जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए। नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी
संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल
देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते
नजर आए। नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
- विराटनगर क्षेत्र के बागावास चौरासी/ग्राम पंचायत बागावास चौरासी निवासी मालीराम पूनिया के पुत्र राकेश पूनिया का राजस्थान पुलिस कांस्टेबल के पद पर पूर्ण रूप से चयन हो गया है। इस अवसर पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- दौसा के भांडारेज में मोहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में, भांडारेज पुलिस चौकी में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में थानाधिकारी मुकेश कुमार चौधरी, चौकी प्रभारी बाबूलाल चौधरी, पंखीराम मीणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी, घनश्याम शर्मा, पूरण व्यास, सुरेंद्र सिंह सोलंकी और मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष बशीर खान सहित अन्य आयोजक उपस्थित रहे। थानाधिकारी मुकेश कुमार चौधरी ने सभी से अपील की कि वे इस पर्व को भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं। इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।4
- करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।1
- Post by Saurabh meena1
- बानसूर तहसील के ईसराकाबास विद्युत फीडर पर बन रहे सोलर प्लांट को लेकर क्षेत्र के किसान लामबंद हो गए हैं। किसान नेता राकेश दायमा के नेतृत्व में ईसराकाबास, बबेड़ी, मोयोढी और मांची गांव के किसानों ने सामूहिक मेजरनामा तैयार कर राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। किसानों की मुख्य मांग है कि फीडर पर सोलर प्लांट का काम तत्काल बंद किया जाए और उसकी कनेक्टिविटी फीडर से हटाई जाए। राकेश दायमा ने बताया कि ग्राम मांची में उद्योगपतियों द्वारा ईसराकाबास फीडर पर सोलर प्लांट लगाया जा रहा है, लेकिन इसे स्थापित करते समय न तो किसानों से कोई सहमति ली गई और न ही उन किसानों को मुआवजा दिया गया जिनकी जमीनें लाइन खींचने से खराब हुई हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस सोलर प्लांट के कारण फीडर को दिन में बिजली मिलेगी, जबकि बानसूर क्षेत्र के किसान मुख्य रूप से गाजर की खेती करते हैं। गाजर की फसल के लिए रात में पानी देना फायदेमंद होता है, क्योंकि दिन में तेज हवा के कारण फव्वारे से सिंचाई नहीं हो पाती और वोल्टेज भी कम रहता है। किसानों के अनुसार, दिन में सिंचाई करने से फसल खराब होने और मोटर-पाइपलाइन के जलने का खतरा बना रहता है। किसान नेता ने यह भी बताया कि दिन में बिजली मिलने से शाम और सुबह फसल पर जमी ओस के समय लोड बदलना भी संभव नहीं होगा, जिससे सिंचाई का पूरा सिस्टम बिगड़ जाएगा। राकेश दायमा ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की प्रतियां जिला कलेक्टर कोटपूतली-बहरोड़, उपखंड अधिकारी बानसूर और तहसीलदार बानसूर को भी भेजी गई हैं।1
- जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र में अपराध और चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में शाहपुरा पुलिस ने हाल ही में पकड़े गए शातिर चोरों को सीधे घटनास्थल पर ले जाकर उनकी पहचान (शिनाख्त) की कार्रवाई करवाई। इस दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की मौजूदगी में चोरी के पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया, ताकि मामले के हर पहलू और सबूतों को मजबूती से जोड़ा जा सके। पुलिस की प्रारंभिक जाँच और तकनीकी इनपुट के आधार पर, इस मामले में कुछ संवेदनशील कड़ियाँ सामने आ रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी कृषि वाणिज्यिक शाखा के आस-पास के क्षेत्रों या उससे जुड़े लेनदेन के विवरणों की गहन पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, सरकारी या वाणिज्यिक स्तर पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या संदेहास्पद भूमिका की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं। चोरों की निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक साक्ष्य, जैसे सीसीटीवी फुटेज और रूट मैप, भी एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई का मुख्य आधार महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग्स बनीं, जिनमें संदिग्धों की गतिविधि और बातचीत रिकॉर्ड थी। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। घटनास्थल पर शिनाख्त के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चोरी के तौर-तरीकों का पूरा खुलासा भी किया है। शाहपुरा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, जिसका उद्देश्य चोरी किए गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करना है।1
