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विशेष अभियान के तहत, थाना मंगलपुर पुलिस ने बलात्कार के एक वांछित अभियुक्त शीलू को गिरफ्तार किया है। आरोपी शीलू हिसावा, थाना मंगलपुर का निवासी है और मूल रूप से जनपद इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के मुकुटपुर का रहने वाला है। उसे ग्राम सुमेर पुरवा जाने वाले मार्ग पर स्थित हवासपुर सीएचसी से लगभग 400 मीटर आगे से पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी मंगलपुर थाना क्षेत्र की महिपा द्वारा दर्ज कराए गए बलात्कार के मुकदमे के संबंध में हुई है। कार्रवाई के बाद, शीलू को न्यायालय में पेश किया गया, जिसके उपरांत उसे जेल भेज दिया गया।
कुमार पंकज
विशेष अभियान के तहत, थाना मंगलपुर पुलिस ने बलात्कार के एक वांछित अभियुक्त शीलू को गिरफ्तार किया है। आरोपी शीलू हिसावा, थाना मंगलपुर का निवासी है और मूल रूप से जनपद इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के मुकुटपुर का रहने वाला है। उसे ग्राम सुमेर पुरवा जाने वाले मार्ग पर स्थित हवासपुर सीएचसी से लगभग 400 मीटर आगे से पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी मंगलपुर थाना क्षेत्र की महिपा द्वारा दर्ज कराए गए बलात्कार के मुकदमे के संबंध में हुई है। कार्रवाई के बाद, शीलू को न्यायालय में पेश किया गया, जिसके उपरांत उसे जेल भेज दिया गया।
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- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के डिलौलिया गांव में एक घरेलू विवाद उस समय बढ़ गया जब रिजवान उर्फ रज्जाक नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर शराब के नशे में अपनी पत्नी साबरा के साथ मारपीट की। यह घटना दिनभर गांव में चर्चा का विषय बनी रही। आसपास के लोगों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलने पर डेरापुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ की। जांच के दौरान, पति-पत्नी के बीच हुए विवाद और मारपीट की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रिजवान उर्फ रज्जाक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उसका चालान किया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को भविष्य में किसी भी विवाद को न बढ़ाने की सख्त हिदायत दी है।1
- कानपुर देहात के बिल्हौर रोड पर स्थित कास्वी ज्वैलर्स में रविवार शाम एक महिला ग्राहक बनकर पहुँची और दुकानदार को बातों में उलझाकर करीब ₹85,000 कीमत की हीरे जड़ित सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गई। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दुकान स्वामी मयूर चंदेल के अनुसार, महिला काफी देर तक आभूषण देखने के बहाने दुकान में बातचीत करती रही और इसी दौरान मौका पाकर उसने अंगूठी गायब कर दी। बाद में जब सामान का मिलान किया गया और अंगूठी नहीं मिली, तो सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जिसमें महिला की यह करतूत सामने आई। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को बिल्हा गाँव का निवासी बताया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी शिवनारायण सिंह ने जानकारी दी कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।1
- भोगनीपुर थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के एक मामले में करीब छह माह से वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। आरोपी राजेश कुमार द्विवेदी के खिलाफ थाना भोगनीपुर में बीएनएस की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज था। पुलिस के अनुसार, पुखरायां की दीनदयाल नगर निवासी रीता तिवारी ने तहरीर में बताया था कि वर्ष 2022 में उनके पति शिवगणेश ने राजेश कुमार द्विवेदी, निवासी ग्राम हांसा, थाना कदौरा (जालौन) से चंद्रप्रकाश को कुछ रुपये उधार दिलाने में मदद की थी। पीड़िता का आरोप है कि रुपये वापस मिलने के बावजूद राजेश द्विवेदी ने मनमाना ब्याज और अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी थी और अपने साथियों के साथ घर व दुकान पर जाकर लगातार धमकी देता रहा। इस मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर 17 दिसंबर 2025 को उनके पति शिवगणेश ने तेजाब पी लिया था और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। इस मामले में 19 दिसंबर 2025 को थाना भोगनीपुर में मुकदमा संख्या 415/2025, धारा 108 बीएनएस के तहत राजेश कुमार द्विवेदी, चंद्रप्रकाश तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। रविवार को विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए थाना भोगनीपुर पुलिस ने वांछित आरोपी राजेश कुमार द्विवेदी (61 वर्ष), निवासी ग्राम हांसा, थाना कदौरा, जनपद जालौन को मवई रोड स्थित भूप सिंह ढाबा के सामने पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी दो मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में चौकी प्रभारी पुखरायां उपनिरीक्षक अमरेन्द्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल हर्ष चौधरी और आरक्षी अनुज कुमार शामिल रहे।1
- सिकंदरा तहसील के अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भी जारी रही। बार एसोसिएशन सिकंदरा के तत्वावधान में अधिवक्ता बीते 18 जून से न्यायिक कार्य से विरत रहकर लगातार अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तहसील परिसर स्थित बार एसोसिएशन सभागार में संगठन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीयन विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हुए, सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पूर्व में पारित प्रस्ताव के अनुसार कलमबंद हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। अधिवक्ताओं ने बैठक में स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक में यह भी तय किया गया कि बार एसोसिएशन सिकंदरा की ओर से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन के समर्थन की मांग की जाएगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को पत्र भेजकर अधिवक्ताओं की मांगों के पक्ष में हस्तक्षेप करने और सहयोग प्रदान करने का अनुरोध भी किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए दोहराया कि पंजीयन विभाग के निजीकरण के विरोध में उनका संघर्ष पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक कलमबंद हड़ताल समाप्त नहीं होगी।1
