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भिवाड़ी में मुख्य रास्ते पर पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका परिषद भिवाड़ी की ओर से कोई भी उपाय या हल प्रस्तुत नहीं किया गया है।

6 hrs ago
user_लियाकत
लियाकत
बानसूर, अलवर, राजस्थान•
6 hrs ago

भिवाड़ी में मुख्य रास्ते पर पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका परिषद भिवाड़ी की ओर से कोई भी उपाय या हल प्रस्तुत नहीं किया गया है।

More news from Jaipur and nearby areas
  • कोटपूतली-बहरोड़ के विराटनगर नगर पालिका के समस्त कर्मचारी पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जो आज 21वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से मानदेय या सैलरी न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। आर्थिक तंगी से परेशान सफाईकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के खिलाफ उग्र आक्रोश व्यक्त किया है। इस 21 दिवसीय हड़ताल के कारण कस्बे में व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। लगातार तीन हफ्तों से सफाई न होने के चलते मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी वार्डों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे शहर 'कचरा डिपो' में तब्दील हो गया है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसके कारण मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे जारी करने और अन्य आवश्यक राजस्व कार्यों सहित सभी प्रशासनिक कार्य भी पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे अधिकारियों को बजट जारी करने के लिए पहले भी कई बार मौखिक और लिखित में चेतावनी दे चुके थे। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों की स्कूल फीस, राशन का सामान और लोन की किस्तें (EMI) रुक गई हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी सिर्फ बजट की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि धरातल पर कर्मचारियों का जीना दूभर हो चुका है। कर्मचारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनके पूरे दो महीने का बकाया वेतन सीधे उनके बैंक खातों में नहीं आ जाता, तब तक 'झाड़ू डाउन हड़ताल' और विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा।
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    कोटपूतली-बहरोड़ के विराटनगर नगर पालिका के समस्त कर्मचारी पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जो आज 21वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से मानदेय या सैलरी न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। आर्थिक तंगी से परेशान सफाईकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के खिलाफ उग्र आक्रोश व्यक्त किया है।

इस 21 दिवसीय हड़ताल के कारण कस्बे में व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। लगातार तीन हफ्तों से सफाई न होने के चलते मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी वार्डों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे शहर 'कचरा डिपो' में तब्दील हो गया है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसके कारण मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे जारी करने और अन्य आवश्यक राजस्व कार्यों सहित सभी प्रशासनिक कार्य भी पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे अधिकारियों को बजट जारी करने के लिए पहले भी कई बार मौखिक और लिखित में चेतावनी दे चुके थे। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों की स्कूल फीस, राशन का सामान और लोन की किस्तें (EMI) रुक गई हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी सिर्फ बजट की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि धरातल पर कर्मचारियों का जीना दूभर हो चुका है। कर्मचारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनके पूरे दो महीने का बकाया वेतन सीधे उनके बैंक खातों में नहीं आ जाता, तब तक 'झाड़ू डाउन हड़ताल' और विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    23 hrs ago
  • राजस्थान के खैरथल निवासी ख्याति खंडेलवाल ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर चयनित होकर एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस बड़ी सफलता से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी की डिग्री हासिल करने के बाद, ख्याति ने घर पर रहकर तीन साल तक कड़ी मेहनत से तैयारी की, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने नेट और गेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को भी पास किया। डीड राइटर की बेटी ख्याति की एक साल की ट्रेनिंग मुंबई में अगस्त से शुरू होगी। ख्याति ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और पूरे परिवार के सहयोग को दिया है।
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    राजस्थान के खैरथल निवासी ख्याति खंडेलवाल ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर चयनित होकर एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस बड़ी सफलता से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी की डिग्री हासिल करने के बाद, ख्याति ने घर पर रहकर तीन साल तक कड़ी मेहनत से तैयारी की, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने नेट और गेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को भी पास किया। डीड राइटर की बेटी ख्याति की एक साल की ट्रेनिंग मुंबई में अगस्त से शुरू होगी। ख्याति ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और पूरे परिवार के सहयोग को दिया है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्मल मन फाउण्डेशन द्वारा आयोजित दर्शन यात्रा-2026 श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे आयोजन की सफलता परिलक्षित हुई। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। उन्होंने प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन किए और साथ ही राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और स्थापत्य कला का भी गहराई से अवलोकन किया, जिससे वे अभिभूत हुए। इस अवसर पर, निर्मल मन फाउण्डेशन के अध्यक्ष कैलाश ओझा और राहुल सैनी ने यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं को उनकी सक्रिय भागीदारी और यात्रा की सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी।
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    धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्मल मन फाउण्डेशन द्वारा आयोजित दर्शन यात्रा-2026 श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे आयोजन की सफलता परिलक्षित हुई।

यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। उन्होंने प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन किए और साथ ही राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और स्थापत्य कला का भी गहराई से अवलोकन किया, जिससे वे अभिभूत हुए।

इस अवसर पर, निर्मल मन फाउण्डेशन के अध्यक्ष कैलाश ओझा और राहुल सैनी ने यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं को उनकी सक्रिय भागीदारी और यात्रा की सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by Manoj jat
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    Post by Manoj jat
    user_Manoj jat
    Manoj jat
    शाहपुरा, जयपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी खर्च आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गए हैं, जहाँ गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और महंगी दवाओं पर चला जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत देश भर में खुले जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 50% से 90% तक कम दाम पर मिलती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी या अफवाहों के कारण कई बार लोग इन सस्ती दवाओं की गुणवत्ता पर शक करने लगते हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं जेनेरिक होती हैं, जिसका अर्थ है कि ये किसी ब्रांड नाम के बजाय दवा में मौजूद मूल सॉल्ट या रासायनिक नाम से बेची जाती हैं। ब्रांडेड दवाओं की ऊँची कीमत में कंपनियों के रिसर्च, पेटेंट, मार्केटिंग और विज्ञापनों का खर्च शामिल होता है, जबकि जेनेरिक दवाओं में ऐसे खर्च नहीं होते, जिससे वे बेहद कम दाम पर उपलब्ध होती हैं और उनका असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही प्रभावी होता है। जन औषधि केंद्रों पर सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहाँ लगभग 1,759 प्रकार की दवाएं और 280 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2025 तक बढ़ाकर क्रमशः 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। दवाओं के अलावा, यहाँ एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवैस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक, प्रोटीन पाउडर, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीमीटर जैसे आधुनिक स्वास्थ्य उत्पाद भी मिलते हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता; ये आम जनता तक पहुँचने से पहले कंपनी स्तर पर और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में दो कड़े स्तरों की जाँच से गुजरती हैं, जिसमें लगभग एक हफ्ता लगता है। पूरी तरह खरी उतरने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिससे ये 100% सुरक्षित और प्रभावी सुनिश्चित होती हैं। यह परियोजना देश की करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है, जहाँ मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से उच्च गुणवत्ता वाले सैनिट्री नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अब तक 31 करोड़ से अधिक पैड्स बेचे जा चुके हैं। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल दवाएं बेचना नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाना है; आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सेवाओं को पहुँचाना, उनकी बचत बढ़ाकर जीवन स्तर में सुधार लाना और स्थानीय युवाओं, फार्मासिस्टों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर करते हुए, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर 9,082 तक पहुँच चुका है। जेनेरिक दवाओं के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स विभाग हर साल 1 से 7 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसका समापन 7 मार्च को 'औषधि दिवस' के रूप में होता है। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदाओं ने कई देशों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य और बेहतर इलाज की गारंटी दी, साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर घर तक पहुँचाईं। यदि आप अब तक बाजार से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीद रहे थे, तो अपने पैसों की बचत करें और अगली बार डॉक्टर द्वारा लिखे गए सॉल्ट के अनुसार अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र से ही दवाएं खरीदें।
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    आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी खर्च आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गए हैं, जहाँ गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और महंगी दवाओं पर चला जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत देश भर में खुले जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 50% से 90% तक कम दाम पर मिलती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी या अफवाहों के कारण कई बार लोग इन सस्ती दवाओं की गुणवत्ता पर शक करने लगते हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं जेनेरिक होती हैं, जिसका अर्थ है कि ये किसी ब्रांड नाम के बजाय दवा में मौजूद मूल सॉल्ट या रासायनिक नाम से बेची जाती हैं।

ब्रांडेड दवाओं की ऊँची कीमत में कंपनियों के रिसर्च, पेटेंट, मार्केटिंग और विज्ञापनों का खर्च शामिल होता है, जबकि जेनेरिक दवाओं में ऐसे खर्च नहीं होते, जिससे वे बेहद कम दाम पर उपलब्ध होती हैं और उनका असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही प्रभावी होता है। जन औषधि केंद्रों पर सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहाँ लगभग 1,759 प्रकार की दवाएं और 280 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2025 तक बढ़ाकर क्रमशः 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। दवाओं के अलावा, यहाँ एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवैस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक, प्रोटीन पाउडर, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीमीटर जैसे आधुनिक स्वास्थ्य उत्पाद भी मिलते हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता; ये आम जनता तक पहुँचने से पहले कंपनी स्तर पर और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में दो कड़े स्तरों की जाँच से गुजरती हैं, जिसमें लगभग एक हफ्ता लगता है। पूरी तरह खरी उतरने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिससे ये 100% सुरक्षित और प्रभावी सुनिश्चित होती हैं।

