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3 hrs ago
user_Saurabh meena
Saurabh meena
भुसावर, भरतपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Saurabh meena
    1
    Post by Saurabh meena
    user_Saurabh meena
    Saurabh meena
    भुसावर, भरतपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।
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    करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।
    user_कैलाश सत्तावन टोडाभीम
    कैलाश सत्तावन टोडाभीम
    टोडाभीम, करौली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • हिंडौन सिटी के मासलपुर स्थित काछीपुरा गांव में आयोजित भागवत कथा के भंडारे के लिए हिंडौन से खरीदा गया 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल नकली निकला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 18 जून को हिंडौन की शुभम एंटरप्राइजेज फर्म से करीब ₹3,00,000 में खरीदे गए 100 टिन कनस्तरों में से इस रिफाइंड का उपयोग भोजन बनाने के लिए किया गया। जब हलवाइयों ने पंडितों और घर वालों के लिए भोजन तैयार किया, तो भोजन करने वाले सभी लोगों ने इस रिफाइंड को नकली बताया, जिसके बाद यह मामला सामने आया। काछीपुरा के ग्रामीणों ने नकली रिफाइंड के टिन कनस्तरों से भरी पिकअप के साथ मंगलवार को हिंडौन पहुंचकर मनीराम पार्क के पास स्थित शुभम एंटरप्राइजेज फर्म पर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि टिन कनस्तर पर 'एस ओ एन ए ए' जबकि उसके कवर पर 'एस ओ एन ए' अंकित है। साथ ही, कनस्तर पर 'सिंस 1894' और कवर पर '1884' लिखा होने से उन्हें रिफाइंड के नकली होने का संदेह हुआ। नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष दिनेश चंद सैनी की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग करौली के अधिकारी विजय सिंह ने सीएमएचओ के निर्देश पर जांच की, जिसमें पिकअप में रखे 'सोना सिक्का' रिफाइंड के 90 टिन कनस्तरों में गड़बड़ी पाई गई। इनमें से एक कनस्तर को नमूने के तौर पर जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि रिफाइंड में मिलावट की रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष सैनी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद शुभम एंटरप्राइजेज फर्म के मालिक ने सभी गड़बड़ टिन कनस्तरों को बदल दिया है। इसके अतिरिक्त, फर्म ने भागवत कथा के भंडारे में ₹1,11,000 का सहयोग भी प्रदान किया है।
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    हिंडौन सिटी के मासलपुर स्थित काछीपुरा गांव में आयोजित भागवत कथा के भंडारे के लिए हिंडौन से खरीदा गया 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल नकली निकला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 18 जून को हिंडौन की शुभम एंटरप्राइजेज फर्म से करीब ₹3,00,000 में खरीदे गए 100 टिन कनस्तरों में से इस रिफाइंड का उपयोग भोजन बनाने के लिए किया गया। जब हलवाइयों ने पंडितों और घर वालों के लिए भोजन तैयार किया, तो भोजन करने वाले सभी लोगों ने इस रिफाइंड को नकली बताया, जिसके बाद यह मामला सामने आया।

