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अविवाहित प्रेमी संग भागी दो बच्चियों की मां, पति ने वापिस आने के लगाई गुहार “हंसी-खुशी का घर… और अचानक खाली आंगन — बुधनी की एक मार्मिक, मगर अजीब कहानी” स्टोरी: बुधनी के वार्ड क्रमांक 12 में रहने वाला एक छोटा सा परिवार, जो अब तक हंसी-खुशी और सादगी भरी जिंदगी का उदाहरण माना जाता था, अचानक एक ऐसी घटना का शिकार हो गया, जिसने पूरे मोहल्ले को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी। घर में सब कुछ सामान्य था — दो नन्हीं बच्चियों की किलकारियां, पति-पत्नी की रोजमर्रा की नोकझोंक, और जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। लेकिन 27 अप्रैल की एक तारीख इस परिवार के लिए जैसे सब कुछ बदलकर ले आई। बताया जा रहा है कि दो बच्चियों की मां, करीब 15 साल के वैवाहिक जीवन के बाद, अपने ही एक 24 वर्षीय अविवाहित प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। जाते-जाते वह सिर्फ अपने कदमों के निशान ही नहीं छोड़ गई, बल्कि घर से चांदी का कारधोना, दो जोड़ी बिछुड़ी, मंगलसूत्र, सोने का पेंडल, पायल, अंगूठी, कपड़े और करीब 20 हजार रुपये भी साथ ले गई। अब इस कहानी में दर्द तो है ही, लेकिन एक अजीब सा विडंबनात्मक पहलू भी है — पति ठाकुर बरगले, जो इस घटना के बाद टूट चुके हैं, वे अपनी पत्नी को वापस बुलाने के लिए खुद का वीडियो जारी कर रहे हैं। वीडियो में उनकी आंखों में आंसू हैं, आवाज में दर्द है, लेकिन शब्दों में एक अजीब सी सादगी — “कुछ नहीं पूछूंगा… बस बच्चियों के लिए वापस आ जाओ…” यह सुनकर जहां दिल पसीज जाता है, वहीं हालात की विडंबना पर हल्की सी मुस्कान भी आ जाती है — मानो जीवन कभी-कभी फिल्मों से भी ज्यादा उलझी हुई पटकथा लिख देता है। इधर, पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद भी मामला उलझा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस युवक के साथ महिला गई है, उसका मोबाइल नंबर चालू है, लेकिन लोकेशन अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पति अपनी दोनों बच्चियों को साथ लेकर कभी थाने के चक्कर लगा रहा है, तो कभी आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहा है। मोहल्ले में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं — कोई इसे प्यार की कहानी बता रहा है, तो कोई जिम्मेदारियों से भागने का नाम दे रहा है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सवाल उन दो मासूम बच्चियों की आंखों में हैं, जो शायद अब भी अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों की डोर कितनी नाजुक होती है — और जब यह टूटती है, तो सिर्फ दो लोग नहीं, पूरा परिवार बिखर जाता है। (समापन लाइन): बुधनी की यह कहानी सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उन अनकहे सवालों का आईना है, जिनका जवाब शायद वक्त ही दे पाएगा।

7 hrs ago
user_Kamlesh Panchal
Kamlesh Panchal
बंसल न्यूज चैनल रिपोर्टर बुधनी Budni, Sehore•
7 hrs ago

अविवाहित प्रेमी संग भागी दो बच्चियों की मां, पति ने वापिस आने के लगाई गुहार “हंसी-खुशी का घर… और अचानक खाली आंगन — बुधनी की एक मार्मिक, मगर अजीब कहानी” स्टोरी: बुधनी के वार्ड क्रमांक 12 में रहने वाला एक छोटा सा परिवार, जो अब तक हंसी-खुशी और सादगी भरी जिंदगी का उदाहरण माना जाता था, अचानक एक ऐसी घटना का शिकार हो गया, जिसने पूरे मोहल्ले को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी। घर में सब कुछ सामान्य था — दो नन्हीं बच्चियों की किलकारियां, पति-पत्नी की रोजमर्रा की नोकझोंक, और जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। लेकिन 27 अप्रैल की एक तारीख इस परिवार के लिए जैसे सब कुछ बदलकर ले आई। बताया जा रहा है कि दो बच्चियों की मां, करीब 15 साल के वैवाहिक जीवन के बाद, अपने ही एक 24 वर्षीय अविवाहित प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। जाते-जाते वह सिर्फ अपने कदमों के निशान ही