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मनगवां तहसील के रक्सा माजन शासकीय भूमि पर निर्माण को लेकर बड़ा विवाद नायब तहसीलदार के स्थगन आदेश की अनदेखी का आरोप, पुलिस-राजस्व समन्वय पर उठे सवाल रीवा (मध्य प्रदेश)। जिले की मनगवां तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रक्सा माजन  में शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम माल स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला परिसर की भूमि (आराजी नंबर 415/1) के एक हिस्से पर पंचायत भवन का निर्माण कार्य नायब तहसीलदार द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद जारी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना खुलेआम की जा रही है, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।  क्या है पूरा मामला? राजेंद्र सिंह के अनुसार, संबंधित भूमि शासकीय विद्यालय के नाम दर्ज है और विद्यालय परिसर में पहले से आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन किचन, शौचालय तथा जल निगम की टंकी निर्मित है। परिसर में उपलब्ध भूमि सीमित है। ऐसे में यदि उसी स्थान पर पंचायत भवन का निर्माण किया जाता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई, खेलकूद गतिविधियों और भविष्य के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।  उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने पर उन्होंने राजस्व न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद नायब तहसीलदार, तहसील मनगवां (वृत्त गढ़) द्वारा दिनांक 05 फरवरी 2026 को स्थगन आदेश जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश की प्रतिलिपि थाना गढ़, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की गई।  18 फरवरी को फिर जारी हुआ पत्र शिकायतकर्ता के अनुसार, स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ। इस पर उन्होंने पुनः आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद पत्र क्रमांक 138/प्रवा०/2026, दिनांक 18.02.2026 के माध्यम से नायब तहसीलदार ने अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां को स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित कराने हेतु पत्र प्रेषित किया। पत्र में उल्लेख किया गया कि आवेदक ने जानकारी दी है कि अनावेदकगण द्वारा स्थगन के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। इसके बावजूद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर न तो प्रभावी पुलिस हस्तक्षेप हुआ और न ही राजस्व अमले द्वारा निर्माण रुकवाया गया।  पुलिस और राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल राजेंद्र सिंह का कहना है कि थाना स्तर पर केवल नोटिस तामील करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस का कथित रूप से कहना है कि उनका कार्य केवल नोटिस की तामील तक सीमित है, जबकि निर्माण रुकवाने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। दूसरी ओर, राजस्व अमले का कहना है कि आदेश के पालन के लिए पुलिस की सहायता आवश्यक है। इस समन्वय के अभाव में निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जब पटवारी मौके पर पहुंचे तो विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद नियमित जांच नहीं हो सकी।  अधिवक्ता की प्रतिक्रिया मामले में अधिवक्ता संघ मनगवां के पूर्व अध्यक्ष प्रभात चंद द्विवेदी ने बताया कि संबंधित भूमि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के नाम दर्ज है और राजस्व अभिलेखों में किसी प्रकार का वैध परिवर्तन दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार एवं एसडीएम स्तर से भी स्थगन की पुष्टि की जा चुकी है। यदि इसके बावजूद निर्माण जारी है तो यह न्यायालयीन आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तहसीलदार के आदेश का पालन कराना पुलिस प्रशासन का दायित्व है और पुलिस को मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवाकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना चाहिए। ग्रामीणों की चिंता ग्रामीणों का कहना है कि विवाद की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो गांव में तनाव बढ़ सकता है। उनका आग्रह है कि जिला प्रशासन, संभागीय आयुक्त तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करें। शिकायतकर्ता ने दोहराया कि उन्हें पंचायत भवन निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वह अन्य उपलब्ध शासकीय भूमि पर कराया जाए। उनका विरोध केवल विद्यालय परिसर में निर्माण को लेकर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। प्रशासन से अपेक्षा यह मामला केवल एक गांव का विवाद नहीं, बल्कि शासकीय भूमि की सुरक्षा, राजस्व अभिलेखों की वैधता और प्रशासनिक आदेशों के पालन से जुड़ा प्रश्न बन गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन स्थगन आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्या कदम उठाता है और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्थिति को कैसे नियंत्रित करता है।

2 hrs ago
