उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान अंतरराज्यीय असलहा तस्कर और लूट के आरोपी सौरभ सिंह को पुलिस की गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मुकेश कुशवाहा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी और चौकी प्रभारी रोहित कुमार द्विवेदी की टीम भटपुरवा-बारा रेवतीपुर मार्ग पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की काली अपाचे बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन उनकी बाइक फिसलकर गिर गई। खुद को घिरा देख, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली सौरभ सिंह के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। कुछ दूरी तक भागने के बाद पुलिस ने मुकेश कुशवाहा को भी पकड़ लिया। सौरभ सिंह के कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, कारतूस, नगदी और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई, वहीं मुकेश कुशवाहा के पास से एक मोबाइल और नगदी मिली। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सौरभ सिंह पर उत्तर प्रदेश और बिहार में हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 11 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान अंतरराज्यीय असलहा तस्कर और लूट के आरोपी सौरभ सिंह को पुलिस की गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मुकेश कुशवाहा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी और चौकी प्रभारी रोहित कुमार द्विवेदी की टीम भटपुरवा-बारा रेवतीपुर मार्ग पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की काली अपाचे बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन उनकी बाइक फिसलकर गिर गई। खुद को घिरा देख, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली सौरभ सिंह के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। कुछ दूरी तक भागने के बाद पुलिस ने मुकेश कुशवाहा को भी पकड़ लिया। सौरभ सिंह के कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, कारतूस, नगदी और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई, वहीं मुकेश कुशवाहा के पास से एक मोबाइल और नगदी मिली। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सौरभ सिंह पर उत्तर प्रदेश और बिहार में हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 11 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में 'कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस' के अवसर पर हरियाणा स्थित सतलोक आश्रम धनाना धाम में एक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान, श्रद्धालुओं द्वारा कुल 418 यूनिट रक्त का दान किया गया। आयोजकों के अनुसार, यह महत्वपूर्ण पहल आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।1
- स्वामी प्रसाद मौर्य जी को वर्षों से वंचित, पिछड़े, दलित, शोषित और गरीब समाज की आवाज़ तथा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक आदरणीय नेता के रूप में सराहा गया है। उन्हें सामाजिक न्याय की राजनीति का एक प्रमुख स्तंभ बताया गया है। गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को सुनना, उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना और समाज में समानता, शिक्षा व सम्मान की अलख जगाना उनकी पहचान रही है। इस बात पर जोर दिया गया कि आज जब समाज को एकता, शिक्षा, सम्मान और समान अवसरों की आवश्यकता है, तब उनके संघर्षों और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना सभी की जिम्मेदारी है। सम्राट टीम 5000 उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने स्वामी प्रसाद मौर्य जी के समाज के हर वर्ग के सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए किए गए संघर्ष को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें सामाजिक न्याय, सम्मान और अधिकार की लड़ाई का एक सशक्त योद्धा कहा है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ थाना भुड़कुड़ा पुलिस ने अपनी ही बेटी को जहर देकर मारने वाली आरोपी माँ पुष्पा देवी को गिरफ्तार किया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब 22 जून 2026 को गांव घटारो की रहने वाली पुष्पा देवी ने भुड़कुड़ा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि नमन नामक एक युवक से परेशान होकर उसकी बेटी मुस्कान ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। हालांकि, प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की और पुख्ता सबूत जुटाए, तो पूरी हकीकत सामने आ गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मुस्कान ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी माँ पुष्पा देवी पत्नी महेंद्र यादव ने ही उसे जहर देकर मार डाला था और फिर खुद को बचाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी। इस खुलासे के बाद, पुलिस ने मुकदमे में धाराओं को संशोधित करते हुए इसे हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) और साक्ष्य मिटाने (धारा 123 बीएनएस) का मामला बना दिया। तेजी से कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने 1 जुलाई 2026 को 43 वर्षीय वांछित अभियुक्ता पुष्पा देवी को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर क्षेत्र से एक हत्याकांड की सूचना मिली है।1
- पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने घोसी थाना क्षेत्र में हुई एक सिर कटी लाश के मामले का बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड में मृतक ससुर सुभाष का गला उसके दामाद ने ही काटकर धड़ से अलग कर दिया था। पुलिस के अनुसार, मृतक सुभाष तांत्रिक का काम करता था और वह अपने दामाद के परिवार वालों पर तंत्र विद्या का प्रयोग करता था। अपनी दादी और माँ की पिछली मौत का बदला लेने के लिए, दामाद ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सुभाष की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी।1
- बलिया से सपा सांसद सनातन पांडे ने राम मंदिर में राम धन के कथित गबन मामले पर अपनी टिप्पणी दी है। उन्होंने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इस प्रकरण में केवल "छोटी मछलियां" पकड़ी जा रही हैं। सपा सांसद सनातन पांडे ने इसके साथ ही यह भी मांग की कि ट्रस्ट द्वारा संचालित सभी मंदिरों की पूरी जांच की जानी चाहिए।1
- विंध्य एक्सप्रेस वे परियोजना को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिला है। किसान संगठनों ने इस परियोजना के विरोध में एक पदयात्रा निकाली, जिसका नेतृत्व किसान अशोक सिंह ने किया।1
- अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दिलीप चौधरी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को मिल रही धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धमकी देने वालों को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि "अगर उनकी मां ने दूध पिलाया है तो चंदा चोरी करने वाले को पकड़कर दिखाएं। बेवजह स्वामी प्रसाद मौर्य को धमकाने से कुछ हासिल नहीं होगा।" दिलीप चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि कानून सबके लिए बराबर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जननेताओं को धमकी दिए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास किसी आरोप से जुड़े कोई प्रमाण हैं, तो उन्हें कानून और संबंधित जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए, न कि धमकी और भय का माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से स्वामी प्रसाद मौर्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने और धमकी देने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही, दिलीप चौधरी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी शांति बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील की है।1