नहीं छोड़ गई, बल्कि घर से चांदी का कारधोना, दो जोड़ी बिछुड़ी, मंगलसूत्र, सोने का पेंडल, पायल, अंगूठी, कपड़े और करीब 20 हजार रुपये भी साथ ले गई। अब इस कहानी में दर्द तो है ही, लेकिन एक अजीब सा विडंबनात्मक पहलू भी है — पति ठाकुर बरगले, जो इस घटना के बाद टूट चुके हैं, वे अपनी पत्नी को वापस बुलाने के लिए खुद का वीडियो जारी कर रहे हैं। वीडियो में उनकी आंखों में आंसू हैं, आवाज में दर्द है, लेकिन शब्दों में एक अजीब सी सादगी — “कुछ नहीं पूछूंगा… बस बच्चियों के लिए वापस आ जाओ…” यह सुनकर जहां दिल पसीज जाता है, वहीं हालात की विडंबना पर हल्की सी मुस्कान भी आ जाती है — मानो जीवन कभी-कभी फिल्मों से भी ज्यादा उलझी हुई पटकथा लिख देता है। इधर, पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद भी मामला उलझा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस युवक के साथ महिला गई है, उसका मोबाइल नंबर चालू है, लेकिन लोकेशन अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पति अपनी दोनों बच्चियों को साथ लेकर कभी थाने के चक्कर लगा रहा है, तो कभी आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहा है। मोहल्ले में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं — कोई इसे प्यार की कहानी बता रहा है, तो कोई जिम्मेदारियों से भागने का नाम दे रहा है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सवाल उन दो मासूम बच्चियों की आंखों में हैं, जो शायद अब भी अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों की डोर कितनी नाजुक होती है — और जब यह टूटती है, तो सिर्फ दो लोग नहीं, पूरा परिवार बिखर जाता है। (समापन लाइन): बुधनी की यह कहानी सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उन अनकहे सवालों का आईना है, जिनका जवाब शायद वक्त ही दे पाएगा।

  • user_User5343
    User5343
    Agar Malwa, Madhya Pradesh
    👏
    4 hrs ago
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  • नर्मदापुरम। बैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री खेड़ापति कीर्तन मण्डल द्वारा सेठानी घाट पर शीतल पेय (शर्बत) वितरण सेवा का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य से घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और आमजन को राहत मिली। मण्डल के सदस्य श्री सोमनाथ सिंह गौर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में लोगों को ठंडा पेय उपलब्ध कराना मण्डल की परंपरा का हिस्सा है। कार्यक्रम में मण्डल के कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें सुरेश अग्रवाल, रोहित दुबे, गोविंद सराठे, जीवन मीना, प्रमोद दुबे, एडवोकेट बलवंत सिंह यादव, प्रदीप तंवर, अतुल नायर, प्रेम सिंह, सक्षम पाठक, नितिन खण्डेलवाल, प्रवीण नवलानी, आदित्य दुबे, मनोज अग्रवाल, अधिराज सिंह, रानी सराठे, सुषमा सोनी, राधा यादव और जिया नवलानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने मण्डल के इस सेवा कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
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    नर्मदापुरम। बैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री खेड़ापति कीर्तन मण्डल द्वारा सेठानी घाट पर शीतल पेय (शर्बत) वितरण सेवा का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य से घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और आमजन को राहत मिली।
मण्डल के सदस्य श्री सोमनाथ सिंह गौर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में लोगों को ठंडा पेय उपलब्ध कराना मण्डल की परंपरा का हिस्सा है।
कार्यक्रम में मण्डल के कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें सुरेश अग्रवाल, रोहित दुबे, गोविंद सराठे, जीवन मीना, प्रमोद दुबे, एडवोकेट बलवंत सिंह यादव, प्रदीप तंवर, अतुल नायर, प्रेम सिंह, सक्षम पाठक, नितिन खण्डेलवाल, प्रवीण नवलानी, आदित्य दुबे, मनोज अग्रवाल, अधिराज सिंह, रानी सराठे, सुषमा सोनी, राधा यादव और जिया नवलानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने मण्डल के इस सेवा कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