user_विंध्य वसुंधरा समाचार
विंध्य वसुंधरा समाचार
Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

मनगवां तहसील के रक्सा माजन शासकीय भूमि पर निर्माण को लेकर बड़ा विवाद नायब तहसीलदार के स्थगन आदेश की अनदेखी का आरोप, पुलिस-राजस्व समन्वय पर उठे सवाल रीवा (मध्य प्रदेश)। जिले की मनगवां तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रक्सा माजन  में शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम माल स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला परिसर की भूमि (आराजी नंबर 415/1) के एक हिस्से पर पंचायत भवन का निर्माण कार्य नायब तहसीलदार द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद जारी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना खुलेआम की जा रही है, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।  क्या है पूरा मामला? राजेंद्र सिंह के अनुसार, संबंधित भूमि शासकीय विद्यालय के नाम दर्ज है और विद्यालय परिसर में पहले से आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन किचन, शौचालय तथा जल निगम की टंकी निर्मित है। परिसर में उपलब्ध भूमि सीमित है। ऐसे में यदि उसी स्थान पर पंचायत भवन का निर्माण किया जाता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई, खेलकूद गतिविधियों और भविष्य के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।  उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने पर उन्होंने राजस्व न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद नायब तहसीलदार, तहसील मनगवां (वृत्त गढ़) द्वारा दिनांक 05 फरवरी 2026 को स्थगन आदेश जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए

थे। आदेश की प्रतिलिपि थाना गढ़, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की गई।  18 फरवरी को फिर जारी हुआ पत्र शिकायतकर्ता के अनुसार, स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ। इस पर उन्होंने पुनः आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद पत्र क्रमांक 138/प्रवा०/2026, दिनांक 18.02.2026 के माध्यम से नायब तहसीलदार ने अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां को स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित कराने हेतु पत्र प्रेषित किया। पत्र में उल्लेख किया गया कि आवेदक ने जानकारी दी है कि अनावेदकगण द्वारा स्थगन के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। इसके बावजूद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर न तो प्रभावी पुलिस हस्तक्षेप हुआ और न ही राजस्व अमले द्वारा निर्माण रुकवाया गया।  पुलिस और राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल राजेंद्र सिंह का कहना है कि थाना स्तर पर केवल नोटिस तामील करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस का कथित रूप से कहना है कि उनका कार्य केवल नोटिस की तामील तक सीमित है, जबकि निर्माण रुकवाने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। दूसरी ओर, राजस्व अमले का कहना है कि आदेश के पालन के लिए पुलिस की सहायता आवश्यक है। इस समन्वय के अभाव में निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जब पटवारी मौके पर पहुंचे तो विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद नियमित जांच नहीं हो सकी।  अधिवक्ता की प्रतिक्रिया मामले में अधिवक्ता संघ मनगवां के पूर्व अध्यक्ष प्रभात चंद द्विवेदी ने

बताया कि संबंधित भूमि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के नाम दर्ज है और राजस्व अभिलेखों में किसी प्रकार का वैध परिवर्तन दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार एवं एसडीएम स्तर से भी स्थगन की पुष्टि की जा चुकी है। यदि इसके बावजूद निर्माण जारी है तो यह न्यायालयीन आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तहसीलदार के आदेश का पालन कराना पुलिस प्रशासन का दायित्व है और पुलिस को मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवाकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना चाहिए। ग्रामीणों की चिंता ग्रामीणों का कहना है कि विवाद की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो गांव में तनाव बढ़ सकता है। उनका आग्रह है कि जिला प्रशासन, संभागीय आयुक्त तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करें। शिकायतकर्ता ने दोहराया कि उन्हें पंचायत भवन निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वह अन्य उपलब्ध शासकीय भूमि पर कराया जाए। उनका विरोध केवल विद्यालय परिसर में निर्माण को लेकर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। प्रशासन से अपेक्षा यह मामला केवल एक गांव का विवाद नहीं, बल्कि शासकीय भूमि की सुरक्षा, राजस्व अभिलेखों की वैधता और प्रशासनिक आदेशों के पालन से जुड़ा प्रश्न बन गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन स्थगन आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्या कदम उठाता है और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्थिति को कैसे नियंत्रित करता है।

