धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा* *धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा* *लोक अदालत घर बैठे न्याय का सशक्त माध्यम—संजय लोढ़ा* *केकड़ी 20अप्रैल (पवन राठी )* *राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में डोर-स्टेप काउंसलिंग बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ। बैठक में पैनल अधिवक्ता मनोज आहूजा ने भिनाय क्षेत्र से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकारों को समझाइश कर लोक अदालत के माध्यम से विवादों के अंतिम निस्तारण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए मामलों का समाधान आपसी सहमति से होता है और इसमें अपील का प्रावधान नहीं होने से विवाद का स्थायी समाधान संभव हो पाता है। मनोज आहूजा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से देशभर में ताल्लुका स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति, तथा कैंसर और एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है, जो हर तीन माह में आयोजित होती हैं। इन लोक अदालतों में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण तथा अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाता है।* *कार्यक्रम में समाजसेवी संजय लोढ़ा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को घर बैठे न्याय मिल रहा है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।* *अधिवक्ता युसूफ खान ने भी ग्रामीणों को आपसी सहमति से विवाद निपटाने की सलाह देते हुए बताया कि अब राजस्व से जुड़े मामले भी लोक अदालत के दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन भिनाय के अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया, मोहम्मद युसूफ खान, ताराप्रकाश जोशी, जयकुमार तेजवानी, ताराचंद मेवाड़ा, शेरा वर्मा, बसंत मेवाड़ा, अमरचंद खटीक, सत्यनारायण खटीक सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया ने व्यक्त किया।*
धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा* *धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा* *लोक अदालत घर बैठे न्याय का सशक्त माध्यम—संजय लोढ़ा* *केकड़ी 20अप्रैल (पवन राठी )* *राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में डोर-स्टेप काउंसलिंग बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ। बैठक में
पैनल अधिवक्ता मनोज आहूजा ने भिनाय क्षेत्र से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकारों को समझाइश कर लोक अदालत के माध्यम से विवादों के अंतिम निस्तारण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए मामलों का समाधान आपसी सहमति से होता है और इसमें अपील का प्रावधान नहीं होने से विवाद का स्थायी समाधान संभव हो पाता है। मनोज आहूजा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से देशभर में ताल्लुका स्तर से
लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति, तथा कैंसर और एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है, जो हर तीन माह में आयोजित होती हैं। इन लोक अदालतों में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण तथा अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाता है।* *कार्यक्रम में समाजसेवी संजय लोढ़ा ने कहा कि
लोक अदालत के माध्यम से लोगों को घर बैठे न्याय मिल रहा है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।* *अधिवक्ता युसूफ खान ने भी ग्रामीणों को आपसी सहमति से विवाद निपटाने की सलाह देते हुए बताया कि अब राजस्व से जुड़े मामले भी लोक अदालत के दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन भिनाय के अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया, मोहम्मद युसूफ खान, ताराप्रकाश जोशी, जयकुमार तेजवानी, ताराचंद मेवाड़ा, शेरा वर्मा, बसंत मेवाड़ा, अमरचंद खटीक, सत्यनारायण खटीक सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया ने व्यक्त किया।*
- *धन के अभाव में किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता —मनोज आहूजा* *लोक अदालत घर बैठे न्याय का सशक्त माध्यम—संजय लोढ़ा* *केकड़ी 20अप्रैल (पवन राठी )* *राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के तत्वावधान में पंचायत समिति सभागार में डोर-स्टेप काउंसलिंग बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम ताल्लुका विधिक सेवा समिति केकड़ी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ। बैठक में पैनल अधिवक्ता मनोज आहूजा ने भिनाय क्षेत्र से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकारों को समझाइश कर लोक अदालत के माध्यम से विवादों के अंतिम निस्तारण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए मामलों का समाधान आपसी सहमति से होता है और इसमें अपील का प्रावधान नहीं होने से विवाद का स्थायी समाधान संभव हो पाता है। मनोज आहूजा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से देशभर में ताल्लुका स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्ति, तथा कैंसर और एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है, जो हर तीन माह में आयोजित होती हैं। इन लोक अदालतों में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण तथा अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाता है।* *कार्यक्रम में समाजसेवी संजय लोढ़ा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को घर बैठे न्याय मिल रहा है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।* *अधिवक्ता युसूफ खान ने भी ग्रामीणों को आपसी सहमति से विवाद निपटाने की सलाह देते हुए बताया कि अब राजस्व से जुड़े मामले भी लोक अदालत के दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन भिनाय के अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया, मोहम्मद युसूफ खान, ताराप्रकाश जोशी, जयकुमार तेजवानी, ताराचंद मेवाड़ा, शेरा वर्मा, बसंत मेवाड़ा, अमरचंद खटीक, सत्यनारायण खटीक सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार अध्यक्ष धर्मवीर बामनिया ने व्यक्त किया।*4
- Post by Chamunda dj tokrawas amitabh1
- पोकरण में भीषण गर्मी से तीन वाहनों में लगी आग, मची अफरा-तफरी,#rajasthan #jaiselmer #pokarannews1
- Post by Kailash Fulwari1
- अजमेर के नसीराबाद रोड और आदर्श नगर के मध्य पेट्रोल पंप के सामने नॉन-वेंडिंग जोन में ठेले लगने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम होते ही ठेले वाले सड़क पर आधी रोड तक फैल जाते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में यहां एक एक्सीडेंट भी हो चुका है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। वहीं, ठेलों से सामान खरीदने वाले लोग भी अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। सामाजिक संस्था "एक पहल सेवा" के संस्थापक शैलेश गर्ग ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि पहले समझाइश दी जाए, लेकिन अगर स्थिति नहीं सुधरती है तो सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब तक इस समस्या का समाधान होता है।1
- Post by KHABRON KA SAFAR NEWS1
- Post by Mohan Swami1
- मकराना में टीटीई की ईमानदारी, मरुधर एक्सप्रेस में यात्री का मोबाइल लौटाया,#rajasthan #makrananews1