काछीपुरा के ग्रामीणों ने नकली रिफाइंड के टिन कनस्तरों से भरी पिकअप के साथ मंगलवार को हिंडौन पहुंचकर मनीराम पार्क के पास स्थित शुभम एंटरप्राइजेज फर्म पर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि टिन कनस्तर पर 'एस ओ एन ए ए' जबकि उसके कवर पर 'एस ओ एन ए' अंकित है। साथ ही, कनस्तर पर 'सिंस 1894' और कवर पर '1884' लिखा होने से उन्हें रिफाइंड के नकली होने का संदेह हुआ। नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष दिनेश चंद सैनी की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग करौली के अधिकारी विजय सिंह ने सीएमएचओ के निर्देश पर जांच की, जिसमें पिकअप में रखे 'सोना सिक्का' रिफाइंड के 90 टिन कनस्तरों में गड़बड़ी पाई गई। इनमें से एक कनस्तर को नमूने के तौर पर जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि रिफाइंड में मिलावट की रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष सैनी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद शुभम एंटरप्राइजेज फर्म के मालिक ने सभी गड़बड़ टिन कनस्तरों को बदल दिया है। इसके अतिरिक्त, फर्म ने भागवत कथा के भंडारे में ₹1,11,000 का सहयोग भी प्रदान किया है।
    user_Krishan murari rajora
    Krishan murari rajora
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    35 min ago
  • हिंडौन सिटी का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से संवेदनहीन और निष्क्रिय बना हुआ है, जिसके चलते शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए 'खून के आंसू' रो रही है। नगर परिषद द्वारा आंबेडकर भवन में आयोजित 'जन राहत शिविर' भी महज एक छलावा साबित हो रहे हैं, जहाँ शिकायतों का अंबार लगा है लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अधिकारियों द्वारा 'टाइम पास' किया जा रहा है। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से रोजाना आ रही शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनमें जगह-जगह 'कचरे के पहाड़' खड़े होना और सफाई विभाग का 'कुंभकर्णी नींद' में होना शामिल है। सीवरेज और पानी निकासी की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे मामूली बारिश या आम दिनों में भी गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। इसके अतिरिक्त, कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और लो-वोल्टेज की समस्या से जनता के बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और डिवाइडर खस्ताहाल हैं, जिससे रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) 'आंखें मूंदे बैठा' है। प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा यह है कि हिंडौन सिटी के एसडीएम का स्थानांतरण (ट्रांसफर) हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे रिलीव होकर अपने पद से हट नहीं रहे हैं। इस रवैये के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जिसका परिणाम यह है कि शिविरों में आने वाले 80% लोगों को बिना काम कराए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापत ने कहा कि हिंडौन सिटी का प्रशासन पूरी तरह 'संवेदनहीन' हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी 'भजनलाल सरकार की जीरो टॉलरेंस और जन-राहत की मंशा को पलीता लगा रहे हैं' और जनता टूटी सड़कों, सीवरेज के गंदे पानी, बिजली की किल्लत और गंदगी के ढेरों के बीच जीने को मजबूर है। प्रजापत ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था तुरंत नहीं सुधरी और समस्याओं का मौके पर निस्तारण नहीं हुआ तो 'ईंट से ईंट बजा दी जाएंगी'।
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    हिंडौन सिटी का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से संवेदनहीन और निष्क्रिय बना हुआ है, जिसके चलते शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए 'खून के आंसू' रो रही है। नगर परिषद द्वारा आंबेडकर भवन में आयोजित 'जन राहत शिविर' भी महज एक छलावा साबित हो रहे हैं, जहाँ शिकायतों का अंबार लगा है लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अधिकारियों द्वारा 'टाइम पास' किया जा रहा है।

शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से रोजाना आ रही शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनमें जगह-जगह 'कचरे के पहाड़' खड़े होना और सफाई विभाग का 'कुंभकर्णी नींद' में होना शामिल है। सीवरेज और पानी निकासी की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे मामूली बारिश या आम दिनों में भी गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। इसके अतिरिक्त, कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और लो-वोल्टेज की समस्या से जनता के बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और डिवाइडर खस्ताहाल हैं, जिससे रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) 'आंखें मूंदे बैठा' है।