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  • नायब तहसीलदार के स्थगन आदेश की अनदेखी का आरोप, पुलिस-राजस्व समन्वय पर उठे सवाल रीवा (मध्य प्रदेश)। जिले की मनगवां तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रक्सा माजन  में शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम माल स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला परिसर की भूमि (आराजी नंबर 415/1) के एक हिस्से पर पंचायत भवन का निर्माण कार्य नायब तहसीलदार द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद जारी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना खुलेआम की जा रही है, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।  क्या है पूरा मामला? राजेंद्र सिंह के अनुसार, संबंधित भूमि शासकीय विद्यालय के नाम दर्ज है और विद्यालय परिसर में पहले से आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन किचन, शौचालय तथा जल निगम की टंकी निर्मित है। परिसर में उपलब्ध भूमि सीमित है। ऐसे में यदि उसी स्थान पर पंचायत भवन का निर्माण किया जाता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई, खेलकूद गतिविधियों और भविष्य के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।  उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने पर उन्होंने राजस्व न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद नायब तहसीलदार, तहसील मनगवां (वृत्त गढ़) द्वारा दिनांक 05 फरवरी 2026 को स्थगन आदेश जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश की प्रतिलिपि थाना गढ़, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की गई।  18 फरवरी को फिर जारी हुआ पत्र शिकायतकर्ता के अनुसार, स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ। इस पर उन्होंने पुनः आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद पत्र क्रमांक 138/प्रवा०/2026, दिनांक 18.02.2026 के माध्यम से नायब तहसीलदार ने अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां को स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित कराने हेतु पत्र प्रेषित किया। पत्र में उल्लेख किया गया कि आवेदक ने जानकारी दी है कि अनावेदकगण द्वारा स्थगन के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। इसके बावजूद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर न तो प्रभावी पुलिस हस्तक्षेप हुआ और न ही राजस्व अमले द्वारा निर्माण रुकवाया गया।  पुलिस और राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल राजेंद्र सिंह का कहना है कि थाना स्तर पर केवल नोटिस तामील करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस का कथित रूप से कहना है कि उनका कार्य केवल नोटिस की तामील तक सीमित है, जबकि निर्माण रुकवाने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। दूसरी ओर, राजस्व अमले का कहना है कि आदेश के पालन के लिए पुलिस की सहायता आवश्यक है। इस समन्वय के अभाव में निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जब पटवारी मौके पर पहुंचे तो विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद नियमित जांच नहीं हो सकी।  अधिवक्ता की प्रतिक्रिया मामले में अधिवक्ता संघ मनगवां के पूर्व अध्यक्ष प्रभात चंद द्विवेदी ने बताया कि संबंधित भूमि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के नाम दर्ज है और राजस्व अभिलेखों में किसी प्रकार का वैध परिवर्तन दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार एवं एसडीएम स्तर से भी स्थगन की पुष्टि की जा चुकी है। यदि इसके बावजूद निर्माण जारी है तो यह न्यायालयीन आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तहसीलदार के आदेश का पालन कराना पुलिस प्रशासन का दायित्व है और पुलिस को मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवाकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना चाहिए। ग्रामीणों की चिंता ग्रामीणों का कहना है कि विवाद की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो गांव में तनाव बढ़ सकता है। उनका आग्रह है कि जिला प्रशासन, संभागीय आयुक्त तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करें। शिकायतकर्ता ने दोहराया कि उन्हें पंचायत भवन निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वह अन्य उपलब्ध शासकीय भूमि पर कराया जाए। उनका विरोध केवल विद्यालय परिसर में निर्माण को लेकर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। प्रशासन से अपेक्षा यह मामला केवल एक गांव का विवाद नहीं, बल्कि शासकीय भूमि की सुरक्षा, राजस्व अभिलेखों की वैधता और प्रशासनिक आदेशों के पालन से जुड़ा प्रश्न बन गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन स्थगन आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्या कदम उठाता है और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्थिति को कैसे नियंत्रित करता है।