- विराटनगर क्षेत्र के बीलवाडी ग्राम पंचायत के निकटवर्ती बास उदयसिंह गाँव में लोक देवता वीर तेजाजी महाराज के पावन अवसर पर एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। यह यात्रा गाँव के ऐतिहासिक सिद्ध बाबा मंदिर से विशेष पूजा-अर्चना और विधि-विधान के साथ शुरू हुई। यहाँ से शुरू होकर, यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए तेजाजी महाराज मंदिर परिसर पहुँची। यात्रा के दौरान मातृशक्ति (महिलाएँ) अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं। डीजे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर तेजाजी महाराज के भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया, वहीं जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस पावन अवसर पर कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक प्रतिनिधि भी इस भव्य यात्रा के साक्षी बने। कार्यक्रम में शामिल हुए अतिथियों ने इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया और कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दौरान उन्होंने तेजाजी महाराज के चरणों में ढोक लगाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अमन-चैन तथा आमजन की खुशहाली की मंगल कामना की। सिद्ध बाबा मंदिर से तेजाजी महाराज मंदिर तक के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला। तेजाजी महाराज के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। मंदिर पहुँचने पर महाआरती की गई और सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद वितरित किया गया।1
- अग्निकांड स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक पीड़ित महिला ने जब अपनी परेशानियाँ और शिकायतें बतानी शुरू कीं, तो न्यूज़ एजेंसी PTI के वीडियो में उसकी आवाज़ को म्यूट कर दिया गया या गायब कर दिया गया। इस घटना के बाद गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर आग की लपटों से भी ज्यादा डर जनता की आवाज़ से किसे लग रहा था। यह प्रश्न भी पूछा जा रहा है कि ऐसा क्या कहा जा रहा था जिसे जनता तक पहुँचने से रोकना इतना ज़रूरी समझा गया।1
- देश की रक्षा में समर्पित वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में सैनिक समस्या सुनवाई कार्यक्रम के तहत एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला कलक्टर ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की, साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र सेवा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं की कृषि एवं आवासीय भूमि, आम रास्तों पर अतिक्रमण, सुरक्षा से जुड़े मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने बहरोड़, नीमराना, बानसूर, नारायणपुर, मांढ़ण और कोटपूतली तहसीलों में सैनिक परिवारों से संबंधित भूमि विवादों और अवैध कब्जों के मामलों में संबंधित उपखण्ड अधिकारियों और तहसीलदारों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व सैनिक परिवारों पर हमले, प्रताड़ना और झूठे मुकदमों से संबंधित शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर त्वरित कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, आमजन से जुड़े नामान्तरण (म्यूटेशन), आधार कार्ड संशोधन सहित अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित प्रकरणों को भी समयबद्ध रूप से निस्तारित करने के लिए कहा गया। अमर शहीदों के सम्मान से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। जिला स्तर पर लंबित शहीद स्मारकों और सरकारी विद्यालयों तथा सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण शहीद सैनिकों के नाम पर किए जाने वाले प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों को इन प्रकरणों में प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील मुख्यालय बहरोड़ में सैनिकों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए भव्य शहीद स्मारक के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने तथा लंबित न्यायिक प्रकरणों के समाधान के लिए प्रभावी पैरवी करने के निर्देश भी दिए। सैनिक कल्याण कार्यालय के सामने खुले नाले और गंदे पानी के भराव की समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद आयुक्त को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान, जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को सैनिक कल्याण से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर ऋषिदेव यादव, मेंबर जिला सैनिक बोर्ड कर्नल अशोक यादव, एएसपी नाजिम अली, कोटपूतली एसडीएम योगेश सिंह देवल, एसडीएम नारायणपुर दिनेश शर्मा, नगर परिषद आयुक्त बहरोड़ नूर मोहम्मद, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक जब्बार खान, नगर परिषद कोटपूतली सचिव अभिषेक सैनी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1