    user_Raj malviya
    Raj malviya
    Journalism होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    55 min ago
  • “हंसी-खुशी का घर… और अचानक खाली आंगन — बुधनी की एक मार्मिक, मगर अजीब कहानी” स्टोरी: बुधनी के वार्ड क्रमांक 12 में रहने वाला एक छोटा सा परिवार, जो अब तक हंसी-खुशी और सादगी भरी जिंदगी का उदाहरण माना जाता था, अचानक एक ऐसी घटना का शिकार हो गया, जिसने पूरे मोहल्ले को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी। घर में सब कुछ सामान्य था — दो नन्हीं बच्चियों की किलकारियां, पति-पत्नी की रोजमर्रा की नोकझोंक, और जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। लेकिन 27 अप्रैल की एक तारीख इस परिवार के लिए जैसे सब कुछ बदलकर ले आई। बताया जा रहा है कि दो बच्चियों की मां, करीब 15 साल के वैवाहिक जीवन के बाद, अपने ही एक 24 वर्षीय अविवाहित प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। जाते-जाते वह सिर्फ अपने कदमों के निशान ही नहीं छोड़ गई, बल्कि घर से चांदी का कारधोना, दो जोड़ी बिछुड़ी, मंगलसूत्र, सोने का पेंडल, पायल, अंगूठी, कपड़े और करीब 20 हजार रुपये भी साथ ले गई। अब इस कहानी में दर्द तो है ही, लेकिन एक अजीब सा विडंबनात्मक पहलू भी है — पति ठाकुर बरगले, जो इस घटना के बाद टूट चुके हैं, वे अपनी पत्नी को वापस बुलाने के लिए खुद का वीडियो जारी कर रहे हैं। वीडियो में उनकी आंखों में आंसू हैं, आवाज में दर्द है, लेकिन शब्दों में एक अजीब सी सादगी — “कुछ नहीं पूछूंगा… बस बच्चियों के लिए वापस आ जाओ…” यह सुनकर जहां दिल पसीज जाता है, वहीं हालात की विडंबना पर हल्की सी मुस्कान भी आ जाती है — मानो जीवन कभी-कभी फिल्मों से भी ज्यादा उलझी हुई पटकथा लिख देता है। इधर, पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद भी मामला उलझा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस युवक के साथ महिला गई है, उसका मोबाइल नंबर चालू है, लेकिन लोकेशन अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पति अपनी दोनों बच्चियों को साथ लेकर कभी थाने के चक्कर लगा रहा है, तो कभी आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहा है। मोहल्ले में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं — कोई इसे प्यार की कहानी बता रहा है, तो कोई जिम्मेदारियों से भागने का नाम दे रहा है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सवाल उन दो मासूम बच्चियों की आंखों में हैं, जो शायद अब भी अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों की डोर कितनी नाजुक होती है — और जब यह टूटती है, तो सिर्फ दो लोग नहीं, पूरा परिवार बिखर जाता है। (समापन लाइन): बुधनी की यह कहानी सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उन अनकहे सवालों का आईना है, जिनका जवाब शायद वक्त ही दे पाएगा।
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    “हंसी-खुशी का घर… और अचानक खाली आंगन — बुधनी की एक मार्मिक, मगर अजीब कहानी”
स्टोरी:
बुधनी के वार्ड क्रमांक 12 में रहने वाला एक छोटा सा परिवार, जो अब तक हंसी-खुशी और सादगी भरी जिंदगी का उदाहरण माना जाता था, अचानक एक ऐसी घटना का शिकार हो गया, जिसने पूरे मोहल्ले को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी।
घर में सब कुछ सामान्य था — दो नन्हीं बच्चियों की किलकारियां, पति-पत्नी की रोजमर्रा की नोकझोंक, और जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। लेकिन 27 अप्रैल की एक तारीख इस परिवार के लिए जैसे सब कुछ बदलकर ले आई।
