अमेठी जिले के संग्रामपुर विकास खंड अंतर्गत ठेंगहा ग्राम सभा के छोटी बबुरी में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को गांव जाने वाले मार्ग पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध इंटरलॉकिंग सड़क के कागजों पर निर्माण के बावजूद धरातल पर काम न होने और शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के कारण दर्ज किया गया। ग्राम सभा के ठेंगहा निवासी आशीष कुमार तिवारी, अनिल कुमार पांडेय और अभिषेक मिश्र ने बीते पांच जून को अमेठी जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें ग्राम प्रधान और सचिव पर आरोप लगाया गया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशांत सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य के लिए सरकारी धन से ₹3,22,996 का भुगतान कर लिया गया है, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की थी। गुरुवार को महिला और ग्रामीणों के साथ विरोध दर्ज कराते हुए अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि 100 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क की मंजूरी मिली थी, पर काम नहीं हुआ। जिलाधिकारी से जांच की मांग के बाद संग्रामपुर के एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव मौके पर आए, लेकिन जांच के नाम पर टालमटोल करते रहे और हीलाहवाली की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह उनका मुख्य मार्ग है और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है, जिससे आवागमन जान जोखिम में डालने जैसा है क्योंकि रास्ते में एक बड़ा गड्ढा है। ग्रामीणों ने गबन की जांच और एडीओ पंचायत के प्रलोभन को नजरअंदाज करते हुए इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण की तत्काल मांग की है। इस मामले में बीडीओ आकांक्षा सिंह और प्रभारी एडीओ पंचायत लाल शशिकांत सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं, प्रशासक प्रतिनिधि सतीश सिंह ने आश्वासन दिया है कि मार्ग पर इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा।
अमेठी जिले के संग्रामपुर विकास खंड अंतर्गत ठेंगहा ग्राम सभा के छोटी बबुरी में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को गांव जाने वाले मार्ग पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध इंटरलॉकिंग सड़क के कागजों पर निर्माण के बावजूद धरातल पर काम न होने और शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के कारण दर्ज किया गया। ग्राम सभा के ठेंगहा निवासी आशीष कुमार तिवारी, अनिल कुमार पांडेय और अभिषेक मिश्र ने बीते पांच जून को अमेठी जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें ग्राम प्रधान और सचिव पर आरोप लगाया गया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशांत सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य के लिए सरकारी धन से ₹3,22,996 का भुगतान कर लिया गया है, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की थी। गुरुवार को महिला और ग्रामीणों के साथ विरोध दर्ज कराते हुए अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि 100 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क की मंजूरी मिली थी, पर काम नहीं हुआ। जिलाधिकारी से जांच की मांग के बाद संग्रामपुर के एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव मौके पर आए, लेकिन जांच के नाम पर टालमटोल करते रहे और हीलाहवाली की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह उनका मुख्य मार्ग है और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है, जिससे आवागमन जान जोखिम में डालने जैसा है क्योंकि रास्ते में एक बड़ा गड्ढा है। ग्रामीणों ने गबन की जांच और एडीओ पंचायत के प्रलोभन को नजरअंदाज करते हुए इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण की तत्काल मांग की है। इस मामले में बीडीओ आकांक्षा सिंह और प्रभारी एडीओ पंचायत लाल शशिकांत सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं, प्रशासक प्रतिनिधि सतीश सिंह ने आश्वासन दिया है कि मार्ग पर इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा।
- अमेठी जिले के संग्रामपुर विकास खंड अंतर्गत ठेंगहा ग्राम सभा के छोटी बबुरी में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को गांव जाने वाले मार्ग पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध इंटरलॉकिंग सड़क के कागजों पर निर्माण के बावजूद धरातल पर काम न होने और शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के कारण दर्ज किया गया। ग्राम सभा के ठेंगहा निवासी आशीष कुमार तिवारी, अनिल कुमार पांडेय और अभिषेक मिश्र ने बीते पांच जून को अमेठी जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें ग्राम प्रधान और सचिव पर आरोप लगाया गया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशांत सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य के लिए सरकारी धन से ₹3,22,996 का भुगतान कर लिया गया है, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की थी। गुरुवार को महिला और ग्रामीणों के साथ विरोध दर्ज कराते हुए अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि 100 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क की मंजूरी मिली थी, पर काम नहीं हुआ। जिलाधिकारी से जांच की मांग के बाद संग्रामपुर के एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव मौके पर आए, लेकिन जांच के नाम पर टालमटोल करते रहे और हीलाहवाली की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह उनका मुख्य मार्ग है और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है, जिससे आवागमन जान जोखिम में डालने जैसा है क्योंकि रास्ते में एक बड़ा गड्ढा है। ग्रामीणों ने गबन की जांच और एडीओ पंचायत के प्रलोभन को नजरअंदाज करते हुए इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण की तत्काल मांग की है। इस मामले में बीडीओ आकांक्षा सिंह और प्रभारी एडीओ पंचायत लाल शशिकांत सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं, प्रशासक प्रतिनिधि सतीश सिंह ने आश्वासन दिया है कि मार्ग पर इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा।1
- अमेठी की मोहनगंज पुलिस ने 50 क्विंटल यूकेलिप्टस की लकड़ी से लदे एक ट्रैक्टर के साथ दो वांछित शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। थाना मोहनगंज पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु और वाहन की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अब्दुल रहमान और मोहम्मद इरशाद उर्फ आजाद शामिल हैं, दोनों ही मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे ठुन्नी मजरे नवांवा गांव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से बिना नंबर प्लेट वाला एक जॉन डियर ट्रैक्टर और एक बोलेरो कार (यूपी 33 एएफ 9016) बरामद की है। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने मिलकर ग्राम सभा के तालाब से चोरी-छिपे ये लकड़ियां काटी थीं। वे ट्रैक्टर और बोलेरो कार के कागजात भी पेश नहीं कर सके। इस मामले में पहले से दर्ज मु0अ0सं0 181/26 धारा 2/3 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधि0 व 303(2) बी0एन0एस0 में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) बी0एन0एस0 की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त इरशाद का आपराधिक इतिहास रहा है, जिसके खिलाफ मोहनगंज थाने में 14 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, मारपीट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर के मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, फुरसतगंज थाने में भी उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास जैसे दो मुकदमे दर्ज हैं। मोहनगंज पुलिस द्वारा गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।3
- *मुहर्रम को लेकर धम्मौर पुलिस अलर्ट मोड पर* *थाना क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक विपेंद्र कुमार वर्मा की अगुवाई मे किया गया फुट मार्च* सुलतानपुर। आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से धम्मौर पुलिस ने थाना क्षेत्र में व्यापक पैदल गश्त (फुट मार्च) किया। पुलिस टीम ने संवेदनशील स्थानों, प्रमुख बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फुट मार्च के दौरान थाना प्रभारी धम्मौर विपेंद्र कुमार वर्मा ने स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों से संवाद कर आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया। प्रभारी निरीक्षक विपेंद्र कुमार वर्मा ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि मुहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।1
- आगामी मुहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु पुलिस अधीक्षक में क्या कहा देखें। आगामी मुहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के संबंध में-पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर ने क्या कहा देखें।1
- उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में ट्रैफिक पुलिस ने एक ऑटो को पकड़ा। जब पुलिस ने ऑटो में बैठी सवारियों की गिनती की तो चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया, जिसमें कुल 19 सवारियां मिलीं। नियमों का उल्लंघन करते हुए इतनी अधिक सवारियां बैठाने के कारण पुलिस ने तत्काल ऑटो को सीज कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बेमौरा महेश खेड़ा लोहरामऊ में लगभग 20 वर्ष पहले एक पानी टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। इस अधूरे निर्माण कार्य के कारण पूरी ग्राम पंचायत में पानी की भीषण समस्या बनी हुई है।3
- लखनऊ के थाना इंदिरा नगर क्षेत्र के अंतर्गत तकरोही मायावती मोड़ के पास एक व्यक्ति का शव मृत अवस्था में पाया गया। स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद, इंदिरा नगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान रमेश के रूप में बताई जा रही है, और स्थानीय लोगों के अनुसार, वह शराब के नशे में था। लोगों ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच थी और वह मूल रूप से बिहार का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि उसकी मौत के कारणों का सही-सही पता लगाया जा सके।1