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अयोध्या के नगर निगम अंतर्गत आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। शासन की स्पष्ट मंशा और जिलाधिकारी व नगर आयुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद, निर्माण की जमीनी हकीकत बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। नियमावली के तहत 4:1 के मसाले और 'अव्वल दर्जे' की ईंटों का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मौके पर इन मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय पार्षद अनूप श्रीवास्तव ने भी इन अनियमितताओं की पुष्टि की है। उन्होंने अधिकारियों को मनमानी की जानकारी दी थी, पर इसके बावजूद स्थिति नहीं बदली। जब निर्माण की देखरेख के लिए जिम्मेदार जेई अमित जायसवाल से मानकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने '4:1 के मसाले और अव्वल ईंट' का रटा-रटाया जवाब दिया। हालांकि, जब उनसे मौके पर मानकों का पालन न होने और वीडियो-फोटो साक्ष्य देखने का आग्रह किया गया, तो वे सवालों का सामना नहीं कर पाए और बात पूरी होने से पहले ही फोन काट दिया। बाद में उन्होंने जवाबदेही से बचने के लिए दोबारा कॉल उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। जेई की यह चुप्पी केवल जवाबदेही से कतराना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर अपनी गलतियों को छुपाने और जनता व मीडिया से दूरी बनाने का प्रमाण है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या नाली का निर्माण पुरानी संरचना को खोदकर किया जा रहा है या पुरानी नाली के ऊपर ही नई जुड़ाई हो रही है? यदि नाली के ऊपर नाली बन रही है, तो क्या यह तकनीकी रूप से सफल और टिकाऊ होगी? वार्ड में कुल कितनी नाली नई बननी हैं और कुल कार्य की लंबाई क्या है? क्या स्वीकृत बजट और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता में कोई तालमेल है? मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, क्या जेई साहब को इन आदेशों की अनदेखी करने की खुली छूट मिली है? क्या ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अधिकारियों द्वारा जानबूझकर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है? आखिर नगर निगम का बजट आम जनता की सुविधा के लिए है या ठेकेदारों की जेब भरने के लिए? आचार्य नरेंद्र वार्ड की जनता देख रही है कि आधे से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। अब सवाल यह है कि बचे हुए हिस्से में क्या प्रशासन कोई सुधार करेगा या कागजी खानापूर्ति के जरिए भ्रष्टाचार की इस फाइल को भी दबा दिया जाएगा। नगर आयुक्त और डीएम साहब के सख्त आदेशों के बावजूद जेई साहब की यह 'गर्मी' और सवालों से भागने की आदत कहीं न कहीं विकास के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार पर लीपा-पोती होती है या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।

4 hrs ago
user_Vipin pandey ab news Ayodhya
Vipin pandey ab news Ayodhya
Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