बताया जा रहा है कि दो बच्चियों की मां, करीब 15 साल के वैवाहिक जीवन के बाद, अपने ही एक 24 वर्षीय अविवाहित प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। जाते-जाते वह सिर्फ अपने कदमों के निशान ही नहीं छोड़ गई, बल्कि घर से चांदी का कारधोना, दो जोड़ी बिछुड़ी, मंगलसूत्र, सोने का पेंडल, पायल, अंगूठी, कपड़े और करीब 20 हजार रुपये भी साथ ले गई।
अब इस कहानी में दर्द तो है ही, लेकिन एक अजीब सा विडंबनात्मक पहलू भी है — पति ठाकुर बरगले, जो इस घटना के बाद टूट चुके हैं, वे अपनी पत्नी को वापस बुलाने के लिए खुद का वीडियो जारी कर रहे हैं। वीडियो में उनकी आंखों में आंसू हैं, आवाज में दर्द है, लेकिन शब्दों में एक अजीब सी सादगी —
“कुछ नहीं पूछूंगा… बस बच्चियों के लिए वापस आ जाओ…”
यह सुनकर जहां दिल पसीज जाता है, वहीं हालात की विडंबना पर हल्की सी मुस्कान भी आ जाती है — मानो जीवन कभी-कभी फिल्मों से भी ज्यादा उलझी हुई पटकथा लिख देता है।
इधर, पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद भी मामला उलझा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस युवक के साथ महिला गई है, उसका मोबाइल नंबर चालू है, लेकिन लोकेशन अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पति अपनी दोनों बच्चियों को साथ लेकर कभी थाने के चक्कर लगा रहा है, तो कभी आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहा है।
मोहल्ले में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं — कोई इसे प्यार की कहानी बता रहा है, तो कोई जिम्मेदारियों से भागने का नाम दे रहा है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सवाल उन दो मासूम बच्चियों की आंखों में हैं, जो शायद अब भी अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रही हैं।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों की डोर कितनी नाजुक होती है — और जब यह टूटती है, तो सिर्फ दो लोग नहीं, पूरा परिवार बिखर जाता है।
(समापन लाइन):
बुधनी की यह कहानी सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उन अनकहे सवालों का आईना है, जिनका जवाब शायद वक्त ही दे पाएगा।
    user_Kamlesh Panchal
    Kamlesh Panchal
    बंसल न्यूज चैनल रिपोर्टर बुधनी Budni, Sehore•
    7 hrs ago
  • हादसे और बचाव का विवरण:घटना: 75 वर्षीय बेटी बाई (निवासी जिला नरसिंहपुर) गाड़ी संख्या 20103 के रवाना होते समय चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही थीं, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया।RPF की भूमिका: महिला को गिरते देख पास ही ड्यूटी पर मौजूद RPF के एएसआई प्रकाश बिल्लोरे और महिला आरक्षक प्रज्ञा ने तुरंत दौड़कर ट्रेन रुकवाई और महिला को प्लेटफॉर्म व ट्रेन के बीच के गैप से बाहर निकाला।परिणाम: महिला को हल्की चोटें आईं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इटारसी के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।वायरल वीडियो: घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें RPF जवानों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की जमकर तारीफ हो रही है। यात्रियों के लिए सलाह:RPF ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।
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    हादसे और बचाव का विवरण:घटना: 75 वर्षीय बेटी बाई (निवासी जिला नरसिंहपुर) गाड़ी संख्या 20103 के रवाना होते समय चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही थीं, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया।RPF की भूमिका: महिला को गिरते देख पास ही ड्यूटी पर मौजूद RPF के एएसआई प्रकाश बिल्लोरे और महिला आरक्षक प्रज्ञा ने तुरंत दौड़कर ट्रेन रुकवाई और महिला को प्लेटफॉर्म व ट्रेन के बीच के गैप से बाहर निकाला।परिणाम: महिला को हल्की चोटें आईं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इटारसी के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।वायरल वीडियो: घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें RPF जवानों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की जमकर तारीफ हो रही है।
