चन्दौली जिला के नरवन में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही अपनी भूमि बचाने के उद्देश्य से एक विशाल पदयात्रा निकाली। समिति के संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना, अशोक सिंह, और अध्यक्ष महेश्वर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने "बिध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो वापस लो", "अपनी जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे", "किसान एकता जिंदाबाद जिंदाबाद", और "दम है किसान के दामन में तेरे देख लिया और देखेंगे" जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा ओयरचक, अदसड़, बसंतपुर, दरौली, तेल्हारा, अरंगी समेत कई गांवों से होते हुए लक्ष्मणपुर तक पहुंची, जहाँ किसानों ने एक्सप्रेस-वे के लिए लगे सर्वे के निशानों के सामने "खेती खेत" बैनर तले अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि सरकार को बिंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना तुरंत वापस लेनी चाहिए, क्योंकि इसके निर्माण से उन्हें भारी क्षति होगी और अनगिनत किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके बजाय, पहले से बनी सैयदराजा-जमानिया सड़क को सिक्स लेन में परिवर्तित कर गाजीपुर से जोड़ा जा सकता है। किसानों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे के कारण कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके के गांव बाढ़ की चपेट में आकर डूबने लगेंगे, जिससे व्यापक नुकसान होगा और कई परिवार बेघर हो जाएंगे। किसानों का दृढ़ कहना है कि यह जमीन उनकी मां के समान उपजाऊ है, जिसे उन्होंने सींचकर रखा है, और वे इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं हैं; वे अपनी जान दे देंगे लेकिन अपनी एक इंच भी सींची हुई जमीन नहीं देंगे। पदयात्रा में सुमन सिंह अन्ना, अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, निखिल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, जयशंकर सिंह, आलोक सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, बसंत सिंह, किशन सिंह, अशोक यादव, रविंद्र नाथ सिंह सहित कई किसान शामिल रहे।
चन्दौली जिला के नरवन में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही अपनी भूमि बचाने के उद्देश्य से एक विशाल पदयात्रा निकाली। समिति के संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना, अशोक सिंह, और अध्यक्ष महेश्वर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने "बिध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो वापस लो", "अपनी जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे", "किसान एकता जिंदाबाद जिंदाबाद", और "दम है किसान के दामन
में तेरे देख लिया और देखेंगे" जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा ओयरचक, अदसड़, बसंतपुर, दरौली, तेल्हारा, अरंगी समेत कई गांवों से होते हुए लक्ष्मणपुर तक पहुंची, जहाँ किसानों ने एक्सप्रेस-वे के लिए लगे सर्वे के निशानों के सामने "खेती खेत" बैनर तले अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि सरकार को बिंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना तुरंत वापस लेनी चाहिए, क्योंकि इसके निर्माण से उन्हें भारी क्षति होगी और अनगिनत किसान भूमिहीन
हो जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके बजाय, पहले से बनी सैयदराजा-जमानिया सड़क को सिक्स लेन में परिवर्तित कर गाजीपुर से जोड़ा जा सकता है। किसानों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे के कारण कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके के गांव बाढ़ की चपेट में आकर डूबने लगेंगे, जिससे व्यापक नुकसान होगा और कई परिवार बेघर हो जाएंगे। किसानों का दृढ़ कहना है कि यह जमीन उनकी मां के समान उपजाऊ है,
जिसे उन्होंने सींचकर रखा है, और वे इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं हैं; वे अपनी जान दे देंगे लेकिन अपनी एक इंच भी सींची हुई जमीन नहीं देंगे। पदयात्रा में सुमन सिंह अन्ना, अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, निखिल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, जयशंकर सिंह, आलोक सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, बसंत सिंह, किशन सिंह, अशोक यादव, रविंद्र नाथ सिंह सहित कई किसान शामिल रहे।
- चन्दौली जिला के नरवन में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही अपनी भूमि बचाने के उद्देश्य से एक विशाल पदयात्रा निकाली। समिति के संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना, अशोक सिंह, और अध्यक्ष महेश्वर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने "बिध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो वापस लो", "अपनी जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे", "किसान एकता जिंदाबाद जिंदाबाद", और "दम है किसान के दामन में तेरे देख लिया और देखेंगे" जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा ओयरचक, अदसड़, बसंतपुर, दरौली, तेल्हारा, अरंगी समेत कई गांवों से होते हुए लक्ष्मणपुर तक पहुंची, जहाँ किसानों ने एक्सप्रेस-वे के लिए लगे सर्वे के निशानों के सामने "खेती खेत" बैनर तले अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि सरकार को बिंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना तुरंत वापस लेनी चाहिए, क्योंकि इसके निर्माण से उन्हें भारी क्षति होगी और अनगिनत किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके बजाय, पहले से बनी सैयदराजा-जमानिया सड़क को सिक्स लेन में परिवर्तित कर गाजीपुर से जोड़ा जा सकता है। किसानों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे के कारण कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके के गांव बाढ़ की चपेट में आकर डूबने लगेंगे, जिससे व्यापक नुकसान होगा और कई परिवार बेघर हो जाएंगे। किसानों का दृढ़ कहना है कि यह जमीन उनकी मां के समान उपजाऊ है, जिसे उन्होंने सींचकर रखा है, और वे इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं हैं; वे अपनी जान दे देंगे लेकिन अपनी एक इंच भी सींची हुई जमीन नहीं देंगे। पदयात्रा में सुमन सिंह अन्ना, अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, निखिल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, जयशंकर सिंह, आलोक सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, बसंत सिंह, किशन सिंह, अशोक यादव, रविंद्र नाथ सिंह सहित कई किसान शामिल रहे।4
- वाराणसी में गंगा स्नान करने के दौरान एक युवक गंगा नदी में डूब गया। इस घटना के बाद, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने लापता युवक की तलाश के लिए एक व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।1
- वाराणसी में दाल मंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही।1
- बुधवार शाम चंदौली जिले के चहनिया क्षेत्र स्थित कैलावर गांव, जो कि विधायक का गांव है, में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सांसद वीरेंद्र सिंह और विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर केक काटा और राष्ट्रीय अध्यक्ष को बधाई तथा शुभकामनाएं दीं। जन्मदिन के इस धूमधाम भरे आयोजन में केक काटने के साथ-साथ वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।1
- वाराणसी में कैथी संगम मार्ग के निर्माण को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में किसान साफ तौर पर कह रहे हैं कि जब तक उन्हें उनकी ज़मीन का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक सड़क का निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग (PWD) का दावा है कि संबंधित भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। इस वजह से किसान और पीडब्ल्यूडी आमने-सामने हैं और निर्माण कार्य पर गतिरोध बना हुआ है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो लड़कियां 'HOW TO KILL MEN' शीर्षक वाली एक किताब पढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं।1
- कमालपुर कस्बे में स्थित इंडेन गैस गोदाम पर बुधवार को एजेंसी के संस्थापक इंजीनियर कमलाकांत राम की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राज्य मंत्री हंसलाल विश्वकर्मा ने महात्मा बुद्ध और भीम राव अम्बेडकर के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित करने और प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ की। इस अवसर पर इंजीनियर कमलाकांत राम के जीवन चरित्र पर विस्तार से चर्चा की गई। भाजपा मंत्री हंसलाल विश्वकर्मा ने स्वर्गीय कमलाकांत राम की पुत्री, भाजपा महिला जिला उपाध्यक्ष डॉ. गीता कुमारी द्वारा प्रतिमा के अनावरण को बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीं है और सभी को जीवन भर अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। उनके अनुसार, मंदिर या मस्जिद जाने के बजाय माता-पिता की सेवा करके सभी पुण्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रतिमा का अनावरण समाज में एक बड़ा संदेश दे रहा है, जो माता-पिता के आदर्शों के प्रतिफल को दर्शाता है। भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष डॉ. गीता कुमारी ने अपने पिता, स्वर्गीय इंजीनियर कमलाकांत राम को याद करते हुए बताया कि उन्होंने उन्हें जीवन भर आगे बढ़ाने और उनकी शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि उनके पिता की कमी जीवन भर खलेगी और वे हमेशा उनके जीवन में रहेंगे। सारनाथ से आए भंते जी ने मंत्रोच्चारण के बीच प्रतिमा का अनावरण संपन्न कराया। इस कार्यक्रम में माधुरी देवी, वीरेंद्र कुमार सुमन, भाजपा मंडल अध्यक्ष चंद्रभान मौर्य, प्रदीप सिंह, बीडीसी चंद्रशेखर राम, गौरव राज, विशाल राज, आदित्य, बब्बू दुबे, विकास गुप्ता, रामभोज, धर्मेंद्र प्रधान, रमेश राम, संजय त्रिशूलिया, चंदन कुमार, दिलीप सिंह, शिवमुनि राम, आलोक राम, कन्हैया राम और अजीत उपाध्याय सहित शुभम सिंह जैसे कई लोग उपस्थित रहे, और प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में जनसमूह उमड़ पड़ा।4
- चंदौली के कुछमन रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ ट्रेन की चपेट में आने से 80 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान कुछमन निवासी लल्लन यादव के रूप में हुई है। यह मामला घटना के चार घंटे बाद भी थानों के सीमा विवाद में उलझा रहा, जिससे आगे की कार्यवाही में विलंब हुआ। यह खबर चंदौली के अलीनगर क्षेत्र से आई है।1