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जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित शाहपुरा भेरू लाल लक्षकार बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के जननायक लालाराम बेरवा ने सोमवार जनसुनवाई को लेकर लोगों की समस्याओं को सुना और उसी समय त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करवाया विदित रहे की शाहपुरा के इतिहास में ऐसा पहली बार ऐसा विधायक आया है जो समस्याओं को सुनता है और उनका समाधान करने का भी मादा रखता है शाहपुरा बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र में कहीं विधायक आए और गए पर स्वयंसेवक के रूप में ऐसा विधायक शाहपुरा में आया जो शाहपुरा बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र को अपना परिवार समझता है और कोई भी समस्या हो तो उनके बीच मे जाजम पर उनके साथ बैठकर समस्याओं का समाधान करता है शाहपुरा में लोगों की पीड़ा समझने वाला कोई पहली बार विधायक आया जिसने बच्चों की पीड़ा को समझा और उन्हें प्रतिभा सम्मान समारोह का तोहफा दिया विकलांगों की समस्याओं को समझ कर उन्होंने स्कूटी वितरण का प्रोग्राम बनाया और शाहपुरा में खेल की महत्वता को समझते हुए खेल स्टेडियम का निर्माण करवा रहे हैं लोगों के बड़े प्रोग्राम 5000 आदमी एक साथ बैठकर कोई कार्यक्रम करें तो उनके लिए कवि मोहन मंडेला के नाम पर ऑटो डोरियम का निर्माण भी करवा रहे हैं शाहपुरा को रिंग रोड की आवश्यकता हुई तो 27 करोड रुपए का रिंग रोड भी एमएलए साहब ने शाहपुरा को तोहफे के रूप में दिया इस तरह से विधायक साहब ने बहुत से ऐसे काम है जो आज तक की इतिहास में नहीं हुए हैं उनकी सौगात विधायक ने दी है शाहपुरा के लिए भाग्य ही नहीं यह सौभाग्य का विषय है कि ऐसा विधायक शाहपुरा को मिला जय भाजपा विजय भाजपा जय हो जननायक इस मौके पर जिला मंत्री राजेंद्र बोहरा रहे मौजूद जिला मंत्री राजेंद्र बोहरा ने बताया कि हमारे विधायक साहब ने एक महीने में जनसुनवाई का प्रोग्राम बनाया है वह काबिले तारीफ है क्योंकि आम आदमी जयपुर नहीं पहुंच सकता तो विधायक ने एक जाजम पर बैठकर लोगों की समस्याओं को सुनना मुनासिब समझा जिससे कि लोग उनसे ज्यादा जुड़ेंगे और लोगों के काम जल्दी होंगे जनसुनवाई लोगों और प्रशासन के बीच सेतु का काम करेगा जिससे आपसी भाईचारा प्रेम बढ़ेगा और लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का भी समाधान होगा इस कार्यक्रम के मौके पर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जीवराज गुर्जर पंकज सुगंधी शांतिलाल मामोडिया वरिष्ठ नेता कैलाश धाकड़ बालाराम खारोल रमेश मारू स्वराज सिंह पार्षद प्रतिनिधि भेरूलाल कहार सहित कई कार्यकर्ता पदाधिकारी गण जनप्रतिनिधि गण रहे।

10 hrs ago
user_Bheru lal luxkar
Bheru lal luxkar
Local News Reporter शाहपुरा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
10 hrs ago
3b6c068b-6b65-4fd4-96eb-bfa45ae85ecd

जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित शाहपुरा भेरू लाल लक्षकार बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के जननायक लालाराम बेरवा ने सोमवार जनसुनवाई को लेकर लोगों की समस्याओं को सुना और उसी समय त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करवाया विदित रहे की शाहपुरा के इतिहास में ऐसा पहली बार ऐसा विधायक आया है जो समस्याओं को सुनता है और उनका समाधान करने का भी मादा रखता है शाहपुरा बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र में कहीं विधायक आए और गए पर स्वयंसेवक के रूप में ऐसा विधायक शाहपुरा में आया जो शाहपुरा बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र को अपना परिवार समझता है और कोई भी समस्या हो तो उनके बीच मे जाजम पर उनके साथ बैठकर समस्याओं का समाधान करता है शाहपुरा में लोगों की पीड़ा समझने वाला कोई पहली बार विधायक आया जिसने बच्चों की पीड़ा को समझा और उन्हें प्रतिभा सम्मान समारोह का तोहफा दिया विकलांगों की समस्याओं को समझ कर उन्होंने स्कूटी वितरण का प्रोग्राम बनाया और शाहपुरा में खेल की महत्वता को समझते हुए खेल स्टेडियम का निर्माण करवा रहे हैं लोगों के बड़े प्रोग्राम 5000 आदमी एक साथ बैठकर कोई कार्यक्रम करें तो उनके लिए कवि मोहन मंडेला के नाम पर ऑटो डोरियम का निर्माण भी करवा रहे हैं शाहपुरा को रिंग रोड की आवश्यकता हुई तो 27 करोड रुपए का रिंग रोड भी एमएलए साहब ने शाहपुरा को तोहफे के रूप में दिया इस तरह से विधायक साहब ने बहुत से ऐसे काम है जो आज तक की इतिहास में नहीं हुए हैं उनकी सौगात विधायक ने दी है शाहपुरा के लिए भाग्य ही नहीं यह सौभाग्य का विषय है कि ऐसा विधायक शाहपुरा को मिला जय भाजपा विजय भाजपा जय हो जननायक इस मौके पर जिला मंत्री राजेंद्र बोहरा रहे मौजूद जिला मंत्री राजेंद्र बोहरा ने बताया कि हमारे विधायक साहब ने एक महीने में जनसुनवाई का प्रोग्राम बनाया है वह काबिले तारीफ है क्योंकि आम आदमी जयपुर नहीं पहुंच सकता तो विधायक ने एक जाजम पर बैठकर लोगों की समस्याओं