यात्रियों के लिए सलाह:RPF ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।
    user_ABDUL
    ABDUL
    Reporter Hoshangabad, Narmadapuram•
    10 hrs ago
  • Post by Santram Chouhan
    10
    Post by Santram Chouhan
    user_Santram Chouhan
    Santram Chouhan
    इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी कार्यालय में आऐ जुगल किशोर ने अपनी पूरी बात बताई कि कैसे क्या वह अमित शाह से मिले और उन्होंने जो अपने सीने में टैटू बनवाया हुआ है अमित शाह का तब अमित शाह ने उनसे पूछा दर्द नहीं हुआ देखिए पूरी रिपोर्ट
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    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी कार्यालय में आऐ जुगल किशोर ने अपनी पूरी बात बताई कि कैसे क्या वह अमित शाह से मिले और उन्होंने जो अपने सीने में टैटू बनवाया हुआ है अमित शाह का तब अमित शाह ने उनसे पूछा दर्द नहीं हुआ देखिए पूरी रिपोर्ट
    user_Siddharth brajpuriya
    Siddharth brajpuriya
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बरगी डैम हादसा: मौत के बाद भी मां की ममता ने नहीं छोड़ा मासूम का साथ, सीने से चिपके बेटे को देख छलक उठीं आंखें
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    बरगी डैम हादसा: मौत के बाद भी मां की ममता ने नहीं छोड़ा मासूम का साथ, सीने से चिपके बेटे को देख छलक उठीं आंखें
    user_अनीता दीदी
    अनीता दीदी
    Kolar, Bhopal•
    6 hrs ago
  • Post by PS24NEWS
    1
    Post by PS24NEWS
    user_PS24NEWS
    PS24NEWS
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पिपरिया के समीप ग्राम सुरेला कलां में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। तेज आंधी के बीच रात करीब 1 बजे घर में सो रहे 33 वर्षीय युवक को जहरीले सर्प या कीड़े ने काट लिया। परिजनों को सही जानकारी न होने के कारण वे तत्काल उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक करने वाले स्थानीय पंडा के पास ले गए। रातभर हालत बिगड़ती रही, लेकिन उचित चिकित्सा न मिलने से स्थिति गंभीर हो गई। सुबह लगभग 9 बजे युवक को शासकीय अस्पताल पिपरिया लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन काफी देर हो जाने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है। बीएमओ डॉ. ऋचा कटकवार ने आज शाम 5 बजे बताया कि सर्पदंश जैसे मामलों में समय पर सही इलाज बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक के कारण कई बार मरीज की जान चली जाती है। यदि पीड़ित को तुरंत अस्पताल लाया जाए, तो अधिकांश मामलों में उसकी जान बचाई जा सकती है।
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    पिपरिया के समीप ग्राम सुरेला कलां में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। तेज आंधी के बीच रात करीब 1 बजे घर में सो रहे 33 वर्षीय युवक को जहरीले सर्प या कीड़े ने काट लिया। परिजनों को सही जानकारी न होने के कारण वे तत्काल उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक करने वाले स्थानीय पंडा के पास ले गए। रातभर हालत बिगड़ती रही, लेकिन उचित चिकित्सा न मिलने से स्थिति गंभीर हो गई।
सुबह लगभग 9 बजे युवक को शासकीय अस्पताल पिपरिया लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन काफी देर हो जाने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है।
बीएमओ डॉ. ऋचा कटकवार ने आज शाम 5 बजे बताया कि सर्पदंश जैसे मामलों में समय पर सही इलाज बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक के कारण कई बार मरीज की जान चली जाती है। यदि पीड़ित को तुरंत अस्पताल लाया जाए, तो अधिकांश मामलों में उसकी जान बचाई जा सकती है।
    user_Raj malviya
    Raj malviya
    Journalism होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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