दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर मंगलवार आधी रात को मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) सवाई माधोपुर-गंगापुर रेलखंड पर रणथंभौर और मखोली स्टेशनों के बीच कपलर टूटने से दो भागों में बंट गई। तेज रफ्तार में दौड़ती देहरादून ट्रेन का कपलर उखड़ने के कारण हुए इस हादसे के चलते मलाना स्टेशन पर ट्रेन अपने आधे डिब्बे ही लेकर पहुंची। यह घटना कोच नंबर एस-6 और एस-7 के बीच हुई, जहाँ आगे वाले एस-6 कोच का कपलर उखड़कर पीछे वाले कोच पर लटक गया। कपलर जोड़ने की स्थिति में न होने के कारण ट्रेन बुधवार तड़के तक मौके पर ही खड़ी रही। सूचना मिलने पर सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के आगे वाले हिस्से को मलारना स्टेशन पहुंचाया गया और पीछे वाले हिस्से को रणथंभौर स्टेशन ले जाकर खड़ा किया गया। अधिकारियों ने तड़के तक ट्रेन को रवाना करने के प्रयास किए, जिसमें पहले कोटा से दूसरा कोच मंगाकर एस-6 की जगह लगाने की तैयारी की गई, लेकिन फिर दूसरे ट्रेन इंजन से उन्हीं कोचों को लाकर मलारना स्टेशन पर जोड़ा गया। मुंबई में बारिश के चलते यह ट्रेन पहले से ही करीब 4 घंटे 20 मिनट देरी से चल रही थी। कोटा से रात 10:15 बजे रवाना होकर यह ट्रेन 12:10 बजे माधोपुर पहुंची थी, और वहाँ से रवाना होने के कुछ देर बाद ही रणथंभौर-मखोली के बीच यह घटना हुई, जिससे ट्रेन का आगे का हिस्सा 12:40 बजे मलारना स्टेशन पहुँचा। इस घटना से कोटा रेल मंडल अधिकारियों में हलचल मच गई और वे तुरंत कंट्रोल रूम पहुंचे। मलारना स्टेशन पर पूरी ट्रेन को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया और सुबह करीब 6:30 बजे देहरादून एक्सप्रेस को दिल्ली की ओर रवाना किया गया।
दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर मंगलवार आधी रात को मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) सवाई माधोपुर-गंगापुर रेलखंड पर रणथंभौर और मखोली स्टेशनों के बीच कपलर टूटने से दो भागों में बंट गई। तेज रफ्तार में दौड़ती देहरादून ट्रेन का कपलर उखड़ने के कारण हुए इस हादसे के चलते मलाना स्टेशन पर ट्रेन अपने आधे डिब्बे ही लेकर पहुंची। यह घटना कोच नंबर एस-6 और एस-7 के बीच हुई, जहाँ आगे वाले एस-6 कोच का कपलर उखड़कर पीछे वाले कोच पर लटक गया। कपलर जोड़ने की स्थिति में न होने के कारण ट्रेन बुधवार तड़के तक मौके पर ही खड़ी रही। सूचना मिलने पर सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के आगे वाले हिस्से को मलारना स्टेशन पहुंचाया गया और पीछे वाले हिस्से को रणथंभौर स्टेशन ले जाकर खड़ा किया गया। अधिकारियों ने तड़के तक ट्रेन को रवाना करने के प्रयास किए, जिसमें पहले कोटा से दूसरा कोच मंगाकर एस-6 की जगह लगाने की तैयारी की गई, लेकिन फिर दूसरे ट्रेन इंजन से उन्हीं कोचों को लाकर मलारना स्टेशन पर जोड़ा गया। मुंबई में बारिश के चलते यह ट्रेन पहले से ही करीब 4 घंटे 20 मिनट देरी से चल रही थी। कोटा से रात 10:15 बजे रवाना होकर यह ट्रेन 12:10 बजे माधोपुर पहुंची थी, और वहाँ से रवाना होने के कुछ देर बाद ही रणथंभौर-मखोली के बीच यह घटना हुई, जिससे ट्रेन का आगे का हिस्सा 12:40 बजे मलारना स्टेशन पहुँचा। इस घटना से कोटा रेल मंडल अधिकारियों में हलचल मच गई और वे तुरंत कंट्रोल रूम पहुंचे। मलारना स्टेशन पर पूरी ट्रेन को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया और सुबह करीब 6:30 बजे देहरादून एक्सप्रेस को दिल्ली की ओर रवाना किया गया।
- सवाई माधोपुर में खैरदा अंडरपास को आम जनता की सुरक्षा के मद्देनज़र बंद कर दिया गया है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह अस्थायी बंद कब तक जारी रहेगा और लोगों को यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर यह रोक कब हटेगी।1
- गुर्जर समाज ने अपनी बहन-बेटियों पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज ने अजयराज पीलोदा, मदन मोहन राजौर, अर्जुन महर, हंसराज सरपंच पदमपुरा, मनोज मीणा महुआ और विश्रा खण्डिप नामक छह व्यक्तियों पर ये टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस से इन सभी आरोपियों की तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारी की मांग की गई है।1
- ग्राम पंचायत सारसोप में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों तक पहुँचाया। पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया भी समझाई गई। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को प्राथमिकता के साथ सुना। कई समस्याओं का समाधान तो मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों में आवश्यक आवेदन लेकर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न सरकारी सेवाओं का फायदा उठाया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन तक सरकारी सुविधाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से उनके समय और धन दोनों की बचत हुई है।1