प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा यह है कि हिंडौन सिटी के एसडीएम का स्थानांतरण (ट्रांसफर) हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे रिलीव होकर अपने पद से हट नहीं रहे हैं। इस रवैये के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जिसका परिणाम यह है कि शिविरों में आने वाले 80% लोगों को बिना काम कराए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापत ने कहा कि हिंडौन सिटी का प्रशासन पूरी तरह 'संवेदनहीन' हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी 'भजनलाल सरकार की जीरो टॉलरेंस और जन-राहत की मंशा को पलीता लगा रहे हैं' और जनता टूटी सड़कों, सीवरेज के गंदे पानी, बिजली की किल्लत और गंदगी के ढेरों के बीच जीने को मजबूर है। प्रजापत ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था तुरंत नहीं सुधरी और समस्याओं का मौके पर निस्तारण नहीं हुआ तो 'ईंट से ईंट बजा दी जाएंगी'।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    2 hrs ago
  • देश में जातिवाद के अस्तित्व और इसके भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। इस बात पर विचार किया जा रहा है कि क्या भारत से जातिवाद की समस्या को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है या नहीं। इसके साथ ही, यह भी पूछा गया है कि यदि इस देश से जातिवाद पूरी तरह से मिट जाए, तो इसके क्या परिणाम होंगे और समाज पर इसका क्या असर पड़ेगा।
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    देश में जातिवाद के अस्तित्व और इसके भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। इस बात पर विचार किया जा रहा है कि क्या भारत से जातिवाद की समस्या को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है या नहीं। इसके साथ ही, यह भी पूछा गया है कि यदि इस देश से जातिवाद पूरी तरह से मिट जाए, तो इसके क्या परिणाम होंगे और समाज पर इसका क्या असर पड़ेगा।
    user_Ravi bainsla
    Ravi bainsla
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के करौली जिले के भैसा गांव में सड़कों के अभाव के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे गांव का बाजार एक स्थायी तालाब में तब्दील हो गया है। इस जलभराव के कारण भैसा गांव के बाजार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    राजस्थान के करौली जिले के भैसा गांव में सड़कों के अभाव के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे गांव का बाजार एक स्थायी तालाब में तब्दील हो गया है। इस जलभराव के कारण भैसा गांव के बाजार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Hanis Sheikh
    Hanis Sheikh
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • राजस्थान के पाली जिले में स्थित रानी उपखंड के किशनपुरा गांव में पीने के पानी की गंभीर किल्लत के चलते ग्रामीणों को भारी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है। दस दिनों के लंबे इंतजार के बाद जवाई का मीठा पानी गांव में पहुंचा, जिसके बाद पानी के लिए ग्रामीणों में होड़ मच गई। गांव में केवल एक पाइपलाइन पर ही जलापूर्ति पॉइंट होने के कारण मीठा पानी लेने के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत ग्राम वासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस भारी भीड़ के बावजूद, अपर्याप्त व्यवस्थाओं के चलते, पीने के पानी के लिए लोग आपस में उलझते और झगड़ते हुए दिखाई दिए। यह स्थिति जलदाय विभाग द्वारा की गई जलापूर्ति व्यवस्थाओं की पोल खोलती है, जिनकी तरफ से कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीण लंबे समय से गांव में जलापूर्ति बेहतर करने और पाइपलाइन पर और अधिक पॉइंट उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि मीठे पानी के लिए उन्हें इस तरह आपस में न उलझना पड़े।
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    राजस्थान के पाली जिले में स्थित रानी उपखंड के किशनपुरा गांव में पीने के पानी की गंभीर किल्लत के चलते ग्रामीणों को भारी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है। दस दिनों के लंबे इंतजार के बाद जवाई का मीठा पानी गांव में पहुंचा, जिसके बाद पानी के लिए ग्रामीणों में होड़ मच गई।

गांव में केवल एक पाइपलाइन पर ही जलापूर्ति पॉइंट होने के कारण मीठा पानी लेने के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत ग्राम वासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस भारी भीड़ के बावजूद, अपर्याप्त व्यवस्थाओं के चलते, पीने के पानी के लिए लोग आपस में उलझते और झगड़ते हुए दिखाई दिए।

यह स्थिति जलदाय विभाग द्वारा की गई जलापूर्ति व्यवस्थाओं की पोल खोलती है, जिनकी तरफ से कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीण लंबे समय से गांव में जलापूर्ति बेहतर करने और पाइपलाइन पर और अधिक पॉइंट उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि मीठे पानी के लिए उन्हें इस तरह आपस में न उलझना पड़े।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • हिन्डौन सिटी में रिफाइंड तेल की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई है, जहाँ असली मार्का की जगह नकली मार्का 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। यह गंभीर स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है, क्योंकि नकली तेल की बिक्री से जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
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    हिन्डौन सिटी में रिफाइंड तेल की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई है, जहाँ असली मार्का की जगह नकली मार्का 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। यह गंभीर स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है, क्योंकि नकली तेल की बिक्री से जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    3 hrs ago
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