स्वामी प्रसाद मौर्य जी को वर्षों से वंचित, पिछड़े, दलित, शोषित और गरीब समाज की आवाज़ तथा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक आदरणीय नेता के रूप में सराहा गया है। उन्हें सामाजिक न्याय की राजनीति का एक प्रमुख स्तंभ बताया गया है। गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को सुनना, उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना और समाज में समानता, शिक्षा व सम्मान की अलख जगाना उनकी पहचान रही है। इस बात पर जोर दिया गया कि आज जब समाज को एकता, शिक्षा, सम्मान और समान अवसरों की आवश्यकता है, तब उनके संघर्षों और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना सभी की जिम्मेदारी है। सम्राट टीम 5000 उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने स्वामी प्रसाद मौर्य जी के समाज के हर वर्ग के सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए किए गए संघर्ष को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें सामाजिक न्याय, सम्मान और अधिकार की लड़ाई का एक सशक्त योद्धा कहा है।
स्वामी प्रसाद मौर्य जी को वर्षों से वंचित, पिछड़े, दलित, शोषित और गरीब समाज की आवाज़ तथा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक आदरणीय नेता के रूप में सराहा गया है। उन्हें सामाजिक न्याय की राजनीति का एक प्रमुख स्तंभ बताया गया है। गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को सुनना, उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना और समाज में समानता, शिक्षा व सम्मान की अलख जगाना उनकी पहचान रही है। इस बात पर जोर दिया गया कि आज जब समाज को एकता, शिक्षा, सम्मान और समान अवसरों की आवश्यकता है, तब उनके संघर्षों और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना सभी की जिम्मेदारी है। सम्राट टीम 5000 उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने स्वामी प्रसाद मौर्य जी के समाज के हर वर्ग के सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए किए गए संघर्ष को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें सामाजिक न्याय, सम्मान और अधिकार की लड़ाई का एक सशक्त योद्धा कहा है।
- मऊ जनपद के सहादतपुरा स्थित बिजली विभाग के कंपाउंड में लगी पानी की टंकी अत्यंत जर्जर हालत में पहुँच गई है। इस टंकी से लगातार सीमेंट और प्लास्टर का मलबा नीचे गिर रहा है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि इस जर्जर टंकी के ठीक बगल में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत करने या इसे हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने बताया कि पानी की यह टंकी काफी पुरानी हो चुकी है और समय-समय पर इसका प्लास्टर टूटकर नीचे गिरता रहता है। चूंकि परिसर में प्रतिदिन अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग बड़ी संख्या में आते-जाते हैं, ऐसे में दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या से भली-भांति अवगत हैं, फिर भी उन्होंने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस जर्जर पानी की टंकी की मरम्मत नहीं की गई या इसे हटाया नहीं गया, तो किसी भी क्षण एक बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें बिजली विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस खतरनाक स्थिति को लेकर कब सक्रिय होते हैं और संभावित दुर्घटना को टालने के लिए क्या उपाय करते हैं।2
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश को साइबर अपराध के मामलों में "अव्वल" बताते हुए मौजूदा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। यादव ने विशेष रूप से साइबर धोखाधड़ी और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।1
- विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर किसानों के बीच भारी आक्रोश देखने को मिला है। किसानों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न किसान संगठनों ने एक पदयात्रा का आयोजन किया। इस पदयात्रा का नेतृत्व किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने किया।1
- एक स्थानीय निवासी ने बताया है कि उनके घर में बिजली कनेक्शन का तार टूट जाने के कारण कल से बिजली आपूर्ति ठप है। इस समस्या को लेकर उन्होंने चार बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- चन्दौली जिला के नरवन में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही अपनी भूमि बचाने के उद्देश्य से एक विशाल पदयात्रा निकाली। समिति के संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना, अशोक सिंह, और अध्यक्ष महेश्वर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने "बिध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो वापस लो", "अपनी जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे", "किसान एकता जिंदाबाद जिंदाबाद", और "दम है किसान के दामन में