छत्तीसगढ़ में बंगाली समाज के 35 लाख लोग की जनसंख्या होने के बाद भी उनका कोई राजनीति में कोई भागीदारी नहीं है शून्य भागीदारी है इतने जनसंख्या होने के बावजूद भी अपंग है ये समाज *35 लाख लोग… और सत्ता में एक भी आवाज़ नहीं?ये कैसा लोकतंत्र ये कैसा अनसुना न्याय ** रिपोर्ट/रवि सरकार छत्तीसगढ़ की मिट्टी में लगभग 35 लाख बंगाली रहते हैं, यानी हर शहर में, हर बाज़ार में, हर मोहल्ले में, बंगाली समाज की मेहनत,कारोबार, नौकरी और संस्कृति दिखाई देती है लेकिन ज़रा एक सवाल पूछिए — *इतनी बड़ी आबादी…* *और विधानसभा या संसद में एक भी प्रतिनिधि क्यों नहीं?* आज़ादी को *78 साल* हो गए लेकिन लगता है जैसे लोकतंत्र की थाली में किसी ने बंगाली समाज के हिस्से की जगह ही नहीं रखी, अजीब विडंबना है — जिस समाज ने देश को *रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, बंकिमचंद्र और वैज्ञानिकों-विचारकों की पूरी परंपरा* दी…उसी समाज की आवाज़ आज कई राज्यों की राजनीति में लगभग *गुम* है, छत्तीसगढ़ में भी यही कहानी है, कहने को 35 लाख लोग… पर सत्ता के गलियारों में उनकी आवाज़ *सुनाई ही नहीं देती* ये किसी *कुर्सी की भीख* नहीं है ये *बराबरी के हक़* की बात है, लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि, हर समाज, हर भाषा, हर पहचान को अपनी बात कहने का *मौका और मंच* मिले,अगर 35 लाख लोग सिर्फ *मतदाता* बनकर रह जाएँ और *निर्णय लेने वाली मेज़* पर उनकी कुर्सी खाली रहे, तो फिर सवाल उठना लाज़िमी है, आज मुद्दा सिर्फ बंगाली समाज का नहीं है… मुद्दा यह है कि *लोकतंत्र कितना न्यायपूर्ण है* और शायद समय आ गया है कि यह सवाल धीरे से नहीं, *पूरे आत्मविश्वास के साथ पूछा जाए* क्योंकि इतिहास गवाह है — जब किसी समाज की *खामोशी टूटती है,* तो वह सिर्फ आवाज़ नहीं बनती… *एक आंदोलन बन जाती है*
छत्तीसगढ़ में बंगाली समाज के 35 लाख लोग की जनसंख्या होने के बाद भी उनका कोई राजनीति में कोई भागीदारी नहीं है शून्य भागीदारी है इतने जनसंख्या होने के बावजूद भी अपंग है ये समाज *35 लाख लोग… और सत्ता में एक भी आवाज़ नहीं?ये कैसा लोकतंत्र ये कैसा अनसुना न्याय ** रिपोर्ट/रवि सरकार छत्तीसगढ़ की मिट्टी में लगभग 35 लाख बंगाली रहते हैं, यानी हर शहर में, हर बाज़ार में, हर मोहल्ले में, बंगाली समाज की मेहनत,कारोबार, नौकरी और संस्कृति दिखाई देती है लेकिन ज़रा एक सवाल पूछिए — *इतनी बड़ी आबादी…* *और विधानसभा या संसद में एक भी प्रतिनिधि क्यों नहीं?* आज़ादी को *78 साल* हो गए लेकिन लगता है जैसे लोकतंत्र की थाली में किसी ने बंगाली समाज के हिस्से की जगह ही नहीं रखी, अजीब विडंबना है — जिस समाज ने देश को *रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, बंकिमचंद्र और वैज्ञानिकों-विचारकों की पूरी परंपरा* दी…उसी समाज की आवाज़ आज कई राज्यों की राजनीति में लगभग *गुम* है, छत्तीसगढ़ में भी यही कहानी है, कहने को 35 लाख लोग… पर सत्ता के गलियारों में उनकी आवाज़ *सुनाई ही नहीं देती* ये किसी *कुर्सी की भीख* नहीं है ये *बराबरी के हक़* की बात है, लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि, हर समाज, हर भाषा, हर पहचान को अपनी बात कहने का *मौका और मंच* मिले,अगर 35 लाख लोग सिर्फ *मतदाता* बनकर रह जाएँ और *निर्णय लेने वाली मेज़* पर उनकी कुर्सी खाली रहे, तो फिर सवाल उठना लाज़िमी है, आज मुद्दा सिर्फ बंगाली समाज का नहीं है… मुद्दा यह है कि *लोकतंत्र कितना न्यायपूर्ण है* और शायद समय आ गया है कि यह सवाल धीरे से नहीं, *पूरे आत्मविश्वास के साथ पूछा जाए* क्योंकि इतिहास गवाह है — जब किसी समाज की *खामोशी टूटती है,* तो वह सिर्फ आवाज़ नहीं बनती… *एक आंदोलन बन जाती है*
- जगदलपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था निशा स्वर वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा टाउन हॉल में महिलाओं के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नगर निगम की स्वच्छता दीदियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।1
- उमरगाँव(अ) में वन प्रबंधन समिति के सम्मेलन में लिए गए अहम निर्णय।1
- *✰तत्वदर्शी संत कौन है, उसकी पहचान क्या है?✰* जानने के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel1
- कांकेर। प्रार्थी ने थाना उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 07 मार्च की रात्रि में प्रार्थी की नाबालिक बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा घर से सोये स्थिति से उठाकर लेकर गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कांकेर में गुम इन्सान क्र. - 22/26 दिनांक 07.03.2026 कायम कर पृथक से अपराध क्र. 89/26 धारा 137(2) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में, योगेश साहू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर के मार्गदर्शन में, श्री मोहसिन खान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कांकेर के पर्यवेक्षण में, थाना कांकेर द्वारा विषेष टीम गठित की जाकर नाबालिक बालिका व अज्ञात आरोपी के बारे में पता तलाश हेतु टीम रवाना किया गया। विवेचना के दौरान प्रार्थी की नाबालिक बेटी का पता तलाश के दौरान परिजनों के पेश करने पर दस्तयाब कर नाबालिक बालिका से पुछताछ करने पर एक व्यक्ति जो सफेद रंग का शर्ट एवं काले रंग का पैंट पहना हुआ था, उसके साथ एक और लडका था दोनों खेत की ओर ले जाकर गलत काम किया जाना बताई। ग्रामीणों से पुछताछ करने पर दिनांक 07 मार्च को रात्रि में गांव के अमित जैन और उसके दोस्त रोहन जैन को प्रार्थी के घर आस-पास घूमते देखना बताने पर दोनों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पुछताछ करने पर आरोपीगण के द्वारा दिनांक घटना को अपराध घटित करना कबूल करने पर आरोपी अमित कुमार जैन एवं रोहन जैन के द्वारा अपराध धारा 65(2),70(2),332 बीएनएस, 4,6,8,10 पाॅक्सो एक्ट का घटित होना पाये जाने से उक्त धारा का समावेश कर आरोपीगण के विरूद्ध विधिवत् कार्यवाही कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय पेश किया गया। करवाई में पुलिस टीम में निरीक्षक जितेन्द्र कुमार साहू, सउनि भुनेश्वरी भगत, महिला प्रधान आरक्षक हितेश्वरी चेलक, आरक्षक रामू जुर्री, आरक्षकनअनिल मरकाम, महिला आरक्षक सुभिया गोटा शामिल थे। कांकेर पुलिस की अपील अपराध पर नियंत्रण पुलिस और जनता की साझा जिम्मेदारी हैं। कई बार आपकी एक छोटी सी सूचना बडे अपराधों को रोक सकती हें, इसी उद्देश्य से जिला उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस द्वारा किसी भी संदिग्ध या अपराधिक गतिविधियों की जानकारी देने के लिए अपराधिक हेल्पलाईन नंबर 94791-55125 संचालित की जा रही हैं। यह दी गई हर सुचना एवं सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती हैं।2
- Post by SAHIL Bhagat1
- छतरपुर जिले में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती पकड़ी और उसे नष्ट कर1
- ईरान को युद्ध में अबतक कितना नुकसान?1
- जगदलपुर में युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा ने अग्निवीर भर्ती अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि वर्दी का अपना अलग ही क्रेज और सम्मान होता है। उन्होंने युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाते हुए देश सेवा के लिए आगे आने की अपील की।1