जालौन जनपद के कोंच नगर पालिका परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ सभासदों का धरना देर रात तक भी जारी रहा। सभासदों ने नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण कार्यों में कथित धांधली, लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराए जाने का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान न होने के चलते उन्हें अंततः आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। धरने के दौरान देर रात स्थिति उस वक्त बदल गई जब अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर दर्जनों सफाईकर्मी वहां पहुंच गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी एहतियात के तौर पर मौके पर पहुंची और निगरानी रखी। हालांकि, कुछ समय बाद सफाईकर्मी वहां से लौट गए, लेकिन सभासद लगातार धरने पर डटे रहे। धरना दे रहे जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। इस धरने में सभासद रघुवीर कुशवाहा, महेंद्र कुशवाहा, अमित यादव, विनोद सोनी, प्रतिनिधि अशोक गुर्जर, गौरव तिवारी, शकील अंसारी, सरताजुद्दीन और लकी दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
जालौन जनपद के कोंच नगर पालिका परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ सभासदों का धरना देर रात तक भी जारी रहा। सभासदों ने नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण कार्यों में कथित धांधली, लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराए जाने का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान न होने के चलते उन्हें अंततः आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। धरने के दौरान देर रात स्थिति उस वक्त बदल गई जब अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर दर्जनों सफाईकर्मी वहां पहुंच गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी एहतियात के तौर पर मौके पर पहुंची और निगरानी रखी। हालांकि, कुछ समय बाद सफाईकर्मी वहां से लौट गए, लेकिन सभासद लगातार धरने पर डटे रहे। धरना दे रहे जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। इस धरने में सभासद रघुवीर कुशवाहा, महेंद्र कुशवाहा, अमित यादव, विनोद सोनी, प्रतिनिधि अशोक गुर्जर, गौरव तिवारी, शकील अंसारी, सरताजुद्दीन और लकी दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
- जालौन जनपद के कोंच नगर पालिका परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ सभासदों का धरना देर रात तक भी जारी रहा। सभासदों ने नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण कार्यों में कथित धांधली, लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराए जाने का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान न होने के चलते उन्हें अंततः आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। धरने के दौरान देर रात स्थिति उस वक्त बदल गई जब अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर दर्जनों सफाईकर्मी वहां पहुंच गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी एहतियात के तौर पर मौके पर पहुंची और निगरानी रखी। हालांकि, कुछ समय बाद सफाईकर्मी वहां से लौट गए, लेकिन सभासद लगातार धरने पर डटे रहे। धरना दे रहे जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। इस धरने में सभासद रघुवीर कुशवाहा, महेंद्र कुशवाहा, अमित यादव, विनोद सोनी, प्रतिनिधि अशोक गुर्जर, गौरव तिवारी, शकील अंसारी, सरताजुद्दीन और लकी दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रामपुरा कस्बे में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। अपने किराये के मकान के बाहर निश्चिंत होकर खेल रहे चार वर्षीय मासूम यशपाल को एक तेज रफ्तार कार ने बुरी तरह कुचल दिया। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्चे को परिजन और स्थानीय लोग तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक कार को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। इस घटना से मासूम के परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार, मृतक यशपाल के पिता अनुराग पाल मूल रूप से ग्राम जमालपुरा के निवासी हैं और वर्तमान में रामपुरा में किराये के मकान में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। सुबह के समय उनका चार वर्षीय बेटा यशपाल सघन सहकारी समिति के पास स्थित मकान के बाहर फुटपाथ पर खेल रहा था। इसी दौरान समिति की ओर से रानी के तालाब की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार (यूपी-92 वी-5011) अचानक मासूम की ओर बढ़ी और उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चा कई फीट दूर जा गिरा और उसके मुंह व नाक से खून बहने लगा। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार को घेरने की कोशिश की, लेकिन चालक वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा। डॉक्टर के मुताबिक, बच्चे के शरीर में गंभीर आंतरिक चोटें आने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मासूम की असमय मौत से मां संगीता और पिता अनुराग पाल का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हादसे के वक्त कार सम्मन सोनी चला रहा था, जिसने घायल बच्चे की मदद करने के बजाय वाहन छोड़ दिया और फरार हो गया। परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर रामपुरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया, कार को अपने कब्जे में लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों ने रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने, गति सीमा तय करने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश में दबिश दे रही है।2