यह परियोजना देश की करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है, जहाँ मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से उच्च गुणवत्ता वाले सैनिट्री नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अब तक 31 करोड़ से अधिक पैड्स बेचे जा चुके हैं। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल दवाएं बेचना नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाना है; आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सेवाओं को पहुँचाना, उनकी बचत बढ़ाकर जीवन स्तर में सुधार लाना और स्थानीय युवाओं, फार्मासिस्टों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर करते हुए, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर 9,082 तक पहुँच चुका है। जेनेरिक दवाओं के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स विभाग हर साल 1 से 7 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसका समापन 7 मार्च को 'औषधि दिवस' के रूप में होता है।

कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदाओं ने कई देशों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य और बेहतर इलाज की गारंटी दी, साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर घर तक पहुँचाईं। यदि आप अब तक बाजार से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीद रहे थे, तो अपने पैसों की बचत करें और अगली बार डॉक्टर द्वारा लिखे गए सॉल्ट के अनुसार अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र से ही दवाएं खरीदें।
    user_जन औषधि केन्द्र अजीतगढ़
    जन औषधि केन्द्र अजीतगढ़
    Medical centre अजीतगढ़•
    12 hrs ago
  • जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र में अपराध और चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में शाहपुरा पुलिस ने हाल ही में पकड़े गए शातिर चोरों को सीधे घटनास्थल पर ले जाकर उनकी पहचान (शिनाख्त) की कार्रवाई करवाई। इस दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की मौजूदगी में चोरी के पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया, ताकि मामले के हर पहलू और सबूतों को मजबूती से जोड़ा जा सके। पुलिस की प्रारंभिक जाँच और तकनीकी इनपुट के आधार पर, इस मामले में कुछ संवेदनशील कड़ियाँ सामने आ रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी कृषि वाणिज्यिक शाखा के आस-पास के क्षेत्रों या उससे जुड़े लेनदेन के विवरणों की गहन पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, सरकारी या वाणिज्यिक स्तर पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या संदेहास्पद भूमिका की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं। चोरों की निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक साक्ष्य, जैसे सीसीटीवी फुटेज और रूट मैप, भी एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई का मुख्य आधार महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग्स बनीं, जिनमें संदिग्धों की गतिविधि और बातचीत रिकॉर्ड थी। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। घटनास्थल पर शिनाख्त के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चोरी के तौर-तरीकों का पूरा खुलासा भी किया है। शाहपुरा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, जिसका उद्देश्य चोरी किए गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करना है।
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    जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र में अपराध और चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में शाहपुरा पुलिस ने हाल ही में पकड़े गए शातिर चोरों को सीधे घटनास्थल पर ले जाकर उनकी पहचान (शिनाख्त) की कार्रवाई करवाई। इस दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की मौजूदगी में चोरी के पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया, ताकि मामले के हर पहलू और सबूतों को मजबूती से जोड़ा जा सके।

पुलिस की प्रारंभिक जाँच और तकनीकी इनपुट के आधार पर, इस मामले में कुछ संवेदनशील कड़ियाँ सामने आ रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी कृषि वाणिज्यिक शाखा के आस-पास के क्षेत्रों या उससे जुड़े लेनदेन के विवरणों की गहन पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, सरकारी या वाणिज्यिक स्तर पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या संदेहास्पद भूमिका की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं। चोरों की निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक साक्ष्य, जैसे सीसीटीवी फुटेज और रूट मैप, भी एकत्र किए हैं।

पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई का मुख्य आधार महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग्स बनीं, जिनमें संदिग्धों की गतिविधि और बातचीत रिकॉर्ड थी। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। घटनास्थल पर शिनाख्त के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चोरी के तौर-तरीकों का पूरा खुलासा भी किया है।

शाहपुरा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, जिसका उद्देश्य चोरी किए गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करना है।
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    22 hrs ago
  • अलवर जिले के टपूकड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। इस मारपीट के कारण विवाहिता की हालत गंभीर हो गई, जिसके चलते उसे उपचार के लिए अलवर रेफर किया गया है।
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    अलवर जिले के टपूकड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई।

इस मारपीट के कारण विवाहिता की हालत गंभीर हो गई, जिसके चलते उसे उपचार के लिए अलवर रेफर किया गया है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए। नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
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    जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया।

इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए।

नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • दिल्ली में एक कैब ड्राइवर ने एक नाबालिग से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इस जघन्य घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपी ड्राइवर ने नाबालिग के शव को हरियाणा के रेवाड़ी स्थित जंगल में फेंक दिया।
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    दिल्ली में एक कैब ड्राइवर ने एक नाबालिग से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इस जघन्य घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपी ड्राइवर ने नाबालिग के शव को हरियाणा के रेवाड़ी स्थित जंगल में फेंक दिया।
    user_Rajbala
    Rajbala
    Local News Reporter रेवाड़ी, रेवाड़ी, हरियाणा•
    6 hrs ago
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