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    नायब तहसीलदार के स्थगन आदेश की अनदेखी का आरोप, पुलिस-राजस्व समन्वय पर उठे सवाल
रीवा (मध्य प्रदेश)। जिले की मनगवां तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रक्सा माजन  में शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम माल स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला परिसर की भूमि (आराजी नंबर 415/1) के एक हिस्से पर पंचायत भवन का निर्माण कार्य नायब तहसीलदार द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद जारी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना खुलेआम की जा रही है, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
राजेंद्र सिंह के अनुसार, संबंधित भूमि शासकीय विद्यालय के नाम दर्ज है और विद्यालय परिसर में पहले से आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन किचन, शौचालय तथा जल निगम की टंकी निर्मित है। परिसर में उपलब्ध भूमि सीमित है। ऐसे में यदि उसी स्थान पर पंचायत भवन का निर्माण किया जाता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई, खेलकूद गतिविधियों और भविष्य के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने पर उन्होंने राजस्व न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद नायब तहसीलदार, तहसील मनगवां (वृत्त गढ़) द्वारा दिनांक 05 फरवरी 2026 को स्थगन आदेश जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश की प्रतिलिपि थाना गढ़, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की गई।

18 फरवरी को फिर जारी हुआ पत्र
शिकायतकर्ता के अनुसार, स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ। इस पर उन्होंने पुनः आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद पत्र क्रमांक 138/प्रवा०/2026, दिनांक 18.02.2026 के माध्यम से नायब तहसीलदार ने अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनगवां को स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित कराने हेतु पत्र प्रेषित किया। पत्र में उल्लेख किया गया कि आवेदक ने जानकारी दी है कि अनावेदकगण द्वारा स्थगन के बावजूद निर्माण कार्य जारी है।
इसके बावजूद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर न तो प्रभावी पुलिस हस्तक्षेप हुआ और न ही राजस्व अमले द्वारा निर्माण रुकवाया गया।

पुलिस और राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल
राजेंद्र सिंह का कहना है कि थाना स्तर पर केवल नोटिस तामील करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस का कथित रूप से कहना है कि उनका कार्य केवल नोटिस की तामील तक सीमित है, जबकि निर्माण रुकवाने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। दूसरी ओर, राजस्व अमले का कहना है कि आदेश के पालन के लिए पुलिस की सहायता आवश्यक है।
इस समन्वय के अभाव में निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जब पटवारी मौके पर पहुंचे तो विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद नियमित जांच नहीं हो सकी।

अधिवक्ता की प्रतिक्रिया
मामले में अधिवक्ता संघ मनगवां के पूर्व अध्यक्ष प्रभात चंद द्विवेदी ने बताया कि संबंधित भूमि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के नाम दर्ज है और राजस्व अभिलेखों में किसी प्रकार का वैध परिवर्तन दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार एवं एसडीएम स्तर से भी स्थगन की पुष्टि की जा चुकी है। यदि इसके बावजूद निर्माण जारी है तो यह न्यायालयीन आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि तहसीलदार के आदेश का पालन कराना पुलिस प्रशासन का दायित्व है और पुलिस को मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवाकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना चाहिए।
ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि विवाद की स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो गांव में तनाव बढ़ सकता है। उनका आग्रह है कि जिला प्रशासन, संभागीय आयुक्त तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करें।
शिकायतकर्ता ने दोहराया कि उन्हें पंचायत भवन निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वह अन्य उपलब्ध शासकीय भूमि पर कराया जाए। उनका विरोध केवल विद्यालय परिसर में निर्माण को लेकर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन से अपेक्षा
यह मामला केवल एक गांव का विवाद नहीं, बल्कि शासकीय भूमि की सुरक्षा, राजस्व अभिलेखों की वैधता और प्रशासनिक आदेशों के पालन से जुड़ा प्रश्न बन गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन स्थगन आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्या कदम उठाता है और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्थिति को कैसे नियंत्रित करता है।
    user_विंध्य वसुंधरा समाचार
    विंध्य वसुंधरा समाचार
    Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश,रीवा। विंध्य क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े नर्सिंग होम के संचालक एक नामी चिकित्सक (हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist)डा. के.डी सिंह के लिए आज का दिन 'ब्लैक वेडनेसडे' साबित हुआ। शहर की व्यस्त सड़क पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डॉक्टर की पत्नी ने उन्हें उनकी एक महिला मित्र के साथ कार के अंदर रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद जो हुआ, उसे देखकर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई और करीब एक घंटे तक सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
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    मध्य प्रदेश,रीवा। विंध्य क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े नर्सिंग होम के संचालक एक नामी चिकित्सक (हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist)डा. के.डी सिंह के लिए आज का दिन 'ब्लैक वेडनेसडे' साबित हुआ। शहर की व्यस्त सड़क पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डॉक्टर की पत्नी ने उन्हें उनकी एक महिला मित्र के साथ कार के अंदर रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद जो हुआ, उसे देखकर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई और करीब एक घंटे तक सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
    user_पंडित अभय तिवारी
    पंडित अभय तिवारी
    पत्रकार Raipur - Karchuliyan, Rewa•
    4 hrs ago
  • उत्तर-पश्चिम इटली के कौरमायूर स्की रिसॉर्ट में एक बड़ा हिमस्खलन स्कीयर की ओर आया और सबको अपनी चपेट में ले लिया। ये बर्फ़ के बादलों जैसा था। फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, रविवार को इटली की तरफ मोंट ब्लांक में हिमस्खलन के कारण दो स्कीयर की जान चली गई।
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    उत्तर-पश्चिम इटली के कौरमायूर स्की रिसॉर्ट में एक बड़ा हिमस्खलन स्कीयर की ओर आया और सबको अपनी चपेट में ले लिया। ये बर्फ़ के बादलों जैसा था। 
फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, रविवार को इटली की तरफ मोंट ब्लांक में हिमस्खलन के कारण दो स्कीयर की जान चली गई।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Tikar se desh duniya ki khabar
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    Post by Tikar se desh duniya ki khabar
    user_Tikar se desh duniya ki khabar
    Tikar se desh duniya ki khabar
    Actor गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी न होने पर पति शिवम साहू ने अपनी पत्नी का निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया और रिश्तेदारों को भेज दिया। पीड़िता ने शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला पोर्न की लत और घरेलू उत्पीड़न की गंभीरता को उजागर करता है।
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    मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी न होने पर पति शिवम साहू ने अपनी पत्नी का निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया और रिश्तेदारों को भेज दिया। पीड़िता ने शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला पोर्न की लत और घरेलू उत्पीड़न की गंभीरता को उजागर करता है।
    user_Shivam kolhe
    Shivam kolhe
    Naigarhi, Rewa•
    2 hrs ago
  • हाई-प्रोफाइल ड्रामा: रीवा के नामी डॉक्टर को पत्नी ने 'महिला मित्र' संग पकड़ा, सड़क पर चले लात-घूंसे* विंध्य क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित नर्सिंग होम संचालक और हृदय रोग विशेषज्ञ के लिए बुधवार 'ब्लैक वेडनेसडे' बन गया। लंबे समय से शक कर रही पत्नी ने पीछा कर डॉक्टर की लग्जरी कार को बीच सड़क रुकवाया। कार में पति को महिला मित्र के साथ देख पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा।आक्रोशित पत्नी ने महिला मित्र को कार से खींचकर बाहर निकाला और जमकर धुनाई कर दी। करीब एक घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। बीच-बचाव की कोशिश में जुटे डॉक्टर की भी एक न चली। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से शहर के संभ्रांत और चिकित्सा जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म है। #reels #reelsinstagram #vairal #वायरल #vairalvideo
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    हाई-प्रोफाइल ड्रामा: रीवा के नामी डॉक्टर को पत्नी ने 'महिला मित्र' संग पकड़ा, सड़क पर चले लात-घूंसे* विंध्य क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित नर्सिंग होम संचालक और हृदय रोग विशेषज्ञ के लिए बुधवार 'ब्लैक वेडनेसडे' बन गया। लंबे समय से शक कर रही पत्नी ने पीछा कर डॉक्टर की लग्जरी कार को बीच सड़क रुकवाया। कार में पति को महिला मित्र के साथ देख पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा।आक्रोशित पत्नी ने महिला मित्र को कार से खींचकर बाहर निकाला और जमकर धुनाई कर दी। करीब एक घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। बीच-बचाव की कोशिश में जुटे डॉक्टर की भी एक न चली। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से शहर के संभ्रांत और चिकित्सा जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म है। #reels #reelsinstagram #vairal #वायरल #vairalvideo
