पीएम आवास योजना में 66 लाख लाभार्थियों की पात्रता में कथित हेरफेर, दोबारा जांच शुरू पटना, बिहार: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर बिहार में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि करीब 66 लाख लोगों की पात्रता सूची में गड़बड़ी की गई, जिसमें योग्य लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया और अयोग्य लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया। बताया जा रहा है कि इस कथित गड़बड़ी के बाद अब पात्रता की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में तकनीकी माध्यमों (जैसे डेटा एनालिसिस या AI) की मदद भी ली जा सकती है, ताकि सही लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। क्या है मामला आरोप है कि बड़े स्तर पर लाभार्थी सूची में बदलाव किया गया कई गरीब और जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित रह गए वहीं, अपात्र लोगों को योजना का लाभ मिलने की शिकायतें सामने आईं सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया अब प्रशासन द्वारा सूची की पुनः जांच कराई जा रही है, ताकि वास्तविक पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिल सके। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पीएम आवास योजना में 66 लाख लाभार्थियों की पात्रता में कथित हेरफेर, दोबारा जांच शुरू पटना, बिहार: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर बिहार में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि करीब 66 लाख लोगों की पात्रता सूची में गड़बड़ी की गई, जिसमें योग्य लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया और अयोग्य लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया। बताया जा रहा है कि इस कथित गड़बड़ी के बाद अब पात्रता की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में तकनीकी माध्यमों (जैसे डेटा एनालिसिस या AI) की मदद भी ली जा सकती है, ताकि सही लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। क्या है मामला आरोप है कि बड़े स्तर पर लाभार्थी सूची में बदलाव किया गया कई गरीब और जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित रह गए वहीं, अपात्र लोगों को योजना का लाभ मिलने की शिकायतें सामने आईं सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया अब प्रशासन द्वारा सूची की पुनः जांच कराई जा रही है, ताकि वास्तविक पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिल सके। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- पटना, बिहार: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर बिहार में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि करीब 66 लाख लोगों की पात्रता सूची में गड़बड़ी की गई, जिसमें योग्य लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया और अयोग्य लोगों को सूची में शामिल कर लिया गया। बताया जा रहा है कि इस कथित गड़बड़ी के बाद अब पात्रता की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में तकनीकी माध्यमों (जैसे डेटा एनालिसिस या AI) की मदद भी ली जा सकती है, ताकि सही लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। क्या है मामला आरोप है कि बड़े स्तर पर लाभार्थी सूची में बदलाव किया गया कई गरीब और जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित रह गए वहीं, अपात्र लोगों को योजना का लाभ मिलने की शिकायतें सामने आईं सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया अब प्रशासन द्वारा सूची की पुनः जांच कराई जा रही है, ताकि वास्तविक पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिल सके। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- Post by सन ऑफ पासवान राजकुमार1
- माननीय प्रधानमंत्री जी हवावाजी कर रहे हैं।1
- Post by Samachar City1
- राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री तेजस्वी यादव का महिला आरक्षण पर बयान:- कट्टर महिला विरोधी, पाखंडी, ढोंगी और झूठे भाजपाई आँख खोल इस सच्चाई को स्वीकार करें तथा अपने तुलनात्मक आँकड़े जारी करे। 👉 लोकसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟒 में 𝐑𝐉𝐃 ने बिहार में सबसे अधिक 𝟐𝟗% महिलाओं को टिकट दिया, 𝐑𝐉𝐃 के 𝟐𝟓% लोकसभा सांसद महिला है। 👉 बिहार विधानसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟓 में भी 𝐑𝐉𝐃 ने ही सबसे अधिक 𝟏𝟕% महिलाओं को टिकट दिया था। 👉 बिहार विधानपरिषद में भी दलों में सबसे अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व 𝟐𝟏.𝟒% 𝐑𝐉𝐃 का है। 👉 अब तक बिहार की प्रथम और अंतिम महिला मुख्यमंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही है। विगत 𝟑𝟎 वर्षों में बिहार से भारत सरकार में अंतिम महिला केंद्रीय मंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही रही है। 👉 महिला विरोधी 𝐁𝐉𝐏-𝐉𝐃𝐔-𝐍𝐃𝐀 ने तो आज तक 𝟕𝟓 वर्षों में बिहार के इतिहास में बिहार से एक भी महिला को केंद्रीय मंत्री/मुख्यमंत्री नहीं बनाया है और ये नकली पाखंडी लोग महिला उत्थान की बात करते है?1
- राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री तेजस्वी यादव का महिला आरक्षण पर बयान:- कट्टर महिला विरोधी, पाखंडी, ढोंगी और झूठे भाजपाई आँख खोल इस सच्चाई को स्वीकार करें तथा अपने तुलनात्मक आँकड़े जारी करे। 👉 लोकसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟒 में 𝐑𝐉𝐃 ने बिहार में सबसे अधिक 𝟐𝟗% महिलाओं को टिकट दिया, 𝐑𝐉𝐃 के 𝟐𝟓% लोकसभा सांसद महिला है। 👉 बिहार विधानसभा चुनाव-𝟐𝟎𝟐𝟓 में भी 𝐑𝐉𝐃 ने ही सबसे अधिक 𝟏𝟕% महिलाओं को टिकट दिया था। 👉 बिहार विधानपरिषद में भी दलों में सबसे अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व 𝟐𝟏.𝟒% 𝐑𝐉𝐃 का है। 👉 अब तक बिहार की प्रथम और अंतिम महिला मुख्यमंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही है। विगत 𝟑𝟎 वर्षों में बिहार से भारत सरकार में अंतिम महिला केंद्रीय मंत्री भी 𝐑𝐉𝐃 से ही रही है। 👉 महिला विरोधी 𝐁𝐉𝐏-𝐉𝐃𝐔-𝐍𝐃𝐀 ने तो आज तक 𝟕𝟓 वर्षों में बिहार के इतिहास में बिहार से एक भी महिला को केंद्रीय मंत्री/मुख्यमंत्री नहीं बनाया है और ये नकली पाखंडी लोग महिला उत्थान की बात करते है?1
- नालंदा (बिहार शरीफ), 19 अप्रैल 2026 — एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचीवर्स के सौजन्य से बिहार शरीफ स्थित टाउन हॉल में “ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में नालंदा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता तथा गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन सह डायरेक्टर फाउंडेशन एवं चीफ एडिटर/डायरेक्टर के निदेशक तथा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति, डॉ. अजीत गुप्ता सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। यह आयोजन उन शिक्षकों को समर्पित रहा, जो शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अपने संबोधन में डॉ. दिव्या ज्योति ने नालंदा की ऐतिहासिक एवं राजनीतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक चेतना की धुरी रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा से उठी आवाज ने देश की दिशा और दशा तय की है, और अब समय है कि शिक्षक समाज की आवाज भी इसी धरती से और अधिक सशक्त होकर उभरे। उन्होंने शिक्षा और राजनीति के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रभावी नीति निर्माण के बिना शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। विशेष रूप से वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुरक्षा नहीं मिल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन शिक्षकों के सम्मान, नियमितीकरण और आर्थिक सुरक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगी। डॉ. दिव्या ज्योति ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि वे पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई होगा। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने अपने एजेंडे में समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा, पारदर्शी भर्ती एवं स्थानांतरण नीति, निजी और सरकारी शिक्षकों के लिए समान अवसर तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के लिए फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस एवं सहयोगी संस्थानों में 30 प्रतिशत फीस छूट की घोषणा की गई, जिसका उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. अजय पांडे ने भी विचार व्यक्त करते हुए आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को अपनाने पर जोर दिया। समारोह के अंत में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शिक्षकों और प्राचार्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन हेमंत कुमार द्वारा किया गया, जिनके कुशल मंच संचालन और समय प्रबंधन ने आयोजन को प्रभावी बनाया। अंत में सभी अतिथियों और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।4
- Post by Samachar City1