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More news from Rajasthan and nearby areas
- सवाई माधोपुर के गरीब सफाईकर्मियों ने अपने बकाए वेतन को लेकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को एक ज्ञापन सौंपा है। इन सफाईकर्मियों के अनुसार, उन्होंने 'स्टार ग्लोबल सिक्यूरिटी सर्विस' के ठेकेदार केदार सिंह नरूका के नेतृत्व में शहर की सफाई का काम किया था, लेकिन उन्हें फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 के कुल 2 महीने 10 दिन का वेतन नहीं मिला है। ठेकेदार केदार सिंह नरूका से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई है, लेकिन वे भुगतान नहीं कर रहे हैं और न ही कोई जवाब दे रहे हैं। उनका मोबाइल नंबर 9588884921 बताया गया है। इसके अलावा, मई 2025 में सीएलसी के 3 जोन शहर और मानटाउन हाउसिंग बोर्ड के 30 दिनों का वेतन भी बकाया है। वहीं, सीएलसी का 10 अप्रैल से मई तक का दिन और रात दोनों का वेतन भी लंबित है। वेतन समय पर न मिलने और ठेकेदार द्वारा आनाकानी करने के कारण इन सफाईकर्मियों के लिए अपना जीवन यापन करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसी समस्या के समाधान की मांग करते हुए यह ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।1
- यह मांग उठाई गई है कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो दो समुदायों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं और उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं।1
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार चौथ का बरवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बलरिया में नशा मुक्ति विषय पर एक विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था। शिविर के दौरान, विधिक सहायता सिविल पैनल अधिवक्ता लोकेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर गंभीर और नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से यह आह्वान किया कि वे अपने जीवन के निर्धारित लक्ष्यों पर केंद्रित रहें और नशे जैसी सामाजिक बुराई से हमेशा दूर रहें। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशा मुक्त रहने और अपने लक्ष्यों पर एकाग्रता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।1
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के गुणशीला गांव की एक युवती के कथित अपहरण के मामले को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस थाना चौथ का बरवाड़ा पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए युवती की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि इस घटना के कारण गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि वे मामले की गंभीरता से जांच कर त्वरित कार्रवाई करें। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। थाना अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और युवती की तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रियता से काम कर रही हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि जांच के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।1
- दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर मंगलवार आधी रात को मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) सवाई माधोपुर-गंगापुर रेलखंड पर रणथंभौर और मखोली स्टेशनों के बीच कपलर टूटने से दो भागों में बंट गई। तेज रफ्तार में दौड़ती देहरादून ट्रेन का कपलर उखड़ने के कारण हुए इस हादसे के चलते मलाना स्टेशन पर ट्रेन अपने आधे डिब्बे ही लेकर पहुंची। यह घटना कोच नंबर एस-6 और एस-7 के बीच हुई, जहाँ आगे वाले एस-6 कोच का कपलर उखड़कर पीछे वाले कोच पर लटक गया। कपलर जोड़ने की स्थिति में न होने के कारण ट्रेन बुधवार तड़के तक मौके पर ही खड़ी रही। सूचना मिलने पर सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के आगे वाले हिस्से को मलारना स्टेशन पहुंचाया गया और पीछे वाले हिस्से को रणथंभौर स्टेशन ले जाकर खड़ा किया गया। अधिकारियों ने तड़के तक ट्रेन को रवाना करने के प्रयास किए, जिसमें पहले कोटा से दूसरा कोच मंगाकर एस-6 की जगह लगाने की तैयारी की गई, लेकिन फिर दूसरे ट्रेन इंजन से उन्हीं कोचों को लाकर मलारना स्टेशन पर जोड़ा गया। मुंबई में बारिश के चलते यह ट्रेन पहले से ही करीब 4 घंटे 20 मिनट देरी से चल रही थी। कोटा से रात 10:15 बजे रवाना होकर यह ट्रेन 12:10 बजे माधोपुर पहुंची थी, और वहाँ से रवाना होने के कुछ देर बाद ही रणथंभौर-मखोली के बीच यह घटना हुई, जिससे ट्रेन का आगे का हिस्सा 12:40 बजे मलारना स्टेशन पहुँचा। इस घटना से कोटा रेल मंडल अधिकारियों में हलचल मच गई और वे तुरंत कंट्रोल रूम पहुंचे। मलारना स्टेशन पर पूरी ट्रेन को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया और सुबह करीब 6:30 बजे देहरादून एक्सप्रेस को दिल्ली की ओर रवाना किया गया।1
- राज्य सरकार द्वारा आम जनता के आवश्यक कार्यों को सरलता से एक ही स्थान पर सम्पन्न कराने की मंशा से चलाए जा रहे जनसेवा शिविर अब केवल खानापूर्ति साबित होते दिखाई दे रहे हैं। उनियारा ब्लॉक की फुलेता ग्राम पंचायत में आयोजित एक जन सेवा शिविर इस बात का जीता-जागता प्रमाण है, जहाँ शिविर के निर्धारित समापन से पूर्व ही 50 से अधिक कार्मिक नदारद पाए गए। इन नदारद कर्मियों में स्वयं शिविर प्रभारी भी शामिल थीं। यह स्थिति दर्शाती है कि जनसेवा शिविर मात्र औपचारिक बनकर रह गए हैं, जहाँ कर्मचारी केवल हस्ताक्षर करके गायब हो रहे हैं।1
- कैबिनेट मंत्री और कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पांचना बांध एवं नहरी जल प्रवाह से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सवाई माधोपुर-करौली क्षेत्र के सभी किसान भाइयों और आमजन से शांति, संयम तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की महत्वपूर्ण अपील की है। डॉ. मीणा ने आग्रह किया कि कुछ लोग वातावरण को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से किसी भी प्रकार की हिंसा, उग्र प्रदर्शन अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने को कहा। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक एवं भड़काऊ टिप्पणियों पर ध्यान न देने, अफवाहों और अनर्गल टिप्पणियों से बचने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करने का आग्रह किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे कमांड क्षेत्र एवं कैचमेंट क्षेत्र दोनों के किसानों के साथ समान रूप से खड़े हैं, और राज्य सरकार सभी किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से आंदोलनरत किसान भाइयों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया, यह दोहराते हुए कि किसी भी प्रकार की हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन अथवा कानून हाथ में लेने जैसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। डॉ. मीणा ने सभी से प्रशासन का सहयोग करने और शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।1
- प्रशासन के साथ मिलकर सफर को सुरक्षित बनाने की एक पहल और बदलाव की बात कही गई है। हालाँकि, इस पूरी कवायद को 'लीपापोती' बताते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर यह कब तक चलता रहेगा।1