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Huzur Nagar, Rewa•
    13 hrs ago
  • रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय आज की ताज़ा खबर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिरौल की ताज़ा खबर 15 दिन पहले मुरूम गिरवाने के दौरान स्कूल की गेट और बाउंड्री छज्जा हुआ क्षतिग्रस्त हेड मास्टर और शिक्षक बैठे हैं किसी बच्चे के घटना होने के इंतजार में जी हाँ हम बात कर रहे हैं शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिरौल की जहां 15 दिन पूर्व स्कूल में गिराया जा रहा था मुरूम उसी दौरान स्कूल की गेट और बाउंड्री और स्कूल की छज्जा ट्रक के ठोकर से हुआ क्षतिग्रस्त और हेड मास्टर मैडम श्यामा सिंह शिक्षक अवध लाल पटेल जोकि इस स्कूल और माध्यन भोजन के करता धरता है हाल ही मे 3महीना पूर्ब इनकी वीडियो बायरल हुई थीं जो पत्रकारों को बोल रहे थे तुम लोगो जैसे पत्रकार हमलोगो के आगे पीछे घूमते है जो अबध लाल जी कहते है बही होता है जैसे की स्कूल में जो फंड आया उसकी देखरेख जो मध्यान्ह भोजन चल रहा है क्या बनेगा क्या नहीं बनेगा कितना बनेगा इसका सबका श्री यही अवध लाल जी हैं और भी शिक्षकों द्वारा कोई आवाज नहीं उठाई जा रही है सब लोग देखते हुए बैठे रहते हैं कर रहे हैं घटना का इंतजार कि किसी बच्चे या बच्चीओ के साथ हो जाए घटना हाल ही में आप लोग देखे होंगे की दूआरी स्कूल में 8 साल के बच्चे के साथ ऐसी घटना हुई है वही उस बच्चे की घटनास्थल में ही हो गई है मौत आए दिन स्कूलों में इसी तरह हो रही है घटनाएं कभी छत गिर रही है तो कभी बौडंरी गिर रही है कभी एक्सीडेंट बच्चों का हो रहा है और आज कल के शिक्षक बना रहे हैं रेल देख रहे हैं मोबाइल बच्चे क्या कर रहे हैं कहां जा रहे हैं यह कोई शिक्षकों से मतलब नहीं है शान भरपूर पैसा दे रहा है शिक्षकों को क्या दिक्कत है मरे चाहे जिए अपने न्यूज़ के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत करा रहा हूं की यैसे स्कूलों की जांच की जाय ताकी जैसे दूआरी स्कूल में 8 साल के बच्चे के साथ घटना हुई है ऐसे किसी स्कूल में किसी बच्चे के साथ घटना ना हो और शिक्षकों में लापरवाही पाई जाए तो तुरंत उनके ऊपर कारवाई की जाए
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    रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय
आज की ताज़ा खबर 
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिरौल की ताज़ा खबर
15 दिन पहले मुरूम गिरवाने के दौरान स्कूल की गेट और बाउंड्री छज्जा हुआ क्षतिग्रस्त हेड मास्टर और शिक्षक बैठे हैं किसी बच्चे के घटना होने के इंतजार में
जी हाँ हम बात कर रहे हैं शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिरौल की जहां 15 दिन पूर्व स्कूल में गिराया जा रहा था मुरूम उसी दौरान स्कूल की गेट और बाउंड्री और स्कूल की छज्जा ट्रक के ठोकर से हुआ क्षतिग्रस्त और हेड मास्टर मैडम श्यामा सिंह
शिक्षक अवध लाल पटेल जोकि इस स्कूल और माध्यन भोजन के करता धरता है हाल ही मे 3महीना पूर्ब इनकी वीडियो बायरल हुई थीं जो पत्रकारों को बोल रहे थे तुम लोगो जैसे पत्रकार हमलोगो के आगे पीछे घूमते है जो अबध लाल जी कहते है बही होता है जैसे की स्कूल में जो फंड आया उसकी देखरेख जो मध्यान्ह भोजन चल रहा है क्या बनेगा क्या नहीं बनेगा कितना बनेगा इसका सबका श्री यही अवध लाल जी हैं और भी शिक्षकों द्वारा कोई आवाज नहीं उठाई जा रही है सब लोग देखते हुए बैठे रहते हैं कर रहे हैं घटना का इंतजार कि किसी बच्चे या बच्चीओ के साथ हो जाए घटना
हाल ही में आप लोग देखे होंगे की दूआरी स्कूल में 8 साल के बच्चे के साथ ऐसी घटना हुई है वही उस बच्चे की घटनास्थल में ही हो गई है मौत आए दिन स्कूलों में इसी तरह हो रही है घटनाएं कभी छत गिर रही है तो कभी बौडंरी गिर रही है कभी एक्सीडेंट बच्चों का हो रहा है और आज कल के शिक्षक बना रहे हैं रेल देख रहे हैं मोबाइल बच्चे क्या कर रहे हैं कहां जा रहे हैं यह कोई शिक्षकों से मतलब नहीं है शान भरपूर पैसा दे रहा है शिक्षकों को क्या दिक्कत है मरे चाहे जिए 
अपने न्यूज़ के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत करा रहा हूं की यैसे स्कूलों की जांच की जाय ताकी जैसे दूआरी स्कूल में 8 साल के बच्चे के साथ घटना हुई है ऐसे किसी स्कूल में किसी बच्चे के साथ घटना ना हो और शिक्षकों में लापरवाही पाई जाए तो तुरंत उनके ऊपर कारवाई की जाए
    user_लखन लाल पाण्डेय(रिप्पू )
    लखन लाल पाण्डेय(रिप्पू )
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 min ago
  • Post by विंध्य वसुंधरा समाचार
    2
    Post by विंध्य वसुंधरा समाचार
    user_विंध्य वसुंधरा समाचार
    विंध्य वसुंधरा समाचार
    Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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