कानपुर देहात के राजपुर स्थित सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड तथा स्टाफ की भारी कमी के कारण गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी विकट है कि अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 80 से अधिक मरीज पहुँच रहे हैं, जिनमें उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या सबसे ज़्यादा है। सोमवार को भी 82 मरीज अस्पताल पहुँचे थे। केंद्र में केवल दस बेड उपलब्ध हैं, जबकि 13 मरीजों को ड्रिप लगाई गई, जिसके चलते डॉ. आर.पी. सागर को एक ही बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार देना पड़ा। सलेमपुर सीएचसी में महिला डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलने में बाधा आ रही है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट को तीन दिनों के लिए राजपुर पीएचसी में आपातकालीन ड्यूटी पर जाना पड़ता है, जिससे दवा वितरण में समस्या उत्पन्न होती है और ट्रेनी कर्मचारियों से काम चलाना पड़ता है। महिला संबंधी बीमारियों के लिए आने वाली मरीजों को तो सिकंदरा या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर, राजपुर ब्लॉक के नोडल और डिप्टी सीएमओ डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि अस्पताल को जल्द ही अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए जाएँगे। साथ ही, डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए उच्च अधिकारियों से माँग की जाएगी।
कानपुर देहात के राजपुर स्थित सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड तथा स्टाफ की भारी कमी के कारण गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी विकट है कि अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 80 से अधिक मरीज पहुँच रहे हैं, जिनमें उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या सबसे ज़्यादा है। सोमवार को भी 82 मरीज अस्पताल पहुँचे थे। केंद्र में केवल दस बेड उपलब्ध हैं, जबकि 13 मरीजों को ड्रिप लगाई गई, जिसके चलते डॉ. आर.पी. सागर को एक ही बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार देना पड़ा। सलेमपुर सीएचसी में महिला डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलने में बाधा आ रही है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट को तीन दिनों के लिए राजपुर पीएचसी में आपातकालीन ड्यूटी पर जाना पड़ता है, जिससे दवा वितरण में समस्या उत्पन्न होती है और ट्रेनी कर्मचारियों से काम चलाना पड़ता है। महिला संबंधी बीमारियों के लिए आने वाली मरीजों को तो सिकंदरा या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर, राजपुर ब्लॉक के नोडल और डिप्टी सीएमओ डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि अस्पताल को जल्द ही अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए जाएँगे। साथ ही, डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए उच्च अधिकारियों से माँग की जाएगी।
- कानपुर देहात के मंगलपुर विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले मडौली गांव में पिछले लगभग 15 दिनों से एक ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है, जिसके कारण गांव की लगभग आधी आबादी को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से उमस भरी गर्मी में लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसका असर पेयजल व्यवस्था से लेकर सभी घरेलू कार्यों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मडौली गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जिनमें से एक लगभग 15 दिन पहले खराब हो गया था। इसके चलते गांव की करीब एक हजार की आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। बिजली न होने के कारण लोगों को रातें अंधेरे में बितानी पड़ रही हैं, और मोबाइल चार्ज करने जैसे छोटे-मोटे कामों के लिए भी दूसरे मोहल्लों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव के आदेश सिंह, विनोद सिंह, महेंद्र सिंह, बलवीर सिंह और निर्मल सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, और भीषण गर्मी तथा उमस में बिजली के बिना रहना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार इस संबंध में शिकायत की है, लेकिन अभी तक न तो खराब ट्रांसफार्मर को बदला गया है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उन्होंने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि गांव वालों को गर्मी और उमस से राहत मिल सके। इस पूरे मामले पर, मंगलपुर उपकेंद्र के अवर अभियंता के.डी. वर्मा ने सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे जानकारी दी कि खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए पीआर जारी कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर गांव की विद्युत आपूर्ति शीघ्र ही सुचारु कर दी जाएगी।2
- सिकंदरा तहसील के अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भी जारी रही। बार एसोसिएशन सिकंदरा के तत्वावधान में अधिवक्ता बीते 18 जून से न्यायिक कार्य से विरत रहकर लगातार अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तहसील परिसर स्थित बार एसोसिएशन सभागार में संगठन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीयन विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हुए, सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पूर्व में पारित प्रस्ताव के अनुसार कलमबंद हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। अधिवक्ताओं ने बैठक में स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक में यह भी तय किया गया कि बार एसोसिएशन सिकंदरा की ओर से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन के समर्थन की मांग की जाएगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को पत्र भेजकर अधिवक्ताओं की मांगों के पक्ष में हस्तक्षेप करने और सहयोग प्रदान करने का अनुरोध भी किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए दोहराया कि पंजीयन विभाग के निजीकरण के विरोध में उनका संघर्ष पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक कलमबंद हड़ताल समाप्त नहीं होगी।1