को सुनना मुनासिब समझा जिससे कि लोग उनसे ज्यादा जुड़ेंगे और लोगों के काम जल्दी होंगे जनसुनवाई लोगों और प्रशासन के बीच सेतु का काम करेगा जिससे आपसी भाईचारा प्रेम बढ़ेगा और लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का भी समाधान होगा इस कार्यक्रम के मौके पर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जीवराज गुर्जर पंकज सुगंधी शांतिलाल मामोडिया वरिष्ठ नेता कैलाश धाकड़ बालाराम खारोल रमेश मारू स्वराज सिंह पार्षद प्रतिनिधि भेरूलाल कहार सहित कई कार्यकर्ता पदाधिकारी गण जनप्रतिनिधि गण रहे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • *धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा* *लोक अदालत घर बैठे न्याय का सशक्त माध्यम—संजय लोढ़ा* *केकड़ी 20अप्रैल (पवन राठी )* *राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में डोर-स्टेप काउंसलिंग बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ। बैठक में पैनल अधिवक्ता मनोज आहूजा ने भिनाय क्षेत्र से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकारों को समझाइश कर लोक अदालत के माध्यम से विवादों के अंतिम निस्तारण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए मामलों का समाधान आपसी सहमति से होता है और इसमें अपील का प्रावधान नहीं होने से विवाद का स्थायी समाधान संभव हो पाता है। मनोज आहूजा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से देशभर में ताल्लुका स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति, तथा कैंसर और एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है, जो हर तीन माह में आयोजित होती हैं। इन लोक अदालतों में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण तथा अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाता है।* *कार्यक्रम में समाजसेवी संजय लोढ़ा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को घर बैठे न्याय मिल रहा है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।* *अधिवक्ता युसूफ खान ने भी ग्रामीणों को आपसी सहमति से विवाद निपटाने की सलाह देते हुए बताया कि अब राजस्व से जुड़े मामले भी लोक अदालत के दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन भिनाय के अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया, मोहम्मद युसूफ खान, ताराप्रकाश जोशी, जयकुमार तेजवानी, ताराचंद मेवाड़ा, शेरा वर्मा, बसंत मेवाड़ा, अमरचंद खटीक, सत्यनारायण खटीक सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया ने व्यक्त किया।*
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    *धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा*
*लोक अदालत घर बैठे न्याय का सशक्त माध्यम—संजय लोढ़ा*
*केकड़ी 20अप्रैल (पवन राठी )*
*राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में डोर-स्टेप काउंसलिंग बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ। बैठक में पैनल अधिवक्ता मनोज आहूजा ने भिनाय क्षेत्र से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकारों को समझाइश कर लोक अदालत के माध्यम से विवादों के अंतिम निस्तारण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए मामलों का समाधान आपसी सहमति से होता है और इसमें अपील का प्रावधान नहीं होने से विवाद का स्थायी समाधान संभव हो पाता है। मनोज आहूजा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से देशभर में ताल्लुका स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति, तथा कैंसर और एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है, जो हर तीन माह में आयोजित होती हैं। इन लोक अदालतों में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण तथा अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाता है।*
*कार्यक्रम में समाजसेवी संजय लोढ़ा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को घर बैठे न्याय मिल रहा है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।* *अधिवक्ता युसूफ खान ने भी ग्रामीणों को आपसी सहमति से विवाद निपटाने की सलाह देते हुए बताया कि अब राजस्व से जुड़े मामले भी लोक अदालत के दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन भिनाय के अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया, मोहम्मद युसूफ खान, ताराप्रकाश जोशी, जयकुमार तेजवानी, ताराचंद मेवाड़ा, शेरा वर्मा, बसंत मेवाड़ा, अमरचंद खटीक, सत्यनारायण खटीक सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया ने व्यक्त किया।*
    user_Pawan kumar Rathi
    Pawan kumar Rathi
    Voice of people केकड़ी, अजमेर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • भीलवाड़ा: ओवरलोड खनिज परिवहन को लेकर विवाद, वीडियो वायरल भीलवाड़ा जिले के आसींद विधानसभा क्षेत्र के बारनी (अंटाली) गांव में खनिज के ओवरलोड परिवहन को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। मौके पर पहुंचे शंभूगढ़ पुलिस थाना के सिपाहियों और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर Rajasthan Police की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है।