अयोध्या के नगर निगम अंतर्गत आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। शासन की स्पष्ट मंशा और जिलाधिकारी व नगर आयुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद, निर्माण की जमीनी हकीकत बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। नियमावली के तहत 4:1 के मसाले और 'अव्वल दर्जे' की ईंटों का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मौके पर इन मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय पार्षद अनूप श्रीवास्तव ने भी इन अनियमितताओं की पुष्टि की है। उन्होंने अधिकारियों को मनमानी की जानकारी दी थी, पर इसके बावजूद स्थिति नहीं बदली। जब निर्माण की देखरेख के लिए जिम्मेदार जेई अमित जायसवाल से मानकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने '4:1 के मसाले और अव्वल ईंट' का रटा-रटाया जवाब दिया। हालांकि, जब उनसे मौके पर मानकों का पालन न होने और वीडियो-फोटो साक्ष्य देखने का आग्रह किया गया, तो वे सवालों का सामना नहीं कर पाए और बात पूरी होने से पहले ही फोन काट दिया। बाद में उन्होंने जवाबदेही से बचने के लिए दोबारा कॉल उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। जेई की यह चुप्पी केवल जवाबदेही से कतराना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर अपनी गलतियों को छुपाने और जनता व मीडिया से दूरी बनाने का प्रमाण है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या नाली का निर्माण पुरानी संरचना को खोदकर किया जा रहा है या पुरानी नाली के ऊपर ही नई जुड़ाई हो रही है? यदि नाली के ऊपर नाली बन रही है, तो क्या यह तकनीकी रूप से सफल और टिकाऊ होगी? वार्ड में कुल कितनी नाली नई बननी हैं और कुल कार्य की लंबाई क्या है? क्या स्वीकृत बजट और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता में कोई तालमेल है? मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, क्या जेई साहब को इन आदेशों की अनदेखी करने की खुली छूट मिली है? क्या ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अधिकारियों द्वारा जानबूझकर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है? आखिर नगर निगम का बजट आम जनता की सुविधा के लिए है या ठेकेदारों की जेब भरने के लिए? आचार्य नरेंद्र वार्ड की जनता देख रही है कि आधे से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। अब सवाल यह है कि बचे हुए हिस्से में क्या प्रशासन कोई सुधार करेगा या कागजी खानापूर्ति के जरिए भ्रष्टाचार की इस फाइल को भी दबा दिया जाएगा। नगर आयुक्त और डीएम साहब के सख्त आदेशों के बावजूद जेई साहब की यह 'गर्मी' और सवालों से भागने की आदत कहीं न कहीं विकास के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार पर लीपा-पोती होती है या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।

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  • अयोध्या को मुख्यमंत्री योगी की ओर से एक और नई और बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब एक भव्य "लवकुश पार्क" का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 17.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जिसमें "वेस्ट टू आर्ट" की थीम पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को 3D और लाइट-साउंड तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस "लवकुश पार्क" को अयोध्या के मऊशिवाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
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    अयोध्या को मुख्यमंत्री योगी की ओर से एक और नई और बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब एक भव्य "लवकुश पार्क" का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 17.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जिसमें "वेस्ट टू आर्ट" की थीम पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को 3D और लाइट-साउंड तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

इस "लवकुश पार्क" को अयोध्या के मऊशिवाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
    user_Sandeep Srivastava Press
    Sandeep Srivastava Press
    Court reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जनपद अयोध्या के बीकापुर तहसील में किसान मस्त राम वर्मा का चार दिनों से चल रहा अनशन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर ही तुड़वा दिया। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे नायब तहसीलदार राम खेलावन ने तारुन और बीकापुर के कोतवाल के साथ मिलकर शहीद स्मारक पर किसान से वार्ता की। इस वार्ता के बाद किसान मस्त राम वर्मा को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया, जिसके बाद किसान अपने गांव लौट गया। किसान का आरोप था कि SDM और नायब उन्हें पुराने घर के स्थान पर नया घर बनाने नहीं दे रहे थे, क्योंकि इस संबंध में कोई मुकदमा चल रहा है। प्रशासन के हरकत में आने से पहले बकरीद के दिन LIU ने भी अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसके बाद SDM बीकापुर ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। इसी पृष्ठभूमि में किसान और प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह मामला निपट गया।
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    जनपद अयोध्या के बीकापुर तहसील में किसान मस्त राम वर्मा का चार दिनों से चल रहा अनशन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर ही तुड़वा दिया। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे नायब तहसीलदार राम खेलावन ने तारुन और बीकापुर के कोतवाल के साथ मिलकर शहीद स्मारक पर किसान से वार्ता की। इस वार्ता के बाद किसान मस्त राम वर्मा को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया, जिसके बाद किसान अपने गांव लौट गया।