- उरई के शहर कोतवाली क्षेत्र के कुइया रोड पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहां श्री राधा कृष्ण इंटर कॉलेज की एक स्कूल वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में उतर गई। हादसे के वक्त वैन में करीब एक दर्जन बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रही थी। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चों को वैन से बाहर निकाला। इस दुर्घटना में चार बच्चे घायल हुए हैं। यह हादसा सुबह करीब 8:00 बजे धमना गांव के आगे हुआ, जहां से ज्यादातर बच्चे वैन में सवार हुए थे। घायल बच्चों में वेदांश (13), दिव्या (14) और दीपांजलि (13) शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए उरई मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार और सीओ सिटी राजीव कुमार शर्मा ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल बच्चों का हाल जाना। सीओ के मुताबिक बच्चों को मामूली चोटें आई हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, एआरटीओ प्रवर्तन राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि वैन के कागजात सही मिले हैं। बताया जा रहा है कि यह वैन जिस स्कूल की है, उसे भाजपा के क्षेत्रीय नेता मनोज राजपूत चलाते हैं।1
- धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और उनकी जगह सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। दिल्ली से यह मांग उठाते हुए साफ तौर पर कहा गया है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश के शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।1
- जालौन के मुरली मनोहर तालाब पर नगर पालिका परिषद द्वारा 'कैच द रेन' जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण और संचयन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संचयन को आम लोगों का संकल्प बनाना था। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, सभासदों और कर्मचारियों ने सहभागिता करते हुए लोगों को वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण न केवल वर्तमान समय की आवश्यकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों और आसपास वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाने तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कैच द रेन' अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के संकल्प को पूरा करने के लिए नगर पालिका परिषद जालौन लगातार यह जन-जागरूकता अभियान चला रही है। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल, अधिशासी अधिकारी सुशील दोहरे, प्रधान लिपिक रविन्द्र सलूजा, आरआई अनूप कुमार, सभासद प्रतिनिधि विवेक कंचन, सभासद नरेश बाबू सोनी, ललित शुक्ला, शुभम अग्रवाल, नरसिंह यादव और नामित सभासद योगेंद्र राठौर व वाचस्पति मिश्रा सहित नगर पालिका परिषद के सभी सभासद और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर "जल है तो कल है, जल है तो जीवन है" का नारा दोहराते हुए वर्षा जल संरक्षण को एक बड़े जनभागीदारी अभियान में बदलने का संकल्प लिया।1
- नगर पालिका परिषद जालौन द्वारा मुरली मनोहर तालाब पर 'कैच द रेन' जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत वर्षा जल संरक्षण और जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, सभासदों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोगों को वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल वर्तमान समय की आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाने और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कार्यक्रम में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कैच द रेन' अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए नगर पालिका परिषद जालौन निरंतर इस प्रकार के जन-जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जल संरक्षण की दिशा में जनसहभागिता ही इस अभियान की सबसे प्रमुख ताकत है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल, अधिशासी अधिकारी सुशील दोहरे, प्रधान लिपिक रविन्द्र सलूजा, आरआई अनूप कुमार, सभासद प्रतिनिधि विवेक कंचन, सभासद नरेश बाबू सोनी, ललित शुक्ला, शुभम अग्रवाल, नरसिंह यादव, नामित सभासद योगेंद्र राठौर और वाचस्पति मिश्रा सहित नगर पालिका परिषद के तमाम सभासद एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर "जल है तो कल है, जल है तो जीवन है" का संकल्प दोहराया। इसके साथ ही उन्होंने वर्षा जल संरक्षण को एक बड़े जनभागीदारी अभियान के रूप में विकसित करने और अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ने की शपथ ली।1
- जालौन के जगम्मनपुर गांव में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जहां दो विद्यालयों के बीच से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की हाई टेंशन लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिर गया। यह घटना पूर्वाह्न करीब 11 बजे पंडित परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय और प्राथमिक पाठशाला के बीच स्थित एक पतली गली में हुई। इस हादसे में सात बकरियों की मौत हो गई। जिस समय तार टूटा, उस वक्त शबाना पुत्री ड्योढ़ीदार अपनी बकरियों को चराने के लिए इसी गली से गुजर रही थी। घटना के दौरान शबाना तो बाल-बाल बच गई, लेकिन उसकी बकरियां हाई टेंशन तार की चपेट में आ गईं।1