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    भीलवाड़ा: ओवरलोड खनिज परिवहन को लेकर विवाद, वीडियो वायरल
भीलवाड़ा जिले के आसींद विधानसभा क्षेत्र के बारनी (अंटाली) गांव में खनिज के ओवरलोड परिवहन को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। मौके पर पहुंचे शंभूगढ़ पुलिस थाना के सिपाहियों और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हो गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर Rajasthan Police की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है।
    user_डाॅ मोहन लाल कालबेलियां
    डाॅ मोहन लाल कालबेलियां
    Real Estate Developer मंडल, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.
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    Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.
    user_Jalampura AC morcha adhyaks D.
    Jalampura AC morcha adhyaks D.
    करेड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by Chamunda dj tokrawas amitabh
    1
    Post by Chamunda dj tokrawas amitabh
    user_Chamunda dj tokrawas amitabh
    Chamunda dj tokrawas amitabh
    दूनी, टोंक, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रिफाइनरी का उद्घाटन करने पहुंचना था। आग लगने की घटना के बाद 21 अप्रैल का प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा और उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग रिफाइनरी के Crude Distillation Unit (CDU) सेक्शन में लगी, जो कच्चे तेल की प्राथमिक प्रोसेसिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही परिसर से काले धुएँ के विशाल गुबार उठते दिखाई दिए, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में हीट एक्सचेंजर सर्किट में तकनीकी खराबी और वाल्व/फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना के तुरंत बाद रिफाइनरी प्रबंधन, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों ने मोर्चा संभाला। बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों से कई फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि या गंभीर घायल होने की सूचना नहीं है। इस हादसे के बाद केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा स्थगित करने का निर्णय लिया। नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में गिनी जाती है। HPCL और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित यह परियोजना लगभग 9 MMTPA क्षमता वाली है, जिससे पेट्रोल, डीज़ल, LPG और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। इस परियोजना से पश्चिम राजस्थान में उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और परियोजना की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे देश की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रधानमंत्री के नए दौरे की तारीख पर टिकी हुई है।
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    राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रिफाइनरी का उद्घाटन करने पहुंचना था। आग लगने की घटना के बाद 21 अप्रैल का प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा और उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग रिफाइनरी के Crude Distillation Unit (CDU) सेक्शन में लगी, जो कच्चे तेल की प्राथमिक प्रोसेसिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही परिसर से काले धुएँ के विशाल गुबार उठते दिखाई दिए, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में हीट एक्सचेंजर सर्किट में तकनीकी खराबी और वाल्व/फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
घटना के तुरंत बाद रिफाइनरी प्रबंधन, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों ने मोर्चा संभाला। बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों से कई फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि या गंभीर घायल होने की सूचना नहीं है।
इस हादसे के बाद केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा स्थगित करने का निर्णय लिया। नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में गिनी जाती है। HPCL और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित यह परियोजना लगभग 9 MMTPA क्षमता वाली है, जिससे पेट्रोल, डीज़ल, LPG और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। इस परियोजना से पश्चिम राजस्थान में उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और परियोजना की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे देश की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रधानमंत्री के नए दौरे की तारीख पर टिकी हुई है।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by Hashim beg Beg