- कानपुर देहात के रनियां थाना पुलिस ने मानवता और ईमानदारी की अनूठी मिसाल पेश करते हुए एक बेहोश युवक की न केवल समय पर जान बचाई, बल्कि उसके पास से मिली ₹35,630 की नकदी भी सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को लौटा दी। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। यह घटना रविवार की है, जब पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रनियां थाना पुलिस गजनेर-रायपुर मार्ग पर अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अपनी नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान पुलिस टीम की नजर सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़े एक युवक पर पड़ी। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए, पुलिस ने बिना किसी देरी के उसे तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया ताकि उसे उचित उपचार मिल सके। चिकित्सकों द्वारा समय पर दिए गए इलाज से युवक की हालत स्थिर हो गई और होश में आने के बाद उसकी पहचान भोगनीपुर क्षेत्र के मलासा निवासी जितेंद्र सिंह के रूप में हुई। पुलिस द्वारा की गई तलाशी में युवक के पास से ₹35,630 की नकदी बरामद हुई, जिसे पूरी ईमानदारी के साथ सुरक्षित रखते हुए बाद में उसके परिवार को सौंप दिया गया। युवक और उसके परिजनों ने पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील व्यवहार के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। रनियां थाना पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और ईमानदारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता का उदाहरण पेश करने में भी सबसे आगे रहती है। क्षेत्रीय लोगों ने इस नेक कार्य के लिए पुलिस की खुले दिल से सराहना की है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित हिसांवा गांव में पानी भरने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुँच गया है। पीड़ित हीरालाल ने अपने पड़ोसियों पर घर में घुसकर उनके और उनकी पत्नी के साथ मारपीट करने तथा जान से मारने की गंभीर धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। हीरालाल, जो स्वर्गीय महावीर के पुत्र हैं और गांव के निवासी हैं, ने मंगलपुर पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 25 जून की शाम करीब छह बजे जब वह अपने घर के बाहर लगे टोटी वाले नल से पानी भर रहे थे, तभी पड़ोसी आदित्य और आशीष (जो स्वर्गीय हरिपाल के पुत्र हैं) तथा कमला देवी ने नल की टोटी तोड़ दी। पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद 28 जून की सुबह जब वह अपने भाई जगमोहन के घर पानी भरने गए, तो आरोपित वहां पहुँच गए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपितों ने कथित तौर पर उनके घर में घुसकर हीरालाल और उनकी पत्नी के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। हीरालाल ने बताया कि उनके पास इस घटना का वीडियो मौजूद है, जिसे वे साक्ष्य के रूप में पुलिस को उपलब्ध कराने को तैयार हैं। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में, एसएसआई कमलेश यादव ने रविवार दोपहर करीब तीन बजे बताया कि पीड़ित को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।4
- डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही, जिसके चलते न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हुए। अधिवक्ता सरकार की नीतियों के विरोध में कार्य बहिष्कार कर रहे हैं, जिससे वादकारियों और आम लोगों के कई आवश्यक कार्य रुक गए हैं। तहसील आने वाले लोगों को अपने दस्तावेजी कार्यों और मुकदमों से संबंधित प्रक्रियाओं को पूरा करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के दौरान, अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया और यह स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर, अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता, महामंत्री हरिशंकर संखवार, सुरेश चंद्र द्विवेदी, सतेंद्र सिंह गौर, महेंद्र यादव, अमर सिंह गौर, राममोहन अवस्थी, महेंद्र पाल, आसिफ, मोहित पाल, प्रशांत दीक्षित, संजय पाल, आनंद कश्यप, महावीर यादव, शैलेंद्र यादव, अजय यादव, सोनेलाल यादव, राम नरेश, सूरज यादव, रमेश पाल और अमित तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के राजपुर स्थित सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड तथा स्टाफ की भारी कमी के कारण गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी विकट है कि अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 80 से अधिक मरीज पहुँच रहे हैं, जिनमें उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या सबसे ज़्यादा है। सोमवार को भी 82 मरीज अस्पताल पहुँचे थे। केंद्र में केवल दस बेड उपलब्ध हैं, जबकि 13 मरीजों को ड्रिप लगाई गई, जिसके चलते डॉ. आर.पी. सागर को एक ही बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार देना पड़ा। सलेमपुर सीएचसी में महिला डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलने में बाधा आ रही है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट को तीन दिनों के लिए राजपुर पीएचसी में आपातकालीन ड्यूटी पर जाना पड़ता है, जिससे दवा वितरण में समस्या उत्पन्न होती है और ट्रेनी कर्मचारियों से काम चलाना पड़ता है। महिला संबंधी बीमारियों के लिए आने वाली मरीजों को तो सिकंदरा या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर, राजपुर ब्लॉक के नोडल और डिप्टी सीएमओ डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि अस्पताल को जल्द ही अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए जाएँगे। साथ ही, डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए उच्च अधिकारियों से माँग की जाएगी।1