- कानपुर देहात के रनियां थाना पुलिस ने मानवता और ईमानदारी की अनूठी मिसाल पेश करते हुए एक बेहोश युवक की न केवल समय पर जान बचाई, बल्कि उसके पास से मिली ₹35,630 की नकदी भी सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को लौटा दी। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। यह घटना रविवार की है, जब पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रनियां थाना पुलिस गजनेर-रायपुर मार्ग पर अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अपनी नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान पुलिस टीम की नजर सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़े एक युवक पर पड़ी। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए, पुलिस ने बिना किसी देरी के उसे तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया ताकि उसे उचित उपचार मिल सके। चिकित्सकों द्वारा समय पर दिए गए इलाज से युवक की हालत स्थिर हो गई और होश में आने के बाद उसकी पहचान भोगनीपुर क्षेत्र के मलासा निवासी जितेंद्र सिंह के रूप में हुई। पुलिस द्वारा की गई तलाशी में युवक के पास से ₹35,630 की नकदी बरामद हुई, जिसे पूरी ईमानदारी के साथ सुरक्षित रखते हुए बाद में उसके परिवार को सौंप दिया गया। युवक और उसके परिजनों ने पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील व्यवहार के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। रनियां थाना पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और ईमानदारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता का उदाहरण पेश करने में भी सबसे आगे रहती है। क्षेत्रीय लोगों ने इस नेक कार्य के लिए पुलिस की खुले दिल से सराहना की है।1
- समाजवादी पार्टी के औरैया स्थित जिला कार्यालय ककोर में दानवीर भामाशाह जी की जयंती मनाई गई। इसी अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव जी का जन्मदिन भी केक काटकर मनाया गया और उनकी दीर्घायु की कामना की गई। इस मौके पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसे संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने दानवीर भामाशाह के योगदान पर प्रकाश डाला। जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने बताया कि दानवीर भामाशाह एक मंत्री और सलाहकार के रूप में कार्य करते हुए भी उन्होंने एक ऐसा ऐतिहासिक कार्य किया था कि राज्य के आर्थिक संकट के दौरान अपनी संपूर्ण संपत्ति महाराणा प्रताप जी को समर्पित कर दी थी। गौतम के अनुसार, यह संपत्ति इतनी बड़ी थी जिससे 25,000 सैनिकों का 12 साल का पूरा खर्च वहन किया जा सकता था। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया और 2027 में सरकार बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में व्यापारी नेता बृजेंद्र गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, पूर्व विधायक विपिन गुप्ता, नवीन वर्मा लोधी, वीरेंद्र शास्त्री, रश्मि यादव, अरविंद पोरवाल, पल्लवी पाल, कमलेश तिवारी, भगवती देवी निषाद, अशोक गुप्ता, कुलदीप पोरवाल और अजय यादव सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- सुल्तानपुर के कोतवाली नगर क्षेत्र में स्थित PWD गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी के साथ हुई मारपीट की घटना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने अमन निषाद, दिलशाद अहमद और आलोक यादव नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई एक ब्लैक स्कॉर्पियो और एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी पुलिस ने बरामद की है। पुलिस ने जानकारी दी है कि इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- किसान यूनियन ने गिलौला थाने पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए 'हल्ला बोल' प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव करने का प्रयास किया। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले एक दरोगा ने उनके एक कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया था और मारपीट की थी। इसी मामले को लेकर थाने के घेराव और अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया गया था।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले मडौली गांव की लगभग आधी आबादी पिछले करीब 15 दिनों से बिजली संकट और अंधेरे में रहने को मजबूर है, क्योंकि वहां लगा एक ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है। इस वजह से गांव के लगभग एक हजार लोग भीषण उमस भरी गर्मी और लगातार बिजली आपूर्ति बाधित होने से जूझ रहे हैं। इसका सीधा असर लोगों के जनजीवन, पेयजल व्यवस्था और घरेलू कार्यों पर पड़ रहा है; मोबाइल चार्ज करने के लिए भी उन्हें दूसरे मोहल्लों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने, जिनमें आदेश सिंह, विनोद सिंह, महेंद्र सिंह, बलवीर सिंह और निर्मल सिंह जैसे नाम शामिल हैं, बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से उनका जीवन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक न तो ट्रांसफार्मर बदला गया है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस गर्मी और उमस से राहत मिल सके। इस मामले पर, मंगलपुर उपकेंद्र के अवर अभियंता के.डी. वर्मा ने सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे बताया कि खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए पीआर जारी कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर गांव की विद्युत आपूर्ति शीघ्र ही सुचारु कर दी जाएगी।1
- कानपुर देहात के राजपुर स्थित सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड तथा स्टाफ की भारी कमी के कारण गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी विकट है कि अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 80 से अधिक मरीज पहुँच रहे हैं, जिनमें उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या सबसे ज़्यादा है। सोमवार को भी 82 मरीज अस्पताल पहुँचे थे। केंद्र में केवल दस बेड उपलब्ध हैं, जबकि 13 मरीजों को ड्रिप लगाई गई, जिसके चलते डॉ. आर.पी. सागर को एक ही बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार देना पड़ा। सलेमपुर सीएचसी में महिला डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलने में बाधा आ रही है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट को तीन दिनों के लिए राजपुर पीएचसी में आपातकालीन ड्यूटी पर जाना पड़ता है, जिससे दवा वितरण में समस्या उत्पन्न होती है और ट्रेनी कर्मचारियों से काम चलाना पड़ता है। महिला संबंधी बीमारियों के लिए आने वाली मरीजों को तो सिकंदरा या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस गंभीर स्थिति पर, राजपुर ब्लॉक के नोडल और डिप्टी सीएमओ डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि अस्पताल को जल्द ही अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए जाएँगे। साथ ही, डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए उच्च अधिकारियों से माँग की जाएगी।1