किसान का आरोप था कि SDM और नायब उन्हें पुराने घर के स्थान पर नया घर बनाने नहीं दे रहे थे, क्योंकि इस संबंध में कोई मुकदमा चल रहा है। प्रशासन के हरकत में आने से पहले बकरीद के दिन LIU ने भी अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसके बाद SDM बीकापुर ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। इसी पृष्ठभूमि में किसान और प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह मामला निपट गया।
    user_अयोध्या वार्ता
    अयोध्या वार्ता
    Photographer फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • रानू पाली चौकी से संबंधित एक मामले में, एक किसान की जमीन पर रात करीब 7:30 बजे जबरन कब्जा कर लिया गया है। यह घटना किसान की भूमि पर अवैध अधिकार जमाने से जुड़ी है।
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    रानू पाली चौकी से संबंधित एक मामले में, एक किसान की जमीन पर रात करीब 7:30 बजे जबरन कब्जा कर लिया गया है। यह घटना किसान की भूमि पर अवैध अधिकार जमाने से जुड़ी है।
    user_ Ramjeet Verma
    Ramjeet Verma
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अयोध्या के नगर निगम अंतर्गत आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। शासन की स्पष्ट मंशा और जिलाधिकारी व नगर आयुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद, निर्माण की जमीनी हकीकत बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। नियमावली के तहत 4:1 के मसाले और 'अव्वल दर्जे' की ईंटों का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मौके पर इन मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय पार्षद अनूप श्रीवास्तव ने भी इन अनियमितताओं की पुष्टि की है। उन्होंने अधिकारियों को मनमानी की जानकारी दी थी, पर इसके बावजूद स्थिति नहीं बदली। जब निर्माण की देखरेख के लिए जिम्मेदार जेई अमित जायसवाल से मानकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने '4:1 के मसाले और अव्वल ईंट' का रटा-रटाया जवाब दिया। हालांकि, जब उनसे मौके पर मानकों का पालन न होने और वीडियो-फोटो साक्ष्य देखने का आग्रह किया गया, तो वे सवालों का सामना नहीं कर पाए और बात पूरी होने से पहले ही फोन काट दिया। बाद में उन्होंने जवाबदेही से बचने के लिए दोबारा कॉल उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। जेई की यह चुप्पी केवल जवाबदेही से कतराना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर अपनी गलतियों को छुपाने और जनता व मीडिया से दूरी बनाने का प्रमाण है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या नाली का निर्माण पुरानी संरचना को खोदकर किया जा रहा है या पुरानी नाली के ऊपर ही नई जुड़ाई हो रही है? यदि नाली के ऊपर नाली बन रही है, तो क्या यह तकनीकी रूप से सफल और टिकाऊ होगी? वार्ड में कुल कितनी नाली नई बननी हैं और कुल कार्य की लंबाई क्या है? क्या स्वीकृत बजट और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता में कोई तालमेल है? मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, क्या जेई साहब को इन आदेशों की अनदेखी करने की खुली छूट मिली है? क्या ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अधिकारियों द्वारा जानबूझकर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है? आखिर नगर निगम का बजट आम जनता की सुविधा के लिए है या ठेकेदारों की जेब भरने के लिए? आचार्य नरेंद्र वार्ड की जनता देख रही है कि आधे से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। अब सवाल यह है कि बचे हुए हिस्से में क्या प्रशासन कोई सुधार करेगा या कागजी खानापूर्ति के जरिए भ्रष्टाचार की इस फाइल को भी दबा दिया जाएगा। नगर आयुक्त और डीएम साहब के सख्त आदेशों के बावजूद जेई साहब की यह 'गर्मी' और सवालों से भागने की आदत कहीं न कहीं विकास के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार पर लीपा-पोती होती है या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।
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    अयोध्या के नगर निगम अंतर्गत आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। शासन की स्पष्ट मंशा और जिलाधिकारी व नगर आयुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद, निर्माण की जमीनी हकीकत बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। नियमावली के तहत 4:1 के मसाले और 'अव्वल दर्जे' की ईंटों का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मौके पर इन मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

