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करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।
कैलाश सत्तावन टोडाभीम
करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।
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- करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।1
- हिंडौन सिटी का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से संवेदनहीन और निष्क्रिय बना हुआ है, जिसके चलते शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए 'खून के आंसू' रो रही है। नगर परिषद द्वारा आंबेडकर भवन में आयोजित 'जन राहत शिविर' भी महज एक छलावा साबित हो रहे हैं, जहाँ शिकायतों का अंबार लगा है लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अधिकारियों द्वारा 'टाइम पास' किया जा रहा है। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से रोजाना आ रही शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनमें जगह-जगह 'कचरे के पहाड़' खड़े होना और सफाई विभाग का 'कुंभकर्णी नींद' में होना शामिल है। सीवरेज और पानी निकासी की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे मामूली बारिश या आम दिनों में भी गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। इसके अतिरिक्त, कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और लो-वोल्टेज की समस्या से जनता के बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और डिवाइडर खस्ताहाल हैं, जिससे रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) 'आंखें मूंदे बैठा' है। प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा यह है कि हिंडौन सिटी के एसडीएम का स्थानांतरण (ट्रांसफर) हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे रिलीव होकर अपने पद से हट नहीं रहे हैं। इस रवैये के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जिसका परिणाम यह है कि शिविरों में आने वाले 80% लोगों को बिना काम कराए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापत ने कहा कि हिंडौन सिटी का प्रशासन पूरी तरह 'संवेदनहीन' हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी 'भजनलाल सरकार की जीरो टॉलरेंस और जन-राहत की मंशा को पलीता लगा रहे हैं' और जनता टूटी सड़कों, सीवरेज के गंदे पानी, बिजली की किल्लत और गंदगी के ढेरों के बीच जीने को मजबूर है। प्रजापत ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था तुरंत नहीं सुधरी और समस्याओं का मौके पर निस्तारण नहीं हुआ तो 'ईंट से ईंट बजा दी जाएंगी'।2
- Post by Saurabh meena1
- राज्य सरकार द्वारा चलाए गए ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन 2026 में ग्राम पंचायत पटोंदा में किया गया। इस शिविर में श्री महावीर जी तहसीलदार हरसहाय मीना और पंचायत ग्राम विकास अधिकारी ने एक प्रार्थी को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। शिविर में सहकारी विभाग के श्याम सिंह, विद्युत विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग, रसद विभाग की प्रवर्तन निरीक्षक सुनीता मीणा, शिक्षा विभाग और कृषि विभाग सहित राज्य सरकार के सभी विभागों के कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की और मौके पर ही विभिन्न परिवादों का निस्तारण किया गया।1
- देश में जातिवाद के अस्तित्व और इसके भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। इस बात पर विचार किया जा रहा है कि क्या भारत से जातिवाद की समस्या को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है या नहीं। इसके साथ ही, यह भी पूछा गया है कि यदि इस देश से जातिवाद पूरी तरह से मिट जाए, तो इसके क्या परिणाम होंगे और समाज पर इसका क्या असर पड़ेगा।1
- राजस्थान के करौली जिले के भैसा गांव में सड़कों के अभाव के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे गांव का बाजार एक स्थायी तालाब में तब्दील हो गया है। इस जलभराव के कारण भैसा गांव के बाजार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- हिंडौन सिटी के खरेटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डीएनसी (DNC) के तीन दिन बाद रविवार को एक महिला की मृत्यु हो गई। नई मंडी थाना पुलिस ने सोमवार को मृतका का जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। जिला जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के हिंडौन तहसील अध्यक्ष बबलू चौरसिया ने इस घटना की जानकारी दी। मृतका की पहचान श्री महावीरजी के नौरंगाबाद निवासी पुष्पा देवी जाटव पत्नी भंवर सिंह के रूप में हुई है, जो तीन माह की गर्भवती थीं। पुष्पा देवी 19 जून को अपनी ननद अनीता (निवासी मनेमा) के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की जांच कराने निजी अस्पताल पहुंची थीं। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद बच्चा खराब होने की जानकारी देते हुए डीएनसी कराने की सलाह दी। उसी दिन शाम को पुष्पा देवी को अस्पताल में भर्ती कर डीएनसी की गई। इसके कुछ देर बाद उन्हें पेट में तेज दर्द हुआ, जिस पर डॉक्टर के उपचार के बाद दर्द कम हुआ और उन्हें रात में छुट्टी दे दी गई। 20 जून को पुष्पा को एक बार फिर पेट दर्द हुआ, जिस पर परिजन उन्हें दोबारा उसी निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर के उपचार से दर्द कम होने पर उन्हें फिर घर भेज दिया गया। घर पर तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से उपचार के बाद उनकी मां उन्हें ऑटो से बेरखौ ले जा रही थीं। जटनगला नदी के पास उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और मां उन्हें दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां रविवार को पुष्पा की मौत हो गई। चिकित्सकों ने शव को मोर्चरी में रखवाया, जिसका पोस्टमार्टम सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में करवाकर शव उन्हें सौंप दिया गया।1
- हिन्डौन सिटी में रिफाइंड तेल की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई है, जहाँ असली मार्का की जगह नकली मार्का 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। यह गंभीर स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है, क्योंकि नकली तेल की बिक्री से जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।1