तेरे देख लिया और देखेंगे" जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा ओयरचक, अदसड़, बसंतपुर, दरौली, तेल्हारा, अरंगी समेत कई गांवों से होते हुए लक्ष्मणपुर तक पहुंची, जहाँ किसानों ने एक्सप्रेस-वे के लिए लगे सर्वे के निशानों के सामने "खेती खेत" बैनर तले अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि सरकार को बिंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना तुरंत वापस लेनी चाहिए, क्योंकि इसके निर्माण से उन्हें भारी क्षति होगी और अनगिनत किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके बजाय, पहले से बनी सैयदराजा-जमानिया सड़क को सिक्स लेन में परिवर्तित कर गाजीपुर से जोड़ा जा सकता है। किसानों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे के कारण कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके के गांव बाढ़ की चपेट में आकर डूबने लगेंगे, जिससे व्यापक नुकसान होगा और कई परिवार बेघर हो जाएंगे। किसानों का दृढ़ कहना है कि यह जमीन उनकी मां के समान उपजाऊ है, जिसे उन्होंने सींचकर रखा है, और वे इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं हैं; वे अपनी जान दे देंगे लेकिन अपनी एक इंच भी सींची हुई जमीन नहीं देंगे। पदयात्रा में सुमन सिंह अन्ना, अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, निखिल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, जयशंकर सिंह, आलोक सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, बसंत सिंह, किशन सिंह, अशोक यादव, रविंद्र नाथ सिंह सहित कई किसान शामिल रहे।4
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुर विशुनपुर गांव की महिलाएं क्षेत्र में प्रस्तावित एक मदिरा दुकान का विरोध दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची थीं। महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा, जिसके चलते वे इस संबंध में प्रार्थना पत्र देने आई थीं। इसी दौरान, थाना प्रभारी कृष्ण कुमार गुप्ता का महिलाओं के साथ कथित तौर पर तीखी भाषा में बात करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में थाना प्रभारी कथित रूप से यह कहते सुनाई दे रहे हैं, "हम तुम्हारे गुलाम नहीं हैं कि चार-छह को लेकर आ गई हो... कार्रवाई कर देंगे तुरंत अभी, दिमाग सही हो जाएगा।" वीडियो सामने आने के बाद थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि जब कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर थाने पहुंचता है तो उससे संयमित और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है, और ऐसे में यह वायरल वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। सरकार लगातार महिला सम्मान, जनसुनवाई और संवेदनशील पुलिसिंग की बात करती रही है। ऐसे में यदि यह वायरल वीडियो वास्तविक है, तो यह स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठाता है कि क्या अपनी समस्या लेकर पहुंची महिलाओं के साथ इस तरह की भाषा उचित मानी जा सकती है। सूत्रों का दावा है कि थाना प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद से उनके व्यवहार को लेकर जनता, पुलिस स्टाफ और जनप्रतिनिधियों के बीच भी असंतोष की चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल, वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है। यदि वीडियो की जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में विभागीय कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है।1
- सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार बीजेपी को न तो चढ़ावा मिलेगा और न ही जनता का समर्थन प्राप्त होगा।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान अंतरराज्यीय असलहा तस्कर और लूट के आरोपी सौरभ सिंह को पुलिस की गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मुकेश कुशवाहा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी और चौकी प्रभारी रोहित कुमार द्विवेदी की टीम भटपुरवा-बारा रेवतीपुर मार्ग पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की काली अपाचे बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन उनकी बाइक फिसलकर गिर गई। खुद को घिरा देख, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली सौरभ सिंह के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। कुछ दूरी तक भागने के बाद पुलिस ने मुकेश कुशवाहा को भी पकड़ लिया। सौरभ सिंह के कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, कारतूस, नगदी और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई, वहीं मुकेश कुशवाहा के पास से एक मोबाइल और नगदी मिली। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सौरभ सिंह पर उत्तर प्रदेश और बिहार में हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 11 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1