    1
    Post by Hashim beg Beg
    user_Hashim beg Beg
    Hashim beg Beg
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    7 hrs ago
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    Post by DS7NEWS NETWORK
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    DS7NEWS NETWORK
    News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • अजमेर/पुष्कर। राजस्थान के अजमेर जिले स्थित पुष्कर घाटी में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को मातम में बदल दिया। यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में कुल 33 यात्री सवार थे, जो पीसांगन क्षेत्र के भडसुरी गांव में पारिवारिक कार्यक्रम में मायरा लेकर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुष्कर घाटी में सांझी छत के पास बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस पहले सड़क किनारे बनी रेलिंग से टकराई और फिर पलटियां खाते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में विमला देवी और पूजा की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खाई से निकालकर पुष्कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया। कपड़ों की रस्सी बनाकर बचाई जानें हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर सबसे पहले मौके पर पहुंचे। खाई गहरी होने के कारण लोगों ने अपने कपड़ों की रस्सी बनाकर घायलों को बाहर निकाला। कई लोग घायल यात्रियों को कंधों पर उठाकर सड़क तक लाए। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई जिंदगियां बच सकीं। झाड़ियों ने रोकी बस की रफ्तार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्थान पर बस गिरी, वहां नीचे पेड़ और कंटीली झाड़ियां थीं। बस सीधे नीचे गिरने के बजाय झाड़ियों में अटकती हुई पलटती गई, जिससे उसकी रफ्तार कम हो गई। यही वजह रही कि बड़ा हादसा और अधिक भयावह होने से बच गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पुष्कर घाटी जैसे संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। तीखे मोड़, पुराने वाहन, कमजोर सुरक्षा रेलिंग और तकनीकी जांच की कमी जैसी समस्याएं लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं। पुष्कर घाटी का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और कमजोर व्यवस्था का गंभीर संकेत है। दो महिलाओं की मौत ने परिवारों की खुशियां छीन लीं, जबकि स्थानीय लोगों की बहादुरी ने मानवता की मिसाल कायम की। अब देखना यह है कि प्रशासन इससे सबक लेता है या नहीं।
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    अजमेर/पुष्कर। राजस्थान के अजमेर जिले स्थित पुष्कर घाटी में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को मातम में बदल दिया। यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में कुल 33 यात्री सवार थे, जो पीसांगन क्षेत्र के भडसुरी गांव में पारिवारिक कार्यक्रम में मायरा लेकर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुष्कर घाटी में सांझी छत के पास बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस पहले सड़क किनारे बनी रेलिंग से टकराई और फिर पलटियां खाते हुए गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में विमला देवी और पूजा की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खाई से निकालकर पुष्कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया।
कपड़ों की रस्सी बनाकर बचाई जानें
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर सबसे पहले मौके पर पहुंचे। खाई गहरी होने के कारण लोगों ने अपने कपड़ों की रस्सी बनाकर घायलों को बाहर निकाला। कई लोग घायल यात्रियों को कंधों पर उठाकर सड़क तक लाए। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई जिंदगियां बच सकीं।
झाड़ियों ने रोकी बस की रफ्तार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्थान पर बस गिरी, वहां नीचे पेड़ और कंटीली झाड़ियां थीं। बस सीधे नीचे गिरने के बजाय झाड़ियों में अटकती हुई पलटती गई, जिससे उसकी रफ्तार कम हो गई। यही वजह रही कि बड़ा हादसा और अधिक भयावह होने से बच गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पुष्कर घाटी जैसे संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। तीखे मोड़, पुराने वाहन, कमजोर सुरक्षा रेलिंग और तकनीकी जांच की कमी जैसी समस्याएं लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं।
पुष्कर घाटी का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और कमजोर व्यवस्था का गंभीर संकेत है। दो महिलाओं की मौत ने परिवारों की खुशियां छीन लीं, जबकि स्थानीय लोगों की बहादुरी ने मानवता की मिसाल कायम की। अब देखना यह है कि प्रशासन इससे सबक लेता है या नहीं।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    6 hrs ago
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