स्थानीय पार्षद अनूप श्रीवास्तव ने भी इन अनियमितताओं की पुष्टि की है। उन्होंने अधिकारियों को मनमानी की जानकारी दी थी, पर इसके बावजूद स्थिति नहीं बदली। जब निर्माण की देखरेख के लिए जिम्मेदार जेई अमित जायसवाल से मानकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने '4:1 के मसाले और अव्वल ईंट' का रटा-रटाया जवाब दिया। हालांकि, जब उनसे मौके पर मानकों का पालन न होने और वीडियो-फोटो साक्ष्य देखने का आग्रह किया गया, तो वे सवालों का सामना नहीं कर पाए और बात पूरी होने से पहले ही फोन काट दिया। बाद में उन्होंने जवाबदेही से बचने के लिए दोबारा कॉल उठाना भी मुनासिब नहीं समझा।

जेई की यह चुप्पी केवल जवाबदेही से कतराना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर अपनी गलतियों को छुपाने और जनता व मीडिया से दूरी बनाने का प्रमाण है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या नाली का निर्माण पुरानी संरचना को खोदकर किया जा रहा है या पुरानी नाली के ऊपर ही नई जुड़ाई हो रही है? यदि नाली के ऊपर नाली बन रही है, तो क्या यह तकनीकी रूप से सफल और टिकाऊ होगी? वार्ड में कुल कितनी नाली नई बननी हैं और कुल कार्य की लंबाई क्या है? क्या स्वीकृत बजट और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता में कोई तालमेल है? मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, क्या जेई साहब को इन आदेशों की अनदेखी करने की खुली छूट मिली है? क्या ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अधिकारियों द्वारा जानबूझकर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है? आखिर नगर निगम का बजट आम जनता की सुविधा के लिए है या ठेकेदारों की जेब भरने के लिए?

आचार्य नरेंद्र वार्ड की जनता देख रही है कि आधे से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। अब सवाल यह है कि बचे हुए हिस्से में क्या प्रशासन कोई सुधार करेगा या कागजी खानापूर्ति के जरिए भ्रष्टाचार की इस फाइल को भी दबा दिया जाएगा। नगर आयुक्त और डीएम साहब के सख्त आदेशों के बावजूद जेई साहब की यह 'गर्मी' और सवालों से भागने की आदत कहीं न कहीं विकास के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार पर लीपा-पोती होती है या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।
    user_Vipin pandey ab news Ayodhya
    Vipin pandey ab news Ayodhya
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अयोध्या कैंट क्षेत्र में स्थित जमथरा बांध को भारी भरकम वाहनों के लगातार आवागमन से नुकसान पहुँचा है। वाहनों के दबाव के कारण बांध की संरचना क्षतिग्रस्त हो गई है।
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    अयोध्या कैंट क्षेत्र में स्थित जमथरा बांध को भारी भरकम वाहनों के लगातार आवागमन से नुकसान पहुँचा है। वाहनों के दबाव के कारण बांध की संरचना क्षतिग्रस्त हो गई है।
    user_A news 88
    A news 88
    TV News Anchor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अयोध्या जनपद के बाईपास नाका स्थित मनकामेश्वर मंदिर में आयोजित राम कथा महोत्सव में कामाख्या धाम के महंत इंद्रेश महाराज ने व्यास पीठ से रामचरितमानस कथा की अमृत वर्षा की। महोत्सव के तीसरे दिन, शुक्रवार शाम को, महाराज जी ने सत्तू और मनरूपा की तपस्या का विस्तार से वर्णन किया, जिसमें ईश्वर ने प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था। उन्होंने बताया कि प्रभु से अपने ही समान पुत्र-रत्न की प्राप्ति का वरदान मांगा गया और इसके बाद पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न हुआ, जिससे तीनों माताओं को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। प्रभु श्री राम के जन्म की इस कथा को सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो उठे और भक्ति के रस में डूबकर कई लोग संगीत में कथा पर अपने ही स्थान पर खड़े होकर ठुमके लगाते देखे गए। सभी श्रोतागण प्रभु श्री राम के जन्म की कथा से आनंदित रहे। कथा श्रवण करवा रहे महाराज जी ने इस अवसर पर सभी घरों में एक गाय रखने और परिवार के सभी सदस्यों को नशा मुक्त होने का आह्वान किया। इस कथा को सुनने आए हजारों भक्तों को प्रसाद वितरण करने की जिम्मेदारी विमल तिवारी द्वारा निभाई गई। कथा श्रवण करने वालों में मुख्य रूप से तक्षशिला के डायरेक्टर संतोष मिश्रा, सतीश कुमार सिंह, देवेंद्र कुमार पांडे, मोनू मिश्रा, विमलेश तिवारी, विजय तिवारी और शेषमणि पांडे सहित हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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    अयोध्या जनपद के बाईपास नाका स्थित मनकामेश्वर मंदिर में आयोजित राम कथा महोत्सव में कामाख्या धाम के महंत इंद्रेश महाराज ने व्यास पीठ से रामचरितमानस कथा की अमृत वर्षा की। महोत्सव के तीसरे दिन, शुक्रवार शाम को, महाराज जी ने सत्तू और मनरूपा की तपस्या का विस्तार से वर्णन किया, जिसमें ईश्वर ने प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था। उन्होंने बताया कि प्रभु से अपने ही समान पुत्र-रत्न की प्राप्ति का वरदान मांगा गया और इसके बाद पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न हुआ, जिससे तीनों माताओं को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। प्रभु श्री राम के जन्म की इस कथा को सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो उठे और भक्ति के रस में डूबकर कई लोग संगीत में कथा पर अपने ही स्थान पर खड़े होकर ठुमके लगाते देखे गए। सभी श्रोतागण प्रभु श्री राम के जन्म की कथा से आनंदित रहे।

