ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए गुहार लगाई है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क का निर्माण करा दिया जाए, ताकि गांव को आवागमन की गंभीर समस्या से निजात मिल सके और लोगों को बेहतर जीवन की सुविधा प्राप्त हो।
नागौद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गिंजरा के अंतर्गत आने वाला छुलहा गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। मुख्य सड़क से मात्र 900 मीटर की दूरी पर स्थित इस गांव के ग्रामीण वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के चार महीनों में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके साथ ही, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है, क्योंकि अभिभावक दुर्घटना के डर से कई दिनों तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते। गांव वालों ने बताया कि उन्होंने रैगांव विधानसभा की विधायक (राज्यमंत्री) प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह, सरपंच, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की है, परंतु हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि अब सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो चुकी है। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं कि आखिर उनके गांव की यह 900 मीटर सड़क कब बनेगी। ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए गुहार लगाई है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क का निर्माण करा दिया जाए, ताकि गांव को आवागमन की गंभीर समस्या से निजात मिल सके और लोगों को बेहतर जीवन की सुविधा प्राप्त हो।
- नागौद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत गिंजरा के अंतर्गत आने वाला छुलहा गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। मुख्य सड़क से मात्र 900 मीटर की दूरी पर स्थित इस गांव के ग्रामीण वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के चार महीनों में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके साथ ही, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है, क्योंकि अभिभावक दुर्घटना के डर से कई दिनों तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते। गांव वालों ने बताया कि उन्होंने रैगांव विधानसभा की विधायक (राज्यमंत्री) प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह, सरपंच, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की है, परंतु हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि अब सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो चुकी है। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं कि आखिर उनके गांव की यह 900 मीटर सड़क कब बनेगी। ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए गुहार लगाई है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क का निर्माण करा दिया जाए, ताकि गांव को आवागमन की गंभीर समस्या से निजात मिल सके और लोगों को बेहतर जीवन की सुविधा प्राप्त हो।1
- सतना शहर में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, जहाँ डिग्री कॉलेज के ठीक सामने स्थित 'रितिक रॉयल किंग फूड कैफे' से नशीली कोरेक्स कफ सिरप की भारी खेप पकड़ी गई है। पुलिस को इस कैफे की आड़ में लंबे समय से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर कैफे के अंदर से भारी मात्रा में नशीली कोरेक्स सिरप बरामद की। पुलिस ने मौके पर मौजूद पूरे अवैध स्टॉक को जब्त कर लिया है और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी अब इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। कॉलेज क्षेत्र जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र आते हैं, इस तरह का अवैध कारोबार चलने से अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह कैफे किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग उठ रही है।1
- पन्ना जिले के देवेंद्रनगर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश हुई, जिसका किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस बारिश के होते ही किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। अब किसान आगामी फसलों की बुवाई की तैयारी में पूरी तरह जुट जाएंगे।1
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत, अमदरा पुलिस ने मैहर जिले के टिसकिली और कुठिलगवां गांवों में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना (भा.पु.से.) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित व्यापक जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत शनिवार को जिले के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। सोमवार को अमदरा थाना क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्तमान समय में तेज़ी से बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि साइबर ठग फर्जी कॉल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया, नकली एपीके फाइल, फर्जी निवेश योजनाएं, टास्क फ्रॉड, यूपीआई/क्यूआर कोड, फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर और ओटीपी प्राप्त करके लोगों से ठगी करते हैं। एस.आई. लक्ष्मण प्रसाद बुनकर ने सभी नागरिकों से अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने और ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत काट दें और किसी भी प्रकार के लालच या दबाव में न आएं। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि "डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए ऐसे झांसे में बिल्कुल न फंसें। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। अमदरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सभी अपना योगदान दे सकें।4
- प्रदेश अध्यक्ष राजेश दुबे ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- मैहर मां शारदा देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहाँ मैहर रोपवे के पास चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण एक दर्शनार्थी हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि सड़क की खुदाई के बाद गड्ढों को निर्धारित मानकों के अनुसार भरने और मजबूत करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया था। बरसात के चलते मिट्टी धंसने से सड़क बेहद खतरनाक हो गई है। इसी खतरनाक सड़क पर, मां शारदा के दर्शन करने दोपहिया वाहन से पहुंचे एक दर्शनार्थी का वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में दर्शनार्थी का पैर टूटने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। खुदाई वाले स्थानों पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संबंधी संकेतक लगाए गए हैं। बरसात के कारण सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर हालातों को देखते हुए, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए तथा सड़क की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- सतना जिले में जिला पंचायत कार्यालय के पास स्थित शासकीय आवासों के निकट आज पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई, जिससे एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पाइपलाइन फटने के कारण पिछले आधे घंटे से सड़क पर तेज रफ्तार में पानी लगातार बह रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पूरी सड़क जलमग्न हो गई है।1