- लालसोट ब्लॉक के शिक्षा विभाग को नई नेतृत्वकर्ता मिल गई हैं। बुधवार, 8 जुलाई को श्रीमती शीला मीणा ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) के पद पर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर आयोजित एक भव्य स्वागत समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रधानाचार्यों, मंत्रालयिक कर्मचारियों और शिक्षकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यभार ग्रहण समारोह में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, बिहारी लाल वर्मा, आरपी अभिनंदन त्रिवेदी और सुनील कुमार जैन (ईओ) सहित कार्यालय के कई कार्मिक उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, लालसोट ब्लॉक के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य, मंत्रालयिक कर्मचारी, बड़ी संख्या में शिक्षक और सीबीईओ कार्यालय बसवा के कार्मिक भी इस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं शिक्षक साथियों ने श्रीमती शीला मीणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। पदभार संभालने के बाद, श्रीमती शीला मीणा ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता ब्लॉक में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाना, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना तथा विभागीय कार्यों का संचालन पारदर्शिता, समर्पण और पूर्ण निष्ठा के साथ करना होगा।1
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित डूंगरपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और राजस्थान की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी का भव्य स्वागत किया गया। इस स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व लालसोट विधायक रामबिलास मीणा ने किया। इस अवसर पर, विधायक रामबिलास मीणा ने दोनों गणमान्य अतिथियों को साफा और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान क्षेत्र के विकास और सड़क अवसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा भी की गई। विधायक मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे राज्य में बेहतर संपर्क स्थापित करेगा और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम में भाजपा दौसा जिला अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी रैला, बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, जिला उपाध्यक्ष रूपसिंह बैपलावत सहित बड़ी संख्या में अन्य भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- करौली गुड़ला से विजय बैंसला ने एक बयान जारी कर बहन-बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने चाहिए जो महिलाओं के प्रति अनुचित टिप्पणी करते हैं।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ जानवरों को बेरोकटोक परिसर में प्रवेश करते देखा जा रहा है। अस्पताल के इस हाल को देखते हुए कहा जा रहा है कि यहाँ जानवरों की एंट्री 'फ्री' है।1
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- खण्डार शहर में नगरपालिका प्रशासन की घोर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है, जहाँ खेड़ा खूंटी मोक्षधाम की बदहाल स्थिति के कारण अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य में भी लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर में कुल तीन मोक्षधाम होने के बावजूद, खेड़ा खूंटी श्मशान की हालत सबसे अधिक दयनीय बनी हुई है। यहाँ चारों ओर गंदगी फैली है और पेयजल, छाया तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है। स्थानीय नागरिकों ने अपने स्तर पर धनराशि जुटाकर एक चबूतरे पर टीन शेड का इंतजाम तो कर लिया है, लेकिन दाह संस्कार करने वाला मुख्य स्थान आज भी खुला पड़ा है। बारिश के मौसम में परिजनों को शव को तिरपाल से ढककर घंटों बारिश रुकने का इंतजार करना पड़ता है, और कई बार तो उन्हें तिरपाल पकड़े हुए ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने पर मजबूर होना पड़ता है। मंगलवार को भी ऐसा ही एक हृदयविदारक दृश्य कैमरे में कैद हुआ, जिसने नगरपालिका की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मोक्षधाम में स्थायी टीन शेड, उचित स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं अविलंब उपलब्ध कराई जाएं। इसका उद्देश्य है कि शोकाकुल परिवारों को अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देते समय ऐसी असहनीय परेशानियों का सामना न करना पड़े, और अंतिम संस्कार गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।1