कथा श्रवण करवा रहे महाराज जी ने इस अवसर पर सभी घरों में एक गाय रखने और परिवार के सभी सदस्यों को नशा मुक्त होने का आह्वान किया। इस कथा को सुनने आए हजारों भक्तों को प्रसाद वितरण करने की जिम्मेदारी विमल तिवारी द्वारा निभाई गई।

कथा श्रवण करने वालों में मुख्य रूप से तक्षशिला के डायरेक्टर संतोष मिश्रा, सतीश कुमार सिंह, देवेंद्र कुमार पांडे, मोनू मिश्रा, विमलेश तिवारी, विजय तिवारी और शेषमणि पांडे सहित हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहे।
    user_Dr Dinesh Tiwari Patrakar Bikapur
    Dr Dinesh Tiwari Patrakar Bikapur
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    5 hrs ago
  • बीकापुर क्षेत्र के बीजेपी विधायक डॉक्टर अमित सिंह चौहान ने प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के विषय पर अपनी बात रखी है।
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    बीकापुर क्षेत्र के बीजेपी विधायक डॉक्टर अमित सिंह चौहान ने प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के विषय पर अपनी बात रखी है।
    user_UP 42 Ayodhya Live
    UP 42 Ayodhya Live
    Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अयोध्या में भाजपा विधायक अमित सिंह चौहान के करीबी माने जाने वाले आशुतोष मिश्रा अनुपम ने राजनीति में अपनी एंट्री का दावा किया है। उनके अनुसार, उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत पंचायत चुनाव के साथ ही होगी।
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    अयोध्या में भाजपा विधायक अमित सिंह चौहान के करीबी माने जाने वाले आशुतोष मिश्रा अनुपम ने राजनीति में अपनी एंट्री का दावा किया है। उनके अनुसार, उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत पंचायत चुनाव के साथ ही होगी।
    user_UP 42 Ayodhya Live
    UP 42 Ayodhya Live
    Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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